Monday, September 20, 2021
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चंडीगढ़

Latest Update-September 15, 2021

September 15, 2021 05:48 AM

-ईंधन को सस्ता करने की तैयारी:GST के दायरे में लाए जा सकते हैं पेट्रोल-डीजल, 28% के मैक्सिमम रेट पर भी होंगे काफी सस्ते, सरकार का राजस्व करीब 1 लाख करोड़ घटेगा

ज्यादा टैक्स लगने की वजह से पेट्रोल और डीजल महंगा होने की शिकायत जल्द दूर हो सकती है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) पर मंत्रियों की समिति पेट्रोलियम उत्पादों के लिए देशभर में एक टैक्स रेट तय करने पर इसी हफ्ते विचार करेगी। पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाए जाने पर 28% के मैक्सिमम रेट पर भी इनके दाम काफी घटेंगे, लेकिन सरकार को इनसे मिलने वाले राजस्व में अच्छी-खासी कमी आएगी।

शुक्रवार को लखनऊ में GST काउंसिल की 45वीं बैठक में होगा विचार

पेट्रोलियम उत्पादों को GST के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली समिति शुक्रवार को लखनऊ में GST काउंसिल की 45वीं बैठक में विचार करेगी। यह कोविड का प्रकोप शुरू होने के बाद से GST काउंसिल की पहली फिजिकल बैठक होगी। पिछली बैठक 12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी, जिसमें कोविड-19 पर रोकथाम लगाने या उसके इलाज में काम आने वाले सामान के टैक्स रेट को 30 सितंबर तक के लिए घटाया गया था।

GST पर मंत्रियों की समिति के तीन चौथाई सदस्यों की मंजूरी जरूरी

जानकारों के मुताबिक, पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को GST के दायरे में लाने के लिए उसके (GST के) सिस्टम में बदलाव करना होगा। इसके लिए GST पर मंत्रियों की समिति के तीन चौथाई सदस्यों यानी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि, कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को GST के दायरे में लाने का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि इससे उनकी कमाई का बड़ा जरिया केंद्र के कंट्रोल में आ जाएगा।

अप्रैल-जुलाई के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों से 48% ज्यादा उत्पाद शुल्क

इस वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में यानी अप्रैल से जुलाई के बीच सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों से हासिल होने वाले उत्पाद शुल्क में 48% का इजाफा हुआ है। सरकार को इस दौरान इस मद में एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व मिला, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 67,895 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार को पेट्रोल-डीजल से मिला टैक्स 88% उछलकर 3.35 लाख करोड़ रुपए हो गया था।

केंद्र और राज्य सरकारों का कुल राजस्व करीब 1 लाख करोड़ रुपए घटेगा

SBI के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट ने इसी साल मार्च में एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें उसने कहा था कि पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व में करीब 1 लाख करोड़ रुपए की कमी आएगी। यह रकम GDP के 0.4% के बराबर होगी।

GST सिस्टम में पेट्रोल 75 रुपए, डीजल 68 रुपए तक आने का अनुमान दिया था

SBI ने तब कहा था कि जीएसटी के दायरे में लाए जाने पर देशभर में पेट्रोल की कीमत 75 रुपए जबकि डीजल की कीमत 68 रुपए प्रति लीटर तक आ सकती है। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 91.17 रुपए जबकि डीजल 81.94 रुपए प्रति लीटर की दर से मिल रहा था। SBI ने कीमतों का आंकड़ा 60 डॉलर प्रति बैरल के क्रूड और 73 रुपए प्रति डॉलर के एक्सचेंज रेट के हिसाब से निकाला था।

लगातार नौवें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

गौरतलब है कि मंगलवार को लगातार नौवें दिन देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में पेट्रोल का प्राइस 101.19 रुपए जबकि डीजल का दाम 88.62 रुपए प्रति लीटर रहा।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?

जून 2010 तक पेट्रोल की कीमत सरकार तय करती थी और उसे हर 15 दिन में बदलती थी। 26 जून 2010 के बाद उसने उसकी कीमत तय करने का जिम्मा ऑयल कंपनियों को दे दिया। इसी तरह, सरकार अक्टूबर 2014 तक डीजल की भी कीमत तय करती रही। उसने यह काम 19 अक्टूबर 2014 को ऑयल कंपनियों को दे दिया। ऑयल कंपनियां इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट वगैरह के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमत रोजाना तय करती हैं।

GST के दायरे में लाने में क्या परेशानी?

किसी भी सामान या सेवा पर GST तय करने से पहले देखा जाता है कि उससे पहले की व्यवस्था में केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश कुल कितना टैक्स लगा रहे थे, ताकि उनको किसी तरह का नुकसान नहीं उठाना पड़े। तकनीकी भाषा में इसे रेवेन्यू न्यूट्रल रेट (RNR) कहते हैं जो पेट्रोल-डीजल पर GST नहीं लागू करने में सबसे बड़ी बाधा है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने की वजह क्या है?

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की सबसे बड़ी वजह टैक्स है। केंद्र सरकार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी लेती है। फिर राज्य सरकारें अपने हिसाब से अलग-अलग रेट से वैट और सेस वसूलती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल का दाम बेस प्राइस से 3 गुना तक बढ़ जाता है।

सरकार की कमाई का बड़ा जरिया पेट्रोल-डीजल

2014 में मोदी सरकार बनने के बाद वित्त वर्ष 2014-15 में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी से 1.72 लाख करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। यह आंकड़ा 2020-21 में 4.54 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, यानी सिर्फ 6 साल में एक्साइज ड्यूटी से केंद्र सरकार की कमाई करीब तीन गुना बढ़ गई।

किन राज्यों को नुकसान, किन्हें फायदा?

SBI की इकोनॉमिक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने पर सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र को होगा। उसके राजस्व में 10,424 करोड़ रुपए की कमी आ सकती है। राजस्थान की कमाई 6,388 करोड़ और मध्य प्रदेश की आमदनी 5,489 करोड़ रुपए घट सकती है। लेकिन उत्तर प्रदेश को 2,419 करोड़, हरियाणा को 1,832 करोड़, पश्चिम बंगाल को 1,746 करोड़ और बिहार को 672 करोड़ रुपए ज्यादा का टैक्स मिल सकता है।

-सुप्रीम कोर्ट की दो टूक: एससी और एसटी की पदोन्नति में आरक्षण वाले निर्णयों पर नहीं होगा पुनर्विचार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की नीतियों में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा, जो शीर्ष अदालत की अलग-अलग संविधान पीठ ने पिछले दो फैसलों में तय की हैं।

साथ ही शीर्ष अदालत ने यह साफ कर दिया कि वह एम. नागराज (2006) और जरनैल सिंह (2018) मामलों में दिए गए निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं करेगी। इन दोनों फैसलों में ही पदोन्नति में आरक्षण संबंधी नीतियों के लिए शर्तें निर्धारित की गई थी।

इन दोनों मामलों में दिए निर्णय में शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्यों को पदोन्नति में आरक्षण देने से पहले एससी-एसटी वर्ग का अपर्याप्त प्रतिनिधित्व दिखाने वाले मात्रात्मक डेटा जुटाने, प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक रोजगार पर आरक्षण के प्रभाव का आकलन करने को अनिवार्य बनाया था।

जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की पीठ मंगलवार को 11 विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों के आधार पर दाखिल 130 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। विभिन्न हाईकोर्ट ने पिछले दस सालों में विभिन्न आरक्षण नीतियों पर अपने फैसले दिए हैं। ये फैसले महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब आदि राज्यों से जुड़े हैं।

मंगलवार को सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने कहा, हम यह स्पष्ट करते हैं कि नागराज या जरनैल सिंह मामले को फिर से खोलने नहीं जा रहे हैं। इन मामलों में हमारे पास सीमित गुंजाइश है। हम केवल यह परखेंगे कि क्या हाईकोर्ट के फैसलों में शीर्ष अदालत के इन दो निर्णयों में तय सिद्धांतों का पालन हुआ है या नहीं?

केंद्र सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने नागराज मामले के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि एससी-एसटी के अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दिखाने के लिए मात्रात्मक डाटा के संग्रह की स्थिति ‘अस्पष्ट’ है।

आरक्षित श्रेणी के कुछ उम्मीदवारों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने भी पीठ से कहा कि दोनों निर्णय यह परिभाषित नहीं करते हैं कि पर्याप्त प्रतिनिधित्व या कुशल कामकाज का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि इस वजह से पदोन्नति में आरक्षण को लेकर भ्रम की स्थिति है। उन्होंने आग्रह किया कि पीठ पिछले फैसलों को स्पष्ट करने के लिए कुछ दिशानिर्देश दे सकती है। लेकिन पीठ ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया।

वहीं, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के प्रतिनिधि वरिष्ठ वकील राजीव धवन, गोपाल शंकरनारायणन और कुमार परिमल ने पिछले निर्णयों को फिर से खोलने की दलीलों पर कड़ी आपत्ति जताई।

फिर ठुकराई तदर्थ पदोन्नति की इजाजत देने की मांग

अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार की तरफ से एक बार फिर पूरे देश में 1.3 लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए तदर्थ पदोन्नति करने की इजाजत मांगी। उन्होंने कहा कि ये पदोन्नति विशुद्ध रूप से वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। ऐसे उम्मीदवारों की पदोन्नति के खिलाफ निर्णय आने पर निचले पद पर वापस भेजा जा सकता है।

वेणुगोपाल ने बताया कि अप्रैल 2019 में अदालत के यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देने से कई विभागों में कामकाज बहुत मुश्किल हो गया है। लेकिन पीठ ने एक बार फिर से इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे पहले जुलाई 2020 और जनवरी 2021 में भी सुप्रीम कोर्ट ने तदर्थ पदोन्नति की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

डीओपीटी सचिव को अवमानना नोटिस नहीं होगा वापस

अटॉर्नी जनरल की तरफ से कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को जारी अवमानना नोटिस वापस लेने के लिए किया गया अनुरोध भी पीठ ने ठुकरा दिया। यह नोटिस केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पदोन्नति पर यथास्थिति के आदेश का कथित उल्लंघन करने के लिए दिया गया था।

क्या है राज्यों की परेशानी

एम. नागराज और जरनैल सिंह मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि राज्य पदोन्नति में आरक्षण की अनुमति देने का फैसला करते हैं तो उसे समग्र प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने के साथ-साथ सार्वजनिक रोजगार में एक वर्ग का अपर्याप्त प्रतिनिधित्व दिखाने वाला मात्रात्मक डाटा भी जुटाना होगा।

शीर्ष अदालत ने एससी/एसटी के पदोन्नति में आरक्षण के लिए क्रीमी लेयर टेस्ट को भी लागू कर दिया था। राज्यों के लिए इन मानदंडों को पूरा करना बहुत मुश्किल हो रहा है। इसके चलते राज्य यह स्पष्टीकरण चाहते हैं कि अपर्याप्त प्रतिनिधित्व कैडर स्तर पर है या विभागीय या पूरे राज्य के स्तर पर। क्रीमी लेयर को बाहर करने और पदोन्नति देने के समय प्रशासनिक दक्षता का आकलन करने की अतिरिक्त शर्तों ने भी राज्यों के लिए समस्याएँ खड़ी कर दी हैं।

हम इसे लेकर कोई दिशानिर्देश नहीं देने जा रहे हैं कि नागराज या जरनैल सिंह मामलों में दिए निर्णय का पालन कैसे किया जाए। हम जरनैल सिंह मामले में पहले ही कह चुके हैं कि यह राज्यों को पता लगाना है कि अपर्याप्त प्रतिनिधित्व और समग्र दक्षता के संदर्भ में नागराज मामले के सिद्धांतों का पालन कैसे करना है। - सुप्रीम कोर्ट ने कहा

-जेईई मेन का रिजल्ट जारी, 44 उम्मीदवारों को मिला 100 परसेंटाइल

इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन का परिणाम मंगलवार की रात घोषित कर दिया गया, इसमें कुल 44 उम्मीदवारों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं । वहीं 18 उम्मीदवारों को शीर्ष रैंक मिला है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार की रात यह जानकारी दी।

इस साल से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)-मेन साल में चार बार आयोजित की जा रही है ताकि छात्रों को अपने स्कोर में सुधार का मौका मिल सके। पहला चरण फरवरी में और दूसरा मार्च में आयोजित किया गया था। अगले चरण की परीक्षायें अप्रैल और मई में होनी थी, लेकिन देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए उन्हें स्थगित कर दिया गया था। तीसरा चरण 20-25 जुलाई तक आयोजित किया गया था जबकि चौथा चरण 26 अगस्त से दो सितंबर तक आयोजित किया गया था।

ऐसे चेक करें रिजल्ट
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in या ntaresults.nic.in पर जाएं।
चरण 2: होम पेज पर, 'JEE Main 2021 session 4 results' लिंक पर क्लिक करें।
चरण 3: अपना एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि और सिक्योरिटी कोड दर्ज करें।
चरण 4: डीटेल्स भरने के बाद 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें।
चरण 5: सत्र 4 के लिए जेईई मेन का परिणाम स्क्रीन पर खुल जाएगा, इसे चेक करें।
चरण 6: जेईई मेन सीजन 4 का परिणाम डाउनलोड करें और आगे के लिए प्रिंटआउट लें।

JEE अडवांस्ड के लिए रजिस्ट्रेशन
जेईई मेन रिजल्ट 2021 जारी होने के बाद, जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced 2021) के रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। जेईई मेन कटःऑफ में टॉप रैंक हासिल करने वाले ढाई लाख (2,50,000) उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाकर जेईई एडवांस्ड 2021 के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

जेईई एडवांस्ड एग्जाम कब?(JEE Advanced 2021 Exam Date)
23 आईआईटी में बीटेक और यूजी इंजीनियरिंग प्रोग्राम कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए जेईई एडवांस्ड एग्जाम 03 अक्टूबर 2021 को आयोजित किया जाएगा।

इन वेबसाइट्स पर चेक कर सकते हैं जईई मेन रिजल्ट 2021
nta.ac.in,
ntaresults.nic.in,
jeemain.nta.nic.in

-Apple iPhone 13 Launch: iPhone 13 हुआ लॉन्च , नए iPad की कीमत 30,900 से होगी शुरू

iPhone 13 Pro और Pro Max  की भी घोषणा हो गई है.

Apple iPhone 13 का कैमरा

Apple iPhone 13 के कैमरे में कई बड़े सुधार एड किए गए हैं. इनमें मिनी और रेगुलर वर्जन दोनों के लिए लॉ लाइट परफॉर्मेंस शामिल है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कैमरे में एक नया सिनेमैटिक मोड है, जो सब्जेक्ट के हिलने पर भी सब्जेक्ट को फोकस में रखेगा। फोकस सब्जेक्ट पर रहता है, जबकि बाकी बैकग्राउंड ब्लर हो जाता है, यह वीडियो के लिए पोर्ट्रेट मोड है. Apple का कहना है कि यह यूजर्स को ऐसी कंटेंट बनाने की परमिशन देगा जिसमें सिनेमाई फील हो. यह डॉल्बी विजन एचडीआर में शूट होता है, जो एक स्पेशल कस्टम सेंसर द्वारा सक्षम है.

Apple iPhone 13 A15 बायोनिक पर चलाता है

Apple iPhone 13 A15 बायोनिक चिपसेट पर चलता है. इसमें छह-कोर सीपीयू है जिसमें 2 हाई-परफॉर्मेंस कोर और 4 एफिशिएंसी कोर हैं. यह 4-कोर जीपीयू के साथ भी आता है. इसमें मशीन लर्निंग टास्क के लिए 16-कोर न्यूरल इंजन है.

Apple iPhone 13, iPhone 13 mini

डिस्प्ले में 1200 निट्स ब्राइटनेस है और XDR डिस्प्ले यूजर्स के लिए ब्राइट, रिच एक्सपीरियंस का वादा करता है. IPhone 13 और iPhone 13 मिनी के लिए डिस्प्ले का आकार 6.1-इंच और 5.4-इंच है.

Apple iPhone 13 से हटा पर्दा

तिरछे अरेंज्ड कैमरा लेंस के साथ इसे पीछे की ओर एक नया रूप दिया गया. इस बार भी iPhone के लिए गुलाबी रंग का ऑप्शन होगा. सभी फेस आईडी सेंसर के साथ एक छोटी सी जगह में नॉच 20 20%  छोटा है.

iPad की यह होगी कीमतों

नया iPad आज से Apple.com/store और Apple Store ऐप पर अमेरिका सहित 28 देशों और क्षेत्रों में ऑर्डर करने के लिए उपलब्ध है. आईपैड के वाई-फाई मॉडल 30,900 रुपये से शुरू होंगे, और वाई-फाई + सेल्युलर मॉडल 42,900 रुपये से शुरू होंगे, सिल्वर और स्पेस ग्रे फिनिश में. IPad के लिए स्मार्ट कीबोर्ड अलग से 13,900 रुपये में खरीदने के लिए उपलब्ध है. आईपैड के लिए स्मार्ट कवर ब्लैक, व्हाइट और इंग्लिश लैवेंडर रंग में 3,500 रुपये में उपलब्ध है.

ऐप्पल वॉच सीरीज़ 7 की यह होगी कीमत

Apple वॉच सीरीज़ 3 और वॉच SE को लाइनअप में रखा गया है. Apple वॉच सीरीज़ 7 की कीमत $ 399 (29,380.68 रुपये) से शुरू होगी.

Apple Watch Series 7 की खासियतें

Apple वॉच सीरीज़ 7 में पूरी तरह से नया डिस्प्ले मिलता है. इसका बॉर्डर 40 प्रतिशत ज्यादा पतला है. यह रिडिज़ाइन किए गए बटन और एक नए डिस्प्ले के साथ आता है. स्क्रीन बहुत अधिक टेक्स्ट दिखा सकती है. सीरीज 7 में बड़ी स्क्रीन की बदौलत फुल कीबोर्ड को सपोर्ट करती है.

Apple Watch Series 7 हुई लॉन्च

Apple Watch Series 7 की लॉन्चिंग की घोषणा हो गई है. 

iPad मिनी कैमरा का कैमरा

Apple iPad मिनी का रियर कैमरा 12MP का है जो 4K में रिकॉर्ड करने की क्षमता रखता है. इसमें 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है जैसा कि नए iPad पर देखा गया है. इसमें स्टीरियो के साथ एक नया स्पीकर सिस्टम भी है. स्मार्ट फोलियो कवर का एक नया सेट भी. यह दूसरी पीढ़ी के आईपैड मिनी को भी सपोर्ट करता है.

iPad mini में ये है खास

इसमें टॉप बटन के हिस्से के रूप में टच आईडी के साथ 8.3 इंच की स्क्रीन है. Apple पिछली पीढ़ी के iPad मिनी की तुलना में CPU प्रदर्शन में 40% की उछाल और GPU के प्रदर्शन में भी भारी उछाल का वादा कर रहा है. यह A13 बायोनिक चिपसेट पर भी चलता है. iPad मिनी में USB-C पोर्ट है. आप इसे अपने कैमरे, लैपटॉप, किसी अन्य डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं. यह 5G को भी सपोर्ट करता है.

ऐसा होगा नया iPad 2021

Apple का iPad 2021 लेटेस्ट A13 बायोनिक चिपसेट से चलाता है। इसमें नीचे की तरफ एक बटन भी है. IPad में 122 डिग्री पॉइंट ऑफ़ व्यू के साथ 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है. फ्रंट कैमरा एक नए सेंटर-स्टेज फीचर के साथ है जो कॉल को अधिक नेचुरल बना देगा और ऑटोमैटिक तरीक से दूसरे यूजर का पता लगा लेगा. यह फर्स्ट जनरेशन के ऐप्पल पेंसिल को सपोर्ट करेगा. यह iPadOS 15 के साथ शिप होगा. 

नया आईपैड लॉन्च

टिम कुक एक नया आईपैड लॉन्च किया. 

म्यूजिक वीडियो से शुरुआत

इवेंट की शुरुआत एक छोटे से म्यूजिक वीडियो से होती है. इसके बाद टिम कुक मंच पर आते हैं और सबसे पहले Apple TV+ की बात करते हैं.

Apple iPhone 13 का लॉन्चिंग इवेंट शुरू

Apple iPhone 13 का लॉन्चिंग इवेंट शुरू हो चुका. आज नए स्मार्टफोन के चार मॉडल लॉन्च होंगे. इस इवेंट को लाइव यहां देखा जा सकता है. 

जानें, आईफोन 13 सीरीज में क्या होगा खास

आईफोन 13 सीरीज का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस वीडियो में देख सकते हैं इसमें खास क्या होगा. 

आईफोन 13 सीरीज में 4 मॉडल हो सकते हैं लॉन्च

 कंपनी आईफोन 13 सीरीज में 4 मॉडल लॉन्च कर सकती है। जिसमें आईफोन 13, आईफोन 13 मिनी, आईफोन 13 प्रो और आईफोन 13 प्रो मैक्स शामिल हैं।

आईफोन 13 सीरीज के कई फीचर्स आए सामने

मीडिया की खबरों के मुताबिक आईफोन 13 सीरीज के लेटेस्ट मॉडल आईफोन 13 प्रो, आईफोन 13 प्रो मैक्स में 4 स्टोरेज ऑप्शन मिल सकता है.  इनमें 128GB, 256GB, 512GB और 1TB शामिल हैं. बता दें आईफोन में मेमोरी कार्ड लगाने का ऑप्शन नहीं मिलता है. 

Apple के इस साल के सबसे बड़े लॉन्च इवेंट में  iPhone 13, iPhone 13 Mini, iPhone 13 Pro और iPhone 13 Pro Max स्मार्टफोन तो लॉन्च हो गए. वहीं iPad 2021, iPad mini भी लॉन्च हुए . 

Apple iPhone 13 A15 बायोनिक चिपसेट पर चलता है. इसमें छह-कोर सीपीयू है जिसमें 2 हाई-परफॉर्मेंस कोर और 4 एफिशिएंसी कोर हैं. यह 4-कोर जीपीयू के साथ भी आता है. इसमें मशीन लर्निंग टास्क के लिए 16-कोर न्यूरल इंजन है.

Apple iPhone 13 के कैमरे में कई बड़े सुधार एड किए गए हैं. इनमें मिनी और रेगुलर वर्जन दोनों के लिए लॉ लाइट परफॉर्मेंस शामिल है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कैमरे में एक नया सिनेमैटिक मोड है, जो सब्जेक्ट के हिलने पर भी सब्जेक्ट को फोकस में रखेगा। फोकस सब्जेक्ट पर रहता है, जबकि बाकी बैकग्राउंड ब्लर हो जाता है, यह वीडियो के लिए पोर्ट्रेट मोड है. Apple का कहना है कि यह यूजर्स को ऐसी कंटेंट बनाने की परमिशन देगा जिसमें सिनेमाई फील हो. यह डॉल्बी विजन एचडीआर में शूट होता है, जो एक स्पेशल कस्टम सेंसर द्वारा सक्षम है.

-तीसरी लहर शुरू होने का दावा कर चंडीगढ़ PGI ने बच्चों पर बताई राहत की बात

देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। चंडीगढ़ PGI के निदेशक जगत राम ने ये दावा करते हुए कहा कि हम अभी तीसरी लहर की शुरुआत में हैं। हालांकि उन्होंने एक राहत वाली बात ये बताई कि तीसरी लहर में बच्चों पर बहुत ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि उनके सीरो सर्वे में 71% बच्चों में एंटीबॉडी पाई गई है।

तिहाड़ जेल में 25 से ज्यादा कैदियों ने फोड़ लिया अपना सिर, एक और कैदी पर जानलेवा हमला

तिहाड़ जेल में शनिवार शाम एक कैदी द्वारा दूसरे कैदी पर चाकू से किए गए जानलेवा हमले के बाद तीन और वारदात सामने आई हैं। इनमें से शनिवार शाम को जिस कैदी ने दूसरे कैदी पर जानलेवा हमला किया था। उसने अपने सेल में स्यूसाइड करने की कोशिश की। दूसरी घटना में एक और कैदी पर सर्जिकल ब्लेड से हमला किया गया। जबकि एक अन्य घटना में 25 से अधिक कैदियों ने अपने सिर फोड़ लिए। दो मामलों की जांच हरि नगर थाना पुलिस को सौंपी गई है।

25 कैदियों ने फोड़ लिया अपना सिर
तिहाड़ जेल के सूत्रों ने बताया कि जेल में कैदियों का उनके वॉर्ड, बैरक और सेल से बाहर निकालने और बंद करने का तय समय है। इसी तरह से जेल की कैंटीन में जाने और बाहर सैर करने का भी समय तय है। इसी मामले में पिछले सप्ताह कुछ कैदी कैंटीन जाने की जिद कर रहे थे। उन्हें बताया गया कि समय खत्म हो गया है। कल जाना। लेकिन वह जिद करने लगे। सूत्रों का कहना है कि इसी बात को लेकर उन्होंने अन्य और कैदियों के साथ मिलकर जेल अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए अपने सिर पर चोट मार ली। 25 से अधिक कैदियों ने अपने सिर दीवार और टाइल पर मार लिए। जिससे उनके सिर से खून बहने लगा। मामले की जानकारी मिलते ही जेल अधिकारियों ने सभी का इलाज कराया। जेल प्रशासन ने बताया कि सभी को मामूली चोटें लगी थी।


जानलेवा हमला करने वाले ने किया आत्महत्या का प्रयास
जेल नंबर-3 में जिस कैदी ने शनिवार शाम को एक कैदी पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। उस कैदी ने अस्पताल से जेल में आने के बाद अपने सेल में आत्महत्या करने की कोशिश की। इसकी शिकायत हरि नगर थाना पुलिस से की गई है। जेल अधिकारियों ने बताया कि सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। कैमरे की फुटेज में दिखाई दे रहा है कि पहले कैदी सोच-विचार में लगा है। फिर जैसे ही उसे अपने सेल के पास किसी के आने की आहट सुनाई देती है। वैसे ही वह बेडशीट से लटककर जान देने की कोशिश करता है। गश्त कर रहे स्टाफ ने कैदी को बचा लिया।

कैदी पर किया सर्जिकल ब्लेड से हमला
शनिवार शाम को एक कैदी पर किए गए जानलेवा हमले के अगले दिन रविवार शाम को भी एक और कैदी पर वॉर्ड नंबर-2 के मेन गेट के पास सर्जिकल ब्लेड से हमला किया गया। समय रहते कैदी को बचा लिया गया। सूत्रों का कहना है कि पता लगा है कि आरोपी कैदी को जेल से बाहर किसी शख्स ने इस कैदी पर हमला करने की सुपारी दी थी। जेल प्रशासन के अलावा हरि नगर थाना पुलिस भी जांच कर रही है।

-9 महीने बाद नरम पड़े किसान:सिंघु बॉर्डर पर हाईवे की एक साइड खाली करेंगे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटने को तैयार हुए

करनाल के बाद दिल्ली सिंघु बार्डर पर भी किसानों ने अपना रवैया नरम कर दिया है। किसान आंदोलन के 9 महीने बाद प्रशासन की गुजारिश पर NH-44 को एक तरफ से खोलने को तैयार हो गए हैं। कहा जा रहा है कि इस गतिरोध के खत्म होने का रास्ता करनाल से ही खुला है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनीपत उपायुक्त ललित सिवाच मंगलवार को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आम लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देकर किसानों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने समस्या को दूर करने के लिए जीटी रोड पर लोगों को आने-जाने के लिए रास्ता देने के लिए कहा। उनकी गुजारिश पर किसान प्रतिनिधियों ने इस पर विचार करने का भरोसा दिया।

सिंघु बार्डर पर किसानों की बस्ती बन गई है।

लघु सचिवालय में मंगलवार को ही उपायुक्त अध्यक्षता में जिला और पुलिस प्रशासन के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक हुई। उपायुक्त ने बताया कि याचिकाकर्ता मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि NH-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता आम लोगों के लिए खुलवाया जाए।

दिल्ली की ओर से दीवार को बताया प्रमुख समस्या
उपायुक्त के कहने पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे एक ओर का रास्ता छोड़ देंगे, लेकिन उन्हें वैकल्पिक जगह दिलाई जाए। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली की ओर से हाईवे का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना बड़ी समस्या है।

बैठक में SP जशनदीप सिंह रंधावा, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, डीएसपी सतीश कुमार और भारत किसान यूनियन दोआबा के प्रधान मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जगवीर सिंह चौहान, बलवंत सिंह, मेजर सिंह पूनावाल, मुकेश चंद्र, गुरुप्रीत, जोगेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, कुलप्रीत सिंह, बलवान सिंह, करतार सिंह, सुभाषचंद्र सोमरा, सतनाम सिंह, विक्रमजीत सिंह समेत अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

आंदोलन नहीं रहा, अब गदर हो गया है : अनिल विज
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन पर कहा कि ये अब आंदोलन नहीं रह गया है। आंदोलन में लोग लाठियां लेकर नहीं आते हैं, आंदोलन में लोग रास्ता नहीं रोकते हैं, तलवारें लेकर नहीं आते हैं। इसे आंदोलन की बजाय गदर या फिर और शब्द कह सकते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक होगी, उसमें अगली रूपरेखा तैयार की जाएगी।

-महाराष्ट्र: अमरावती में बड़ा हादसा, नाव पलटने से 11 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) में बड़ा हादसा हुआ है, जहां वर्धा नदी में नाव पलटने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे के बाद 3 लोगों के शवों को बाहर निकाला गया है, जबकि 8 की तलाश जारी है. अमरावती के गालेगाव इलाके में हुई घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

मौके पर पहुंचे विधायक

बताया जा रहा है कि नाव में बैठे लोग घूमने के लिए आए हुए थे और संतुलन बिगड़ने के बाद नाव पलट गई. हालांकि अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक देवेंद्र वहां पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया.

असम में डूब गए थे 80 से ज्यादा लोग

इससे पहले पिछले ही हफ्ते असम में भी बड़ा नाव हादसा हुआ था, जहां जोरहाट नदी में दो नाव आपस में टकरा गई थीं. इसके बाद एक नाव पलट गई थी और उसपर सवार 80 से ज्यादा लोग डूब गए थे. हादसे में ज्यादातर लोगों को बचा लिया गया था. जबकि कुछ लोग खुद तैरकर किनारे तक आ गए थे. हादसे में एक महिला की मौत हुई थी, जबकि कई लोग लापता हो गए थे.

'PM मोदी ने भेजे हैं 5.50 लाख रुपये, नहीं करूंगा वापस', बिहार के खगड़िया से गजब मामला आया सामने

 ब‍िहार के खगड़‍िया में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां के एक बैंक उपभोक्‍ता के खाते में अचानक साढ़े पांच लाख रुपये आ गए। बैंक उपभोक्‍ता को लगा क‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके खाते में साढ़े पांच लाख रुपये भेजे हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि पीएम ने वादा किया था क‍ि सभी के खाते में रुपये भेजे जाएंगे। इसी क्रम में उन्‍हें भी ये रकम आयी होगी। यही सोचकर वो काफी खुश भी हुए और उन्‍होंने रुपये न‍िकालकर खर्च भी कर द‍िए। लेकिन बाद में मामला कुछ और ही निकला, जिसके लिए अब उन्हें जेल भेजने की कवायद की जा रही है।    

जानकारी के अनुसार, बैंक ने भूल से रंजीत दास के खाते में साढ़े पांच लाख रुपये भेज दिए। बैंक को जब अपनी भूल का आभास हुआ, तो खाताधारी से साढ़े पांच लाख वापस करने को कहा। मगर खाताधारी ने इस खुशी में सारे पैसे खर्च कर दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें साढ़े पांच लाख की रकम भेजी है। अब वे वापस नहीं करेंगे। बैंक द्वारा कई बार वापसी को लेकर नोटिस दी गई। बावजूद जब राशि वापस नहीं की गई, तो बैंक द्वारा केस दर्ज कराया गया। इसके बाद मानसी पुलिस द्वारा रंजीत दास को गिरफ्तार कर लिया गया। वह समीप के बख्तियारपुर गांव का रहने वाला है। मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि ग्रामीण बैंक द्वारा केस दर्ज कराया गया था। गिरफ्तार रंजीत को जेल भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

बैंक ने दी यह दलील 

ग्रामीण बैंक मानसी शाखा के बैंक अध‍िकार‍ियों का कहना है क‍ि गलती से रंजीत के खाते में रुपये चले गए थे। बाद में मिलान होने पर यह पता चला। इसके बाद से लगातार रंजीत को रुपये वापस करने को कहा गया, लेकिन तब तक रंजीत ने सारा रुपये खाते से न‍िकाल ल‍िए हैं। इसके बाद रंजीत से संपर्क क‍िया गया तो उसने बताया कि पीएम मोदी ने रुपये भेजे हैं, मैं वापस नहीं करूंगा।  जब रुपये वापस नहीं किया गया तो बैंक को पुलिस के पास श‍िकायत दर्ज करानी पड़ी।

-TMC ने सुष्मिता देव को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया, हाल ही में छोड़ी थी कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए सुष्मिता देव को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है। टीएमसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। पार्टी ने लिखा है, 'महिलाओं को सशक्त बनाने और राजनीति में उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की ममता बनर्जी की दृष्टि से हमारे समाज को और अधिक हासिल करने में मदद मिलेगी।'

राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए सुष्मिता देव ने कहा, ''मैं अभिभूत हूं। मैं अपनी नेता ममता बनर्जी को तहे दिल से धन्यवाद देती हूं। संसद में अधिक महिलाओं को देखने का उनका दृढ़ विश्वास अनुकरणीय है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।''

आपको बता दें कि सुष्मित देव टीएमसी से पहले कांग्रेस की महिला विंग की अध्यक्ष थीं। इसी साल 16 अग्सत को उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पत्र लिखकर उन्होंने इस्तीफा दिया था। आपको यह भी बता दें कि सुष्मिता दिवंगत दिग्गज कांग्रेसी संतोष मोहन देव की बेटी हैं। 2014 में पहली बार सिलचर की पारिवारिक सीट से संसद पहुंची थी।

-डॉन मुख्तार अंसारी की अचानक तबीयत बिगड़ी, गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती

पूर्वांचल के माफिया डॉन मऊ से बीएसपी के विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की बांदा जेल (Banda Jail) में मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई. सूचना मिलने पर जेल प्रशासन ने जेल और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सलह पर मुख्तार अंसारी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है. जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्तार का इलाज किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उसकी हालत गंभीर है. इससे पहले बांदा जेल में बंद बहुबली विधायक मुख्तार अंसारी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. मुख्तार के एंटीजन कोविड टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.

इस बीच मंगलवार को अचानक मुख्तार की तबीयत बिगड़ने से जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे. मुख्तार की सेहत और इलाज को लेकर अफसर मीटिंग कर रहे हैं. हालांकि, जेल प्रशासन ने इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. बांदा जेल अधीक्षक प्रभा कांत पांडेय का कहना है कि फिलहाल मीटिंग चल रही है. इसलिए इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बताया जा सकता है.

बाराबंकी में वर्चुअल पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी हत्या के लिए पांच करोड़ की सुपारी दी गई है. मुख्तार के मुताबिक उसे सूचना मिली है कि किसी को मेरी हत्या करने के लिए कहा गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जो मेरी हत्या कर देगा, उसके घर पांच करोड़ रुपये पहुंच जाएगा. इसके अलावा उसके सारे मुकदमे भी खत्म कर दिए जाएंगे. कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के संबंध में मुख्तार के वकील रणधीर सिंह सुमन ने ये जानकारी दी है.

-रेप केस : LJP सांसद प्रिंस राज पासवान ने गिरफ्तारी से राहत के लिए किया दिल्ली की अदालत का रुख

बिहार के समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सांसद प्रिंस राज पासवान (LJP MP Prince Raj Paswan) ने बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तारी से राहत के लिए अग्रिम जमानत पाने को दिल्ली की अदालत का रुख किया है। लोजपा सांसद के खिलाफ दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पार्टी की एक पूर्व कार्यकर्ता से रेप के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

दिल्ली की एक अदालत के निर्देश पर प्रिंस राज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अदालत का आदेश गुरुवार को आया था और उसके बाद कनॉट प्लेस थाने में प्रिंस के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 376 (2)(K), 506, 201, 120B के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और अभी तक इस संबंध में किसी से पूछताछ नहीं की गई है।

प्रिंस राज लोजपा नेता चिराग पासवान के चचेरे भाई हैं और पुलिस के अनुसार, एफआईआर में चिराग का नाम भी दर्ज है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता ने आरोप लगाया है कि चिराग ने उस पर पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाने का दबाव डाला।  

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती ने लगभग तीन महीने पहले कनॉट प्लेस थाने में प्रिंस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब से अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। अदालत के आदेश के बाद अब एफआईआर दर्ज की गई है।

पीड़िता द्वारा आरोप लगाया गया है कि उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था और बाद में वीडियो को वायरल करने की धमकी भी दी गई। इसके साथ ही उसे इस मामले की शिकायत न करने के लिए धमकाया गया और उस पर दबाव बनाया गया।

उल्लेखनीय है कि समस्तीपुर के सांसद प्रिंस राज पासवान द्वारा भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, जिसमें उन्होंने पीड़िता पर गलत आरोप लगाने की बात कही गई है। प्रिंस ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते रहे हैं।

चिराग को भी थी मामले की जानकारी

एफआईआर के मुताबिक पीड़िता ने पार्टी के वरिष्ठ नेता चिराग पासवान से भी मुलाकात की और उन्हें मामले की जानकारी दी। पासवान ने उन्हें पूरे मामले को सुलझाने का आश्वासन भी दिया और उन्हें मामला दर्ज नहीं करने के लिए राजी किया। पीड़िता ने एफआईआर में आरोप लगाया कि आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई।

लोजपा ने बताया राजनीतिक साजिश 

लोजपा के प्रवक्ता श्रवण कुमार ने प्रिंस राज का बचाव किया और दावा किया कि उनके विरुद्ध आरोप, राजनीतिक साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांसद ने उस महिला के विरुद्ध 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस में “उगाही और ब्लैकमेल” की शिकायत दर्ज कराई थी जिसने उन पर बलात्कार का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, बलात्कार की कथित घटना 2020 में हुई थी।

श्रवण कुमार ने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि यह राजनीतिक साजिश है और पुलिस को समस्तीपुर से सांसद प्रिंस राज की शिकायत पर तत्काल जांच शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि हनी ट्रैप (महिलाओं द्वारा मोहजाल में फंसाने) के मामले भी होते हैं। 

 

-शादी के 1 घंटे बाद कपल पहुंचा कोर्ट, कहा-तलाक चाहिए, कोर्ट की सलाह ने किया हैरान

कहते हैं कि शादी-ब्याह एक नहीं अनेक जन्मों का संबंध होता है. लोग चाहते हैं कि वे पूरी लाइफ अपने जीवन साथी के साथ गुजार दें. लेकिन चीन में कुछ ऐसा हुआ कि शादी के एक घंटे बाद ही कपल (Newly Wed Couple) तलाक के लिए कोर्ट  (Court) में पहुंच गया.  

चीन के युन्नान प्रांत की है घटना

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शादी के तुरंत बाद तलाक मांगने की यह घटना चीन (China) के दक्षिण पश्चिमी युन्नान प्रांत की है. रिपोर्ट के अनुसार दूल्हा एक कॉलेज का स्टूडेंट है और पत्नी एक नर्स है. 

पति ने कोर्ट (Court) में कहा कि उन दोनों का अफेयर था. लेकिन वह उससे शादी नहीं करना चाहता था और उन दोनों का पहले ही ब्रेकअप हो चुका था. इसके बावजूद उसकी पत्नी ने मैसेज कर-करके उसे परेशान कर दिया और और शादी करने के लिए मजबूर किया. उसके जोर देने पर वह शादी करने के लिए सहमत हो गया. लेकिन अब उसको मुक्ति चाहिए.

पत्नी ने मांगा 34 लाख रुपये का मुआवजा

पति ने जोर देकर कहा कि उन दोनों का भावनात्मक रिश्ता टूट चुका है और वह अपनी पत्नी के साथ नहीं रहना चाहता. उसने कोर्ट से उन्हें तलाक (Divorce) देने का आग्रह किया. वहीं पत्नी ने तर्क दिया कि पति ने जानबूझकर उसे शादी में धोखा दिया. इसके लिए पति को उसे 3 लाख युआन यानी 34 लाख 30 हजार रुपये का मुआवजा देना चाहिए. 

कोर्ट ने खारिज कर दी अर्जी

पति-पत्नी के मुकदमे से हैरान कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी यह साबित नहीं कर पाए कि उनके बीच भावनात्मक आधार खत्म हो गया है और उनका आपसी रिश्ता टूट गया है. इसलिए उनकी तलाक की याचिका का समर्थन नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने उन्हें हनीमून मनाने की सलाह के साथ ही तलाक की अर्जी खारिज कर दी. 

'शादी करना सम्मान का विषय'

पत्नी-पत्नी के बीच शादी और तलाक के इस मुकदमे की खबर चीन (China) के सोशल मीडिया वीबो पर जमकर वायरल हो रही है. नेटिजन कह रहे हैं कि शादी करना एक सम्मान का विषय है. इसे बच्चों का खेल नहीं बनाया जाना चाहिए. वहीं एक दूसरे नेटिजन ने कहा कि मुकदमेबाजी में उलझने के बजाय पति-पत्नी को एक दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए.

-सोशल मीडिया की सनक: Live Streaming में बिजी थी मां, 10वीं मंजिल से गिरकर बच्चों की मौत

रोमानिया (Romania) में एक महिला की सोशल मीडिया (Social Media) सनक की कीमत उसके मासूम बच्चों चुकानी पड़ी. दो साल के जुड़वा बच्चों की बिल्डिंग की 10वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई. जिस वक्त ये हादसा हुआ महिला फेसबुक (Facebook) पर लाइव स्ट्रीमिंग में बिजी थी. उसे पता ही नहीं चला कि कब उसके बच्चे खेलते-खेलते नीचे गिर गए. घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब भी महिला सोशल मीडिया पर बातें कर रही थी. पुलिस से ही उसे बच्चों की मौत की जानकारी मिली.

बच्चों की चीख तक सुनाई नहीं दी

‘द सन’ में छपी खबर के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रोमानिया (Romania) के प्लॉइस्टी शहर में हुआ. एंड्रिया वायलेट पेट्रीस (Andreea Violeta Petrice) फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग में व्यस्त थीं, तभी उनके जुड़वा बच्चे मोइस क्रिस्टियन पेट्रीस और बीट्राइस-एरिका पेट्रीस कथित रूप से 10वीं मंजिल से नीचे गिर गए. एंड्रिया सोशल मीडिया में इतनी मगन थीं कि उन्हें बच्चों की चीख तक सुनाई नहीं दी. 

Police ने रुकवाई Live Chat

घटना की सूचना मिलते ही जब पुलिस (Police) एंड्रिया वायलेट के घर पहुंची, तब भी वो अपने बच्चों की मौत से बेखबर सोशल मीडिया पर लाइव चैट लगी हुई थीं. पुलिस अधिकारियों ने उनसे लाइव चैट बंद करने को कहा और घटना की जानकारी दी. बाद में मीडिया से बात करते हुए एंड्रिया ने खुद को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि वो दूसरे कमरे में अपने बड़े बेटे साथ सो रही थीं, जबकि दोनों बच्चे उनकी दोस्त की देखरेख में थे. कुछ देर बाद जब वो वहां पहुंची तो बच्चों को गायब पाया.

Friend पर लगाया आरोप

एंड्रिया ने अपनी दोस्त को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि बच्चे खिड़की तक नहीं पहुंच सकते. हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने बच्चों को खिड़की पर चढ़ते देखा था. वहीं, एंड्रिया की दोस्त ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उसका कहना है कि वो बच्चों का पूरा ख्याल रखती थी, पता नहीं ये सब कैसे हो गया. इस घटना को लेकर एंड्रिया वायलेट की आलोचना हो रही है. 

-तालिबान के ख़िलाफ़ अफ़ग़ान महिलाओं ने चलाई #DoNotTouchMyClothes की मुहिम

महिला छात्राओं के लिए तालिबान के नए और सख़्त ड्रेस कोड के ख़िलाफ़ अफ़ग़ान महिलाओं ने एक ऑनलाइन कैम्पेन शुरू किया है. वे इस कैम्पेन के लिए #DoNotTouchMyClothes और #AfghanistanCulture जैसे हैशटैग चला रही हैं.

अफ़ग़ान महिलाएं सोशल मीडिया पर रंगीन और पारंपरिक परिधानों में अपनी तस्वीरें शेयर कर रही हैं. बीबीसी ने ऐसी ही कुछ महिलाओं से बात की और उनके मुद्दे को समझने की कोशिश की है.

आप गूगल पर 'अफ़ग़ानिस्तान के पारंपरिक परिधान' टाइप कीजिए और आप रंगों से भरे उनके सांस्कृतिक पहनावे को देखकर दंग रह जाएंगे. उनका हरेक लिबास आपको ख़ास लगेगा.

हाथ की कढ़ाई, भारी-भरकम डिज़ाइन, सीने के पास करीने से लगे छोटे-छोटे शीशे जिनमें आप अपना अक्स देख सकते हैं, लंबे घाघरे जो अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय नृत्य अट्टन के लिए फ़िट लगते हैं.

कुछ महिलाएं कढ़ाईदार टोपी भी पहनती हैं. कुछ के स्कार्फ़ भारी भरकम होते हैं. लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि पहननेवाली अफ़ग़ानिस्तान के किस इलाके से ताल्लुक़ रखती है.

-सैकड़ों बार शख्स ने एलियन के साथ बिताई रात, धरती पर वापस लौटा तो पत्नी ने तुरंत दे दिया तलाक

परग्रही कहिए या एलियन दोनों एक ही बात है, लेकिन यह उसी भूत की तरह है जिसे जिसने देखा, उसने माना और जिसने नहीं देखा उसके लिए इनका कोई अस्तित्व नहीं। एलियन को लेकर दुनियाभर से कई तरह के दावे सामने आए हैं जिनपर विश्वास करना बेहद मुश्किल है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला दावा फिर सामने आया है जिसमें कहा जा रहा है कि एक शख्स एलियन के साथ रात बिताकर घर लौटा। SUV खरीदने का आपके लिए बेहतरीन मौका यहां क्लिक करें शख्स ने एलियन के साथ बिताई रात शख्स ने एलियन के साथ बिताई रात मामला अमेरिका का है जहां के रहने वाले एक शख्स ने दावा किया कि उसे एलियंस ने किडनैप कर लिया था और उसके हाथों में एक नैनोचिप फिट कर दिया था। इतना ही नहीं उसने एलियन के साथ कई घंटे बिताए और फिर वापस उसे धरती पर छोड़ दिया गया। शख्स के मुताबिक एलियन की वजह से उकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। पृथ्वी पर आने के बाद उसकी पत्नी ने उसे तलाक दे दिया, इसके बाद उसकी नौकरी भी चली गई।

पर्सनल लाइफ हुई बर्बाद

इन ट्रैजडी के लिए शख्स ने एलियंस को जिम्मदार बताया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के रहने वाले स्टीव कोलबर्न ने ये अजीबोगरीब दावा किया है। स्टीव ने दावा किया के एलियन ने उसे एक बार नहीं बल्कि सैकड़ों को बार अगवा किया है। उसकी पूरी जिंदगी एलियन की वजह से तबाह हो गई। स्टीव ने कहा कि एलियंस ग्रे रंग के होते हैं और उनकी पूरी बॉडी स्टील से बनी हुई होती है। कहीं डोनाल्ड ट्रंप ना कर दें चीन से जंग का ऐलान, अमेरिकी सेनाध्यक्ष ने चीन को कर दिया सीक्रेट फोनकहीं डोनाल्ड ट्रंप ना कर दें चीन से जंग का ऐलान, अमेरिकी सेनाध्यक्ष ने चीन को कर दिया सीक्रेट फोन टीवी शो में किया खुलासा टीवी शो में किया खुलासा स्टीव ने ये दावा अमेरिका के कोस्ट तो कोस्ट शो में किया है, उन्होंने कहा कि एलियन की वजह से उनकी नौकरी चली गई, शादीशुदा लाइफ खत्म हो गई। पत्नी ने स्टीव से तलाक ले लिया। स्टीव के मुताबिक अपने घर के पास एक दिन उसने यूएफओ देखा और उसी दौरान एलियन उसे खींचकर ले गए। इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। स्टीव ने कहा कि उसे कई बार किडनैप किया गया और घंटों उसने एलियन के बीच बिताए। आतंकी संगठन तालिबान को ट्विटर चलाने की पूरी आजादी, डोनाल्ड ट्रंप पर पाबंदी क्यों? अमेरिका में बड़ी बहसआतंकी संगठन तालिबान को ट्विटर चलाने की पूरी आजादी, डोनाल्ड ट्रंप पर पाबंदी क्यों? अमेरिका में बड़ी बहस हांथ में लगाया नैनोचिप हांथ में लगाया नैनोचिप लोग तो उस समय हैरान रह गए जब स्टीव ने बताया कि एलियंस ने उसके हाथ में एक नैनोचिप भी लगाया है। उनकी बीवी ने भी एलियन देखे हैं, लेकिन उसने स्टीव को ही इसका जिम्मेदार बताते हुए उसे तलाक दे दिया। शख्स द्वारा कही गई बातें अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं, वहीं कुछ लोगों ने इसे स्टीव का पब्लिसिटी स्टंट भी बताया। स्टीव की बातों में कितनी सच्चाई है ये तो स्पष्ट नहीं है लेकिन उसके किए दावों ने लोगों हैरान जरूर कर दिया है।

 

 

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