उत्तर भारत में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। मई के अंतिम दिनों और जून की शुरुआत में हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली ने पिछले तीन वर्षों में जून महीने की सबसे ठंडी शुरुआत दर्ज की है।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हुई वर्षा और बादलों की आवाजाही के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया। तेज हवाओं और बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी और लू से राहत दिलाई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण उत्तर भारत में यह बदलाव देखने को मिला है।
हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों की तैयारी को बल मिला है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। IMD का कहना है कि बारिश के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, जिससे लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जून के शुरुआती सप्ताह में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। हालांकि मानसून की प्रगति और आगामी मौसमी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि बारिश का यह दौर जारी रहता है तो उत्तर भारत के कई राज्यों में जल संकट और अत्यधिक गर्मी की स्थिति में भी कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें। फिलहाल उत्तर भारत में बारिश ने गर्मी के तेवरों को काफी हद तक शांत कर दिया है और जून की शुरुआत को राहतभरा बना दिया है।