भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में आगामी 7 दिनों तक मौसम में अस्थिरता का संकेत देते हुए तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय होने की चेतावनी जारी की है। इन सिस्टमों के प्रभाव से कोहरा, बारिश, आंधी-तूफ़ान और शीतलहर के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना रहेगा।
सबसे पहले, पहला और दूसरा पश्चिमी विक्षोभ पहले ही सक्रिय हो चुके हैं जिससे 1 से 3 फरवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और पश्चिमी राजस्थान में घना कोहरा और हल्की-मध्यम बारिश/ठंडी हवाओं का प्रकोप देखा गया। अगले कुछ दिन इसी तरह मौसम में कोहरा सुबह-शाम और तेज हवाओं के साथ शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी।
मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार तीसरा पश्चिमी विक्षोभ 5 से 7 फरवरी तक सक्रिय रहेगा, जो बारिश और आंधी-तूफ़ान के साथ मौसम को और अधिक उथल-पुथल करेगा। इससे दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों में बादल, हल्की बारिश और अचानक तेज हवाओं का खतरा बढ़ जाएगा।
इस अस्थिर मौसम के मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
🔹 कोहरा: पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में सुबह-रात को घना कोहरा लगातार बना रहेगा, जिससे दृश्यता कम होगी और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होगा।
🔹 आंधी-तूफ़ान: 3 से 5 फरवरी के बीच मैदानी इलाकों में तेज़ हवाओं और आंधी-तूफ़ान के चेतावनी संकेत हैं, खासकर बारिश के दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है।
🔹 बारिश: हिमालयी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बिहार के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश या बूंदाबांदी का अलर्ट जारी हुआ है।
🔹 शीतलहर और ठंड: कोहरे और बादलों के कारण रात के तापमान में गिरावट बनी रहेगी, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा।
इन मौसम घटनाओं से यातायात, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। राज्य नागरिकों को सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियाँ अपनाने और स्थानीय मौसम अपडेट नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है।