Wednesday, September 23, 2026
BREAKING
बंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया खतरा, कोलकाता-दक्षिण बंगाल पर भारी बारिश और तूफान की आफत Latest News from Punjab September 2026 Latest News from Haryana September 2026 उपराष्ट्रपति ने चाय उद्योग को आधुनिक बनाने, अनुसंधान को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों के लिए भारतीय चाय ब्रांड बनाने का आह्वान किया भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी औषध संहिता आयोग के तहत सोवा-रिग्पा कार्य समूह की पहली बैठक आयोजित रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों की खरीद के लिए 586 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भारत की 7वीं राष्ट्रीय फ़ार्मुलेरी 2026 का शुभारंभ किया, देश में रोगी सुरक्षा प्रणाली दायरा बढ़ाने के लिए जैव सतर्कता कार्यक्रम रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी इंतजार की घड़ी बीत गई: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित करने के लिए तैयार Horoscope Today: दैनिक राशिफल 22 सितंबर, 2026

चंडीगढ़

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

August 02, 2024 08:22 AM

सिटी दर्पण

नई दिल्ली, 01 अगस्तः

सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की पीठ ने गुरुवार को एक अहम फ़ैसला सुनाया है.

पीठ के छह जजों के कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में सब-कैटेगरी को भी आरक्षण दिया जा सकता है.

सिर्फ़ जज जस्टिस बेला त्रिवेदी इस राय से असहमत थीं.

इस फ़ैसले के बाद राज्य अनुसूचित जाति और जनजातियों के आरक्षण में आंकड़ों के आधार पर सब-क्लासिफिकेशन यानी वर्गीकरण कर सकते हैं.

इसका मतलब ये है कि अगर किसी राज्य में 15% आरक्षण अनुसूचित जातियों के लिए है तो उस 15% के अंतर्गत वो कुछ अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण तय कर सकते हैं.

कोर्ट ने कहा कि सारी अनुसूचित जातियां और जनजातियां एक समान वर्ग नहीं हैं. कुछ दूसरों से ज़्यादा पिछड़ी हो सकती हैं. इसलिए उनके उत्थान के लिए राज्य सरकार सब-क्लासिफिकेशन कर के अलग से आरक्षण रख सकती है.

सात जजों ने छह अलग-अलग राय लिखी. विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण के हिस्से में ये एक बहुत बड़ा फ़ैसला है जिसके कई राजनीतिक प्रभाव दिखेंगे.

1975 में पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति की नौकरी और कॉलेज के आरक्षण में 25% वाल्मीकि और मज़हबी सिख जातियों के लिए निर्धारित किया था. इसे हाई कोर्ट ने 2006 में ख़ारिज कर दिया.

ख़ारिज करने का आधार 2004 का एक सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला था, जिसमें कहा गया था कि अनुसूचित जाति की सब-कैटेगरी नहीं बनाई जी सकती.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्यों के पास ये करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि अनुसूचित जाति की सूची राष्ट्रपति की ओर से बनाई जाती है.

पढ़ाई और नौकरी दोनों पर लागू

 

आंध्र प्रदेश ने भी पंजाब जैसा एक कानून बनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया.

इस कारण, पंजाब सरकार ने एक नया क़ानून बनाया, जिसमें यह कहा गया कि अनुसूचित जाति के आरक्षण के आधे हिस्से में इन दो जातियों को प्राथमिकता दी जाएगी. ये क़ानून भी हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया.

यह मामला सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की पीठ के पास पहुंचा.

एक अगस्त के फ़ैसले ने 2004 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलट दिया.

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने और जस्टिस मनोज मिश्रा के फ़ैसले में कहा कि अनुसूचित जाति एक समान वर्ग नहीं है.

उन्होंने लिखा कि कुछ जातियां, जैसे जो सीवर की सफ़ाई करते हैं, वो बाक़ियों से ज़्यादा पिछड़ी रहती हैं, जैसे जो बुनकर का काम करते हैं जबकि दोनों ही अनुसूचित जाति में आते हैं और छुआ-छूत से जूझती हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि सब-क्लासिफिकेशन का निर्णय आंकड़ों के आधार पर होगा ना कि राजनीतिक लाभ के लिए. सरकारों को ये दिखाना होगा कि क्या पिछड़ेपन के कारण किसी जाति का सरकार के कार्य में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है. सब-क्लासिफिकेशन पर जुडिशियल रिव्यू भी लगाया जा सकता है.

कोर्ट का फ़ैसला नौकरी और पढ़ाई पर लागू होगी.

क्या होगा असर?

चार और जजों ने चीफ जस्टिस की राय से सहमति जतायी. पर अपने-अपने फ़ैसले लिखे.

जस्टिस बी आर गवई ने कहा कि सरकार ये नहीं कर सकती कि किसी एक जनजाति को पूरा आरक्षण दे दे.

पंजाब सरकार ने कोर्ट के सामने ये तर्क रखा कि अनुसूचित जाति में सभी जातियां समान नहीं है. केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सब-क्लासिफिकेशन की अनुमति मिलनी चाहिए.

फ़िलहाल, अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण में सब-क्लासिफिकेशन होता है. अब ऐसा ही सब-क्लासिफिकेशन अनुसूचित जाति और जनजाति में भी देखा जा सकता है.

हालांकि, इसके लिए राज्यों को पर्याप्त आंकड़ा पेश करना होगा.

ऐसा कई बार हुआ है कि कोर्ट ने सरकार के ठीक से आंकड़ा इकट्ठा नहीं करने की बात कहते हुए आरक्षण को ख़ारिज कर दिया है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे दलित वोट पर भी असर पड़ेगा.

जादवपुर यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर और पॉलिटिकल साइंटिस्ट सुभाजीत नस्कर का कहना है, “सब-क्लासीफिकेशन मतलब एससी-एसटी वोट बँट जाएं. ऐसे एक समुदाय के अंदर राजनीतिक बँटवारा पैदा होगा. बीजेपी ने भी कोर्ट में सब-क्लासिफिकेशन का समर्थन किया है. हो सकता है कि इनसे उनको सियासी फ़ायदा मिले. राज्य स्तर की राजनीतिक पार्टियां भी अपने फ़ायदे के मुताबिक़ सब-क्लासिफिकेशन लाएंगी.”

हालांकि, उन्होंने इस फ़ैसले से असहमति जताई और कहा, “अनुसूचित जाति का आरक्षण छुआछूत के आधार पर दिया जाता है. इसका सब-क्लासिफिकेशन नहीं कर सकते. इस फ़ैसले का आने वाले दिनों में ज़ोर-शोर से विरोध होगा.”

क्रीमी लेयर

वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी एक्स पर इस फ़ैसले का विरोध किया. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला समानता के मौलिक अधिकार के ख़िलाफ़ जाता है. उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पिछड़ापन का निर्णय किस आधार पर किया जाएगा.

कोर्ट के चार जजों ने अनुसूचित जाति और जनजाति में क्रीमी लेयर पर भी अपने विचार रखे.

क्रीमी लेयर का मतलब ये है कि वो वर्ग वित्त और सामाजिक रूप से विकसित हैं और वो आरक्षण का उपयोग नहीं कर सकते.

जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्ग आरक्षण जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति में भी क्रीमी लेयर आना चाहिए. पर उन्होंने ये नहीं कहा कि क्रीमी लेयर कैसे निर्धारित किया जाएगा.

इस पर दो और जजों ने सहमति जताई. वहीं जस्टिस पंकज मिथल ने कहा कि अगर एक पीढ़ी आरक्षण लेकर समाज में आगे बढ़ गई है, तो आगे वाली पीढ़ियों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए.

हालांकि, ये बस जजों की टिप्पणी थी और भविष्य के मुक़दमों पर बाध्य नहीं होगा.

क्रीमी लेयर का सवाल कोर्ट के सामने नहीं था.

फ़िलहाल अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर क्रीमी लेयर लागू है और अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए नौकरी में वृद्धि में भी क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू है.

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ समाचार

उपराष्ट्रपति ने चाय उद्योग को आधुनिक बनाने, अनुसंधान को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों के लिए भारतीय चाय ब्रांड बनाने का आह्वान किया

उपराष्ट्रपति ने चाय उद्योग को आधुनिक बनाने, अनुसंधान को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों के लिए भारतीय चाय ब्रांड बनाने का आह्वान किया

रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों की खरीद के लिए 586 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों की खरीद के लिए 586 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी

रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी

इंतजार की घड़ी बीत गई: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित करने के लिए तैयार

इंतजार की घड़ी बीत गई: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित करने के लिए तैयार

भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं

भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 22 सितंबर को नई दिल्ली में 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 का उद्घाटन करेंगे

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 22 सितंबर को नई दिल्ली में 9वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 का उद्घाटन करेंगे

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का पहली बार मेरठ के आसमान में हवाई करतब प्रदर्शन

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का पहली बार मेरठ के आसमान में हवाई करतब प्रदर्शन

न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय 21 सितंबर को गोवा में दिशा 2.0 योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा

न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय 21 सितंबर को गोवा में दिशा 2.0 योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं को 51,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र सौंपे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं को 51,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र सौंपे

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कर्नाटक के हुबली में JGMM मेडिकल कॉलेज और KLE हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के कैंपस का दौरा किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज कर्नाटक के हुबली में JGMM मेडिकल कॉलेज और KLE हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के कैंपस का दौरा किया

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss