भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाए जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि किसी भी परमाणु सुविधा पर हमला अत्यंत गंभीर और खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने इस घटना को लेकर अपनी चिंता संबंधित पक्षों के साथ साझा की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। भारत का मानना है कि परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे स्थलों को किसी भी प्रकार के सैन्य या आतंकी हमले से दूर रखा जाना चाहिए।
बाराकाह परमाणु संयंत्र संयुक्त अरब अमीरात की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है और इसे क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ऐसे में इस पर किसी भी प्रकार का हमला न केवल ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है, बल्कि गंभीर पर्यावरणीय जोखिम भी पैदा कर सकता है।
भारत ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह किसी भी ऐसे कदम का विरोध करता है जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़े या नागरिकों और बुनियादी ढांचे को खतरा हो। भारत ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करने की भी अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनावपूर्ण स्थिति को और अधिक जटिल बना सकती हैं। परमाणु सुविधाओं पर हमले से रेडिएशन रिसाव और व्यापक मानवीय संकट का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है, हालांकि बाराकाह संयंत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत बताए जाते हैं।
भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, सुरक्षा और निवेश के क्षेत्रों में गहरे संबंध हैं। इस घटना पर भारत की प्रतिक्रिया को दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
भारत ने यह भी कहा है कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। किसी भी प्रकार की हिंसा या सैन्य कार्रवाई से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
सरकार ने उम्मीद जताई है कि सभी संबंधित पक्ष जिम्मेदारी दिखाते हुए तनाव को कम करेंगे और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों को प्राथमिकता देंगे। भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि वह वैश्विक शांति, सुरक्षा और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति के पक्ष में है।