Wednesday, September 09, 2026
BREAKING
मोदी-पुतिन वार्ता: पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57, परमाणु ऊर्जा संयंत्र और अमेरिकी प्रतिबंधों की छाया रक्षा खरीद को रक्षा अधिग्रहण परिषद की बड़ी मंजूरी: 1.10 लाख करोड़ के प्रस्तावों से सैन्य ताकत बढ़ाने की तैयारी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से लोगों की हुई मौत पर शोक व्यक्त किया केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गोवा की राजधानी पणजी में नारकोटिक्स नियंत्रण पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया भारतीय वायु सेना की सारंग हेलि‍कॉप्टर टीम अल अलामीन अंतर्राष्ट्रीय एयरशो के लिए मिस्र पहुंची राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में नियुक्ति 500 निवेशक, 1 ट्रिलियन डॉलर, एक मंच: दिल्ली में रचा जाएगा नया आर्थिक इतिहास अंतरराष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस: वह तारीख जो अब बदल देगी लाखों बेटियों की तक़दीर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक और छलांग: जीएसएलवी-एफ17 ने रचा इतिहास अयोध्या ट्रस्ट को मिला पहला सीईओ: 'ऑपरेशन सिंदूर' के वायुसेना हीरो एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे प्रशासनिक कमान!

पंजाब

Punjab भाजपा नेताओं का विधानसभा कूच, पुलिस ने बैरिकेड लगा रोका, नहीं माने तो की पानी की बौछार, 60 हिरासत में

March 10, 2023 06:03 AM

पंजाब की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और समर्थक गुरुवार को चंडीगढ़ में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सेक्टर-37 स्थित पार्टी मुख्यालय से विधानसभा की तरफ कूच किया लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने मात्र 300 मीटर की दूरी पर ही बैरिकेड लगाकर दूरदर्शन भवन के सामने उन्हें रोक दिया।

हालांकि इसके बावजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने मजबूर होकर वाटर कैनन से बौछारें मारकर उन्हें रोका। आखिर में भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा सहित करीब 60 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस सेक्टर 39 थाने ले गई। आधे घंटे के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना था कि राज्य में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकार को जगाने के लिए ही सारी कोशिश की गई।

विधानसभा घेराव की योजना के तहत राज्य के 23 जिलों से भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थक गुरुवार सुबह पांच बजे से ही पार्टी मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। इसके बाद पार्टी के सभी दिग्गज नेताओं की तरफ से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इनमें पार्टी प्रधान अश्वनी शर्मा, सुनील जाखड़, मनप्रीत बादल व बलबीर सिंह सिद्धू समेत कई नेता शामिल थे।

नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर जबरदस्त जुबानी हमला बोला। इतना ही नहीं आप के दिल्ली के नेताओं के खिलाफ भी उन्होंने भड़ास निकाली। करीब सवा एक बजे भाजपा नेता व समर्थक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की तरफ बढ़े। पुलिस ने पहले ही दूरदर्शन भवन के सामने बैरिकेडिंग कर भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। इसके अलावा टिप्पर आदि खड़े कर दिए थे।

जैसे भाजपा नेता व समर्थक नारेबाजी करते हुए वहां पहुंचे, पुलिस उन्हें बैरिकेड से हटने का आदेश दिया लेकिन कुछ उत्साही समर्थकों ने बैरिकेड को हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने करीब 15 मिनट तक थोड़े-थोड़े अंतराल में पानी की बौछारों का प्रयोग किया। इस दौरान कुछ नेताओं की पगड़ियां तक उतर गईं। हालांकि उन्हें आगे नहीं जाने दिया।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की। जैसे ही पुलिस की बस पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को लेकर आगे बढ़ी तो पार्टी के अन्य कार्यकर्ता बस के आगे आ गए। कुछ बस के आगे लटक गए और कुछ सड़क पर लेट गए। करीब 5 से 7 मिनट यही चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाया और बस आगे लेकर चली गई, जबकि बड़े नेता भी वहां से निकल गए। इस मौके पर पार्टी के महासचिव जीवन गुप्ता, उपप्रधान सुभाष शर्मा, केवल ढिल्लों, फतेह सिंह बाजवा, लखविंदर कौर गरचा, सुखविंदर सिंह और अशोक झा मौजूद रहे।

अखबारों की कटिंग वाले चोले पहनकर पहुंचे समर्थक
इस मौके पर भाजपा के कई समर्थक दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ छपी खबरों के चोले नुमा ड्रेसेज पहनकर पहुंचे गए थे। साथ ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना था कि जिन वादे को लेकर आप की सरकार सत्ता में आई थी उनमें से अब तक भी एक पूरा नहीं हुआ है। लोगों को मुश्किल उठानी पड़ रही है।

11 महीनों में बिगड़ी कानून व्यवस्था: अश्वनी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब की कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति के दौरे से पहले जी-20 सम्मेलन वाली जगह जीएनडीयू की दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखे गए। वहीं, सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है। 11 महीनों में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। थानों पर कब्जे तक हुए हैं। गायक सिद्धू मूसेवाला के परिजनों को अभी तक इंसाफ नहीं मिल पाया है। उन्हें इंसाफ के लिए विधानसभा के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। पंजाब के वारिस हमारे गुरु और उनके बच्चे हैं जिन्होंने बलिदान दिए हैं, अमृतपाल सिंह जैसे लोग नहीं हैं। 

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss