बांग्लादेश की नई राजनीतिक परिस्थिति के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडल ने खासा ध्यान आकर्षित किया है। हालिया घटनाक्रम में अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व देते हुए एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को मंत्री बनाए जाने का फैसला क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इस कदम को देश की नई सरकार की समावेशी छवि प्रस्तुत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता की चर्चाएं जारी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में गठित मंत्रिमंडल में कुल मिलाकर दर्जनों मंत्री और राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत हिंदू समुदाय से जुड़े वरिष्ठ नेता निताई रॉय चौधरी और बौद्ध समुदाय के प्रतिनिधि दीपेन दीवान चकमा को भी जगह दी गई। इन दोनों नेताओं को शामिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बांग्लादेश मुस्लिम बहुल देश है और वहां अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व अक्सर राजनीतिक विमर्श का विषय रहा है।
सरकारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, निताई रॉय चौधरी को सांस्कृतिक मामलों से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि दीपेन दीवान को चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स मामलों का प्रभार दिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय विविधता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ उन समुदायों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने का प्रयास भी है, जिनकी भागीदारी को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है।
नई सरकार का गठन हालिया संसदीय चुनावों के बाद हुआ, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला। पार्टी ने संसद की अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की, जिसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही नई सरकार ने प्रशासनिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, अल्पसंख्यक नेताओं को कैबिनेट में शामिल करना केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं बल्कि सामाजिक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की रणनीति भी हो सकती है। यह देखना अभी बाकी है कि आने वाले समय में इन नियुक्तियों का वास्तविक नीति-निर्माण और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर कितना प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, यह निर्णय क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और बांग्लादेश की नई सत्ता संरचना को लेकर नई बहसें शुरू कर चुका है।