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चंडीगढ़

Latest Update-December 08, 2021

December 08, 2021 04:36 AM

- Sarco Capsule: यूरोप के इस देश ने आत्महत्या करने वाली मशीन को दी मंजूरी, आखिर क्यों लिया गया ये फैसला?

यूरोपीय देश स्विटजरलैंड ने आत्महत्या करने में मदद करने वाली एक मशीन 'सार्को कैप्सूल' के उपयोग की मंजूरी दी है. सार्को एक 3डी प्रिंटेड कैप्सूल है. इसे ऑस्ट्रेलिया स्थित अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी एक्जिट इंटरनेशनल की ओर से विकसित किया गया है. स्विसइन्फो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सर्को कैप्सूल को इसके अंदर बैठा शख्स एक्टिव कर सकता है और इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है. 

स्विसइन्फो के साथ एक इंटरव्यू में एक्जिट इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. फिलिप निट्स्के (Dr Philip Nitschke) ने बताया, "ताबूत की तरह पॉड को बहुत आरामदायक बनाया गया है. व्यक्ति कैप्सूल के अंदर लेट जाएगा और उससे कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे. इसके बाद उन्हें प्रोसेस के लिए बटन दबाने का वक्त दिया जाएगा." 

स्विटजरलैंड में सहायता प्राप्त आत्महत्या लीगल

दरअसल, ये सुसाइड पॉड चौंकाने वाले और डरावना लग सकता है, लेकिन स्विटजरलैंड में सहायता प्राप्त आत्महत्या लीगल है. इस पद्धति के माध्यम से करीब 1300 लोग मारे गए हैं, जहां व्यक्ति को लिक्विड सोडियम पेंटोबार्बिटल इंजेक्ट किया जाता है. इससे व्यक्ति दो से पांच मिनट में सो जाता है. फिर गहरे कोमा में चला जाता है और उसकी मौत हो जाती है. अब एक्जिट इंटरनेशनल ने और अधिक आरामदायक और शांतिपूर्ण मौत के लिए 'सर्को कैप्सूल' विकसित किया है. 

होश खोने के 5-10 मिनट बाद हो जाएगी मौत 

इस प्रक्रिया में बटन दबाने के बाद कैप्सूल नाइट्रोजन से भर जाएगा. 30 सेकेंड में ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक कम कर देगा और फिर कुछ ही देर में वक्ति की मौत हो जाती है. स्विसइन्फो के साथ इंटरव्यू में डॉ. फिलिप निट्स्के ने बताया, "शख्स थोड़ा विचलित महसूस करेगा और होश खोने से पहले थोड़ा उत्साह महसूस कर सकता है. होश खोने के 5-10 मिनट बाद मौत हो जाएगी." उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंदर लेटे व्यक्ति को कोई घबराहट या घुटन महसूस नहीं होगी.

- ये है दुनिया का सबसे रहस्यमयी आइलैंड, जहां 1,60,000 लोगों को जिंदा जला दिया गया था, जानिए वजह

दुनिया में कई ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में वैज्ञानिक आज तक नहीं पता लगा पाए हैं। इनमें कई रहस्यमयी द्वीप भी शामिल हैं जिनके बारे में जानकर आपकी रूह कांप जाएंगी। ऐसा ही एक द्वीप इटली में स्थित है जहां पर जाने वाला कभी नहीं लौटकर वापस आया। आईए जानते हैं रहस्यों से भरे इस द्वीप के बारे में...

 इस द्वीप पर अक्सर रहस्यमयी घटनाएं घटती हैं जिसकी वजह से दुनिया में इसकी चर्चा होती है। इटली के वेनिस शहर और लिडो के बीच वेनेशियन खाड़ी में यह रहस्यमयी द्वीप मौजूद है। बताया जाता है कि इस द्वीप के रहस्य को सुलझाने की कोशिश कई लोगों ने की, लेकिन किसी हाथ के कामयाबी नहीं लगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां पर जो भी गया वह जिंदा लौटकर नहीं आया। इसलिए इस रहस्यमयी द्वीप पर इटली की सरकार ने किसी के भी जाने पर रोक लगा दी है।

बताया जाता है कि इटली में सैकड़ों साल पहले प्लेग महामारी फैली थी जिसने खौफनाक रूप ले लिया था। उस समय इस महामारी का कोई इलाज नहीं था जिसकी वजह से यहां की सरकार चिंतित थी। सरकार को इस बीमारी के फैलने का डर सता रहा था। इस डर से सरकार ने लगभग 1 लाख 60 हजार लोगों को इस द्वीप पर जिंदा जलवा दिया था। इसके बाद यहां पर काला बुखार नाम की बीमारी भी फैलने लगी।

इसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि इन लोगों के शव भी इसी द्वीप पर दफना दिए जाएं। तब से ही स्थानीय लोग इस द्वीप को शापित मानते हैं। कहा जाता है कि जलाए गए लोगों की आत्माएं आज भी यहां पर भटकती हैं। कई लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने यहां पर आत्माओं को देखा है। इस द्वीप से अजीबोगरीब आवाजें भी सुनने का दावा किया जाता है।

इस द्वीप पर होने वाली रहस्यमयी घटनाओं के चलते इटली की सरकार ने यहां पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। यह आईलैंड दुनिया की सबसे डरावनी जगहों में शामिल है।

- मिस्र में खुदाई में मिली 2500 साल पुरानी महिला और पुरुष की ममी, सोने से बनी थी जीभ

पिरामिडों के देश मिस्र में दो अलग-अलग मकबरों से एक महिला और एक पुरुष की ममी मिली है जो 2500 साल पुरानी है। इन प्राचीन ममी के अंदर जीभ की जगह पर सोने की प्‍लेट पाई गई है। यह मकबरा लाइम स्‍टोन से बना है। पुरातत्‍वविदों के मुताबिक पुरुष के अवशेष और उसका मकबरा पूरी तरह से सुरक्षित है। इस मकबरे को सील किया गया था और उसके अंदर से कई अद्भुत कलाकृतियां भी बरामद हुई हैं।

पुरातत्‍वविदों ने बताया कि महिला के अवशेष अच्‍छी स्थिति में नहीं हैं और इस बात के संकेत हैं कि चोरों ने महिला के मकबरे को खोदा भी था। यह खोज यूनवर्सिटी ऑफ बार्सीलोना के द्वारा की गई है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि यह मकबरा मिस्र के 26वें राजवंश का है। सोने की जीभ अच्‍छी स्थिति में है और प्राचीन मिस्र की ममियों में अक्‍सर यह पाया जाता है। बताया जाता है कि इन सोने की जीभ को अंत‍िम संस्‍कार के दौरान मरे हुए लोगों के पास इसलिए रखा जाता था ताकि उस इंसान की आत्‍मा प्राचीन देवता ओसिरिस से बात कर सके।

'मरे हुए लोगों की आत्‍माओं की परीक्षा लेंगे ओसिरिस'
प्राचीन म‍िस्र में माना जाता था कि ओसिरिस अंडरवर्ल्‍ड के ऊपर शासन करता हैं और मरे हुए लोगों की आत्‍माओं की परीक्षा लेंगे। साथ ही ऐसी मान्‍यता थी कि सोने की जीभ की मदद से मरा हुआ इंसान ओसिरिस को अपनी आत्‍मा पर रहम करने के लिए सहमत कर लेगा। पुरातत्‍वविदों को अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये पुरुष और महिला कौन थे लेकिन दोनों के मकबरे एक-दूसरे के पास बने हैं।

पुरुष की खोपड़ी अभी भी सुरक्षित है और सोने की जीभ को उसके मुंह से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। इस कब्र को 2500 साल पहले दफनाए जाने के बाद से कभी खोला नहीं गया था। पुरातत्‍वविदों को 402 उश्‍बती मूर्तियां भी मिली हैं। पुरुष की कब्र से छोटी-छोटी ताबीज का सेट भी मिला है। इससे पहले फरवरी महीने में एक और ममी मिली थी जिसमें सोने की जीभ मिली थी। यह ममी पत्‍थरों को काटकर बनाई कब्र के अंदर मिली थी।

- कहीं पति को रेप का अधिकार तो कहीं बचपन में निकाह, महिलाओं के लिए 'काल' बन चुके इन देशों के ये कानून

दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां 21वीं सदी में भी महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि वित्तीय सहायता और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में अब महिलाएं पुरुषों की बराबरी कर रही हैं। लेकिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं का संघर्ष अभी भी जारी है। विडंबना यह है कि अमेरिका और भारत जैसे विकसित और विकासशील देशों में भी कुछ कानून महिलाओं की सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं।

पीड़िता से बच्चा मांगने का अधिकार
अमेरिका जैसे विकसित देश में भी महिला विरोधी कानून मौजूद है। यहां कुछ राज्यों में पुरुष रेप के बाद पीड़िता से रेपिस्ट पैरेंटल राइट के तहत बच्चे की मांग कर सकता है। यह कानून मैरीलैंड, अलबामा, मिसिसिपि, मिनेसोटा, नॉर्थ डकोटा, न्यू मैक्सिको की हजारों महिलाओं के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है।

पति का बलात्कार करना जुर्म नहीं
दुनिया के करीब 49 देशों में शादी के बाद अगर पति पत्नी का रेप करता है तो कानून इसे अपराध नहीं मानता। इनमें भारत भी शामिल है जहां समाज भी इस तरह के मामलों के खिलाफ बंटा हुआ नजर आता है। भारत में कानून के तहत रेप जैसे जघन्य अपराध के दोषी को उम्र कैद या फांसी की सजा दी जाती है। लेकिन पति अगर अपनी पत्नी का रेप करता है तो उसके खिलाफ सजा का कोई प्रावधान नहीं है।


विदेश जाने से पहले पति की अनुमति जरूरी
ईरान में महिलाओं को विदेश जाने से पहले अपने पति की अनुमति लेना जरूरी है। यहां के कानून के मुताबिक महिलाओं को विदेश जाने से पहले दस्तावेजों पर पति के हस्ताक्षर करवाने पड़ते हैं।

10 साल की उम्र में शादी वैध
भारत में बाल विवाह एक कानूनी अपराध है लेकिन सूडान में ऐसा नहीं है। यहां 10 साल की उम्र के बाद लड़कियों का शादी करना वैध माना जाता है। यही कारण है कि इस देश में हर तीन में से एक लड़की की शादी 18 साल से कम उम्र में ही हो जाती है, जिससे मासूम लड़कियों का बचपन पूरी तरह से खत्म हो जाता है।

अपराध की कैटेगरी से हटा घरेलू शोषण
रूस दुनिया का एक शक्तिशाली देश है लेकिन यहां का कानून महिलाओं के लिए बेहद कमजोर है। रूस में महिलाओं के खिलाफ होने वाले घरेलू शोषण को अपराध नहीं माना जाता है। संसद ने 2017 में महिलाओं के खिलाफ घरेलू शोषण को अपराध की श्रेणी से हटाने के लिए पक्ष में भारी मतदान किया था। इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिलते रहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर 40 मिनट में एक महिला अपने पति की वजह से जान गंवा देती है।

सम्मान के नाम पर हत्या करने की छूट
जॉर्डन में आज भी महिलाओं की कथित सम्मान के नाम पर दे दी जाती है। इसका मतलब है कि यहां ऑनर किलिंग वैध है। कानून के मुताबिक अगर परिवार के सम्मान के लिए किसी महिला की हत्या कर दी जाती है तो आरोपी को सजा में छूट मिल सकती है।

नौकरी के लिए पति की मंजूरी अनिवार्य
तुर्की में महिलाओं को घर से निकलकर नौकरी करने का अधिकार तो है लेकिन इसके लिए उन्हें अपने पति से अनुमति लेना अनिवार्य है। अगर पति नहीं चाहता तो तुर्की में महिला नौकरी नहीं कर सकती और यही कारण है कि यहां नौकरी के क्षेत्र में महिलाओं की आबादी सिर्फ 29 फीसदी है।

 

 

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