‘ऑपरेशन सिंधूर’ के एक वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि देश की सेना ने आतंकवाद को करारा जवाब दिया और यह अभियान भारत की सुरक्षा नीति में निर्णायक मोड़ साबित हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंधूर ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने साहस, अनुशासन और आधुनिक रणनीति का परिचय देते हुए आतंकवादी नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया।
सरकार के अनुसार, ऑपरेशन सिंधूर को पिछले वर्ष सीमा पार से बढ़ती आतंकी गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों के जवाब में शुरू किया गया था। इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई संवेदनशील इलाकों में संयुक्त कार्रवाई की थी। अधिकारियों का दावा है कि अभियान के बाद आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के जवान कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ डटे रहते हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। साथ ही उन्होंने सैन्य बलों के आधुनिकीकरण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस अवसर पर रक्षा विशेषज्ञों ने भी माना कि ऑपरेशन सिंधूर ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अभियान ने आतंकवाद विरोधी रणनीति में नई दिशा प्रदान की और सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार के सख्त रुख को स्पष्ट किया।
राजनीतिक और सामरिक विश्लेषकों के अनुसार, ऑपरेशन सिंधूर का प्रभाव केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि एक सशक्त और निर्णायक राष्ट्र के रूप में मजबूत हुई है। आने वाले समय में भी सरकार आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली चुनौतियों के खिलाफ कठोर कदम जारी रख सकती है।