भारत में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 1951 में 1.98 करोड़ थी, जो 2001 में 7.07 करोड़ और 2011 में 10.0 करोड़ तक पहुँच गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग 17.3 करोड़ तक पहुँच जाएंगे। जीवन प्रत्याशा में लगातार वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार ने बुजुर्गों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। हालांकि, केवल लंबी उम्र ही पर्याप्त नहीं है। यह जरूरी है कि वृद्धावस्था में जीवन सुरक्षित, गरिमापूर्ण और उत्पादक हो।
परंपरागत भारतीय समाज में बुजुर्गों का सम्मान करना और उनकी देखभाल करना मूल्य के रूप में स्थापित है। लेकिन आधुनिक समाज में संयुक्त परिवार धीरे-धीरे विघटित हो रहा है। परिणामस्वरूप कई वरिष्ठ नागरिक भावनात्मक, वित्तीय और शारीरिक रूप से उपेक्षित हो रहे हैं। इस संदर्भ में अटल वायु अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) एक क्रांतिकारी कदम के रूप में सामने आई है, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
एवीवाईएवाई का प्रमुख लक्ष्य वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और मनोरंजन जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना है। साथ ही यह योजना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय निकायों की सहायता से वृद्धावस्था में सक्रिय और उत्पादक जीवन को बढ़ावा देती है।
योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
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वित्तीय सुरक्षा: वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन, अनुदान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना।
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स्वास्थ्य देखभाल और पोषण: नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सुविधाएँ और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना।
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आश्रय और कल्याण: आश्रय गृह, वरिष्ठ नागरिक केंद्र और मनोरंजन के अवसर प्रदान करना।
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जीवन और संपत्ति की सुरक्षा: बुजुर्गों को धोखाधड़ी और शोषण से सुरक्षित रखना।
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सक्रिय और उत्पादक वृद्धावस्था: कौशल विकास और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से बुजुर्गों को सशक्त बनाना।
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परिवहन और आयु अनुकूल वातावरण: बुजुर्गों के लिए आसान परिवहन और सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता।
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जागरूकता और क्षमता निर्माण: वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और योजनाओं के बारे में जानकारी फैलाना।
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रजत अर्थव्यवस्था का संवर्धन: वरिष्ठ नागरिकों के लिए उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना।
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अनुसंधान और अध्ययन: बुजुर्गों की आवश्यकताओं और समस्याओं पर अनुसंधान करना।
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परियोजना प्रबंधन: योजना के सफल और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना।
योजना का कार्यान्वयन
एवीवाईएवाई के अंतर्गत, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों, स्थानीय निकायों और योग्य एनजीओ/स्वैच्छिक संगठनों को विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करने में सहायता दी जाती है।
मुख्य गतिविधियाँ इस प्रकार हैं:
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आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य देखभाल: विशेष रूप से निराश्रित बुजुर्गों के लिए।
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अंतर-पीढ़ीगत कार्यक्रम: बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संबंधों को मजबूत करना।
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सक्रिय और उत्पादक वृद्धावस्था: कौशल विकास, सामाजिक सहभागिता और रोजगार के अवसर प्रदान करना।
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संस्थागत और गैर-संस्थागत देखभाल: वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष केंद्र और सेवाएँ।
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जागरूकता और अनुसंधान: वृद्धावस्था से जुड़ी चुनौतियों पर अध्ययन और वकालत।
योजना के प्रमुख घटक
1. वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSRC):
गरीब वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और मनोरंजन जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। इसका उद्देश्य बुजुर्ग गृहों (SRC) के माध्यम से सक्रिय और उत्पादक जीवन को बढ़ावा देना है।
2. वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्योजना (SAPSRC):
यह योजना राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अपने स्थानीय विचारों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए रणनीति बनाने और वार्षिक कार्य योजनाओं के साथ दीर्घकालिक योजना तैयार करने में सक्षम बनाती है।
3. राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY):
इस केंद्रीय योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को सहायक-जीवित उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जो उनके शारीरिक कार्यों को सामान्य स्थिति के करीब लाने में मदद करते हैं। सभी उपकरण उच्च गुणवत्ता वाले और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुरूप होते हैं।
4. उत्पादक जुड़ाव के लिए वरिष्ठ नागरिक अवसर (SCOPE):
कई वरिष्ठ नागरिकों के पास अनुभव और समय होता है। यह पोर्टल व्यावसायिक उद्यमों के साथ उन्हें जोड़ता है, जहां अनुभवी बुजुर्गों की आवश्यकता होती है।
5. सीनियरकेयर एजिंग्रोथ इंजन (SAGE):
SAGE के माध्यम से बुजुर्गों के लिए उत्पाद और सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाता है। यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत बुजुर्गों को उनकी जरूरतों के अनुसार सेवाओं और उत्पादों तक पहुँचाने का काम करता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजना का लाभ
एवीवाईएवाई बुजुर्गों के जीवन में नए अवसर और सुरक्षा प्रदान करता है। इसके माध्यम से:
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बुजुर्ग स्वस्थ और सक्रिय रहते हैं।
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वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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उनके जीवन की गरिमा और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
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समाज में उनके अनुभव और कौशल का सही उपयोग होता है।
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बुजुर्गों को सामाजिक गतिविधियों और रोजगार में भागीदारी का मौका मिलता है।
भविष्य की दिशा
अटल वायु अभ्युदय योजना बुजुर्गों की जीवनशैली को सकारात्मक रूप से बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना सिर्फ वृद्धावस्था में सुरक्षा प्रदान नहीं करती, बल्कि उन्हें सशक्त, सक्रिय और उत्पादक बनाकर समाज में उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण बनाती है।
जैसे-जैसे भारत की वरिष्ठ नागरिक आबादी बढ़ेगी, यह योजना उनकी आवश्यकता के अनुसार विकसित होती रहेगी। सरकारी प्रयासों के साथ, स्थानीय समाज और एनजीओ की भागीदारी बुजुर्गों के जीवन में बदलाव लाने की कुंजी बनेगी।
अंततः, एवीवाईएवाई न केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई सोच और संवेदनशीलता का प्रतीक है।