जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है, जहां हाई-एल्टीट्यूड केबल कार (गोंडोला) में फंसे 300 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया। यह घटना उस समय हुई जब अचानक तकनीकी खराबी और खराब मौसम के कारण केबल कार सेवा बीच में ही रुक गई, जिससे कई पर्यटक ऊंचाई पर फंस गए और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना गुलमर्ग गोंडोला की दूसरे और तीसरे चरण की लाइन पर हुई, जहां पर्यटक बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच काफी ऊंचाई पर फंस गए थे। अचानक केबल कार रुकने के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई, लेकिन प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और गोंडोला संचालन टीम ने मिलकर तेज और समन्वित अभियान चलाया। विशेषज्ञ तकनीकी टीमों की मदद से केबल कारों में फंसे लोगों को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया। बचाव कार्य कई घंटों तक चला, लेकिन सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, इस घटना में किसी भी पर्यटक को गंभीर चोट नहीं आई है, हालांकि कई लोगों को हल्की घबराहट और तनाव का सामना करना पड़ा। बचाव अभियान के दौरान मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गुलमर्ग का गोंडोला एशिया की सबसे ऊंची केबल कार सेवाओं में से एक माना जाता है और हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां बर्फबारी और पहाड़ी नजारों का आनंद लेने आते हैं। लेकिन इस तरह की तकनीकी दिक्कतें पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल भी खड़े करती हैं।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी कोई तकनीकी गड़बड़ी न हो। साथ ही, मौसम की स्थिति को देखते हुए गोंडोला सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
पर्यटन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है।
हालांकि समय पर की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सभी 300 से अधिक पर्यटकों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी, जिसे प्रशासन ने एक बड़ी सफलता माना है।