देश में गर्मी ने समय से पहले ही तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश के 36 प्रमुख शहरों में से 33 शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब आने वाले महीनों में एल नीनो (El Niño) के प्रभाव की आशंका जताई जा रही है, जो आमतौर पर वैश्विक स्तर पर तापमान में वृद्धि का कारण बनता है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिमी क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, नागपुर और अहमदाबाद जैसे शहरों में तापमान औसत से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। इसके चलते दिन के समय लू जैसी परिस्थितियां बनने लगी हैं, जो आमजन के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि एल नीनो की आहट के कारण समुद्री सतह का तापमान बढ़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव मौसम चक्र पर पड़ता है। इससे मानसून कमजोर हो सकता है और गर्मी लंबी अवधि तक बनी रह सकती है। यही कारण है कि अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही तापमान में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है।
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में इसका असर दिख रहा है। जहां एक ओर शहरों में बिजली की मांग बढ़ गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की आशंका गहराने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, खासकर उत्तर-पश्चिम भारत में। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की आंधी या बारिश राहत दे सकती है, लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का प्रभाव बना रहने की संभावना है।
इस स्थिति में सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ गई है। जल प्रबंधन, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। यदि एल नीनो का प्रभाव और तेज होता है, तो यह गर्मी का सीजन और भी अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।