अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए देशव्यापी जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयुष मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के आयुष भवन में आर जे और इन्फ्लुएंसर के साथ एक बैठक आयोजित की। इसमें रेडियो की जानी-मानी हस्तियों, डिजिटल इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स को एक साथ लाया गया, ताकि "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" की थीम पर आधारित इस साल के कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री अलार्मेलमंगाई डी ने 2015 में शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शानदार यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे यह दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य आंदोलनों में से एक बन गया है और इसे 180 से अधिक देशों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" का विषय, सुलभ और समग्र कल्याणकारी तरीकों के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक ढंग से उम्र बढ़ने को बढ़ावा देने की बढ़ती वैश्विक ज़रूरत को दर्शाता है
संयुक्त सचिव ने कहा कि योग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के दौरान शारीरिक गतिशीलता, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मज़बूती और जीवन की समग्र गुणवत्ता बनाए रखने का एक आज़माया हुआ और प्रभावी तरीका है। उन्होंने 'योग 365' जैसी साल भर चलने वाली पहल के माध्यम से योग को रोज़मर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाने के मंत्रालय के विज़न को दोहराया। यह पहल सामुदायिक जुड़ाव, संस्थागत साझेदारी और जनभागीदारी के ज़रिए अपनी पहुँच बढ़ा रही है।
योग को और अधिक समावेशी और प्रमाण-आधारित बनाने के मंत्रालय के प्रयासों पर उन्होंने हाल की कई पहलों का उल्लेख किया। इनमें गैर-संचारी रोगों और विशिष्ट लक्षित समूहों के लिए दस योग प्रोटोकॉल का विकास, 'हवाई यात्रा के लिए योग प्रोटोकॉल' और विभिन्न आयु वर्गों व स्वास्थ्य ज़रूरतों के लिए तैयार किए गए विशेष योग मॉड्यूल शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य देश भर में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण को बढ़ावा देने के साथ योग को जोड़ना है।

डिजिटल और कम्युनिटी मीडिया के बढ़ते असर को देखते हुए संयुक्त सचिव ने लोगों के बीच बातचीत को आकार देने और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित करने में रेडियो और सोशल मीडिया क्रिएटर्स की अहम भूमिका पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को आई डी वाई 2026 अभियान का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके लिए उन्होंने अपने निजी योग अनुभव साझा करने, स्वस्थ वृद्धावस्था और बीमारियों से बचाव के लिए वेलनेस पर कंटेंट बनाने, योग से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियाँ बताने, 'योग 365' गतिविधियों में भाग लेने और अभियान के मुख्य संदेशों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने का सुझाव दिया।
इस इंटरैक्टिव सेशन में रेडियो जॉकी और डिजिटल क्रिएटर्स ने उत्साहपूर्वक शामिल हुए। उन्होंने लोगों तक पहुँच बढ़ाने, दर्शकों की भागीदारी को बेहतर बनाने और योग से जुड़े कंटेंट को युवा पीढ़ी और अलग-अलग समुदायों के लिए ज़्यादा आकर्षक और प्रासंगिक बनाने के बारे में बहुमूल्य सुझाव दिए। प्रतिभागियों ने मंत्रालय के प्रयासों का समर्थन करने और 21 जून तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान में योगदान देने का संकल्प लिया।
आयुष मंत्रालय ने मीडिया प्रोफेशनल्स, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि "स्वस्थ वृद्धावस्था बढ़ने के लिए योग" का संदेश हर घर तक पहुँचे और सभी उम्र के लोगों को योग को जीवनशैली के तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित करे।
कार्यक्रम का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026' को एक जीवंत जन-आंदोलन बनाया जाएगा, जो पूरे देश में स्वस्थ और खुशहाल जीवन को बढ़ावा देगा।
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