भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department - IMD) ने मंगलवार को दो नई अत्याधुनिक मौसम सेवाओं की शुरुआत की है, जिनका उद्देश्य देश के किसानों को समय पर और सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराना है। इन नई सेवाओं में सबसे प्रमुख है एक AI-आधारित मॉनसून एडवांस फोरकास्टिंग सिस्टम, जो मानसूनी बारिश की प्रगति का अनुमान लगाने में सक्षम होगा।
IMD के अनुसार यह नई तकनीक आगामी मानसून के दौरान वर्षा की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने और उसका पूर्वानुमान लगाने में मदद करेगी। इसके माध्यम से किसानों को यह जानकारी मिल सकेगी कि आने वाले हफ्तों में उनके क्षेत्रों में बारिश कैसी रहेगी, जिससे वे अपनी खेती की योजना अधिक प्रभावी ढंग से बना सकेंगे।
इसके साथ ही दूसरी सेवा के तहत स्थानीय स्तर पर मौसम की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यह जानकारी उप-जिला (sub-district) स्तर तक दी जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को भी सीधे लाभ मिलेगा। यह सुविधा चार सप्ताह पहले तक के मौसम का अनुमान प्रदान करेगी, जो कृषि निर्णयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IMD ने बताया कि यह नई प्रणाली 16 राज्यों के 3,000 से अधिक उप-जिलों को कवर करेगी। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में मौसम से जुड़ी अनिश्चितता को कम करना और किसानों को समय रहते सही निर्णय लेने में सहायता करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के उपयोग से मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में सुधार होगा और बुवाई, सिंचाई, उर्वरक उपयोग तथा फसल कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्यों की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
सरकार और IMD की यह पहल डिजिटल कृषि की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। बदलते जलवायु पैटर्न और अनिश्चित मौसम के बीच यह सेवा किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो सकती है।
इस तरह, नई AI आधारित मौसम प्रणाली भारत के कृषि क्षेत्र में तकनीक और विज्ञान के उपयोग को और मजबूत करेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद करेगी।