Tuesday, June 30, 2026
BREAKING
Horoscope Today: दैनिक राशिफल 30 जून 2026 प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान 'गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन' से सम्मानित किया गया केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितशाह ने आज गुजरात के गांधीनगर में 'PM Family Care Tracker' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ कियाऔर इस अवसर पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के 16वें सम्मेलन में 'समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' आरंभ करेंगे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा 16वीं सीसीएचएफडब्ल्यू बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के परिचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी करेंगे केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 में संशोधन का प्रस्ताव रखा Horoscope Today: दैनिक राशिफल 29 जून 2026 चारधाम हेलीकॉप्टर संचालन 2026 का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ आईसीजीएस अक्षय को भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल किया गया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा 29 जून, 2026 को आरोग्य सेतु 2.0 और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अन्य डिजिटल पहल का शुभारंभ करेंगे

चंडीगढ़

France: पेरिस ओलंपिक से पहले फ्रांस के चुनाव नतीजों ने पैदा किया गतिरोध, असल चुनौतियां अब

July 10, 2024 07:23 AM

सिटी दर्पण

फ्रांस, 09 जुलाईः सोमवार की सुबह फ्रांस दक्षिणपंथियों के प्रभुत्व वाले देश के रूप में नहीं, बल्कि इटली की तरह एक ऐसे देश के रूप में जगा, जहां मुश्किल जोड़-तोड़ के जरिये ही सही, आखिरकार एक व्यावहारिक गठबंधन सरकार बन सकती है। फ्रांस ने संसदीय चुनाव में मरीन ली पेन की प्रवासन-विरोधी पार्टी नेशनल रैली को नकार दिया है, जो राष्ट्रवादी कारनामों के प्रति उनके गहरे प्रतिरोध का एक और प्रदर्शन था।

फ्रांस की जनता ने अपनी पहली पसंद के रूप में फिर से उठ खड़े हुए वामपंथ को चुना जरूर है, लेकिन वह भी सरकार बनाने से काफी दूर है। इन स्थितियों ने मैक्रों को मजबूर कर दिया है कि वे सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति के बजाय संसद की भी सुनें। पेरिस ओलंपिक का बिगुल बजने में अब तीन हफ्ते से भी कम समय बचा है। अगस्त में समुद्र तटों या पहाड़ों पर जाना फ्रेंच जीवन-शैली की पहचान है। ऐसे में, यही लगता है कि सरकार के गठन की बातचीत शरद ऋतु तक खिंच सकती है, जब फ्रांस को बजट पारित करने के लिए सरकार की जरूरत होगी।

फिलहाल फ्रांस में चुनाव के नतीजों ने एक गतिरोध तो पैदा कर ही दिया है। एक उभरता हुआ और विवादास्पद वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट नेशनल असेंबली में 180 सीटें जीतकर पहले स्थान पर है। उसने तुरंत ही मांग की कि राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों को उसे सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए। साथ ही उसने यह भी कहा है कि वह अगले हफ्ते अपने पसंदीदा प्रधानमंत्री का नाम सामने रखेगा।

संविधान के अनुसार, मैक्रों ही प्रधानमंत्री का चुनाव करेंगे। 577 सदस्यीय नेशनल असेंबली में न्यू पॉपुलर फ्रंट को बहुमत से करीब 100 सीटें कम हैं। उसकी जीत के पीछे सिर्फ वामपंथी गठबंधन नहीं था, बल्कि दूसरे चरण के मतदान में मध्यमार्गियों और वामपंथियों द्वारा नेशनल रैली के खिलाफ 'रिपब्लिकन मोर्चा' बनाने के निर्णय का असर भी दिखा था। इसके बावजूद, जुझारू वामपंथी नेता जीन-ल्यूक मेलेनचॉन ने कहा है कि वह संभावित गठबंधन सहयोगियों से बातचीत नहीं करेंगे, न ही वामपंथी कार्यक्रम में जरा भी बदलाव करेंगे। फ्रांस में राष्ट्रपति शासन प्रणाली के कारण गठबंधन बनाने संबंधी समझौते की कोई संस्कृति नहीं है। मैक्रों को अब राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर भिन्न विचारों वाले दलों के बीच व्यापक रूप से सहमत एजेंडे पर श्रमसाध्य बातचीत की बारीकियों को समझना होगा। उदाहरण के लिए, न्यू पॉपुलर फ्रंट सेवानिवृत्ति की उम्र को 64 से घटाकर 60 करना चाहता है, जबकि एक साल पहले ही मैक्रों ने काफी संघर्ष के बाद इसे 62 से बढ़ाकर 64 कर दिया था।

मैक्रों बजट घाटे को कम करने को प्राथमिकता देना चाहते हैं, जबकि न्यू पॉपुलर फ्रंट न्यूनतम वेतन बढ़ाना चाहता है और ऊर्जा व गैस की कीमतों को स्थिर रखना चाहता है। मैक्रों की सरकार ने इस साल की शुरुआत में एक आव्रजन विधेयक पारित किया था, जिसके तहत विदेशियों को फ्रांस में काम करने, रहने और पढ़ने की अनुमति देने वाले नियमों को सख्त बनाया गया था। जबकि, वामपंथियों ने शरण प्रक्रिया को और अधिक उदार बनाने का संकल्प लिया है।
नेशनल असेंबली का तीन बड़े गुटों-वामपंथी, मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी-में विभाजन, किसी व्यावहारिक गठबंधन के लिए तत्काल कोई आधार प्रदान नहीं करता। मैक्रों के मध्यमार्गी गुट के पास लगभग 160 सांसद हैं, जो पहले 250 थे, तथा नेशनल रैली और उसके सहयोगियों के पास लगभग 140 सांसद हैं, जो पहले 89 थे। फ्रांस ने एक बार फिर अति दक्षिणपंथियों को सत्ता से दूर रखा, लेकिन आप्रवासन और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के प्रति गुस्से के कारण दक्षिणपंथियों को सिरे से खारिज भी नहीं किया है। प्रधानमंत्री गैब्रियल अट्टल के साथ सोमवार को बातचीत के बाद मैक्रों ने उनसे देश की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए फिलहाल पद पर बने रहने के लिए कहा है।

मैक्रों का कार्यकाल सीमित है और उन्हें 2027 में पद छोड़ना होगा। वह पिछले कुछ दिनों से ज्यादातर चुप हैं, जो असामान्य बात है। हालांकि उनकी पार्टी एक-तिहाई सीटें गंवा चुकी है, लेकिन उनकी वैसी हार नहीं हुई, जिसकी अपेक्षा की जा रही थी। अपमानित होने से वह बच गए। यह कोई छोटी बात नहीं है। अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह किसी गठबंधन की संभावनाओं को तलाशने के लिए विभिन्न दलों से आराम से परामर्श करेंगे। राष्ट्रपति के समक्ष दो चुनौतीपूर्ण विकल्प हैं। एक तो नेशनल रैली के साथ शासन करना, जिसके युवा पार्टी नेता जॉर्डन बार्डेला प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं और दूसरे मेलेनचॉन की पार्टी के साथ सरकार बनाना, जिस पर मैक्रों ने यहूदी विरोधी होने का आरोप लगाया है। वह समाजवादियों और ग्रीन्स के साथ-साथ मुख्यधारा के रूढ़िवादियों सहित उदारवादी वामपंथियों को गठबंधन में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे।

पिछले महीने यूरोपीय संसद के चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के सफल अभियान का नेतृत्व करने वाले ग्लक्समैन ने कहा, 'हम एक विभाजित असेंबली में हैं, और इसलिए हमें बचकाने व्यवहार से बचना होगा। इसका मतलब है कि हमें बात करनी होगी, संवाद में शामिल होना होगा और यह मानना होगा कि नेशनल असेंबली सत्ता का केंद्र है।' उन्होंने इसे 'राजनीतिक संस्कृति में एक मौलिक परिवर्तन' बताया। न्यू पॉपुलर फ्रंट की 180 सीटों में से अनुमानतः 75 सीटें फ्रांस अनबोड को मिलेंगी, जबकि लगभग 65 सीटें सोशलिस्टों को, लगभग 33 ग्रीन्स को तथा 10 से भी कम सीटें कम्युनिस्टों को मिलेंगी। जैसा कि ग्लक्समैन की टिप्पणियों से साफ है, गठबंधन को एक साथ बनाए रखना कठिन होगा।

 सिद्धांत रूप में, यूरोपीय संसद में गठबंधन बनाने वाले उदारवादी ग्लक्समैन समाजवादियों, ग्रीन्स, कम्युनिस्टों, मैक्रों के मध्यमार्गी गुट और रिपब्लिकन के लगभग 60 मुख्यधारा के रूढ़िवादी सांसदों के गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। लेकिन ग्लक्समैन का दृष्टिकोण मेलेनचॉन से टकराता है, जो संभावित साझेदारों के साथ बातचीत से इन्कार करते हैं, और वे मैक्रों के भी विरोधी हैं। इसलिए फिलहाल समझौते की कोई संभावना नहीं है। चुनाव के बाद फ्रांस में छाए धुंध से बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है, जबकि ओलंपिक मशाल 14 जुलाई को बास्तील दिवस पर फ्रांस की राजधानी पहुंचने वाली है।   

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान 'गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन' से सम्मानित किया गया

प्रधानमंत्री को राष्‍ट्रपति के विशेष सम्‍मान 'गार्जियन ऑफ द ब्‍ल्‍यू हॉरिजन' से सम्मानित किया गया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितशाह ने आज गुजरात के गांधीनगर में 'PM Family Care Tracker' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ कियाऔर इस अवसर पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितशाह ने आज गुजरात के गांधीनगर में 'PM Family Care Tracker' पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ कियाऔर इस अवसर पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई

चारधाम हेलीकॉप्टर संचालन 2026 का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

चारधाम हेलीकॉप्टर संचालन 2026 का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

आईसीजीएस अक्षय को भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल किया गया

आईसीजीएस अक्षय को भारतीय तटरक्षक बेड़े में शामिल किया गया

रेलवे बोर्ड ने आज वैगन डिज़ाइन नीति में बड़े सुधारों को लागू करने का निर्णय लिया

रेलवे बोर्ड ने आज वैगन डिज़ाइन नीति में बड़े सुधारों को लागू करने का निर्णय लिया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, शुक्रवार, 26 जून 2026 को नई दिल्ली में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, शुक्रवार, 26 जून 2026 को नई दिल्ली में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे

प्रधानमंत्री ने प्रगति की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री ने प्रगति की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एनएचएआई ने अतिक्रमण अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई तेज की

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एनएचएआई ने अतिक्रमण अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई तेज की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की

स्वच्छ भारत मिशन - शहरी 2.0 के साथ सतत विकास की मजबूत नींव

स्वच्छ भारत मिशन - शहरी 2.0 के साथ सतत विकास की मजबूत नींव

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss