Wednesday, July 29, 2026
BREAKING
Horoscope Today: दैनिक राशिफल 30 जुलाई 2026 Horoscope Today: दैनिक राशिफल 29 जुलाई 2026 सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू, 850 विद्यार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर संजय सेठ के सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग असम की बाढ़: 4.45 लाख लोग प्रभावित, पीड़ितों को सरकार से मदद की दरकार गंभीर बीमारियों में वित्तीय सहायता को मज़बूत करने के लिए उठाए गए कदम मानसून-संबंधित बीमारियों के प्रसार की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) पर अपडेट सरकार ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए कल्याण और सामाजिक सुरक्षा उपायों को मजबूत किया है भारतीय रेल ने दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड मंडल के परभणी–मुदखेड़ रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन के लिए 163 करोड़ रूपए की परियोजना को स्‍वीकृति प्रदान की

चंडीगढ़

Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे

August 03, 2024 09:11 AM

सिटी दर्पण

शिमला, 02 अगस्तः 

हिमाचल प्रदेश के शिमला के जिले के रामपुर (Rampur Cloud Burst) के झाखड़ी में समेज गांव में सब कुछ खत्म हो गया है. बादल फटने (Cloud Burst) के करीब 60 घंटे बाद भी अब तक 36 लोगों का कुछ नहीं पता लगा है. 18 महिलाएं, 8 बच्चे और अन्य लोगों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है. यहां पर लोगों के अपनों के पास अब आंसूओं के सिवा कुछ नहीं बचा है. वह बस रोने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे हैं. उम्मीद करीब करीब टूट चुकी है.

 गांव की महिला बक्शी केदारटा ने बताया कि इस हादसे में उनके परिवार से करीब 16 लोग लापता हुए है. घटना से तीन दिन पहले ही उन्होंने अपनी बेटी से बात की थी. उनकी बेटी का 4 साल का बेटा और 8 साल की बेटी भी लापता है. उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने ऐसा कोई मंजर नहीं देखा है.
अनीता ने परिवार सहित मंदिर में गुजारी रात

समेज गांव से संबंध रखने वाली अनीता ने बताया कि घटना की रात वह गहरी नींद में सोई हुई थी. अचानक रात को साढ़े बारह बजे के करीब घर हिला और बाहर काफी शोर, आवाज़ें आ रही थीं, तब वह भी अपने बच्चों के साथ घर से बाहर आ गई और यहां से भाग कर ऊपर मंदिर में चले गए. हमने पूरी रात मंदिर में ही गुजारी. जब सुबह यहां आए तो कुछ नहीं बचा था. अब जीने का क्या फायदा जब अपना कोई रहा ही नहीं.

स्कूल देखने पहुंचे बच्चे

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज़ में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र कार्तिक ने बताया जिस दिन यह घटना हुई वह अपने परिवार वालों के साथ ही था. आसपास के सारे लोग एक जगह ही इक्कठे हो गए थे. हमने पूरी रात जाग कर ही बिताई. जब सुबह 6 बजे के करीब उजाला होने लगा तो हम स्कूल की तरफ आए तो निचली मंजिल पूरी पानी से भर गई थी. स्कूल के बाहर एक छोटा सा मंदिर है, जोकि सुरक्षित है. मेरे बहुत से दोस्त जो स्कूल में पढ़ते थे वो लापता है.आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले कार्तिक ठाकुर ने कहा कि मेरे दोस्त अरुण, आरुषि, रितिका और राधिका थे. वो नहीं मिल रहे है.

राधिका दीदी को ढूंढते रहे बच्चे

स्कूली बच्चे कार्तिक, राखी, अर्णव और अश्वनी अपनी बड़ी दीदी राधिका को ढूंढते रहे. राधिका दीदी स्कूल के अधिकांश बच्चों की पसंदीदा थी. राधिका बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी. स्कूली बच्चों को जो होम वर्क मिलता था तो वह उसे बच्चों को पढ़ाती थी और याद करवाती थी. स्कूल के बच्चों ने कई जगह ढूंढा, लेकिन राधिका का कोई भी सुराग नहीं लगा. बच्चों ने कहा कि राधिका दीदी की याद आ रही है. हमें अब कौन पढ़ाएगा.

प्रशासन कर रहा भोजन व्यवस्था

जिला प्रशासन ने घटना स्थल से कुछ मीटर की दूरी सरघा गांव में भोजन व्यवस्था केंद्र स्थापित किया है. यहां पर लोगों को भी मुफ्त में भोजन मुहैया करवाया जा रहा है. इसके साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हर सदस्य को यही भोजन करवाया जा रहा है.

Himachal Pradesh, Shimla Cloud Burst, Himachal Pradesh, Rampur News, Shimla Rains, IMD Alert, समेज स्कूल, रामपुर में बादल फटा, शिमला समाचार, शिमला का मौसम
समेज गांव के स्कूल का हाल.
 पोकलोन की सहायता से हटाएंगे बड़े पत्थर

रेस्क्यू ऑपरेशन के दूसरे दिन बड़ी पोकलेन की सहायता ली गई. भारी पत्थर और मलबा होने के कारण पोकलेन की सहायता ली जा रही है. कई जगह तो पत्थर इतने भारी है कि पोकलेन की मदद से भी हटाया जाना मुश्किल है.

रिश्तेदारों के पास ही ठहर रहे अधिकतर प्रभावित

हादसे के अधिकतर प्रभावित अपने रिश्तेदारों के पास ही पिछले दो दिनों से रुक रहे है. हालांकि जिला प्रशासन ने बुशहर सदन में ठहरने की व्यवस्था की हुई है लेकिन लोग अपनों के पास रुकने को ही प्राथमिकता दे रहें है. घटनास्थल पर आर्मी ने मेडिकल कैंप स्थापित किया है, जहां पर प्रभावितों सहित अन्य लोगों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है. इसके अलावा मरीजों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की जा रही है.

साठ फीट से अधिक मलबा

बादल फटने के कारण आई बाढ़ से खड्ड में 60 फीट से अधिक का मलबा बहा है. धीरे-धीरे पानी नीचे उतर कर पुराने स्वरूप में पहुंच गया है. लेकिन खड्ड के दोनों तरफ मलबे के निशान साफ दिख रहें है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी शुक्रवार को गांव का मुआयना किया और कहा कि वह लोगों की हर संभव मदद करेंगे.

---------------------

Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे

रुद्रप्रयाग। Kedarnath Dham: केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने और भूस्खलन की घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार को लिनचोली में मलबे में दबे दो शव बरामद हुए हैं। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार नै रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के हवाले से बताया कि मृतकों की पहचान नहीं हो पाई और उनकी गुमशुदगी भी दर्ज नहीं है।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर हुई अतिवृष्टि के बाद से डेढ़ सौ से अधिक यात्रियों व कुछ स्थानीय लोगों का तीसरे दिन भी अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि केदारनाथ में संचार सेवा ठप होने से मोबाइल सेवा बंद पड़ी है, वहीं बड़ी संख्या में यात्री जंगलों के रास्ते चौमासी पहुंच रहे हैं, इस रास्ते में भी मोबाइल सेवा नहीं है।

पुलिस का कहना है कि शनिवार तक रेस्क्यू कार्य पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद भी यात्रियों स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि यात्रियों की सही जानकारी मिल सकेगी।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने की घटना

बुधवार रात्रि को केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने की घटना के बाद से पुलिस कंट्रोल रूम में अब तक डेढ़ सौ से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनका अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो रहा है। परिजनों द्वारा कंट्रोल रूम को अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि बुधवार सांय से वह अपने परिजनों से बाचतीत नहीं कर पाए हैं, यह केदारनाथ की यात्रा पर गए थे।पुलिस अधीक्षक के स्टेनो (आशुलिपिक) नरेन्द्र रावत ने बताया कि कंट्रोल रूम में डेढ़ सौ से अधिक शिकायतें फोन पर परिजनों ने दर्ज करवाई हैं, जिसमें बुधवार से अपने परिजनों से संपर्क न होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि अभी भी सात सौ से अधिक यात्रियों का रेस्क्यू किया जाना है, यह सभी यात्री केदारनाथ धाम में ही फंसे हुए हैं।

सभी का रेस्क्यू शनिवार तक पूरा होने की उम्मीद है। केदारनाथ धाम में मोबाइल सेवा नहीं है, जिससे केदारनाथ धाम में फंसे यात्रियों का संपर्क न होने का मुख्य कारण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पूरी तरह रेस्क्यू होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि वास्तवित कितने मिसिंग है या नहीं। हालांकि उनका कहना है कि जिन लोगों ने अपने परिजनों से संपर्क न होने की शिकायत दर्ज कराई थी, उसमें बीस से अधिक लोगों से शुक्रवार को रेस्क्यू के बाद संपर्क हो गया है।वहीं केदारनाथ में फंसे यात्री चौमासी होते हुए गुप्तकाशी पहुंच रहे हैं। चौमासी के प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि अब तक दौ सो से अधिक यात्री केदारनाथ से चौमासी होते हुए सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

भारतीय रेल ने दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड मंडल के परभणी–मुदखेड़ रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन के लिए 163 करोड़ रूपए की परियोजना को स्‍वीकृति प्रदान की

भारतीय रेल ने दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड मंडल के परभणी–मुदखेड़ रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन के लिए 163 करोड़ रूपए की परियोजना को स्‍वीकृति प्रदान की

भारत की पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी नेपाल पहुंची, सीमा पार व्यापार और संपर्क के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरूआत

भारत की पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी नेपाल पहुंची, सीमा पार व्यापार और संपर्क के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरूआत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यकाल के चार साल पूरे होने पर राष्ट्रपति भवन में पांच स्मृति पुस्तकें जारी की गईं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यकाल के चार साल पूरे होने पर राष्ट्रपति भवन में पांच स्मृति पुस्तकें जारी की गईं

एनएफआईईएस के लिए निधि

एनएफआईईएस के लिए निधि

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने असम के सांसदों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने असम के सांसदों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने लेह में योग कल्याण प्रशिक्षक प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया

राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने लेह में योग कल्याण प्रशिक्षक प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने प्रकृति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया

IB अफसर हत्या केस: कोर्ट से दोषियों के लिए फांसी की मांग

IB अफसर हत्या केस: कोर्ट से दोषियों के लिए फांसी की मांग

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss