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चंडीगढ़

सुब्रत राय के अंतिम संस्कार में दोनों बेटों में से कोई एक भी मुखाग्नि देने नहीं पहुँचा, पौत्रों ने दी मुखाग्नि

November 17, 2023 06:10 AM

दर्पण न्यूज़ सर्विस

लखनउ, 16 नवंबरः सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत रॉय का गुरुवार (16 नवंबर) को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अंतिम संस्कार किया गया. पोते हिमांक रॉय ने उन्हें मुखाग्नि दी. सुब्रत रॉय के दोनों बेटे सुशांतो और सीमांतो रॉय अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके. इसकी वजह सामने आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों ने जब सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय से उनके बेटों के न आ पाने की कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे विदेश में हैं और किन्हीं कारणों से यात्रा नहीं कर सके, इसीलिए लंदन से पोते हिमांक को बुलाया गया, जिसने सुब्रत रॉय को मुखाग्नि दी. हिमांक सुब्रत रॉय के छोटे बेटे सीमांतो के बड़े बेटे हैं और लंदन में पढ़ते हैं.

सुब्रत रॉय को अंतिम विदाई देने के लिए कई जानी-मानी हस्तियां पहुंची थीं. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी सुब्रत रॉय को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे.

कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुआ था सुब्रत रॉय का निधन 

बता दें कि सुब्रत रॉय का मंगलवार (14 नवंबर) की रात निधन हो गया था. वह 75 वर्ष के थे. वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे. कंपनी ने एक बयान जारी कर बताया था कि रॉय को तबीयत बिगड़ने पर 12 नवंबर को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 

बयान के मुताबिक, मेटास्टेटिक, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जनित जटिलताओं से लड़ते हुए रॉय का कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण 14 नवंबर को रात साढ़े 10 बजे निधन हो गया था.

अब कौन-कौन है सुब्रत रॉय के परिवार में?

सुब्रत रॉय अपने पीछे परिवार में पत्नी स्वप्ना रॉय और दो बेटे सुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय को छोड़ गए हैं. उनके बेटे सहारा समूह से भी जुड़े हुए हैं. रॉय ने जीवित रहते हुए अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था. माना जा रहा है कि उनके बेटे ही पिता का कारोबार संभालेंगे.

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