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चंडीगढ़

HMPV वायरस : HMPV के देश में 14 केस:गुजरात में सबसे ज्यादा 4 केस एक्टिव; राजस्थान में 6 महीने की बच्ची पॉजिटिव

January 11, 2025 07:58 AM

सिटी दर्पण

नई दिल्ली, 10 जनवरीः

कोरोना वायरस जैसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के देश में कुल 14 मामले हो गए हैं। सबसे ज्यादा 4 मामले गुजरात में हैं। शुक्रवार को राजस्थान और गुजरात में एक-एक केस मिला। बारां में एक 6 महीने की बच्ची HMPV से संक्रमित हुई हैं। वहीं अहमदाबाद में 9 महीने का बच्चा HMPV पॉजिटिव आया।

इससे पहले गुरुवार को 3 केस मिले थे। इनमें लखनऊ में 60 साल की महिला, गुजरात के अहमदाबाद में 80 साल का बुजुर्ग और हिम्मतनगर में 7 साल का बच्चा शामिल है। तीनों का इलाज चल रहा है।

HMPV केस बढ़ने पर अब राज्यों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पंजाब में बुजुर्गों और बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इधर गुजरात में अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। हरियाणा में भी स्वास्थ्य विभाग को HMPV केसेस पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।

छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित HMPV संक्रमित होने पर मरीजों में सर्दी और कोविड-19 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। इनमें 2 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र ने राज्यों को 'इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस' और 'सीवर एक्यूट रेस्परेट्री इश्यूज' जैसी सांस की बीमारियों की निगरानी बढ़ाने और HMPV के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा बोले- HMPV कोई नया वायरस नहीं

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विशेषज्ञों ने यह कहा है कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है। 2001 में इसकी पहली बार पहचान हुई थी। इसके बाद ये दुनिया में फैला। ये सांस लेने से फैलता है, हवा के माध्यम से फैलता है। ये सभी ऐज ग्रुप के लोगों पर असर करता है। WHO हालात पर नजर बनाए हुए है और हमसे जल्द ही रिपोर्ट शेयर की जाएगी।

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केंद्र सरकार ने कहा था- सर्दी में HMPV का इन्फेक्शन आम चीन में HMPV के बढ़ते मामलों के बीच इमरजेंसी जैसे हालात बनने की बात कही गई थी। हालांकि भारत सरकार ने 4 जनवरी को जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक की थी। इसके बाद सरकार ने कहा था कि सर्दी के मौसम में फ्लू जैसी स्थिति असामान्य नहीं है। चीन के मामलों पर भी नजर रखे हुए हैं और सरकार इनसे निपटने के लिए तैयार है-

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देश सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में किसी भी बढ़त से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। चीन में फ्लू के बढ़ते मामलों की वजह RSV और HMPV हैं। इस मौसम में ये इन्फ्लूएंजा के सामान्य वायरस हैं। सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। साथ ही WHO से चीन की स्थिति के बारे में समय-समय पर अपडेट देने को कहा है।

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सरकार बोली- फ्लू जैसी बीमारियों की जांच के लिए सिस्टम मौजूद सरकार ने कहा कि भारत में ICMR और IDSP के जरिए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और इन्फ्लूएंजा के लिए गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम मौजूद है। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों से पता चलता है कि ILI और SARI मामलों में कोई असामान्य बढ़त नहीं हुई है।

हालांकि यह भी कहा गया कि एहतियात के तौर पर ICMR, HMPV की टेस्टिंग करने वाली लैब की संख्या बढ़ाएगा। साथ ही पूरे साल HMPV के मामलों पर नजर रखेगा।

एक्सपर्ट्स से जानिए HMPV वायरस के बारे में...

AIIMS के पूर्व डायरेक्टर बोले- HMPV का इलाज एंटीबायोटिक्स से नहींAIIMS के पूर्व डॉयरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है। वायरस आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। इसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स से नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी। साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने को कहा।

कोविड Rx एक्सचेंज के फाउंडर बोले- HMPV साधारण संक्रमण जैसाअमेरिकी राज्य टेक्सास के डालस में CovidRxExchange के फाउंडर और चीफ एक्जीक्यूटिव डॉ. शशांक हेडा ने भास्कर को बताया कि मीडिया इस वायरस को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर चिंता की स्थिति दिखा रहा है। जबकि, आंकड़े बताते हैं कि अचानक से अस्पतालों में लोगों के बढ़ने का कारण सिर्फ HMPV नहीं है, बल्कि कई अन्य वायरल संक्रमण हैं।

HMPV जैसे वायरस आमतौर पर इस मौसम में अस्थायी रूप से फैलते हैं। कुछ समय बाद इनके मामलों में स्वाभाविक तौर पर गिरावट आ जाती है। इसलिए अस्पताल में ज्यादा लोगों के भर्ती होने का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाएं फेल हो गई हैं।

सवाल-जवाब में समझिए HMPV वायरस से बचने के उपाय...

