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चंडीगढ़

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने सीईओ पद की घोषणा की, श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करने का संकल्प

July 07, 2026 05:19 AM

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद सृजित करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मंदिर प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देना, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना है।

ट्रस्ट के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन प्रबंधन, स्वच्छता, परिवहन, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए एक समर्पित मुख्य कार्यकारी अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सीईओ पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।

ट्रस्ट का मानना है कि एक पेशेवर और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था से मंदिर की कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित होगी। सीईओ मंदिर परिसर के दैनिक संचालन, विभिन्न विभागों के समन्वय, परियोजनाओं की निगरानी, श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।

हाल के समय में मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, कतारों की लंबाई, सुविधाओं की उपलब्धता और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई सुझाव सामने आए थे। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि इन सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा की गई है और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सीईओ के नेतृत्व में डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑनलाइन सूचना प्रणाली, दर्शन प्रबंधन, शिकायत निवारण तंत्र, यातायात समन्वय, सुरक्षा निगरानी और सेवा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इससे श्रद्धालुओं को समयबद्ध और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ट्रस्ट ने यह भी संकेत दिया कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विकसित की जा रही सुविधाओं का संचालन अधिक पेशेवर तरीके से किया जाएगा। स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, पार्किंग, विश्राम स्थलों और आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर भी विशेष ध्यान रहेगा। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा तंत्र भी विकसित किया जाएगा।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें और निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करें। ट्रस्ट का कहना है कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नए प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से न केवल प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा भी और मजबूत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े धार्मिक संस्थान में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था समय की आवश्यकता होती है। अयोध्या राम मंदिर में सीईओ पद की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में बढ़ती श्रद्धालु संख्या के अनुरूप बेहतर सेवाएं, पारदर्शी प्रबंधन और अधिक सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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