प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में भारतीय एथलेटिक्स के उभरते सितारों गुरिंदरवीर सिंह और कुजूर की उल्लेखनीय उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों धावकों के समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी मजबूत करता है। गुरिंदरवीर सिंह और कुजूर जैसे खिलाड़ी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि हाल के वर्षों में भारत में खेलों के प्रति जागरूकता और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा खेल अवसंरचना को मजबूत करने, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अवसर देने के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है।
उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर और मजबूत मानसिकता किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं। खेल व्यक्ति में अनुशासन, धैर्य और टीम भावना विकसित करते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित होते हैं।
गुरिंदरवीर सिंह और कुजूर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह साबित किया है कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
"मन की बात" कार्यक्रम में खेलों के अलावा सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर सराहे जाने से युवा प्रतिभाओं का मनोबल बढ़ता है और खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलता है। इससे देश में खेलों के प्रति रुचि और सहभागिता को नई ऊर्जा मिल सकती है।