सवाल: HMPV वायरस क्या है?

जवाब: HMPV एक RNA वायरस है, जो आमतौर पर सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। इससे खांसी या गले में घरघराहट हो सकती है। नाक बह सकती है या गले में खराश हो सकती है। इसका जोखिम ठंड के मौसम में ज्यादा होता है।

सवाल: HMPV वायरस कैसे फैलता है? जवाब: HMPV वायरस खांसने और छींकने से फैलता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने, वायरस से संक्रमित किसी वस्तु को छूने से भी यह फैल सकता है। इसके लक्षण संक्रमित होने के बाद 3 से 5 दिनों में दिखने लगते हैं।

सवाल: HMPV डिजीज के लक्षण क्या हैं? जवाब: इसका सबसे कॉमन लक्षण खांसी और बुखार है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य वायरल जैसे ही दिखते हैं, लेकिन वायरस का असर अगर ज्यादा है तो निमोनिया और ब्रोंकाइटिस होने का खतरा भी हो सकता है। इसके क्या लक्षण हैं

सवाल: क्या HMPV कोरोना वायरस की तरह है? जवाब: HMPV वायरस (Paramyxoviridae Family) और कोरोना वायरस (Coronaviridae Family), दोनों अलग फैमिली का हिस्सा हैं। इसके बावजूद इनमें कई चीजें मेल खाती हैं।

रेस्पिरेटरी इलनेस: दोनों वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं।

ट्रांसमिशन: दोनों वायरस सांस और दूषित सतह के संपर्क से फैलते हैं।

लक्षण: दोनों वायरस के लक्षण एक जैसे हैं। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ होती है।

वलनरेबल ग्रुप: दोनों वायरस से सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को होता है।

प्रिवेंशन: दोनों वायरस में बचाव के लिए हाथ साफ रखना, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग महत्वपूर्ण उपाय हैं।

सवाल: क्या यह वायरस कोरोना की तरह पूरी दुनिया में फैल सकता है? जवाब: यह कोई नया वायरस नहीं है। पिछले साल भी चीन में इसके फैलने की खबर आई थी। साल 2023 में नीदरलैंड, ब्रिटेन, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में भी इस वायरस का पता चला था। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, सबसे पहले नीदरलैंड में साल 2001 में इसका पता लगाया गया था। हालांकि इसे कम-से-कम 50 साल पुराना वायरस माना जाता है।

इस वायरस का अभी तक कोई ऐसा वैरिएंट देखने को नहीं मिला है, जो कोरोना की तरह विस्फोटक अंदाज में फैलता है।

सवाल: क्या इस बीमारी का कोई इलाज या वैक्सीन है?

जवाब: HMPV वायरस के लिए अभी तक कोई एंटीवायरल दवा नहीं बनी है। हालांकि, ज्यादातर लोगों पर इसका बहुत सामान्य असर होता है। इसलिए घर पर रहकर ही इसके लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है। जिन लोगों में गंभीर लक्षण विकसित होते हैं, उन्हें ऑक्सीजन थेरेपी, IV ड्रिप और कॉर्टिकास्टेरॉइड (स्टेरॉयड्स का एक रूप) दिए जाते हैं।

इस वायरस से निपटने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन विकसित नहीं की गई है। असल में HMPV वायरस के कारण अभी तक ऐसी स्थितियां नहीं बनी हैं कि इसके लिए कोई वैक्सीन बनाने की जरूरत पड़े।

सवाल: क्या WHO ने HMPV को लेकर कोई अपडेट जारी किया है?

जवाब: नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अभी तक चीन में फैल रहे HMPV वायरस को लेकर कोई अपडेट नहीं जारी किया है। हालांकि, चीन के पड़ोसी देशों ने WHO से इस बारे में सही अपडेट जारी करने की मांग की है।

सवाल: भारत के हेल्थ ऑफिशियल्स ने HMPV को लेकर क्या कहा है?

जवाब: देश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने कहा है कि भारत में इसे लेकर किसी गंभीर स्थिति की आशंका नहीं है। यहां पर मेटान्यूमोवायरस एक नॉर्मल रेस्पिरेटरी वायरस है। इससे जुकाम और फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि, बुजुर्गों में और एक साल से कम उम्र के बच्चों में इसके लक्षण थोड़े गंभीर हो सकते हैं। इसके बावजूद यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। हमारे अस्पताल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

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