Thursday, September 24, 2026
BREAKING
भारत बना ग्लोबल साउथ की आवाज़: जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गिनाईं दुनिया की पाँच बड़ी चुनौतियां Latest News from Punjab September 2026 Latest News from Haryana September 2026 भारत की राष्ट्रपति ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए; श्री अनंत नाग को दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल के बीच संयुक्त अभ्यास, वीर गार्जियन 26 संपन्न स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय मिडिया केंद्र में निवारक स्वास्थ्य देखभाल एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया आज पूरे भारत और दुनिया भर में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा नशीले पदार्थों पर निर्भरता से उबरकर खेल के क्षेत्र में आगे बढने की महत्वाकांक्षा तक: जम्मू-कश्मीर के सज्जाद की स्वस्थ होने और समाज की मुख्य धारा में लौटने की यात्रा Horoscope Today: दैनिक राशिफल 23 सितंबर, 2026

एजुकेशन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में तीन प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों—ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को भारत में अपने परिसर स्थापित करने हेतु अनुमोदन पत्र प्रदान किए गए

June 10, 2026 06:27 AM

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

मुंबई और बेंगलुरु में स्थापित होने वाले ये परिसर भारत के ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्रों को वैश्विक शिक्षा सहयोग के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएंगे
 

आज शिक्षा मंत्रालय द्वारा तीन वैश्विक प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों— ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को तीन अनुमोदन पत्र (एलओपीएस) जारी किए गए।

ये अनुमोदन पत्र उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी द्वारा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में सौंपे गए।

ब्रिस्टल विश्वविद्यालय की कार्यकारी डीन एवं निदेशक सुश्री मिशेल जोन्स, यॉर्क विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर चार्ली जेफ्री, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की डिप्टी वाइस-चांसलर (शिक्षा एवं छात्र अनुभव) प्रोफेसर सारा मैडिसन ने यह अनुमोदन पत्र व्यक्तिगत रूप से प्राप्त किए।

इस अवसर पर ब्रिटिश उच्चायोग, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, ब्रिटिश काउंसिल, शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, संबंधित विश्वविद्यालयों तथा अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इन तीनों विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर स्थापित किया जाना NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि ये संस्थान भारत में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को और मजबूत करेंगे।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिस्टल और यॉर्क विश्वविद्यालय मुंबई में तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करेंगे। ये शहर भारत के प्रमुख ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र हैं, और बेंगलुरु को वैश्विक स्तर पर “सिलिकॉन वैली ऑफ द ईस्ट” के रूप में भी जाना जाता है।

ब्रिस्टल विश्वविद्यालय का मुंबई एंटरप्राइज कैंपस इमर्सिव आर्ट्स, फाइनेंस, डेटा साइंस, अर्थशास्त्र, बिजनेस मैनेजमेंट, उद्यमिता और नवाचार जैसे क्षेत्रों में कार्यक्रम संचालित करेगा।

यॉर्क विश्वविद्यालय का मुंबई परिसर कंप्यूटर साइंस (एआई सहित), साइबर सुरक्षा, बिजनेस, अर्थशास्त्र, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज और मैनेजमेंट जैसे विषयों में कार्यक्रम प्रदान करेगा।

यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (यूएनएसडब्ल्यू) बेंगलुरु परिसर अगस्त 2026 से Manyata Business Park में प्रारंभ होगा, जिसमें बिजनेस, कंप्यूटर साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही यह भारत के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, परिवहन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

यह पहल एनईपी 2020 के व्यापक अंतरराष्ट्रीयकरण एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में वैश्विक मानकों को अपनाना और भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

यूजीसी के तहत बनाए गए नियम विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए एक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध ढांचा प्रदान करते हैं, जबकि संस्थागत स्वायत्तता और वैश्विक मानकों को बनाए रखते हैं।

ये परिसर भारत में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की पहुंच बढ़ाएंगे, शैक्षणिक गतिशीलता को प्रोत्साहित करेंगे, अनुसंधान एवं नवाचार को सशक्त बनाएंगे और भारत–यूके तथा भारत–ऑस्ट्रेलिया शिक्षा सहयोग को और गहरा करेंगे।

यह पहल भारत के नियामक और शैक्षणिक ढांचे में अग्रणी वैश्विक संस्थानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है तथा एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, समावेशी और भविष्य-उन्मुख उच्च शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान देती है।

अब तक यूजीसी के एफएचईआई नियमों के तहत पाँच लओपीएस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन और यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल भी शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन ने 2025–26 सत्र से अपनी शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी हैं।

इसके अतिरिक्त, यूजीसी द्वारा 10 आशय पत्र (एलओआईएस) भी विभिन्न प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों को जारी किए गए हैं, तथा डीकिन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वूलोंगोंग और क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट पहले ही गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) में अपना संचालन प्रारंभ कर चुकी हैं।

***

Have something to say? Post your comment

और एजुकेशन समाचार

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ब्रिक्स सहयोग के प्रति भारत की जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ब्रिक्स सहयोग के प्रति भारत की जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

भ्रामक एडटेक प्लेटफॉर्म और फर्जी विश्वविद्यालय

भ्रामक एडटेक प्लेटफॉर्म और फर्जी विश्वविद्यालय

युवा संगम के सातवें चरण के लिए 4 अगस्त 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होंगे

युवा संगम के सातवें चरण के लिए 4 अगस्त 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होंगे

प्रधानमंत्री पोषण योजना में विकल्पों की पोषण समतुल्यता

प्रधानमंत्री पोषण योजना में विकल्पों की पोषण समतुल्यता

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020

शिक्षा को रोजगार अवसरों के साथ जोड़ना

शिक्षा को रोजगार अवसरों के साथ जोड़ना

पीएम श्री योजना का कार्यान्वयन

पीएम श्री योजना का कार्यान्वयन

सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू, 850 विद्यार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा

सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच एमओयू, 850 विद्यार्थियों को मिलेगी नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा

भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर संजय सेठ के सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर संजय सेठ के सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss