मिसाइल हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से टेलीफोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात पर चर्चा की। इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और भारतीय समुदाय की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह की हिंसा और अस्थिरता का समर्थन नहीं करता और संवाद व कूटनीति के जरिए समाधान का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में संयम और जिम्मेदार रवैया बेहद जरूरी है, ताकि व्यापक संघर्ष की स्थिति न बने। भारत ने एक बार फिर यह दोहराया कि वह क्षेत्र में शांति और स्थायित्व बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन करता है।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की। भारत और United Arab Emirates के बीच रणनीतिक साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुई है। व्यापार, ऊर्जा, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध लगातार गहरे हुए हैं। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है, दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कामकाज और व्यवसाय से जुड़े हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर उन पर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यूएई नेतृत्व ने आश्वासन दिया है कि वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
भारत ने मिसाइल हमलों के संदर्भ में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई जा रही है। भारत ने संतुलित और जिम्मेदार कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाते हुए शांति, स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।