Wednesday, May 06, 2026
BREAKING
Horoscope Today: दैनिक राशिफल 03 मई, 2026 Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे

एजुकेशन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनआईटी कुरुक्षेत्र और आईआईईएसटी शिबपुर के कार्य-निष्पादन की समीक्षा की – छात्र कल्याण हेतु व्यापक उपायों की घोषणा की गई

April 29, 2026 05:14 AM

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आज एनआईटी कुरुक्षेत्र एवं आईआईईएसटी शिबपुर से संबंधित मामलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में समग्र छात्र कल्याण के संबंध में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में एनआईटी कुरुक्षेत्र के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, सचिव (उच्च शिक्षा) तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य विचार-विमर्श

बैठक में इन संस्थानों के शैक्षणिक परिवेश, परिसर में जीवन तथा छात्रावास प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। पाया गया कि परिसर की सक्रियता बढ़ाने तथा रचनात्मक छात्र सहभागिता के लिए व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है। मंत्री महोदय ने छात्र सहभागिता, संकाय उन्मुखीकरण, पूर्व-छात्र सहभागिता, शैक्षणिक सहयोग, नवाचार संस्कृति, छात्रावास प्रशासन, खेल संस्कृति तथा समग्र परिसर प्रबंधन जैसे हस्तक्षेप के लिए विशिष्ट विषयों की पहचान करने पर बल दिया। संकाय भर्ती के मानकीकरण, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में संवेदनशील एवं सक्रिय संकाय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त समय देने वाले प्रेरणादायी व्यक्तियों को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

संस्थान के समग्र प्रशासनिक एवं शैक्षणिक मुद्दों के संदर्भ में, मंत्रालय ने 29 मार्च 2026 को एनआईटीएसईआर अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत एनआईटी कुरुक्षेत्र के कार्य, प्रगति, प्रशासन तथा समग्र कार्य-निष्पादन की समीक्षा हेतु एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति, जिसमें प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे (अध्यक्ष, एनईटीएफ एवं पूर्व अध्यक्ष, एआईसीटीई), श्री एम. मदन गोपाल, आईएएस (सेवानिवृत्त) (अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, वीएनआईटी नागपुर) तथा प्रो. के.के. शुक्ला (निदेशक, एमएएनआईटी भोपाल) शामिल हैं, को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रदर्शन, भर्ती तथा शिकायत-संबंधी मुद्दों, तथा एनआईआरएफ रैंकिंग आदि जैसे संस्थागत संकेतकों का आकलन करने का दायित्व सौंपा गया है। समिति सौंपे गए विभिन्न मुद्दों की जांच कर रही है और शीघ्र ही इसके अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की संभावना है।

सचिव (उच्च शिक्षा) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 24.04.2026 को एनआईटी कुरुक्षेत्र का दौरा भी किया और हितधारकों के साथ बातचीत की। उसी दिन, एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक का त्यागपत्र माननीय विज़िटर द्वारा स्वीकार कर लिया गया तथा संस्थान के तत्कालीन प्रभारी रजिस्ट्रार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

छात्र-केंद्रित परिसर सुनिश्चित करने हेतु लिए गए निर्णय:

अ.  तत्काल उपाय

  • छात्रावास उन्नयन: छात्रावास सुविधाओं में तत्काल सुधार।
  • संकाय उन्नयन: मई–जून 2026 के दौरान संकाय के लिए एक संरचित उन्नयन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र मार्गदर्शन, कल्याण, शैक्षणिक सहयोग तथा सकारात्मक परिसर संस्कृति सहित परिसर में जीवन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, और इसके प्रत्यक्ष परिणाम जुलाई 2026 तक अपेक्षित हैं।
  • छात्र सहभागिता हेतु एसओपी: शैक्षणिक तथा ग़ैर-शैक्षणिक, दोनों क्षेत्रों में छात्र सहभागिता और नवाचार को संस्थागत रूप देने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ विकसित की जाएँगी।

ब. मध्यम अवधि के उपाय

  • खेल एवं मनोरंजन: समग्र विकास को प्रोत्साहित करने हेतु पर्याप्त खेल सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँगी तथा नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
  • क्षमता विकास: समर्थनकारी संस्थागत संस्कृति विकसित करने हेतु संकाय एवं शैक्षणिक प्रशासकों के लिए संरचित कार्यक्रम।
  • पूर्व- छात्र सहभागिता: नवाचार, उद्यमिता, समस्या-समाधान तथा “कर सकता/सकती हूँ” (कैन-डु) संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु पूर्व छात्रों के साथ परिसर में संरचित नेतृत्व वार्ताएँ और गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।

शिक्षा मंत्रालय के अधीन सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में निम्न मामलों में हस्तक्षेप

  • परिसर संस्कृति पर उच्च-स्तरीय समिति: उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशकों, प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों, संकाय एवं छात्रों से युक्त एक समिति का गठन किया जाएगा, जो जीवंत, छात्र-केंद्रित परिसर हेतु उपाय सुझाएगी तथा उनकी निगरानी करेगी।
  • व्यापक रूपरेखा: मंत्रालय उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक एवं अवसंरचनात्मक मुद्दों के समाधान हेतु एक रूपरेखा विकसित करेगा, जिसमें छात्र कल्याण एवं संस्थागत परिवेश पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • खेल एवं अवसंरचना: खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा शैक्षणिक ब्लॉकों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों, मेस एवं मनोरंजन क्लबों की, प्राथमिकता के आधार पर, समीक्षा/पुनरुद्धार हेतु समन्वित प्रयास किए जाएँगे।

भारत सरकार देशभर में नवोन्मेषी, उन्नत तथा छात्र-अनुकूल परिसर संस्कृति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Have something to say? Post your comment

और एजुकेशन समाचार

शिक्षा मंत्रालय ने 'भारत इनोवेट्स 2026' में वैश्विक निवेशकों, कॉरपोरेट, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थाओं की भागीदारी के लिए इस कार्यक्रम से पूर्व पेरिस में रोड शो आयोजित किया

शिक्षा मंत्रालय ने 'भारत इनोवेट्स 2026' में वैश्विक निवेशकों, कॉरपोरेट, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थाओं की भागीदारी के लिए इस कार्यक्रम से पूर्व पेरिस में रोड शो आयोजित किया

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में आईआईटी मद्रास के प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसमें उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार राष्ट्र निर्माण के लिए एक साथ आए

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में आईआईटी मद्रास के प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसमें उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार राष्ट्र निर्माण के लिए एक साथ आए

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनटीए मुख्यालय के दौरे के दौरान नीट यूजी 2026 की व्यवस्थाओं का जायजा लिया

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनटीए मुख्यालय के दौरे के दौरान नीट यूजी 2026 की व्यवस्थाओं का जायजा लिया

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और समय पर वितरण की समीक्षा की

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और समय पर वितरण की समीक्षा की

उच्च शिक्षा विभाग ने मिशन साधना सप्ताह 2026 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पर एक संवादपूर्ण सत्र का आयोजन किया

उच्च शिक्षा विभाग ने मिशन साधना सप्ताह 2026 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पर एक संवादपूर्ण सत्र का आयोजन किया

‘शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई’ के अनुरूप, नया पाठ्यक्रम शिक्षा की दिशा में भविष्य के लिए तैयार एक परिवर्तनकारी कदम है – केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान

‘शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई’ के अनुरूप, नया पाठ्यक्रम शिक्षा की दिशा में भविष्य के लिए तैयार एक परिवर्तनकारी कदम है – केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 377वीं रिपोर्ट पर प्रेस विज्ञप्ति

शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 377वीं रिपोर्ट पर प्रेस विज्ञप्ति

शिक्षा मंत्रालय ने “नशा मुक्त विद्यालय” के लिए नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 3-वर्षीय कार्ययोजना जारी की

शिक्षा मंत्रालय ने “नशा मुक्त विद्यालय” के लिए नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 3-वर्षीय कार्ययोजना जारी की

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में “सबका साथ, सबका विकास-लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना” विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार के समापन सत्र को संबोधित किया

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने नई दिल्ली में “सबका साथ, सबका विकास-लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना” विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार के समापन सत्र को संबोधित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 9 मार्च को

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 9 मार्च को "सबका साथ सबका विकास - जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss