सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने वेक्टर जनित एवं जल जनित
बीमारियों की रोकथाम और बचाव कार्यों का लिया जायजा
इस साल डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई: स्वास्थ्य मंत्री
&ह्नह्वशह्ल;डेंगू के केसों का पता लगाने की बजाय डेंगू के लार्वा को
खत्म करना हमारी प्राथमिकता&ह्नह्वशह्ल;: डॉ. बलबीर सिंह
उपायुक्तों को नियमित निरीक्षण करने और आशा
वर्करों तथा नर्सिंग विद्यार्थियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण
करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने उपायुक्तों और स्वास्थ्य अधिकारियों को
सुचारू ढंग से एम.एम.एस.वाई. कार्ड वितरित करने की दी हिदायत
चंडीगढ़, 22 सितंबर:
लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के मद्देनजर मु�यमंत्री भगवंत सिंह
मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को
दोहराते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
डॉ. बलबीर सिंह ने आज डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ
सर्विसेज (डीएचएस) में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक का उद्देश्य राज्य भर में वेक्टर-जनित और जल
जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव के लिए किए जा रहे
उपायों का जायजा लेना था।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री के साथ प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) कुमार
राहुल, पंजाब विकास आयोग के सदस्य अनुराग कुंडू, विशेष
सचिव (स्वास्थ्य) एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एम.डी. साक्षी
साहनी, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. हितिंदर कौर और
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) डॉ. अदिति
सलारिया मौजूद थीं। इसके अलावा उप निदेशक डॉ. रोहिणी
गोयल, सहायक निदेशक डॉ. मनमीत कौर और स्टेट प्रोग्राम
ऑफिसर डॉ. अर्शदीप कौर भी हाजिर थीं। जबकि उपायुक्त,
सिविल सर्जन और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट (महामारी
विज्ञानी) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में
शिरकत की।
बीमारी संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए डॉ. बलबीर
सिंह ने बताया कि समय रहते किए गए रोकथाम उपायों की बदौलत
पंजाब में इस साल, अब तक डेंगू से कोई भी मौत नहीं हुई है। 21
सितंबर तक कुल 1,00,414 डेंगू के नमूनों की जांच की गई है
(जिनमें से 64,049 नमूनों की जांच आम आदमी क्लीनिकों में की
गई), जिसमें पॉजिटिविटी दर काफी कम यानी 0.45 प्रतिशत
(451 पॉजिटिव केस) दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने अमृतसर
और जालंधर द्वारा डेंगू की जांच करने में दिखाई गई
सक्रिय कार्यशीलता की सराहना की। उन्होंने इस साल राज्य
में सामने आए चिकनगुनिया के 16 केसों की स्थिति का भी जायजा
लिया।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;सिर्फ डेंगू के केसों का पता
लगाना अब हमारी प्राथमिकता नहीं है, बल्कि हम डेंगू के लार्वा
की सक्रिय रूप से पहचान करके उसे खत्म करने पर ध्यान
केंद्रित कर रहे हैं।&ह्नह्वशह्ल; उन्होंने उपायुक्तों और स्वास्थ्य
अधिकारियों को नियमित जांच करने के लिए कहा और हिदायत
की कि एपिडेमियोलॉजी टीमों द्वारा फील्ड निगरानी और
पहचाने गए डेंगू हॉटस्पॉट के नियमित दौरे किए जाएं, और
फॉलो-अप प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए।
विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और सक्रिय सामुदायिक
भागीदारी पर जोर देते हुए मंत्री ने जिलों को हिदायत की कि
मच्छरों के पैदा होने वाले स्रोतों की पहचान करने और उन्हें
खत्म करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के लिए
आशा वर्करों और नर्सिंग विद्यार्थियों की सेवाएं ली जाएं।
उन्होंने गांव स्तर पर &प्त३९;गांव स्वास्थ्य, सफाई और पोषण
समितियों&प्त३९; (वीएचएसएनसी) की सक्रिय रूप से बैठकें करने के लिए
भी निर्देश दिए। इन वर्करों की अहम भूमिका को मान्यता देते हुए
मंत्री ने कहा कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण का काम
करने के बदले आशा वर्करों को उचित भुगतान और
प्रोत्साहन भत्ते दिए जा रहे हैं।
एंटी-डेंगू गतिविधियों में नर्सिंग विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत
भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए फरीदकोट जिले की
सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अन्य जिलों को भी
विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने
लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट और तरन तारन सहित अधिक
केसों वाले जिलों में वी.एच.एस.एन.सी. बैठकों, क्षेत्रीय
निरीक्षणों और आशा वर्करों की भागीदारी के विशेष
निर्देश जारी किए। मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को
आवश्यकता अनुसार घरों के अंदर और बाहर फॉगिंग
करने के लिए भी कहा।
जल जनित बीमारियों पर ध्यान देते हुए, मंत्री ने दस्त, हैजा और
हैपेटाइटिस की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने
अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता पर सख्त नजर रखने, पीने
के पानी के स्रोतों की नियमित जांच करने, लीक हो रही
पाइपलाइनों या दूषित सप्लाई लाइनों को तुरंत ठीक करने
और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस, आईवी फ्लूइड्स,
क्लोरीन की गोलियों और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार
तैयार रखने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने &प्त३९;मु�यमंत्री स्वास्थ्य योजना&प्त३९; (एमएमएसवाई)
कार्डों के वितरण का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी
उपायुक्तों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को गांव और
मोहल्ला स्तर पर एमएमएसवाई कार्डों का सुचारू ढंग से वितरण
करने के लिए कहा।
डॉ. बलबीर सिंह ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ
काम करने और नागरिकों को बीमारी के स्रोतों को खत्म
करने संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील
की: &ह्नह्वशह्ल;बीमारियों की रोकथाम की सफलता सामुदायिक
भागीदारी और जि�मेदारी पर निर्भर करती है। आस-पास
की सफाई सुनिश्चित करके और खड़े पानी की जांच करके, हम
सब मिलकर पंजाब को स्वस्थ और बीमारी-मुक्त रख सकते हैं।&ह्नह्वशह्ल;
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मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहरी और ग्रामीण स्थानीय
निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचे की वकालत की; नवगठित
सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ की बैठक
जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने के लिए स्थानीय
निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचा जरूरी: मुख्यमंत्री भगवंत
सिंह मान
पंचायतों, नगर निगमों/नगर परिषदों की वित्तीय स्थिरता के लिए
राज्यों के लिए अनुशासित वित्तीय मार्ग और टिकाऊ वित्तीय
संस्थाओं की आवश्यकता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के
लिए व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखकर
सिफारिशें करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आयोग 30 सितंबर, 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा: मुख्यमंत्री
भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़, 22 सितंबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज शहरी और ग्रामीण स्थानीय
निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचे की वकालत की। उन्होंने
वित्तीय स्थिरता और जमीनी स्तर पर प्रभावी शासन सुनिश्चित
करने के लिए राज्यों के लिए अनुशासित वित्तीय मार्ग और
टिकाऊ वित्तीय संस्थाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।
नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक की अध्यक्षता
करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग का गठन
पंचायतों/नगरपालिकाओं और राज्य के बीच करों, शुल्कों,
रोड टैक्स और अन्य की हिस्सेदारी के लिए विशेष
सिफारिशें करने के अलावा इन नागरिक संस्थाओं की
वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए अन्य सिफारिशें करने हेतु
किया गया है।&ह्नह्वशह्ल;
मुख्यमंत्री ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग पंचायती राज संस्थाओं और
नगरपालिकाओं को वित्तीय विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करने
का संवैधानिक माध्यम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
73वें संविधान संशोधन के तहत बनाई गईं जमीनी स्तर की संस्थाओं
के पास अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए
वित्तीय क्षमता हो।&ह्नह्वशह्ल;
आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा,
&ह्नह्वशह्ल;राज्य वित्त आयोग के पास पंचायती राज संस्थाओं और
नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की जांच करने और स्थानीय
सरकारों की वित्तीय देनदारियों तथा वित्तीय स्थिरता को
मजबूत करने के लिए एक ढांचे की सिफारिश करने की
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आवश्यक नागरिक सेवाएं प्रदान करने और
स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में पंचायतों और
शहरी स्थानीय निकायों की बढ़ती जिम्मेदारियों को ध्यान में
रखते हुए संसाधनों के आवंटन की एक पारदर्शी, न्यायसंगत और
टिकाऊ प्रणाली की आवश्यकता है।&ह्नह्वशह्ल;
मुख्यमंत्री ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;मुझे उम्मीद है कि आयोग स्थानीय निकायों
की आय क्षमता, व्यय संबंधी जिम्मेदारियों और वित्तीय
आवश्यकताओं का व्यापक मूल्यांकन करेगा और उनकी
वित्तीय क्षमता को मजबूत करने तथा उन्हें अपने कार्यों को
प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम बनाने के लिए व्यावहारिक
और भविष्य को ध्यान में रखकर सिफारिशें करेगा।&ह्नह्वशह्ल;
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग के पास यह अधिकार
है कि वह राज्य द्वारा लगाए जाने वाले करों, शुल्कों,
टोल और फीस की कुल प्राप्ति को राज्य और
पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच बांट सकता है।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग के महत्व का अंदाजा इस बात से आसानी से
लगाया जा सकता है कि यह सभी स्तरों पर
पंचायतों/नगरपालिकाओं के बीच ऐसी प्राप्तियों में
हिस्सेदारी के वितरण की सिफारिश भी करता है।&ह्नह्वशह्ल;
मु�यमंत्री ने आगे कहा, &ह्नह्वशह्ल;पंचायतों/नगरपालिकाओं की वित्तीय
स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदमों की सिफारिश करने
के लिए भी आयोग बहुत जरूरी है।&ह्नह्वशह्ल;
इसी तरह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग गैर-उत्पादक
राजस्व व्यय को कम करने के उपायों और पूंजीगत संसाधनों
के कुशल एवं प्रभावी उपयोग के लिए प्रशासन की गुणवत्ता
तथा तकनीकी सहायता में सुधार करने के कदमों की सिफारिश
भी करता है। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए
राज्य सरकार द्वारा पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव
के. शिव प्रसाद की अध्यक्षता में &प्त३९;पंचायतों और
नगरपालिकाओं के लिए पंजाब वित्त आयोग अधिनियम, 1994&प्त३९; की
धारा 3(1) के तहत सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन किया गया
है।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने बताया, &ह्नह्वशह्ल;आयोग में शौकत राय को विशेषज्ञ सदस्य,
प्रशासनिक सचिव (ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, पंजाब
सरकार) और प्रशासनिक सचिव (स्थानीय निकाय, पंजाब
सरकार) पदेन सदस्यों के रूप में तथा विशेष सचिव (वित्त, पंजाब
सरकार) को एक्स ऑफिसिओ सदस्य सचिव के रूप में शामिल
किया गया है।&ह्नह्वशह्ल;
आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते
हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;राज्य सरकार इस
महत्वपूर्ण कार्य के लिए आयोग को पूरा सहयोग और सहायता
देगी।&ह्नह्वशह्ल;
मुख्यमंत्री ने कहा, &ह्नह्वशह्ल;आयोग का पांच वर्ष का कार्यकाल 1 अप्रैल,
2026 से शुरू होगा और यह 30 सितंबर, 2027 तक अपनी
रिपोर्ट उपलब्ध करवाएगा। व्यापक जनहित में आयोग उस
आधार का भी संकेत देगा, जिस पर वह अपने निष्कर्षों पर
पहुंचा है।&ह्नह्वशह्ल;
इस अवसर पर अतिरिक्त मु�य सचिव आलोक शेखर, सचिव ग्रामीण
विकास, सचिव स्थानीय निकाय और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का 245वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 528
स्थानों पर छापेमारी; 236 काबू
- पुलिस टीमों ने 168 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई
की
- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के द्वारा
गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में कर सकते हैं रिपोर्ट
- युद्ध नशेयां विरुद्ध के 570वें दिन 116 नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, 22 सितंबर
सूबे में चल रही मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 245वें दिन
पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों
के पहचाने गए और मैप किए गए 528 ठिकानों पर छापेमारी
की।
जिक्रयोग्य है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर
मुक्त सूबा बनाने के लिए निर्णायक जंग, जो 20 जनवरी, 2026
को डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव
यादव द्वारा शुरू की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स
(एजीटीएफ) पंजाब के तालमेल से सभी जिलों की पुलिस टीमें
राज्य भर में विशेष कार्रवाइयां कर रही हैं।
245वें दिन, पुलिस टीमों ने छह हथियारों सहित 236 व्यक्तियों को
गिर�तार किया, जिससे मुहिम की शुरुआत से लेकर अब तक
कुल गिर�तारियों की गिनती 72,881 हो गई है।
इसके अलावा 168 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियातन कार्रवाई की
गई है। पुलिस टीमों ने कार्रवाई दौरान 4 भगोड़े
अपराधियों को भी गिर�तार किया है।
लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से
वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों को गुप्त रूप से रिपोर्ट
कर सकते हैं और अपराध और अपराधिक गतिविधियों के
बारे में जानकारी भी दे सकते हैं।
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के विरुद्ध अपनी मुहिम ‘युद्ध
नशेयां विरुद्ध’ को 570वें दिन भी जारी रखते हुए 116 नशा
तस्करों को गिर�तार किया गया है और उन्हें कॉलों से 176
ग्राम हेरोइन, 210 किलो गांजा, 393 नशीली गोलियां और
3200 रुपये ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही सिर्फ 570
दिनों में गिर�तार किए गए कुल नशा तस्करों की गिनती 79,227
तक पहुंच गई है। नशा छुड़ाऊ मुहिम के हिस्से के रूप में,
पंजाब पुलिस ने आज 12 व्यक्तियों को नशा छुड़ाऊ और
पुनर्वास इलाज करवाने के लिए प्रेरित किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास तथा लोगों को बेहतर बुनियादी
सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सरकार के द्वारा
लगातार काम जारी : लाल चंद कटारूचक्क*
- कैबिनेट मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों
का जायजा लेने के लिए ताश और माखनपुर का किया
विशेष दौरा
- ताश-माखनपुर-कोहलिया मु�य मार्ग की चौड़ाई 10 से
बढ़ाकर 18 फुट की जा रही है: लाल चंद कटारूचक्क
- सडक़ का निर्माण मानक सामग्री के साथ निर्धारित समय के
अंदर पूरा करने के निर्देश
चंडीगढ़/पठानकोट, सितंबर 22:
भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में चल रहे विशेष
विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री पंजाब
श्री लाल चंद कटारूचक्क द्वारा आज माखनपुर और ताश
क्षेत्र का विशेष दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने ताश
से माखनपुर और माखनपुर से कोहलिया अड्डे तक बनाए जा रहे
मु�य मार्ग के चल रहे निर्माण कार्यों का मौके पर
पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों तथा संबंधित
ठेकेदार से काम की प्रगति संबंधी जानकारी हासिल की।
इस मौके पर जानकारी देते हुए श्री लाल चंद कटारूचक्क ने
कहा कि मु�यमंत्री पंजाब स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में
विधानसभा हलका भोआ में सडक़ों के निर्माण और बुनियादी
ढांचे को मजबूत करने के कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ताश से माखनपुर और माखनपुर से
कोहलिया अड्डे तक बनाए जा रहे मु�य मार्ग की चौड़ाई पहले
करीब 10 फुट थी, जिसे अब बढ़ाकर 18 फुट किया जा रहा
है। उन्होंने कहा कि इस सडक़ के चौड़ा होने से सीमावर्ती क्षेत्र
के लोगों के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सडक़ की कम चौड़ाई के कारण
पहले किसानों को अपनी फसल, खासकर गन्ना और अन्य कृषि
उत्पाद, मंडियों तक ले जाने समय कई मुश्किलों का सामना
करना पड़ता था। सडक़ की चौड़ाई बढऩे से आवाजाही सुगम
होगी और किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में
आसानी होगी।
उन्होंने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को हिदायत दी कि
सडक़ का काम निर्धारित समय के अंदर पूरा किया जाए और
निर्माण के दौरान गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का
समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में उच्च
गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल सुनिश्चित बनाया जाए ताकि
लोगों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
श्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि सडक़ का निर्माण कार्य
जल्द पूरा करके इसे लोगों की आवाजाही के लिए समर्पित
किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास
और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के
लिए सरकार द्वारा लगातार काम किया जा रहा है।
इस मौके पर सरपंच माखनपुर मंगा, सरपंच डेरा बस्ती
माखनपुर गुरमेज सिंह, सूबेदार सोहन माखनपुर, अमरीक सिंह,
लवली मंजीरी के अलावा स्थानीय निवासी भी हाजिर थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब की पांच सहकारी चीनी मिलों ने जीते राष्ट्रीय
पुरस्कार
• कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय मंत्री नितिन
गडकरी से प्राप्त किए पुरस्कार
• मान सरकार के आधुनिक तकनीकों के माध्यम से गन्ने की
पैदावार बढ़ाने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली
पहचान : खुड्डियां
चंडीगढ़/नई दिल्ली, 22
सितंबर :
राष्ट्रीय स्तर पर गौरव हासिल करते हुए पंजाब की पांच
सहकारी चीनी मिलों ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय
सहकारिता शुगर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2026 के दौरान
वित्तीय प्रबंधन, उत्कृष्ट गन्ना विकास और तकनीकी दक्षता
श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हासिल किए हैं।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह
खुड्डियां ने केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री
नितिन गडकरी से ये पुरस्कार प्राप्त किए।
इस कॉन्क्लेव के दौरान वित्तीय प्रबंधन (अन्य रिकवरी क्षेत्र)
श्रेणी में बटाला कोऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड
ने दूसरा स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट गन्ना विकास (अन्य
रिकवरी क्षेत्र) श्रेणी में फाजिल्का कोऑपरेटिव
शुगर मिल्स लिमिटेड और बुढ्ढेवाल कोऑपरेटिव शुगर
मिल्स लिमिटेड ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार
तकनीकी दक्षता पुरस्कार (अन्य रिकवरी क्षेत्र) श्रेणी में
नकोदर कोऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड ने दूसरा तथा
भोगपुर कोऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड ने तीसरा
स्थान हासिल किया।
कैबिनेट मंत्री स. खुड्डियां ने इस अवसर पर कहा कि मु�यमंत्री
स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा गन्ने
की उत्पादकता बढ़ाने, चीनी की रिकवरी दर में सुधार करने
और खेती की लागत कम करने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को
अपनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि
राज्य की पांच चीनी मिलों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार
मिलना पंजाब के लिए गौरव की बात है।
स. खुड्डियां ने बताया कि पंजाब में गन्ना किसानों को पूरे
देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव दिया
जा रहा है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 68.50 रुपये प्रति
क्विंटल सब्सिडी शामिल है।
उन्होंने बताया कि चीनी मिलों द्वारा किए गए सर्वेक्षण के
अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब में गन्ने के अधीन
क्षेत्रफल 1,11,818 हेक्टेयर था, जो वर्ष 2026-27 के दौरान
बढक़र 1,16,131 हेक्टेयर हो गया है। यदि मौसम अनुकूल रहा
तो इस क्षेत्रफल से लगभग 700 लाख क्विंटल गन्ने के उत्पादन की
संभावना है।
उन्होंने बताया कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गन्ना विशेषज्ञों,
कृषि विभाग और चीनी मिलों की संयुक्त टीमों द्वारा समय-समय
पर किसान जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इन
शिविरों के माध्यम से चौड़ी विधि से बुआई, प्राथमिक सीड
नर्सरी के माध्यम से बुआई, उन्नत एवं रोगमुक्त बीज के
उपयोग, उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा
कृषि मशीनीकरण संबंधी जानकारी किसानों को दी जा रही
है।
वर्ष 2026-27 के दौरान गन्ने की आधुनिक खेती और कृषि
मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
योजना लागू की गई है। इसके तहत चयनित जिलों में अनुशंसित
गन्ना खेती तकनीकों पर आधारित एक हेक्टेयर के प्रदर्शन
प्लॉट स्थापित करने के लिए किसानों को 3,200 रुपये प्रति
एकड़ वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत अमृतसर,
गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर,
फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, साहिबजादा अजीत सिंह नगर,
पटियाला, फाजिल्का, फरीदकोट और कपूरथला जिलों को
शामिल किया गया है।
किसानों को गन्ने से संबंधित क्षेत्रीय गतिविधियों और नवीनतम
तकनीकी जानकारी समय पर उपलब्ध करवाने के लिए फेसबुक
और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी
उपयोग किया जा रहा है। पी.ए.यू. के गन्ना विशेषज्ञों, कृषि
विभाग तथा चीनी मिलों के फील्ड स्टाफ द्वारा 320 किसान
प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से लगभग 15,000 किसानों को
तकनीकी जानकारी दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल के मशीनीकरण को बढ़ावा
देने के लिए पंजाब सरकार द्वारा 40 प्रतिशत सब्सिडी पर
गन्ना कटाई मशीन, छोटा ट्रैक्टर, गन्ने की बुआई
मशीन, रैटन मैनेजर आदि मशीनें गन्ना किसानों को उपलब्ध
करवाई जा रही हैं, ताकि श्रमिकों की कमी की समस्या को कम
किया जा सके।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग, पंजाब के सचिव अजीत बाला
जोशी और शुगरफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. सेनू दुग्गल सहित
पुरस्कार प्राप्त करने वाली चीनी मिलों के अधिकारी भी
उपस्थित थे।
वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए यह कॉन्क्लेव नेशनल
फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज
लिमिटेड द्वारा नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय
केंद्र में आयोजित किया गया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की समीक्षा
बैठक हुई; स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकार-
आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए रूप-रेखा तैयार
की*
- मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार
स�मानजनक, किफायती और बिना भेदभाव के मानसिक स्वास्थ्य
सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध
- सभी निजी मनोचिकित्सा क्लीनिकों और नर्सिंग होमों/अस्पतालों
के लिए एस.एम.एच.ए. के अधीन पंजीकरण कराना अनिवार्य
- मनोचिकित्सा केंद्रों में बांधने, एकांतवास और बिना संशोधित
ई.सी.टी. जैसे अमानवीय कृत्यों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के
आदेश
चंडीगढ़, 22 सितंबर:
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को नई दिशा देने के लिए हाल ही में
11 गैर-सरकारी सदस्यों को शामिल करने के उपरांत
नवगठित पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (एस.एम.एच.ए.)
की समीक्षा बैठक आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में हुई।
प्रमुख सचिव-कम- चेयरमैन (एक्स-ऑफिसियो) कुमार राहुल
और डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं पंजाब-कम-सदस्य (एक्स-
ऑफिसियो) डॉ. हितिंदर कौर के साथ बैठक की अध्यक्षता
करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने नव-नियुक्त एक्स-ऑफिसियो और
गैर-सरकारी सदस्यों का औपचारिक स्वागत किया, इनमें से
कई सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
इस व्यापक पैनल में विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक, क्लिनिकल
मनोवैज्ञानिक, साइकियाट्रिक सोशल वर्कर, मानसिक
स्वास्थ्य नर्सें, एन.जी.ओ. के प्रतिनिधि, देखभाल करने वाले और
मानसिक बीमारी का सामना कर चुके व्यक्ति शामिल हैं,
ताकि जमीनी वास्तविकताओं के आधार पर राज्य नीति तैयार
की जा सके।
प्राधिकरण को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने दोहराया कि मु�यमंत्री
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार मानसिक
स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (एमएचसीए) 2017 के उद्देश्य को बनाए
रखने के लिए प्रतिबद्ध है और हर नागरिक को बिना किसी
भेदभाव के मानक मनोवैज्ञानिक सेवाओं तक आसानी से पहुंच
सुनिश्चित करना है।
उन्होंने आगे कहा कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थान अकेले
काम नहीं कर सकते और यह पुनर्जीवित प्राधिकरण सरकारी
अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और निजी क्लीनिकों में सेवाओं
की निगरानी करने, सख्त मानकों को लागू करने और मरीजों
के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्था के
रूप में काम करेगा।
डॉ. बलबीर सिंह ने पंजाब के सभी मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों
में गैर-कानूनी और गैर-मानवीय प्रथाओं पर रोक लगाने
के स�त निर्देश जारी किए। उन्होंने चेतावनी दी कि मरीजों को
बांधना, एकांतवास में रखना और एनेस्थीसिया या
मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाओं के अलावा
इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी) देना कानूनी तौर पर सख्त
वर्जित है और ऐसा करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई की
जाएगी।
बैठक के दौरान पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण
नियमों और पंजाब मानसिक स्वास्थ्य देखभाल (मानसिक बीमारी
वाले व्यक्तियों के अधिकार) नियमों को अधिसूचित करने और
लागू करने पर भी चर्चा की गई, जिन्हें केंद्र सरकार से
पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। यह दृढ़ संकल्प लिया गया कि
राज्य में चल रहे सभी 83 निजी मनोवैज्ञानिक नर्सिंग होमों और
क्लीनिकों के लिए अधिनियम की धारा 65 अनुसार एसएमएचए के
अधीन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बैठक में माननीय
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
करते हुए कम्युनिटी ग्रुप होम चलाने के लिए शॉर्टलिस्ट
किए गए 6 एन.जी.ओ.-संचालित मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की आरजी
रजिस्ट्रेशन पर भी विचार किया गया।
इस बैठक में चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा,
समाज कल्याण और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ
एक्स-ऑफिसियो प्रतिनिधियों के साथ-साथ नव नामित गैर-
सरकारी सदस्यों ने भी भाग लिया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क के आठ सदस्य 13
पिस्तौल समेत गिरफ्तार
अवैध हथियार खरीदकर आगे सप्लाई कर रहे थे गिरफ्तार
आरोपी: डीजीपी गौरव यादव
आगे की जांच जारी: सीपी अमृतसर हरमनबीर गिल
चंडीगढ़/अमृतसर, 22 सितंबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब को
सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के
दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट
पुलिस ने आठ व्यक्तियों को 13 अवैध पिस्तौलों और 23 जिंदा
कारतूसों सहित गिरफ्तार कर अवैध हथियारों की सप्लाई
करने वाले छह नेटवर्कों का पर्दाफाश किया है। यह
जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव
ने आज यहां दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरदीप सिंह उर्फ दीप
(24) और धर्मिंदर सिंह उर्फ भिंदा (34), दोनों निवासी गांव रंगड़
(अमृतसर ग्रामीण), अमित (23), निवासी गुरु की वडाली (अमृतसर),
हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी नियाणा (26), निवासी नरायणगढ़
(अमृतसर), चमकौर सिंह (30), निवासी गांव वान तारा सिंह
(तरनतारन), करनप्रीत सिंह (22), निवासी गांव नूरदी
(तरनतारन), गौरव (26), निवासी कटड़ा करम सिंह (अमृतसर)
और वरुण कुमार उर्फ विक्की गिल (33), निवासी भाई मंझ
सिंह रोड (अमृतसर) के रूप में हुई है।
बरामद की गई पिस्तौलों में दो .30 बोर जिगाना (तुर्की निर्मित),
दो .30 बोर (चीन निर्मित), एक 9 एमएम और आठ .30 बोर की पिस्तौल
शामिल हैं। पिस्तौलों की बरामदगी के अलावा पुलिस टीमों ने
तस्करी की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे उनके
एक्टिवा स्कूटर को भी जब्त कर लिया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला
है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर विदेशी
तस्करों से जुड़े हुए थे और अवैध हथियार खरीदकर आगे
सप्लाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों
और अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों के
संबंधों का भी पता लगाया है।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पता
लगाया जा रहा है और मामले में शामिल अन्य सदस्यों का पता
लगाने तथा हथियार तस्करी नेटवर्क को निष्क्रिय करने के
लिए आगे की जांच की जा रही है।
ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए अमृतसर के
पुलिस कमिश्नर (सीपी) हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस
टीमों ने गुरदीप सिंह उर्फ ‘दीप’ और धर्मिंदर सिंह उर्फ
‘भिंदा’ को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से दो पिस्तौल
और सात जिंदा कारतूस बरामद किए।
उन्होंने बताया कि तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस टीमों
ने आरोपी अमित, हरप्रीत उर्फ ‘हैप्पी’ और चमकौर सिंह को
गिरफ्तार किया तथा प्रत्येक के कब्जे से तीन-तीन पिस्तौल सहित
जिंदा कारतूस बरामद किए।
एक अन्य कार्रवाई के बारे में बताते हुए सीपी ने कहा कि
पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान करनप्रीत सिंह को
गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से एक पिस्तौल सहित छह जिंदा
कारतूस बरामद किए। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने वरुण
कुमार उर्फ ‘विक्की गिल’ और गौरव को भी गिरफ्तार
किया तथा उनके कब्जे से एक पिस्तौल सहित चार जिंदा कारतूस
बरामद किए।
इस संबंध में अमृतसर में छह अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें
एफआईआर नंबर 213 (दिनांक 15.09.2026), एफआईआर
नंबर 215 (दिनांक 16.09.2026) और एफआईआर नंबर 219
(दिनांक 19.09.2026) शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत थाना
छेहरटा में; एफआईआर नंबर 247 (दिनांक 23.08.2026)
शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत थाना गेट हकीमा में;
एफआईआर नंबर 205 (दिनांक 21.09.2026) शस्त्र अधिनियम की
धारा 25(8) के तहत थाना सुल्तानविंड में तथा एफआईआर नंबर
164 (दिनांक 21.09.2026) शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत
थाना डी-डिवीजन में दर्ज की गई है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने संबंधित विभागों को जिला
स्तरीय व्यापारी आयोग की बैठकों में गजटिड अधिकारियों
की भागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
जिला स्तर पर 2 करोड़ रुपये पहले ही अलॉट; बिल जमा
होने पर भुगतान तुरंत जारी किए जाएंगे: हरपाल सिंह चीमा
कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद ने
जवाबदेही, अंतर-विभागीय तालमेल और मामलों के शीघ्र
समाधान पर दिया जोर
चंडीगढ़, 22 सितंबर 2026
व्यापारी वर्ग की समस्याओं के निपटारे और स्थानीय
विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, पंजाब के
वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो पंजाब राज्य
व्यापारी आयोग (पी.एस.टी.सी.) के चेयरमैन भी हैं, ने
निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके
गजटिड अधिकारी जिला स्तरीय व्यापारी आयोग की आगामी
बैठकों में अवश्य शामिल हों।
कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद, तथा
पी.एस.टी.सी. के वाइस चेयरमैन अनिल ठाकुर के साथ
पी.एस.टी.सी. की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते
हुए वित्त मंत्री ने जोर दिया कि ये जिला स्तरीय बैठकें
पूरे हो चुके सभी विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा
करने और व्यापारियों द्वारा उठाए गए बकाया मामलों
का समाधान करने के लिए होनी चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि &प्त३९;रंगला
पंजाब&प्त३९; योजना के तहत आयोग द्वारा जिला स्तर पर सुझाए गए
विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये का समर्पित फंड पहले ही
अलॉट किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी
स्वीकृत कार्यों के लिए संबंधित बिल पेश होते ही भुगतान बिना
किसी देरी के जारी कर दिए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में
दक्षता और पारदर्शिता को और अधिक संस्थागत बनाने की
आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक स्पष्ट कार्य-प्रणाली की
वकालत की जिसमें काम पूरा करने की समय-सीमा, प्रत्येक
परियोजना का स्पष्ट विवरण और कार्यकारी अधिकारियों
की जवाबदेही तय हो। उन्होंने प्रशासनिक अड़चनों से बचने के
लिए विभागों के बीच तालमेल तंत्र को मजबूत करने का भी आह्वान
किया।
व्यापारी समुदाय को भरोसा दिलाते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत
सिंह सौंद ने बताया कि बिजली विभाग से संबंधित मामलों और
शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तेजी से समाधान
किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक का समापन करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह
चीमा ने व्यापार-पक्षीय माहौल बनाने, प्रशासनिक
जवाबदेही बढ़ाने और राज्य भर के व्यापारियों की
चिंताओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए
पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस दौरान कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने अब तक पूरे हुए
विकास कार्यों और निपटाई गई शिकायतों के बारे में
प्रस्तुति दी। इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक
आपूर्ति, राहुल तिवारी, अतिरिक्त डी.जी.पी. (कानून एवं
व्यवस्था) एस.पी.एस. परमार, विशेष सचिव, सूचना एवं लोक संपर्क,
पुनीत गोयल, उद्योग, श्रम, स्थानीय निकाय और पी.एस.पी.सी.एल. सहित
विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जबकि सभी डिप्टी
कमिश्नर और एस.एस.पी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
शामिल हुए।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व से पहले
मान सरकार निकालेगी चार विशाल शोभायात्राएं:
हरपाल सिंह चीमा
चार शोभायात्राएं प्रमुख आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक केंद्रों
को श्री खुरालगढ़ साहिब से जोड़ेंगी: हरपाल सिंह चीमा
3 दिसंबर को श्री खुरालगढ़ साहिब में चारों
शोभायात्राओं के पहुंचने के बाद होंगे विशाल समारोह:
हरपाल सिंह चीमा
4 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ; 6 दिसंबर को
पड़ेगे भोग
चंडीगढ़; 22 सितंबर 2026:
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने श्री गुरु
रविदास जी महाराज के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित
राज्य स्तरीय समारोहों की श्रृंखला के तहत देशभर के प्रमुख
आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को श्री खुरालगढ़ साहिब से
जोडऩे वाली चार विशाल शोभायात्राएं निकालने का
निर्णय लिया है। इसका ऐलान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा
ने आज किया।
पंजाब भवन में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत
सिंह सौंद और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के
सलाहकार दीपक बाली के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के
दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन विशाल
धार्मिक यात्राओं का उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी महाराज के
सर्वसाझा संदेश और पवित्र बाणी का प्रचार-प्रसार
करना है, ताकि अगले वर्ष फरवरी में आने वाले 650वें
प्रकाश पर्व से पहले श्रद्धालुओं को श्रद्धा और आपसी सद्भावना
के सूत्र में पिरोया जा सके।
राज्यभर में पहले से चल रहे कार्यक्रमों के बारे में
विस्तार से जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पिछले वर्ष शुरू किए गए रोडमैप
के तहत श्री गुरु रविदास जी महाराज के दर्शन एवं शिक्षाओं
के प्रचार-प्रसार के लिए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में
कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया, &ह्नह्वशह्ल;इन
बहुआयामी प्रयासों में प्रभावशाली ड्रोन शो, कॉलेजों
और विश्वविद्यालयों में अकादमिक सेमिनार, स्कूलों में निबंध
प्रतियोगिताएं, गुरु साहिब की पवित्र बाणी पर विचार-चर्चाएं
और पंजाबभर के शहरों में लगातार कीर्तन दरबार
शामिल हैं, ताकि संगत को गुरु साहिब की दिव्य शिक्षाओं से
जोड़ा जा सके।&ह्नह्वशह्ल;
आज की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान तय किए गए मार्गों की
जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया, &ह्नह्वशह्ल;पहली शोभायात्रा
30 नवंबर को पवित्र शहर वाराणसी (काशी) से शुरू होगी
और कानपुर, दिल्ली, अंबाला, साहिबजादा अजीत सिंह नगर
(मोहाली) तथा रूपनगर से होते हुए 3 दिसंबर को श्री खुरालगढ़
साहिब में संपन्न होगी।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने कहा, &ह्नह्वशह्ल;दूसरी शोभायात्रा 2 दिसंबर को फरीदकोट
से रवाना होगी, जो फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, शहीद भगत
सिंह नगर और गढ़शंकर से होते हुए 3 दिसंबर को श्री
खुरालगढ़ साहिब पहुंचेगी।&ह्नह्वशह्ल;
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया, &ह्नह्वशह्ल;तीसरी शोभायात्रा
1 दिसंबर को बठिंडा से शुरू होकर बरनाला, मानसा,
लहरागागा, संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, मोरिंडा
और रूपनगर से होते हुए 3 दिसंबर को श्री खुरालगढ़ साहिब
पहुंचेगी।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने बताया कि, &ह्नह्वशह्ल;चौथी शोभायात्रा 30 नवंबर को पड़ोसी
राज्य जम्मू से शुरू होकर पठानकोट, गुरदासपुर,
अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर और
होशियारपुर से होते हुए अन्य शोभायात्राओं के साथ 3
दिसंबर को श्री खुरालगढ़ साहिब में संपन्न होगी।&ह्नह्वशह्ल;
वित्त मंत्री ने आगे कहा, &ह्नह्वशह्ल;श्री खुरालगढ़ साहिब में चारों
शोभायात्राओं के पहुंचने के बाद मुख्य धार्मिक समारोहों
की औपचारिक शुरुआत 4 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के
शुभारंभ के साथ होगी।&ह्नह्वशह्ल;
उन्होंने बताया, &ह्नह्वशह्ल;श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र
शिक्षाओं और विरासत को समर्पित इन श्रद्धामय समारोहों के
पहले चरण का समापन 6 दिसंबर को श्री अखंड पाठ साहिब के
भोग के साथ होगा।&ह्नह्वशह्ल;
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