भूपिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ः बंगाल की खाड़ी में फिर हलचल — कोलकाता और दक्षिण बंगाल के लिए अगले कुछ दिन भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी लेकर आए हैं। मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी के अनुसार उत्तर अंडमान सागर के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र बनकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के रूप में विकसित हो रहा है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए और अधिक शक्तिशाली रूप लेने वाला है, और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में और तेज़ होकर एक गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) में बदलने की प्रबल संभावना है, जो दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के निकट पहुंचेगा। इसी हलचल का असर अब बंगाल की खाड़ी से सटे पूरे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर साफ नज़र आने लगा है, और कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के अधिकांश ज़िले इसकी सीधी जद में हैं।
पिछले कुछ हफ्तों का घटनाक्रम देखें तो यह कोई अचानक आई आफत नहीं, बल्कि मानसून के इस मौसम में बंगाल की खाड़ी की एक तयशुदा फितरत बन चुकी है। सितंबर की शुरुआत से ही राज्य में एक के बाद एक मौसमी सिस्टम सक्रिय रहे हैं। महीने के पहले हफ्ते में उत्तर प्रदेश से पूरब की ओर बढ़ते एक निम्न दाब क्षेत्र और सक्रिय मानसून की वजह से कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के लगभग सभी ज़िलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई थी, और कोलकाता व साल्ट लेक जैसे इलाकों में चौबीस घंटे में चालीस से पचास मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई थी। इसके कुछ दिन बाद, महीने के दूसरे सप्ताह में उत्तरी बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश से सटे इलाकों में तेज़ हुआ एक और निम्न दाब क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर खिसका, जिससे कोलकाता में पैंतालीस मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई और शहर के कई हिस्सों में जलभराव व यातायात बाधित होने की स्थिति बनी। यानी पिछले तीन हफ्तों में यह तीसरी बार है जब खाड़ी का कोई मौसमी सिस्टम बंगाल के आसमान पर बादल और बारिश लेकर आ रहा है।
अब सवाल यह है कि इस बार क्या अलग है और आम लोगों को किस बात की तैयारी रखनी चाहिए। दरअसल, ताज़ा सिस्टम की दिशा मुख्य रूप से ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बताई जा रही है, यानी इसका केंद्र सीधे पश्चिम बंगाल के तट से नहीं टकराएगा। लेकिन बंगाल की खाड़ी के मौसमी सिस्टम अक्सर अपने केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर तक नमी और अस्थिरता फैलाते हैं, और मानसून की सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के साथ जुड़कर यह असर गंगा के मैदानी बंगाल तक आसानी से पहुंच जाता है। यही वजह है कि भले ही सिस्टम का केंद्र ओडिशा तट की तरफ बढ़े, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण चौबीस परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर तथा झाड़ग्राम जैसे दक्षिण बंगाल के ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं भारी बौछारें और गरज के साथ तेज़ हवाएं चलने की आशंका जताई जा रही है। पिछले अनुभवों को देखें तो ऐसे सिस्टम के दौरान अक्सर तीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रही हैं, और कभी-कभी यह गति साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच जाती है।
शहरवासियों के लिए इसका सीधा मतलब है — सड़कों पर जलभराव, यातायात में देरी, और निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या। पिछली बार जब ऐसा ही सिस्टम सक्रिय हुआ था, तब कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में तेज़ हवाओं के चलते पेड़ उखड़ गए थे और वाहनों को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह है कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली के खुले तारों और कमजोर पेड़ों के आसपास सतर्क रहें, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी को गंभीरता से लें, क्योंकि सिस्टम के प्रभाव में समुद्र की स्थिति खुरदरी से बहुत खुरदरी रहने की संभावना बनी हुई है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए भी यह जानना ज़रूरी है कि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जैसे उप-हिमालयी ज़िलों में भी इसी दौर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी पहले भी जारी की जा चुकी है, इसलिए पहाड़ी और तराई इलाकों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर तस्वीर यह बनती है कि सितंबर का यह महीना बंगाल के लिए मौसमी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, और अब एक और सिस्टम के सक्रिय होने से दुर्गा पूजा से ठीक पहले के हफ्तों में भी अनिश्चितता बनी रहेगी। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी संभावना है कि सिस्टम के आगे बढ़ने और कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश की तीव्रता कुछ दिनों में घट जाएगी और मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। फिर भी, अगले चौबीस से अड़तालीस घंटे कोलकाता और दक्षिण बंगाल के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं, और मौसम विभाग की हर अद्यतन जानकारी पर नज़र बनाए रखना ही सबसे बेहतर सावधानी होगी। जैसे-जैसे यह गहरा अवदाब आकार लेगा, आने वाले दिनों में ताज़ा बुलेटिन इसकी सटीक दिशा और तीव्रता पर और स्पष्टता देंगे।