गुजरात को सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि गुजरात की आर्थिक क्षमता, औद्योगिक आधार और बेहतर बुनियादी ढांचा इसे सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ाने की मजबूत नींव प्रदान करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य को न केवल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) बल्कि सेवा आधारित अर्थव्यवस्था में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
अमित शाह ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल और उसकी आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जिस तरह डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं को बढ़ावा मिला है, उसका सबसे अधिक लाभ गुजरात जैसे राज्यों को मिला है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में बैंकिंग, आईटी, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स जैसे सेवा क्षेत्रों में तेजी से विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र आज भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और रोजगार सृजन में भी इसकी बड़ी भूमिका है। ऐसे में गुजरात को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाना समय की आवश्यकता है। शाह के अनुसार, राज्य सरकार और उद्योग जगत को मिलकर ऐसी नीतियां बनानी होंगी जो निवेश को आकर्षित करें और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करें।
उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात पहले से ही औद्योगिक विकास के लिए जाना जाता है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे वैश्विक स्तर पर सेवा क्षेत्र का भी मजबूत केंद्र बनाया जाए। इसके लिए तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने भी माना कि गुजरात में सेवा क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं। खासकर आईटी पार्क, फिनटेक हब, मेडिकल टूरिज्म और एजुकेशन सेक्टर में निवेश बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।
अमित शाह ने विश्वास जताया कि सही रणनीति और नीतिगत सुधारों के साथ गुजरात आने वाले समय में सेवा क्षेत्र में देश के शीर्ष तीन राज्यों में अपनी जगह बना सकता है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे नए कौशल सीखकर इस बदलाव का हिस्सा बनें और राज्य के विकास में योगदान दें।