Friday, July 01, 2022
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चंडीगढ़

Latest update April 26, 2022

April 26, 2022 06:41 AM

-कोरोना केसों की सुपरफास्ट स्पीड ने बढ़ाई चिंता; किस राज्य में क्या हाल, क्या पाबंदियां, जानें सब

नई दिल्लीः देश में कोरोना केसों में 11 हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद पिछले दो हफ्तों से मरीजों की संख्या फिर से बढ़ती जा रही है. पिछले तीन दिनों से तो लगातार 2500 से ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं. 18 से 24 अप्रैल के बीच ही 15,700 से ज्यादा नए मरीज मिल चुके हैं. पिछले हफ्ते से इसमें 95 फीसदी का इजाफा देखा गया है. कोविड केसों में बढ़ोतरी अब 12 से ज्यादा राज्यों में देखी जा रही है, जो पिछले हफ्ते तक सिर्फ 3 राज्यों में थी. इसके बाद कई राज्यों ने फिर से पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी सभी मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक भी करने वाले हैं.

पिछले हफ्ते तक दिल्ली, हरियाणा और यूपी में ही केस बढ़ते दिख रहे थे लेकिन अब केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल, राजस्थान और पंजाब ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं. 12 राज्यों के अलावा 8 राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां केस लगातार बढ़ तो रहे हैं, लेकिन अभी भी हफ्ते में 100 से नीचे हैं. महाराष्ट्र में पिछले हफ्ते से 48 फीसदी केस बढ़े हैं. कर्नाटक में 71 प्रतिशत, तमिलनाडु में 62 प्रतिशत, बंगाल में 66 प्रतिशत और तेलंगाना में 24 फीसदी का उछाल आ चुका है. उत्तर भारत की बात करें तो राजस्थान में एक हफ्ते के अंदर 57 फीसदी केस बढ़े हैं. पंजाब में पिछले सप्ताह के 56 से अब तक तीन गुना मरीज हो चुके हैं.

दिल्ली: दिल्ली में सोमवार को लगातार चौथे दिन कोरोना के 1000 से अधिक केस आए. संक्रमण दर भी 6.42 प्रतिशत तक पहुंच गई है. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मास्क अनिवार्य किया जा चुका है. मास्क न लगाने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा. 18 से 59 साल के लोगों के लिए फ्री बूस्टर डोज का ऐलान भी हो चुका है.

उत्तर प्रदेश: यूपी में भी कोरोना की रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है. सबसे ज्यादा केस दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में आ रहे हैं. राजधानी से सटे एनसीआर के इलाकों में मास्क अनिवार्य किया जा चुका है. यूपी सरकार ने 1 अप्रैल को ही मास्क से पाबंदी हटाई थी, लेकिन अब फिर से इसे जरूरी कर दिया गया है.

हरियाणाः दिल्ली के पड़ोसी हरियाणा में कोरोना संक्रमण दर बढ़कर 5.14 प्रतिशत पहुंच गई है जो 1 अप्रैल को 0.40 प्रतिशत थी. बढ़ते केसों को देखते हुए एनसीआर में राज्य के चार जिलों- गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में मास्क को जरूरी बना दिया है.

कर्नाटकः राज्य में कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंध 28 फरवरी से हटा दिए गए थे. लेकिन अब मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य कर दिया है. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना भी दंडनीय अपराध होगा. यहां संक्रमण की दर 1.9 फीसदी को पार कर चुकी है.

तेलंगानाः यहां इसी महीने की शुरूआत में मास्क की पाबंदी हटाई गई थी, जो अब फिर से लागू हो चुकी है. तेलंगाना में बिना मास्क पाए जाने पर 1000 रुपये के जुर्माने का नियम है.

तमिलनाडुः सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क पाए जाने पर 500 रुपये का जुर्माना लगने का नियम जारी किया जा चुका है.

आंध्र प्रदेशः सरकार ने मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया है. नियम का उल्लंघन करने वालों पर 100 रुपये पेनल्टी का नियम है.

छत्तीसगढ़ः सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क एक बार फिर अनिवार्य कर दिया है. सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को भी प्रतिबंधित किया गया है.

-Loudspeaker Controversy : योगी, उद्धव, राज उलझ रहे; 17 साल पहले बच्ची की चीख दबाने वाले लाउडस्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया था बड़ा फैसला

 

लाउडस्पीकर विवाद पर राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस, योगी आदित्यनाथ समेत कई नेता बोल रहे हैं और उलझ भी रहे हैं। शायद कुछ लोगों को ही याद होगा कि आज से करीब 17 साल पहले लाउडस्पीकर का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, तब इसकी वजह एक खौफनाक घटना थी। एक बच्ची के साथ रेप किया गया था और लाउडस्पीकर की तेज आवाज के कारण उसकी चीखें दब गईं। फिलहाल महाराष्ट्र में जारी लाउडस्पीकर विवाद पर उद्धव सरकार ने गेंद केंद्र के पाले में डाल दी है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने साफ कहा है कि राज्य सरकार के लिए लाउडस्पीकर (Loudspeaker Maharashtra) लगाने या हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि लाउडस्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर केंद्र सरकार को कानून लाना चाहिए, जो सभी राज्यों में लागू हो। दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने इस मुद्दे को उछाला तो कई राज्यों तक इसकी आंच पहुंच गई। उन्होंने उद्धव सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी मस्जिदों के सामने तेज आवाज में लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा बजाया जाएगा। इसके बाद कई शहरों से ऐसे वीडियो भी आए जहां कुछ लोगों ने मस्जिद के पास हनुमान चालीसा बजाया। यूपी में भी सीएम योगी के आदेश से लाउडस्पीकर की आवाज धीमी की गई है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या बढ़ते विवाद को देखते हुए लाउडस्पीकर को बैन कर देना चाहिए? ऐसे में लाउडस्पीकर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्रासंगिक हो जाता है।

अजान को लेकर लाउडस्पीकर के नियम में किसी भी बदलाव का उन लाउडस्पीकरों पर भी असर होगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में त्योहारों और कार्यक्रमों के साथ-साथ गणपति और नवरात्रि जैसे त्योहारों में इस्तेमाल किए जाते हैं... कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। एक विशेष समुदाय के लिए अलग नियम नहीं बनाए जा सकते।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल


सुप्रीम कोर्ट ने कहा क्या है?
17 साल पहले साल 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने लाउडस्‍पीकर बजाने पर महत्‍वपूर्ण आदेश दिया था। SC ने कहा था कि ऊंची आवाज यानी तेज शोरगुल सुनने के लिए मजबूर करना मौलिक अधिकार का हनन है। हर शख्स को शांति से रहने का अधिकार है। लाउडस्पीकर या तेज आवाज में अपनी बात कहना अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार में आता है लेकिन यह आजादी जीवन के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकती। कोर्ट ने साफ कहा था कि किसी को भी इतना शोर करने का अधिकार नहीं है कि पड़ोसियों और दूसरे लोगों को परेशानी हो। कोई भी शख्स लाउडस्पीकर बजाते हुए अनुच्छेद 19(1)ए के तहत मिले अधिकार का दावा नहीं कर सकता है।


सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि सार्वजनिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज क्षेत्र के लिए तय शोर के मानकों से ज्यादा नहीं होगी। कोर्ट ने कहा कि जहां भी तय मानकों का उल्लंघन हो, वहां लाउडस्पीकर और उपकरण जब्त करने के बारे में राज्य प्रावधान करे।

रात 12 बजे तक बजा सकते हैं लाउडस्पीकर लेकिन...
धार्मिक और सांस्कृतिक समारोह में रात 10 से 12 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने के लिए विशेष इजाजत लेनी होती है और राज्‍य चाहे तो साल में 15 दिन कुछ खास अवसरों पर 12 बजे तक लाउडस्‍पीकर बजाने की इजाजत दी जा सकती है। आवाज की अधिकतम सीमा 75 डेसिबल हो सकती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि कानून के तहत ध्वनि की सीमा के उल्लंघन पर सजा का भी प्रावधान है लेकिन यह प्रभावी ढंग से लागू नहीं होता है।

तब लाउडस्पीकर बजता रहा... 13 साल की लड़की से हुई थी दरिंदगी
सुप्रीम कोर्ट में लाउडस्पीकर का मामला पहुंचने की एक बड़ी और खौफनाक वजह थी। 13 साल की लड़की का रेप हुआ था, वह मदद के लिए आवाज लगाती रही लेकिन पड़ोस में लाउडस्पीकर की तेज आवाज के चलते किसी को सुनाई नहीं दिया। कोई उसकी मदद के लिए नहीं आया। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा उछाया। धार्मिक कार्यक्रमों और व्यस्त बाजारों, गलियों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाया जाता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 10 से 75 डेसिबल से ज्यादा आवाज नहीं होनी चाहिए। प्राइवेट साउंड सिस्टम की आवाज भी 5 डेसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि पुलिस लाउडस्पीकर पर मौजूदा कानून का पालन करेगी। मौजूदा नियम के अनुसार, कोई भी लाउडस्पीकर प्रशासन की लिखित मंजूरी के बगैर सार्वजनिक स्थल पर नहीं लगाया जा सकता। और इसका इस्तेमाल शाम 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं होगा।

ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि सरकार लाउडस्पीकर लगाने या हटाने का फैसला कर सकती है। जिन लोगों ने लाउडस्पीकर लगाए हैं, जो लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें नियमों का ध्यान रखना होगा।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल


महाराष्ट्र में क्या चल रहा
दिलीप पाटिल ने कहा है कि सर्वदलीय बैठक में यह फैसला किया गया कि सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए और उसके अनुसार काम करे। पूर्व सीएम और बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पार्टी ने बैठक का बहिष्कार किया। मनसे प्रमुख राज ठाकरे भी बैठक में शामिल नहीं हुए। भाजपा ने पूछा कि क्या राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल के पास इस पर कोई निर्णय लेने का अधिकार है। भाजपा नेता ने कहा, ‘अगर आप हिटलर के तरीकों का उपयोग करना चाहते हैं, तो हम संवाद पर संघर्ष को प्राथमिकता देंगे...अगर हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लोगों के सामने हमला किया जा रहा है, और फिर भी हमें FIR दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो ऐसी बैठकों में शामिल होने का क्या फायदा है।’ फडणवीस ने आरोप लगाया कि मुंबई में जो कुछ भी हो रहा है वह मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) के इशारे पर हो रहा है।

लाउडस्पीकर मुद्दे पर मेरी पार्टी का रुख बहुत स्पष्ट है कि अदालतों के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। पहले, हम पूरे नवरात्र में जागते थे, गरबा खेलते थे, भजन बजाते थे। गणेश चतुर्थी पर मध्यरात्रि तक कार्यक्रम होते थे। सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई, हमने उसका सख्ती से पालन किया। हम केवल 15 दिन इसका उपयोग करते हैं, जिसके लिए छूट प्राप्त है... उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन किया जाना चाहिए।


योगी ने भी दिखाई सख्ती
लाउडस्पीकर विवाद महाराष्ट् तक ही सीमित नहीं है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त आदेश दिया है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति नए सिरे से नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि जिन संस्थानों में लाउडस्पीकर का प्रयोग पहले से किया जा रहा है, उनकी आवाज को धीमा करना होगा। आवाज ऐसी होनी चाहिए कि वह परिसर से बाहर न सुनाई दे। इसके बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर, शाही ईदगाह समेत कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हट गए। कई जगहों पर लाउडस्पीकर के वॉल्यूम को कर दिया गया है।


सड़कों पर नमाज लेकिन कोई नहीं बोलता...
भाजपा नेता और आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट कर अजान vs हनुमान चालीसा पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा कि जब इतने सालों से सड़कों पर नमाज पढ़ी जाती रही, 5 बार अजान की आवाज सुनाई देती थी तो किसी ने मुसलमानों को घर के अंदर नमाज पढ़ने को नहीं कहा लेकिन सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ नहीं कर सकते। उन्होंने धार्मिक आधार पर बंटवारे का जिक्र करते हुए अल्पसंख्यकों को लगातार रियायत मिलने पर तंज कसा है।

-हरियाणा के मानेसर में लगी भीषण आग, दमकल की 35 गाड़ियां मौके पर

दिल्ली एनसीआर में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। देर रात मानेसर के सेक्टर-6 के पास कूड़े के ढेर में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि चारों तरफ जहरीला धुआं फैल गया और आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि सूचना पर दमकल की 35 गाड़ियां मौके पर पहुंची। 

वहीं, राजधानी दिल्ली के बटला हाउस इलाके में स्थित जोगा बाई एक्स्टेंशन में बनी झुग्गियों में सोमवार दोपहर को भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंच गई। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी भी व्यक्ति की घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग की चपेट में आने से पांच मवेशियों की जलकर मौत हो गई। वहीं, आग की चपेट में आने से 35-40 झुग्गियां जलकर खाक हो गई। पुलिस मामला दर्ज कर आग लगने का कारण पता लगा रही है।

दमकल विभाग के अनुसार, दमकल विभाग को सोमवार दोपहर करीब तीन बजकर 15 मिनट पर झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मौके पर दमकल विभाग की 11 गाड़ियां पहुंच गई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग ने कुछ ही देर में सभी झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया था।

-एलन मस्क बने ट्विटर के नए बॉस, जानिए, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट में क्या-क्या बदलाव आपको देखने को मिलेंगे

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और स्पेसएक्स, टेस्ला जैसी कंपनी के मालिक एलन मस्क अब ट्विटर के नए बॉस बन गए हैं। उन्होंने करीब 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया है। इस डील के बाद ट्विटर में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। ऐसा इसलिए भी कि खुद मस्क ट्विटर में कई बदलाव को लेकर काफी मुखर रहे हैं। कई बार उन्होंने इस माइक्रो ब्लॉगिंग साइट की नीतियों की आलोचना ट्वीट के जरिये की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मस्क ट्विटर में कई बड़े बदलाव करेंगे। आइए, जानते हैं कि आने वाले दिनों में आपको माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर में क्या-क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 

यूजर्स के लिए ब्लू टिक लेना आसान होगा

मस्क ने ट्विटर खरीदने से पहले कहा था कि जब वह माइक्रो ब्लॉगिंग साइट को खरीदेंगे तो यूजर्स के बीच ट्रस्ट बढ़ाने के लिए एल्गोरिदम में पारदर्शिता लाएंगे। अभी यूजर्स की शिकायत रहती है कि ट्विटर उनकी रीच को कम कर देता है। एल्गोरिदम में पारदर्शिता लाने से यूजर्स की शिकायत दूर करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वह प्रत्येक यूजर्स खातों की प्रामाणिकता के पक्षधर हैं। अभी ट्विटर कुछ ही यूजर्स को ब्लू टिक के जरिये प्रमाणित करता है। ऐसे में आने वाले दिनों में ट्विटर यूजर्स के लिए ब्लू टिक हासिल करना आसान हो सकता है। इसके साथ ही वह स्पैम वोट पर काम करेंगे। इससे बहुत सारे यूजर्स को समय-समय पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही फेक न्यूज को रोकने में भी मदद मिलेगी। 

ट्वीट को एडिट करने का विकल्प मिलेगा 

ट्विटर यूजर्स द्वारा लंबे समय से एडिट बटन देने का अनुरोध किया जा रहा है। अप्रैल महीने में मस्क ने ट्विटर यूजर्स की राय जानने के लिए इस पर सर्वे किया था। इस सर्वे में चार मिलियन से अधिक यूजर्स ने भाग लिया था जिसमें से 70% से अधिक ने एडिट बटन के पक्ष में मत दिया था। ट्विटर ने बाद में कहा कि वह पिछले साल से एडिट बटन पर काम कर रहा है। ऐसे में बहुत उम्मीद है कि जल्द ही ट्विटर यूजर्स को अपना ट्वीट एडिट करने का विकल्प मिल जाएगा। 

फ्री स्पीच पर रहेगा मस्क का जोर 

एलन मस्क ने ट्विटर को खरीदने के बाद अपना पहला ट्वीट फ्री स्पीच को लेकर किया। इससे साफ पता चलता है कि मस्क फ्री स्पीच के महत्व पर जोर देना जारी रखेंगे। मस्क ने अपने लिखा कि बोलने की स्वतंत्रता लोकतंत्र का एक आधार है। उन्होंने आगे लिखा कि ट्विटर एक डिजिटल टाउन स्क्वायर है, जहां मानवता के लिहाज से भविष्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 

पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाने की तैयारी

एलन मस्क ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि वह ट्विटर को पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि ट्विटर को एक निजी कंपनी के रूप में बदलने की जरूरत है। ट्विटर में असाधारण क्षमता है। मैं इसे अनलॉक कर दूंगा। ऐसे में बहुत उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ट्विटर पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बन जाए। 

 

 

 

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