राज्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्र) के कामकाज की समीक्षा की; विकसित भारत के लिए महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया
केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सिक्किम के तीन दिनों के अपने आधिकारिक दौरे के आखिरी दिन नामची जिले में अनेक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम ग्रामीण संपर्क, कौशल विकास तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण पर केंद्रित थे।
श्रीमती ठाकुर ने नामची के चार धाम में पवित्र सिद्धेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके परिसर का निरीक्षण किया।
मंत्री महोदया ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, रोड-III से सिमिक पावरग्रिड होते हुए समतार हर्राबोटे तक बन रही सड़क परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग 4.8 किलोमीटर लंबी यह सड़क आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आवागमन को बेहतर बनाएगी। श्रीमती ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और रोज़गार तक पहुँच में सुधार हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया और इस कार्य में लगे सभी कर्मचारियों के कार्य के प्रति समर्पण की सराहना की।

सिक्किम के राज्य ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एसआईआरडी&पीआर) में, मंत्री महोदया ने "व्यक्तिगत उद्यम वित्त ऋण आवेदन" प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण, क्षमता निर्माण और कौशल विकास में एसआईआरडी&पीआर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से, यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में प्रशिक्षित मानव संसाधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

श्रीमती ठाकुर ने जोरेथांग स्थित 'वन स्टॉप सेंटर' (सखी केंद्र) का दौरा किया और वहाँ के कामकाज तथा सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने देखा कि यह केंद्र महिलाओं को एक ही स्थान पर सुरक्षा, परामर्श, कानूनी सहायता और आवश्यक सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहायक वातावरण तैयार करना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र के कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की और उनसे महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए अपने प्रयास जारी रखने का आग्रह किया।
JB94.jpg)
मंत्री महोदया ने महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों और योजनाओं की समीक्षा करने के लिए जोरेथांग स्थित 'हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन' (एचइडब्ल्यू - महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र) का भी दौरा किया। यह हब जागरूकता, परामर्श, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में सहायता प्रदान करता है। श्रीमती ठाकुर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी अत्यन्त महत्वपूर्ण है।

जोरथांग में एक आंगनवाड़ी केंद्र के दौरे के दौरान, मंत्री महोदया ने बच्चों और माताओं के लिए पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के समग्र विकास के प्रयासों की सराहना की और कहा कि पोषण अभियान तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं के माध्यम से, सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक स्वस्थ और सशक्त भारत की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
मंगलवार शाम, 12 मई को, श्रीमती ठाकुर ने नामची में ज़िला और विभागीय अधिकारियों के साथ कल्याणकारी और विकासात्मक कार्यक्रमों का जायज़ा लेने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती ठाकुर ने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और नामची के लोगों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस जिले में टीम वर्क और सामूहिक जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन पर संतोष व्यक्त किया और जनहित के लिए भारत सरकार की योजनाओं का निरंतर और सर्वोत्तम उपयोग करने का आग्रह किया।
स्कूल के दौरे के बाद, शिक्षा क्षेत्र की सराहना करते हुए, उन्होंने छात्रों के अनुशासन और शिक्षकों के समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’, और ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0’ सहित प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक व्यक्ति तक, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों तक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें। मंत्री ने प्रशिक्षण, संस्थागत सहायता और क्षमता निर्माण के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने पर भी ज़ोर दिया।

बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारी श्री सत्येन लामा, आर्थिक सलाहकार; सुश्री निमिषा झा, राज्य मंत्री की निजी सचिव; श्री संतोष कुमार, राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव सुश्री नर्मित लेप्चा; जिला कलेक्टर सुश्री अनुपा तामलिंग; महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान निदेशक सुश्री उर्वशी पौड्याल; महिला एवं बाल विकास विभाग की विशेष सचिव सुश्री बंदना राय; अतिरिक्त निदेशक-सह-नोडल अधिकारी सुश्री सोनम ल्हामू भूटिया; जिला प्रशासन के अधिकारी; संबंधित विभागों के कार्यालय प्रमुख; और महिला एवं बाल विकास विभाग, नामची के कर्मचारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
इससे पहले मंगलवार को, मंत्री ने रवांगला स्थित बुद्ध पार्क, टेमी टी गार्डन और टेमी टी फैक्ट्री, नामथांग खाद्य गोदाम, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र और कातेंग स्कूल, एक पीएमएवाई-जी (प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण) आवास और कृषि विज्ञान केंद्र नामथांग का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों, लाभार्थियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बातचीत की। उन्होंने उल्लेख किया कि कृषि विज्ञान केंद्र स्थानीय किसानों के लिए उपयोगी साबित हुआ है।
