प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक कर देश की मौजूदा स्थिति और वैश्विक हालातों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में फिलहाल लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है, जिससे आम जनता और कारोबार जगत को बड़ी राहत मिली है।
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। चर्चा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था, आर्थिक गतिविधियों और प्रशासनिक तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने राज्यों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण स्थिति पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। वैश्विक स्तर पर बढ़ते संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था, खासकर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ सकता है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने राज्यों को निर्देश दिए कि वे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए समुचित तैयारी रखें।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय ही किसी भी संकट से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय बनाए रखने और जनता के बीच किसी तरह की अफवाह फैलने से रोकने पर भी जोर दिया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ सकता है, जिससे महंगाई और अन्य आर्थिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में राज्यों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि केंद्र सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित निर्णय लिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, इस बैठक से यह संकेत मिला कि सरकार फिलहाल संतुलित रणनीति अपनाते हुए देश को किसी बड़े प्रतिबंध से बचाने की दिशा में काम कर रही है, साथ ही वैश्विक संकटों के प्रभाव को कम करने के लिए भी सक्रिय रूप से कदम उठाए जा रहे हैं।