देशभर में कुल 52,10,302 किशोरियों को 15 जुलाई 2026 तक एचपीवी टीका लगाया जा चुका है
देश के सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए एचपीवी टीकाकरण पर व्यापक प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है
केंद्रीय सरकार ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खिलाफ बहु-आयामी रणनीति लागू की है, जिसमें एचपीवी टीकाकरण, स्क्रीनिंग, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शीघ्र निदान और डे-केयर कैंसर केंद्रों के माध्यम से उपचार शामिल हैं
देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान 28 फरवरी 2026 को लगभग 1.2 करोड़ आयु-समूह (14 वर्ष की आयु) की पात्र किशोरियों के लिए सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू किया गया था।
15 जुलाई 2026 तक, देशभर में कुल 52,10,302 किशोरियों को एचपीवी टीका मिल चुका है। एचपीवी टीका नामांकित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर — प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-जिला अस्पताल/जिला अस्पताल (SDH/DH) और सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) शामिल हैं।
देश के सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए एचपीवी टीकाकरण पर व्यापक प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। एचपीवी टीकाकरण अभियान का कवरेज डेटा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के डिजिटल टीकाकरण प्लेटफ़ॉर्म U-WIN पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
जागरूकता फैलाने के लिए रेडियो जिंगल, पोस्टर, बैनर, मिथक तोड़ने वाली डिजिटल सामग्री और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे IEC सामग्री का उपयोग कर वैक्सीन हेजिटेंसी को दूर करने और विशेषकर ग्रामीण, आदिवासी व शहरी झुग्गी-बसियों में रहने वाली लड़कियों के बीच टीका-स्वीकार्यता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत सरकार ने गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खिलाफ समग्र रोकथाम रणनीतियाँ लागू की हैं, जिनमें एचपीवी टीकाकरण, स्क्रीनिंग, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शीघ्र निदान और डे-केयर कैंसर केंद्रों के माध्यम से उपचार शामिल हैं।
यह जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी है।
***