भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi एक महत्वपूर्ण विदेश यात्रा के तहत इटली की राजधानी रोम पहुंच गए हैं। इस दौरे को भारत-इटली संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है।
रोम पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की सबसे महत्वपूर्ण बैठक इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के साथ निर्धारित है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है। ऐसे में भारत और इटली के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, तकनीकी नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही दोनों देश यूरोपीय संघ और वैश्विक मंचों पर सहयोग को भी नई दिशा देने पर विचार करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा “मेक इन इंडिया” और “ग्लोबल पार्टनरशिप” रणनीति को भी मजबूती देने वाला माना जा रहा है। इटली यूरोप की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में निवेश और रक्षा उत्पादन क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।
इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं, जहां प्रधानमंत्री मोदी प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर सकते हैं। इससे भारत की सांस्कृतिक और कूटनीतिक छवि को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत-यूरोप संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और नई आर्थिक व्यवस्था के बीच भारत और इटली का सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
इस दौरे से यह भी संकेत मिल रहा है कि भारत अपनी विदेश नीति में बहुपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहा है।