Friday, June 19, 2026
BREAKING
योग संगम पोर्टल IDY 2026 का डिजिटल मेरुदंड बनकर उभरा: 1.7 लाख से अधिक आयोजक पंजीकृत नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का समापन: ग्लोबल डीप-टेक और इनोवेशन हब के तौर पर भारत की स्थिति मजबूत हुई मास्टरक्लास, ओपन फ़ोरम और कार्यशालाएँ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) 2026 के तीसरे दिन की मुख्य आकर्षण रहीं भारतीय रेलवे ने गुजरात में कच्छ क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ाने और रेल संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से 493 करोड़ रुपये की लागत वाली आदिपुर-भुज दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी भारतीय रेल ने पूर्वी रेलवे पर सुरक्षा, विश्वसनीयता बढ़ाने और त्रुटियों का तेजी से पता लगाने के लिए 405 करोड़ रुपये की सिग्नल आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दी माल परिवहन को बडा बढ़ावा देते हुए भारतीय रेलवे ने पनवेल जंक्शन को भीड़भाड से मुक्‍त करने के लिए महाराष्ट्र में 172 करोड़ रुपये की सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन परियोजना को मंजूरी दी भारतीय रेलवे ने शहरी आवागमन और रेल-सड़क संपर्क में सुधार के लिए इंदौर यार्ड में शास्त्रीय आरओबी के पुनर्निर्माण को 139 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 'नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026', नशा मुक्ति मित्र के लिए व्यक्तिगत डैशबोर्ड और नशा मुक्त भारत अभियान लघु फिल्म लॉन्च की केद्र सरकार महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और सशक्त इकोसिस्‍टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध Horoscope Today: दैनिक राशिफल 19 जून 2026

चंडीगढ़

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

August 02, 2024 08:22 AM

सिटी दर्पण

नई दिल्ली, 01 अगस्तः

सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की पीठ ने गुरुवार को एक अहम फ़ैसला सुनाया है.

पीठ के छह जजों के कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में सब-कैटेगरी को भी आरक्षण दिया जा सकता है.

सिर्फ़ जज जस्टिस बेला त्रिवेदी इस राय से असहमत थीं.

इस फ़ैसले के बाद राज्य अनुसूचित जाति और जनजातियों के आरक्षण में आंकड़ों के आधार पर सब-क्लासिफिकेशन यानी वर्गीकरण कर सकते हैं.

इसका मतलब ये है कि अगर किसी राज्य में 15% आरक्षण अनुसूचित जातियों के लिए है तो उस 15% के अंतर्गत वो कुछ अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण तय कर सकते हैं.

कोर्ट ने कहा कि सारी अनुसूचित जातियां और जनजातियां एक समान वर्ग नहीं हैं. कुछ दूसरों से ज़्यादा पिछड़ी हो सकती हैं. इसलिए उनके उत्थान के लिए राज्य सरकार सब-क्लासिफिकेशन कर के अलग से आरक्षण रख सकती है.

सात जजों ने छह अलग-अलग राय लिखी. विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण के हिस्से में ये एक बहुत बड़ा फ़ैसला है जिसके कई राजनीतिक प्रभाव दिखेंगे.

1975 में पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति की नौकरी और कॉलेज के आरक्षण में 25% वाल्मीकि और मज़हबी सिख जातियों के लिए निर्धारित किया था. इसे हाई कोर्ट ने 2006 में ख़ारिज कर दिया.

ख़ारिज करने का आधार 2004 का एक सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला था, जिसमें कहा गया था कि अनुसूचित जाति की सब-कैटेगरी नहीं बनाई जी सकती.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्यों के पास ये करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि अनुसूचित जाति की सूची राष्ट्रपति की ओर से बनाई जाती है.

पढ़ाई और नौकरी दोनों पर लागू

 

आंध्र प्रदेश ने भी पंजाब जैसा एक कानून बनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया.

इस कारण, पंजाब सरकार ने एक नया क़ानून बनाया, जिसमें यह कहा गया कि अनुसूचित जाति के आरक्षण के आधे हिस्से में इन दो जातियों को प्राथमिकता दी जाएगी. ये क़ानून भी हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया.

यह मामला सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की पीठ के पास पहुंचा.

एक अगस्त के फ़ैसले ने 2004 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलट दिया.

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने और जस्टिस मनोज मिश्रा के फ़ैसले में कहा कि अनुसूचित जाति एक समान वर्ग नहीं है.

उन्होंने लिखा कि कुछ जातियां, जैसे जो सीवर की सफ़ाई करते हैं, वो बाक़ियों से ज़्यादा पिछड़ी रहती हैं, जैसे जो बुनकर का काम करते हैं जबकि दोनों ही अनुसूचित जाति में आते हैं और छुआ-छूत से जूझती हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि सब-क्लासिफिकेशन का निर्णय आंकड़ों के आधार पर होगा ना कि राजनीतिक लाभ के लिए. सरकारों को ये दिखाना होगा कि क्या पिछड़ेपन के कारण किसी जाति का सरकार के कार्य में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है. सब-क्लासिफिकेशन पर जुडिशियल रिव्यू भी लगाया जा सकता है.

कोर्ट का फ़ैसला नौकरी और पढ़ाई पर लागू होगी.

क्या होगा असर?

चार और जजों ने चीफ जस्टिस की राय से सहमति जतायी. पर अपने-अपने फ़ैसले लिखे.

जस्टिस बी आर गवई ने कहा कि सरकार ये नहीं कर सकती कि किसी एक जनजाति को पूरा आरक्षण दे दे.

पंजाब सरकार ने कोर्ट के सामने ये तर्क रखा कि अनुसूचित जाति में सभी जातियां समान नहीं है. केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सब-क्लासिफिकेशन की अनुमति मिलनी चाहिए.

फ़िलहाल, अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण में सब-क्लासिफिकेशन होता है. अब ऐसा ही सब-क्लासिफिकेशन अनुसूचित जाति और जनजाति में भी देखा जा सकता है.

हालांकि, इसके लिए राज्यों को पर्याप्त आंकड़ा पेश करना होगा.

ऐसा कई बार हुआ है कि कोर्ट ने सरकार के ठीक से आंकड़ा इकट्ठा नहीं करने की बात कहते हुए आरक्षण को ख़ारिज कर दिया है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे दलित वोट पर भी असर पड़ेगा.

जादवपुर यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर और पॉलिटिकल साइंटिस्ट सुभाजीत नस्कर का कहना है, “सब-क्लासीफिकेशन मतलब एससी-एसटी वोट बँट जाएं. ऐसे एक समुदाय के अंदर राजनीतिक बँटवारा पैदा होगा. बीजेपी ने भी कोर्ट में सब-क्लासिफिकेशन का समर्थन किया है. हो सकता है कि इनसे उनको सियासी फ़ायदा मिले. राज्य स्तर की राजनीतिक पार्टियां भी अपने फ़ायदे के मुताबिक़ सब-क्लासिफिकेशन लाएंगी.”

हालांकि, उन्होंने इस फ़ैसले से असहमति जताई और कहा, “अनुसूचित जाति का आरक्षण छुआछूत के आधार पर दिया जाता है. इसका सब-क्लासिफिकेशन नहीं कर सकते. इस फ़ैसले का आने वाले दिनों में ज़ोर-शोर से विरोध होगा.”

क्रीमी लेयर

वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी एक्स पर इस फ़ैसले का विरोध किया. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला समानता के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ जाता है. उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पिछड़ापन का निर्णय किस आधार पर किया जाएगा.

कोर्ट के चार जजों ने अनुसूचित जाति और जनजाति में क्रीमी लेयर पर भी अपने विचार रखे.

क्रीमी लेयर का मतलब ये है कि वो वर्ग वित्त और सामाजिक रूप से विकसित हैं और वो आरक्षण का उपयोग नहीं कर सकते.

जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्ग आरक्षण जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति में भी क्रीमी लेयर आना चाहिए. पर उन्होंने ये नहीं कहा कि क्रीमी लेयर कैसे निर्धारित किया जाएगा.

