Tuesday, September 22, 2026
BREAKING
बंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया खतरा, कोलकाता-दक्षिण बंगाल पर भारी बारिश और तूफान की आफत Latest News from Punjab September 2026 Latest News from Haryana September 2026 उपराष्ट्रपति ने चाय उद्योग को आधुनिक बनाने, अनुसंधान को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों के लिए भारतीय चाय ब्रांड बनाने का आह्वान किया भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी औषध संहिता आयोग के तहत सोवा-रिग्पा कार्य समूह की पहली बैठक आयोजित रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों की खरीद के लिए 586 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भारत की 7वीं राष्ट्रीय फ़ार्मुलेरी 2026 का शुभारंभ किया, देश में रोगी सुरक्षा प्रणाली दायरा बढ़ाने के लिए जैव सतर्कता कार्यक्रम रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी इंतजार की घड़ी बीत गई: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित करने के लिए तैयार Horoscope Today: दैनिक राशिफल 22 सितंबर, 2026

संपादकीय

बंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया खतरा, कोलकाता-दक्षिण बंगाल पर भारी बारिश और तूफान की आफत

September 22, 2026 06:26 PM

भूपिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ः बंगाल की खाड़ी में फिर हलचल — कोलकाता और दक्षिण बंगाल के लिए अगले कुछ दिन भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी लेकर आए हैं। मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार उत्तर अंडमान सागर के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र बनकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के रूप में विकसित हो रहा है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए और अधिक शक्तिशाली रूप लेने वाला है, और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में और तेज़ होकर एक गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) में बदलने की प्रबल संभावना है, जो दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के निकट पहुंचेगा। इसी हलचल का असर अब बंगाल की खाड़ी से सटे पूरे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर साफ नज़र आने लगा है, और कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश ज़िले इसकी सीधी जद में हैं।
पिछले कुछ हफ्तों का घटनाक्रम देखें तो यह कोई अचानक आई आफत नहीं, बल्कि मानसून के इस मौसम में बंगाल की खाड़ी की एक तयशुदा फितरत बन चुकी है। सितंबर की शुरुआत से ही राज्य में एक के बाद एक मौसमी सिस्टम सक्रिय रहे हैं। महीने के पहले हफ्ते में उत्तर प्रदेश से पूरब की ओर बढ़ते एक निम्न दाब क्षेत्र और सक्रिय मानसून की वजह से कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के लगभग सभी ज़िलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई थी, और कोलकाता व साल्ट लेक जैसे इलाकों में चौबीस घंटे में चालीस से पचास मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई थी। इसके कुछ दिन बाद, महीने के दूसरे सप्ताह में उत्तरी बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश से सटे इलाकों में तेज़ हुआ एक और निम्न दाब क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर खिसका, जिससे कोलकाता में पैंतालीस मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई और शहर के कई हिस्सों में जलभराव व यातायात बाधित होने की स्थिति बनी। यानी पिछले तीन हफ्तों में यह तीसरी बार है जब खाड़ी का कोई मौसमी सिस्टम बंगाल के आसमान पर बादल और बारिश लेकर आ रहा है।
अब सवाल यह है कि इस बार क्या अलग है और आम लोगों को किस बात की तैयारी रखनी चाहिए। दरअसल, ताज़ा सिस्टम की दिशा मुख्य रूप से ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बताई जा रही है, यानी इसका केंद्र सीधे पश्चिम बंगाल के तट से नहीं टकराएगा। लेकिन बंगाल की खाड़ी के मौसमी सिस्टम अक्सर अपने केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक नमी और अस्थिरता फैलाते हैं, और मानसून की सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के साथ जुड़कर यह असर गंगा के मैदानी बंगाल तक आसानी से पहुंच जाता है। यही वजह है कि भले ही सिस्टम का केंद्र ओडिशा तट की तरफ बढ़े, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण चौबीस परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर तथा झाड़ग्राम जैसे दक्षिण बंगाल के ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं भारी बौछारें और गरज के साथ तेज़ हवाएं चलने की आशंका जताई जा रही है। पिछले अनुभवों को देखें तो ऐसे सिस्टम के दौरान अक्सर तीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रही हैं, और कभी-कभी यह गति साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच जाती है।
शहरवासियों के लिए इसका सीधा मतलब है — सड़कों पर जलभराव, यातायात में देरी, और निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या। पिछली बार जब ऐसा ही सिस्टम सक्रिय हुआ था, तब कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में तेज़ हवाओं के चलते पेड़ उखड़ गए थे और वाहनों को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली के खुले तारों और कमजोर पेड़ों के आसपास सतर्क रहें, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी को गंभीरता से लें, क्योंकि सिस्टम के प्रभाव में समुद्र की स्थिति खुरदरी से बहुत खुरदरी रहने की संभावना बनी हुई है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए भी यह जानना ज़रूरी है कि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उप-हिमालयी ज़िलों में भी इसी दौर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी पहले भी जारी की जा चुकी है, इसलिए पहाड़ी और तराई इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर तस्वीर यह बनती है कि सितंबर का यह महीना बंगाल के लिए मौसमी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, और अब एक और सिस्टम के सक्रिय होने से दुर्गा पूजा से ठीक पहले के हफ्तों में भी अनिश्चितता बनी रहेगी। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी संभावना है कि सिस्टम के आगे बढ़ने और कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश की तीव्रता कुछ दिनों में घट जाएगी और मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। फिर भी, अगले चौबीस से अड़तालीस घंटे कोलकाता और दक्षिण बंगाल के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं, और मौसम विभाग की हर अद्यतन जानकारी पर नज़र बनाए रखना ही सबसे बेहतर सावधानी होगी। जैसे-जैसे यह गहरा अवदाब आकार लेगा, आने वाले दिनों में ताज़ा बुलेटिन इसकी सटीक दिशा और तीव्रता पर और स्पष्टता देंगे।

 

Have something to say? Post your comment

और संपादकीय समाचार

भारत-न्यूज़ीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल: 20 अक्टूबर से भारतीय एक्सपोर्ट्स को मिलेगा 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री, होगा सबसे बड़ा फायदा

भारत-न्यूज़ीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल: 20 अक्टूबर से भारतीय एक्सपोर्ट्स को मिलेगा 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री, होगा सबसे बड़ा फायदा

ईरान की सात शर्तें: क्या वाशिंगटन के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा?

ईरान की सात शर्तें: क्या वाशिंगटन के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा?

एफटीए से खुल रहे भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार: पीएम मोदी

एफटीए से खुल रहे भारतीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार: पीएम मोदी

प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे, भारत में तेज़ रफ़्तार शिकारियों का कुनबा बढ़कर हुआ 52

प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे, भारत में तेज़ रफ़्तार शिकारियों का कुनबा बढ़कर हुआ 52

रूस पर वार, भारत पर भी तलवार! अमेरिकी संसद से पास हुआ वह बिल जो बदल सकता है दुनिया की व्यापारिक तस्वीर

रूस पर वार, भारत पर भी तलवार! अमेरिकी संसद से पास हुआ वह बिल जो बदल सकता है दुनिया की व्यापारिक तस्वीर

51 लाख कर्मचारियों की किस्मत बदलने वाला फैसला: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की वेतन सीमा अब ₹25,000, आपकी जेब पर असर पड़ेगा

51 लाख कर्मचारियों की किस्मत बदलने वाला फैसला: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की वेतन सीमा अब ₹25,000, आपकी जेब पर असर पड़ेगा

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई पर शुल्क की वापसी: संतुलन की परीक्षा

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई पर शुल्क की वापसी: संतुलन की परीक्षा

दिल्ली में गूंजा वैश्विक एकजुटता का शंखनाद — जब पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिक गईं!

दिल्ली में गूंजा वैश्विक एकजुटता का शंखनाद — जब पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिक गईं!

भारत को यूरोपीय संघ से मिला 1.64 मिलियन टन स्टील कोटा: मुक्त व्यापार समझौते से खुला 6.95 लाख टन का नया रास्ता

भारत को यूरोपीय संघ से मिला 1.64 मिलियन टन स्टील कोटा: मुक्त व्यापार समझौते से खुला 6.95 लाख टन का नया रास्ता

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और एमएसएमई विकास पर बढ़ता फोकस

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और एमएसएमई विकास पर बढ़ता फोकस

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss