भीषण गर्मी ने देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कई राज्यों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू और गर्म हवाओं का असर और गंभीर हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के बांदा, प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे जिलों में दिन के समय सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दीं। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। कई शहरों में दोपहर के समय तापमान 45 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। लगातार गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, खासकर नागपुर, चंद्रपुर और अकोला में स्थिति और अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। IMD ने यहां रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से दोपहर में बाहर न निकलने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में अगले 48 घंटों तक अत्यधिक गर्मी बनी रह सकती है। प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में भी लू का असर देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी हवाओं और शुष्क मौसम के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई राज्यों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मानसून के आने तक देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है।