शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है तथा अधिकांश सरकारी विद्यालय और विद्यालय शिक्षा बोर्ड राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) प्रशासन के अधीन हैं। प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सहयोग से किया जाता है। बाल वाटिका (कक्षा 1 से ठीक पहले) तथा कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत सभी बच्चों को गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की समग्र जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्धारित पोषण एवं खाद्य मानकों के भीतर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मेनू निर्धारित करने तथा मोटे अनाज, सब्जियां, मसाले आदि जैसे स्थानीय स्तर पर उत्पादित खाद्य पदार्थों की खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत सभी पात्र बच्चों को विद्यालय के प्रत्येक कार्य दिवस पर एक बार गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के अंतर्गत निर्धारित पोषण एवं खाद्य मानक निम्नलिखित हैं:
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मद
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प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए
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उच्चतर प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए
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ए) पोषण संबंधी मानक (प्रति बच्चा प्रतिदिन)
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कैलरी
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450
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700
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प्रोटीन
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12 ग्राम
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20 ग्राम
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बी) खाद्य मानकों की मात्रा (प्रति बच्चा प्रतिदिन)
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100 ग्राम
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150 ग्राम
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20 ग्राम
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30 ग्राम
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50 ग्राम
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75 ग्राम
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5 ग्राम
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7.5 ग्राम
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आवश्यकतानुसार
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आवश्यकतानुसार
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इसके अतिरिक्त, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विद्यालय पोषण वाटिकाएं (एसएनजी) स्थापित करने तथा चिन्हित जिलों में पूरक पोषण संबंधी हस्तक्षेपों के लिए कुल आवर्ती बजट का 5 प्रतिशत फ्लेक्सी घटक (लचीला बजटीय प्रावधान) के रूप में उपयोग करने का प्रावधान है। अनेक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय खान-पान की आदतों, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं, उपलब्धता तथा आहार संबंधी व्यवहार को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पूरक पोषण भी उपलब्ध कराते हैं।
यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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