गोवा में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा का अनावरण किया। सारस्वत मठ परिसर में स्थापित इस भव्य प्रतिमा ने न केवल धार्मिक आस्था को नई ऊंचाई दी है, बल्कि गोवा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी प्रदान की है। अनावरण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मठ में पूजा-अर्चना की और संत समुदाय से मुलाकात भी की।
यह विशाल प्रतिमा आधुनिक शिल्पकला और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट संगम मानी जा रही है। प्रतिमा के निर्माण में उन्नत तकनीकों और विशेष मिश्र धातुओं का उपयोग किया गया है, जिससे यह प्राकृतिक परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनी रहे। परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिमा को भूकंपीय और समुद्री हवाओं के दबाव को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। इस कारण यह तकनीकी दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि गोवा हमेशा से भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम की प्रतिमा शांति, धर्म और आदर्शों की भावना को सशक्त करेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रतिमा न केवल धार्मिक स्थल के रूप में, बल्कि पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी उभरेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
सारस्वत मठ ने इस परियोजना के लिए वर्षों तक शोध और योजना बनाई थी। मठ प्रशासन ने बताया कि प्रतिमा का उद्देश्य रामायण की शिक्षाओं को संरक्षित करना और युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना है। प्रतिमा के आसपास विकसित किया जाने वाला परिसर आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शैक्षणिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा।
अनावरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किए। कार्यक्रम में देशभर के संत-समाज, राजनीतिक प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
गोवा सरकार ने इस प्रतिमा को राज्य के “आध्यात्मिक पर्यटन मार्ग” में प्रमुख स्थान देने की घोषणा भी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह स्थान भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर और भी मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया यह अनावरण गोवा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।