सम्मेलन के दौरान ‘प्रहार’ रणनीति के सात स्तंभों पर चर्चा, जिनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का इंटीग्रेशन, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल और Whole-of-Society अप्रोच के साथ रिकवरी व लचीलापन शामिल
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों औरअभिव्यक्तियों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है
आतंकी घटनाओं का विश्लेषण कर अगले 10 वर्षों के लिए एक मज़बूत और ठोस PRAHAAR तंत्र स्थापित कर 'प्रहार' रणनीति को और मज़बूत बनाने के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता
'प्रहार' रणनीति को थाना स्तर तक पहुँचाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री का 'प्रहार' के हर बिंदु के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने पर ज़ोर
प्रहार फ्रेमवर्क के हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने की ज़रूरत
'प्रहार'को result-orientedबनाने के लिए कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी न हो इसलिए सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो
केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया, जिससे विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों में समन्वय बेहतर होगा और इनमें और तेज़ी आएगी
मोदी सरकार वर्ष 2019 से 2026 में 36 देशों से 288 भगौड़े अपराधियों को सफलतापूर्व देश में वापस लेकर आई
एजेंसियों के बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तशहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मोड्यूल बस्ट किएऔर 15 राज्यों में 100 से अधिक FIR दर्ज कर 350 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया
साथ ही, मोदी सरकार ने UAPA के तहत शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी घोषित किया
राज्य पुलिस बल, विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने वाली विशेष टीम का गठन करें
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में ‘प्रहार - CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में ‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा की गई, जिनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं को एकजुट करना, मानवाधिकार, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल बिठाना और whole-of-society अप्रोच के साथ रिकवरी व लचीलापन (resilience) लाना शामिल है। सम्मेलन में केन्द्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) /केन्द्रीय पुलिस संगठनों (CPOs)के प्रमुख, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवादरोधी दस्तों (ATS)के प्रमुख शामिल हुए। इसके अलावा, अन्य राज्यों के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियोंने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में भाग लिया।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। उन्होंने आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण कर अगले 10 वर्षों के लिए एक मज़बूत और ठोस 'प्रहार' (PRAHAAR) तंत्र स्थापित कर'प्रहार' रणनीति को मज़बूत और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। 'प्रहार' रणनीति को थाना स्तर तक पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने 'प्रहार' पहल के हर बिंदु के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने पर ज़ोर दिया। आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का ज़िक्र करते हुए श्री शाह ने प्रहार फ्रेमवर्क के हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने पर ज़ोर दिया। 'प्रहार' के प्रत्येक स्तंभ के प्रति परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय का आह्वान किया। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा मोदी सरकार वर्ष 2019 से 2026 में 36 देशों से 288 भगौड़े अपराधियों को सफलतापूर्व देश में वापस लेकर आई । एजेंसियों के बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तशहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मोड्यूल बस्ट किएऔर 15 राज्यों में 100 से अधिक FIR दर्ज कर 350 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया । साथ ही, मोदी सरकार ने UAPA के तहत शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी घोषित किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया, जिससे विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों में समन्वय बेहतर होगा और इनमें और तेज़ी आएगी। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से कहा कि वे विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने वाली विशेष टीम का गठन करें।

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