इस पर दो और जजों ने सहमति जताई. वहीं जस्टिस पंकज मिथल ने कहा कि अगर एक पीढ़ी आरक्षण लेकर समाज में आगे बढ़ गई है, तो आगे वाली पीढ़ियों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए.

हालांकि, ये बस जजों की टिप्पणी थी और भविष्य के मुक़दमों पर बाध्य नहीं होगा.

क्रीमी लेयर का सवाल कोर्ट के सामने नहीं था.

फ़िलहाल अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर क्रीमी लेयर लागू है और अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए नौकरी में वृद्धि में भी क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू है.

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

मास्टरक्लास, ओपन फ़ोरम और कार्यशालाएँ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) 2026 के तीसरे दिन की मुख्य आकर्षण रहीं

मास्टरक्लास, ओपन फ़ोरम और कार्यशालाएँ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF) 2026 के तीसरे दिन की मुख्य आकर्षण रहीं

भारतीय रेलवे ने गुजरात में कच्छ क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ाने और रेल संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से 493 करोड़ रुपये की लागत वाली आदिपुर-भुज दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेलवे ने गुजरात में कच्छ क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ाने और रेल संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से 493 करोड़ रुपये की लागत वाली आदिपुर-भुज दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेल ने पूर्वी रेलवे पर सुरक्षा, विश्वसनीयता बढ़ाने और त्रुटियों का तेजी से पता लगाने के लिए 405 करोड़ रुपये की सिग्नल आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेल ने पूर्वी रेलवे पर सुरक्षा, विश्वसनीयता बढ़ाने और त्रुटियों का तेजी से पता लगाने के लिए 405 करोड़ रुपये की सिग्नल आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दी

माल परिवहन को बडा बढ़ावा देते हुए भारतीय रेलवे ने पनवेल जंक्शन को  भीड़भाड से मुक्‍त करने के लिए महाराष्ट्र में 172 करोड़ रुपये की सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन परियोजना को मंजूरी दी

माल परिवहन को बडा बढ़ावा देते हुए भारतीय रेलवे ने पनवेल जंक्शन को भीड़भाड से मुक्‍त करने के लिए महाराष्ट्र में 172 करोड़ रुपये की सोमताने-चिखली कॉर्ड लाइन परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेलवे ने शहरी आवागमन और रेल-सड़क संपर्क में सुधार के लिए इंदौर यार्ड में शास्त्रीय आरओबी के पुनर्निर्माण को 139 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेलवे ने शहरी आवागमन और रेल-सड़क संपर्क में सुधार के लिए इंदौर यार्ड में शास्त्रीय आरओबी के पुनर्निर्माण को 139 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेल ने प्रमुख कोयला गलियारे की क्षमता बढ़ाने के लिए 755 करोड़ रुपये की चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी

भारतीय रेल ने प्रमुख कोयला गलियारे की क्षमता बढ़ाने के लिए 755 करोड़ रुपये की चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी

मुंबई में सिनेमा की उत्कृष्टता और सांस्कृतिक विविधता के जश्न के साथ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) 2026 की शुरुआत हुई

मुंबई में सिनेमा की उत्कृष्टता और सांस्कृतिक विविधता के जश्न के साथ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) 2026 की शुरुआत हुई

भारत को विश्व की रचनात्मक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के आह्वान के साथ हुआ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का उद्घाटन

भारत को विश्व की रचनात्मक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के आह्वान के साथ हुआ 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026 का उद्घाटन

ब्राजील में हुए घातक हेलीकॉप्टर हादसे में अमेरिकी गायक ओलिवर ट्री का नाम यात्री सूची में शामिल होने की खबर

ब्राजील में हुए घातक हेलीकॉप्टर हादसे में अमेरिकी गायक ओलिवर ट्री का नाम यात्री सूची में शामिल होने की खबर

प्रधानमंत्री ने 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम में भाग लिया

प्रधानमंत्री ने 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम में भाग लिया

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss