महिला एवं बाल विकास मंत्रालय वर्ष 2017 में आरंभ की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना द्वारा मातृ स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल प्रतिबद्धता आगे बढ़ा रहा है। इस योजना में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, सकारात्मक स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को बढ़ावा और बेहतर पोषण प्रदान किया जाता है।
एक अप्रैल 2022 से इसे मिशन शक्ति में शामिल करने के बाद से , मातृत्व एवं मातृ एवं शिशु भत्ता तीन किस्तों से घटाकर दो किस्तों में कर दिया गया है। मातृत्व लाभ भी दूसरे बच्चे के लिए लागू किया गया है, बशर्ते कि शिशु बालिका हो।
योजना के पात्र लाभार्थियों को पहले बच्चे के लिए दो किस्तों में 5 हजार रुपये और दूसरे शिशु के लिए यदि वह बच्ची हो तो 6 हजार रुपये दिए जाते हैं। ये लाभ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण पड़ावों, गर्भावस्था का प्रारंभिक पंजीकरण, प्रसवपूर्व देखभाल और टीकाकरण से संबंधित हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तंत्र द्वारा लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर और पारदर्शी तरीके से वित्तीय सहायता पहुंचाने की व्यवस्था है। गर्भ क्षति या मृत शिशु जन्म के मामलों में पात्रता के नए प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं जिससे इसकी समावेशिता और बढ़ गई है। यह वित्तीय सहायता आंशिक वेतन मुआवजे का कार्य करती है, जिससे महिलाओं को प्रसव पूर्व और बाद में पर्याप्त आराम मिल पाता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आरंभ किए जाने के बाद से देशभर में यह उल्लेखनीय रुप से विस्तारित और प्रभावकारी सिद्ध हुआ है:
- इसमें 30 अप्रैल 2026 तक लाभार्थियों को भुगतान की गई कुल राशि: 4.27 करोड़ रुपये और
- कुल वितरित राशि: 20,150 करोड़ रुपये है
लाभार्थियों का अनुभव इसका वास्तविक महत्व दर्शाता है। योजना का परिवर्तनकारी प्रभाव जमीनी स्तर पर देखा जा रहा है। गर्भावस्था के दौरान आर्थिक कठिनाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच वाली महिलाओं को पीएमएमवीवाई योजना के तहत सहायता मिली और समय पर उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इससे वे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के पौष्टिक भोजन, नियमित प्रसवपूर्व जांच और आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्राप्त कर सकीं। उचित देखभाल और निरंतर निगरानी से उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित रूप से स्वस्थ शिशुओं को जन्म दिया। सुरक्षित मातृत्व और बेहतर मातृ स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करने में यह प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की भूमिका रेखांकित करती है।
यह योजना मातृ स्वास्थ्य में सुधार, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने और विशेष रूप से बालिका शिशु के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन द्वारा लैंगिक समानता मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुई है।
स्वस्थ और सशक्त भारत की परिकल्पना के अनुरूप महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इस योजना द्वारा प्रत्येक पात्र महिला को लाभ सुनिश्चित कराने के लिए कार्यान्वयन तंत्र सुदृढ़ बनाने और योजना की पहुंच विस्तारित करने को प्रतिबद्ध है।
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