Tuesday, September 22, 2026
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Latest News from Punjab September 2026 Latest News from Haryana September 2026 उपराष्ट्रपति ने चाय उद्योग को आधुनिक बनाने, अनुसंधान को मजबूत करने और वैश्विक बाजारों के लिए भारतीय चाय ब्रांड बनाने का आह्वान किया भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी औषध संहिता आयोग के तहत सोवा-रिग्पा कार्य समूह की पहली बैठक आयोजित रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों की खरीद के लिए 586 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भारत की 7वीं राष्ट्रीय फ़ार्मुलेरी 2026 का शुभारंभ किया, देश में रोगी सुरक्षा प्रणाली दायरा बढ़ाने के लिए जैव सतर्कता कार्यक्रम रेलवे से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे और स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए विशेष अभियान 6 की तैयारियां जारी इंतजार की घड़ी बीत गई: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 22 सितंबर को भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ को सम्मानित करने के लिए तैयार Horoscope Today: दैनिक राशिफल 22 सितंबर, 2026 भारत-न्यूज़ीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल: 20 अक्टूबर से भारतीय एक्सपोर्ट्स को मिलेगा 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री, होगा सबसे बड़ा फायदा

हरियाणा

Latest News from Haryana September 2026

September 22, 2026 06:54 AM

*गुरुओं की धरती पर नशे के सौदागर बर्दाश्त नहीं, 2027 में भाजपा सरकार बनी तो नशे के सौदागरों पर होगी कार्रवाई — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*नशे के खिलाफ अभियान को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, जन आंदोलन बनाएं*

 

*पंजाब की जनता को नारे नहीं, नशे से मुक्ति, इलाज, रोजगार और सम्मान चाहिए*

 

चंडीगढ़, 21 सितंबर—हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब की पहचान पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के ‘किरत करो, नाम जपो, वंड छको’ के संदेश, सरबंश दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी, मेहनतकश किसानों, देश की सीमाओं पर डटे वीर जवानों और दुनिया में अपनी मेहनत का लोहा मनवाने वाले पंजाबी समाज से रही है। ऐसी पावन और गौरवशाली धरती पर नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जनता के आशीर्वाद से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, तो पंजाब में जो नशा फैलाने वाले लोग हैं, वे या तो अपना धंधा छोड़ देंगे या फिर पंजाब छोड़ देंगे, ऐसे लोगों का पंजाब में कोई स्थान नहीं है।

 

मुख्यमंत्री सोमवार को पंजाब के जलालाबाद में नशा मुक्त यात्रा के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ शुरू की गई इस यात्रा को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम या रोड शो तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाकर वास्तविक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों का आह्वान किया कि वे नशे से प्रभावित परिवारों से मिलें, नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को अपनापन दें और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास करें।

 

*वादों से तारीखों तक पहुंची पंजाब की जनता की उम्मीद*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से नशा खत्म करने के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए। सत्ता में आने से पहले तीन से छह महीने के भीतर नशा खत्म करने की बात कही गई, लेकिन इसके बाद तारीखों पर तारीखें आती रहीं। पहले 15 अगस्त 2024, फिर 31 दिसंबर 2024 और उसके बाद 1 मार्च 2025 तक नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के दावे किए गए। अब पंजाब की जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर वह समयसीमा कब पूरी होगी, जिसका वादा चुनाव के समय किया गया था।

 

उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े विज्ञापनों और पोस्टरों के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा किया गया, लेकिन पंजाब के लोग धरातल पर बदलाव चाहते हैं। पंजाब सरकार ने जनता के कल्याण का पैसा विज्ञापनों पर खर्च करने का काम किया है।

 

*बड़े नशा कारोबारियों पर होनी चाहिए कार्रवाई*

 

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे के बड़े सौदागर किसकी छत्रछाया में फल—फूल रहे हैं। पुलिस लोगों को दिखाने के लिए छोटी मछलियों को पकड़ती है, लेकिन बड़े मगरमच्छों को हाथ भी नहीं लगाती। ये पंजाब सरकार के हालात है। आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े विज्ञापन दिए, रंग-बिरंगे पोस्टर लगाकर नशा विरोधी अभियान के नए-नए नाम रखें, लेकिन पंजाब के नौजवानों को नारा नहीं, नशे से मुक्त इलाज, रोजगार व सम्मान चाहिए।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि चंडीगढ़ में उनके निवास से मात्र 500 मीटर की दूरी पर पंजाब के मुख्यमंत्री का निवास है, लेकिन उनके अपने निवास संत कबीर कुटीर पर रोजाना दो से ढाई हजार लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री के निवास पर आम आदमी का पहुंचना तक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है।

क्रमांक — 2026

 

 

 

 

*लड़कियों की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ -खेल मंत्री*

*खिलाडिय़ों को खेल भावना से खेलने का दिलाया गया संकल्प*

चण्डीगढ, 21 सितंबर - हरियाणा प्रदेश की बेटियों को खेलों के क्षेत्र में बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 21 से 23 सितंबर तक आयोजित की जा रही तीन दिवसीय 59वीं हरियाणा राज्य स्तरीय विद्यालय क्रीड़ा खो-खो प्रतियोगिता का  हरियाणा सरकार में खेल एवं युवा अधिकारिता राज्य मंत्री गौरव गौतम ने सोमवार को मुख्य अतिथि के रूप में प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से पहुंची बालिका खिलाडिय़ों ने उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 14, 16 एवं 17 वर्ष आयु वर्ग की बालिका खिलाड़ी भाग ले रही हैं।

*पलवल बनेगा खेलों का हब: खेल मंत्री*

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के साथ-साथ पलवल जिला को प्रमुख खेल केंद्र बनाने की दिशा में भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लगातार प्रयासरत हैं। सरकार द्वारा पलवल में राष्टड्ढ्र स्तरीय, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करवाकर खिलाडिय़ों की खेल प्रतिभा को निखारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। 

*भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा आगे - गौरव गौतम*

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि भारत आजादी के 100वें वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल, तकनीक, रक्षा, कृषि, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं उभर रही हैं। युवा शक्ति, स्टार्टअप और अनुसंधान भारत की प्रगति के प्रमुख आधार बन रहे हैं। आधुनिक तकनीक से कृषि को अधिक उत्पादक और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर है, वहीं स्वदेशी रक्षा उत्पादन देश की सुरक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। खेलों में प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और खिलाडिय़ों की बढ़ती क्षमता भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही है।

*खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने खिलाडिय़ों का बढ़ाया उत्साह*

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की बेटियों ने खेलों के क्षेत्र में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली बेटियों को खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का भी महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे प्रतियोगिता में पूरे उत्साह के साथ भाग लें और जीत-हार से ऊपर उठकर अपनी प्रतिभा एवं खेल भावना का प्रदर्शन करें।

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

*गौशालाओं के साथ-साथ प्रदेश में चार गौवन विकसित करने की प्रक्रिया जारी: मोहनलाल कौशिक*

*चारा अनुदान राशि के लिए 14 अक्टूबर तक पोर्टल खुला, पंजीकृत गौशालाएं करें आवेदन*

*बेसहारा गायों को अभियान चलाकर अतिरिक्त गौशालाओं में भेजने का किया जाएगा कार्य*

चंडीगढ़, 21 सितंबर: सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहनलाल कौशिक ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार गांवों एवं शहरों को बेसहारा गायों से मुक्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत गौशालाओं के साथ-साथ प्रदेश में चार गौवन विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है।

श्री मोहनलाल कौशिक आज चंडीगढ़ में गौसेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने हैफेड, प्राकृतिक खेती तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

*गौचरान भूमि में से 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को देने के निर्देश*

सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों को गौचरान भूमि में से कम से कम 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि गायों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था की जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर घूम रही गायों को गौशालाओं एवं गौवन में सुरक्षित रखने के लिए गौसेवा आयोग, ग्राम पंचायतों तथा शहरी स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश की लगभग 707 पंजीकृत गौशालाओं में करीब 40 हजार गायों को रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शेष बेसहारा गायों को अभियान चलाकर अतिरिक्त गौशालाओं में भेजने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में 89 एकड़ भूमि पर गौवन विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा पलवल के गांव राजपुरा खादर, कैथल के गांव भूना तथा करनाल के गांव सांभली में भी गौवन विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 22 गौशालाओं को पुनः चालू किया जाएगा तथा 14 नई गौशालाएं खोलने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौशालाओं एवं गौवन का विकास कर गायों को सुरक्षित रखना तथा उनके लिए चारे एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि जल्द ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनके माध्यम से घायल एवं बीमार गायों को उपचार एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गायों के लिए चारे की व्यवस्था हेतु चारा अनुदान के रूप में राशि प्रदान की जा रही है। चारा अनुदान राशि के लिए पोर्टल खुला हुआ है और पंजीकृत गौशालाएं 14 अक्टूबर तक अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके बाद छह माह की चारा अनुदान किस्त जारी की जाएगी। इस वर्ष गौशालाओं के लिए चारा अनुदान के रूप में 300 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री कौशिक ने कहा कि इस वर्ष 200 गौशालाओं में आयरन शेड बनाने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। आयरन शेड के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गत वर्ष 49 गौशालाओं में शेड बनवाए गए थे।

उन्होंने कहा कि हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में गायों की नस्ल सुधार के लिए करोड़ों रुपये की लागत से लैब स्थापित की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि हरियाणा के किसानों को बेहतर नस्ल की गायें उपलब्ध हो सकें। गुजरात, उत्तराखंड एवं पंजाब में भी गायों की नस्ल सुधार के लिए कार्य किया गया है। हरियाणा में भी इस दिशा में कार्य कर गौवंश की नस्ल सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा।

सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि पंचकूला के रतेवाली में भी गौशाला का निर्माण किया गया है। जल्द ही इस गौशाला का पंजीकरण करवाया जाएगा। इसके अलावा सुखदर्शनपुर स्थित भवन का उपयोग करते हुए गौवंश अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें पंचगव्य उत्पाद भी विकसित किए जाएंगे। इस भवन में स्वदेशी मेले भी आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि हिसार के गांव ढोबी में फॉस्फेट युक्त जैविक खाद का प्लांट स्थापित किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी. बी. भारती, गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्री रामचंद्र कांबोज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

क्रमांक: 2026

 

 

 

 

*हरियाणा के 250 पीएम श्री स्कूलों का होगा कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय- मंत्री महीपाल ढांडा*

 

चंडीगढ़, 21 सितंबर- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के राजकीय स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ तथा आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के 250 'पीएम श्री' स्कूलों को विशेष रूप से लाइब्रेरी, ग्रीन कैंपस, डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों की लाइब्रेरी में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

शिक्षा मंत्री सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्कूलों के कायाकल्प, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश कहा कि राजकीय स्कूलों के कायाकल्प का कार्य एक तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और शैक्षणिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कार्य में देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

खेलों के क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा देश में 'खेलों का हब' है और यहां की माटी ने देश को वैश्विक स्तर पर कई नामी खिलाड़ी दिए हैं। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए और अधिक से अधिक पदक जीत सकें।

इस दूरगामी लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर यानी स्कूलों से ही तैयारी शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के राजकीय स्कूलों में खिलाड़ियों के लिए उच्च गुणवत्ता का खेल सामान मुहैया करवाया जाएगा। स्कूलों में खेलों की स्थानीय रुचि और जरूरत के हिसाब से ही खेल सामग्री वितरित की जाएगी ताकि उदीयमान खिलाड़ियों को बचपन से ही सही प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें।

बैठक में हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक श्री स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

*जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में नए विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ*

 

*- विद्यार्थी विश्वविद्यालय के संसाधनों एवं सुविधाओं का लाभ उठायें: कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार*

 

चंडीगढ़ , 21 सितंबर- जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड कंप्यूटिंग तथा फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं एवं कैंपस परिवेश से परिचित कराना तथा विश्वविद्यालय जीवन की नई शुरुआत के लिए उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और अपनत्व की भावना विकसित करना है।

 

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार मुख्य अतिथि प्रो. डी. बी. लोबियाल, प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. दिलीप कुमार शर्मा, डीन, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोलैबोरेशंस, जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।

 

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, प्रयोगशालाओं, विशेषज्ञ शिक्षकों एवं अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, मूल्यों और शैक्षणिक वातावरण को समझने तथा अपने नए संस्थान के साथ जुड़ाव महसूस करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

 

फैकल्टी ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड कंप्यूटिंग के डीन प्रो. मनजीत सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

 

विशिष्ट अतिथि प्रो. दिलीप कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है।

 

मुख्य अतिथि प्रो. डी. बी. लोबियाल ने कहा कि अंक शैक्षणिक उपलब्धि को दर्शाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे सफलता की गारंटी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक ज्ञान, उद्देश्य के प्रति गंभीरता, लक्ष्य पर एकाग्रता और धैर्य दीर्घकालिक सफलता के लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।

 

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. ममता कथूरिया, अध्यक्षा, कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग, ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

क्रमांक -2026

जंगबीर सिंह

 

 

 

 

 

*हरियाणा में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती, 2,295 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार*

*नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष से 2,180 करोड़ रुपये की ऋण सहायता का प्रस्ताव*

*सौर ऊर्जा, जल सुरक्षा और ऊर्जा भंडारण के लिए ग्रीन फाइनेंसिंग पर जोर*

चंडीगढ़, 21 सितंबर-हरियाणा सरकार ने सिंचाई, सड़कों, पेयजल आपूर्ति तथा भंडारण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,295.27 करोड़ रुपये की ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इनमें से 2,180.50 करोड़ रुपये की ऋण सहायता नाबार्ड के ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत प्रस्तावित है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक बैठक में राज्य में नाबार्ड की सहायता से चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा संबंधित विभागों द्वारा ऋण निकासी के दावे समय पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली छह प्रमुख परियोजनाओं में सिंचाई, पेयजल, सड़क और वेयरहाउसिंग बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावित है।

नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती निवेदिता तिवारी ने बताया कि नए प्रस्तावों में 315.36 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली सिंचाई परियोजना शामिल है, जिसके लिए 299.59 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। इसके अलावा, सड़कों के सुधार, चैड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से संबंधित 57 परियोजनाओं की कुल लागत 495.71 करोड़ रुपये है, जिनके लिए 470.92 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। दोनों प्रस्ताव आरआईडीएफ पोर्टल पर प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

नूंह और पलवल जिलों के पांच महाग्रामों-बिछोर, बिसरू, नई, सिंगार और पिंगवां को कवर करने वाली एक बड़ी ग्रामीण पेयजल परियोजना की कुल लागत 744.59 करोड़ रुपये है। इसमें 707.36 करोड़ रुपये की आरआईडीएफ सहायता प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत यमुना के बाढ़ क्षेत्र में रैनी वैल तथा संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण करके जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाने की योजना है। आरआईडीएफ के तहत अपेक्षित मानक आवंटन को देखते हुए परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है। इसके प्रथम चरण के लिए 299 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता संबंधी प्रस्ताव को हरियाणा वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति दी जानी है।

एक अन्य प्रस्ताव के तहत हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के पास उपलब्ध खाली भूमि पर 2,30,508 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले गोदामों के निर्माण तथा निचले क्षेत्रों में स्थित परिसरों में 1,23,664 मीट्रिक टन गोदाम क्षमता के पुनर्निर्माण के लिए 290.74 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। इसमें 276.20 करोड़ रुपये का ऋण घटक प्रस्तावित है। वित्त विभाग ने इस परियोजना को नाबार्ड की अवसंरचना विकास सहायता (एनआईडीए) योजना के तहत वित्तपोषण के लिए भी विचार किए जाने की स्वीकृति दी है।

मुख्य सचिव ने सोनीपत के गन्नौर स्थित इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट (आईआईएचएम) की भी समीक्षा की। इसके लिए नाबार्ड ने एनआईडीए के तहत 1,850 करोड़ रुपये का सावधि ऋण स्वीकृत किया है। परियोजना का वित्तीय चरणबद्ध क्रियान्वयन वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक तीन वर्षों के लिए निर्धारित है। वर्ष 2025-26 में 740 करोड़ रुपये के निर्धारित चरण के मुकाबले 451 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिससे 289 करोड़ रुपये का वितरण अंतर रहा। वर्ष 2026-27 के लिए चरणबद्ध वितरण 740 करोड़ रुपये है। एचआईएचएमसीएल को परियोजना की भौतिक प्रगति के अनुरूप ऋण निकासी के दावे प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा सके।

बैठक में सूक्ष्म सिंचाई को भी प्रमुखता से समीक्षा के दायरे में रखा गया। समिति द्वारा सूक्ष्म सिंचाई कोष (एमआईएफ) के तहत 264.24 करोड़ रुपये के ऋण घटक वाली चार नई परियोजनाओं की संचालन सिफारिश की गई है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भी हरियाणा सरकार के मिकाडा के ऋण आवेदन को एमआईएफ के तहत नाबार्ड से वित्तीय सहायता की स्वीकृति हेतु विचार किए जाने की सिफारिश की है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही आरआईडीएफ परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। वित्तीय चरणबद्धता के अनुसार 17 अगस्त, 2026 तक आरआईडीएफ की 28वीं से 31वीं किस्त के तहत चल रही परियोजनाओं में 962.81 करोड़ रुपये के वितरण अंतर की जानकारी दी गई। संबंधित विभागों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुरूप नियमित रूप से ऋण निकासी के दावे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। सिंचाई, सड़क, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, शिक्षा, पशुपालन, कृषि विपणन, वेयरहाउसिंग तथा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की विभागवार प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 के दौरान हरियाणा के लिए नाबार्ड से 2,300 करोड़ रुपये की उधार सीमा को मंजूरी दी है। आरआईडीएफ और एमआईएफ के तहत लगभग 1,600 करोड़ रुपये के संभावित वितरण को देखते हुए राज्य के पास उपलब्ध उधार सीमा का बेहतर उपयोग करने के लिए आरआईएएस, एनआईडीए तथा नाबार्ड ग्रीन लेंडिंग फैसिलिटी (एनजीएलएफ) के तहत अतिरिक्त बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की पहचान की जा सकती है।

बैठक में हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) द्वारा सरकारी एवं सार्वजनिक भवनों के सोलराइजेशन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। प्रथम चरण में लगभग 100 मेगावाट क्षमता के सोलराइजेशन का प्रस्ताव है, जिसकी अनुमानित लागत 470 करोड़ रुपये है। इसके लिए लगभग 423 करोड़ रुपये की नाबार्ड सहायता प्रस्तावित है। पात्रता एवं लागू दिशा-निर्देशों के अधीन इस पहल को नाबार्ड की उपयुक्त वित्तीय सहायता योजना के तहत विचार किया जा सकता है।

‘वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को भी नाबार्ड की वित्तीय सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण संभावित क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम की कुल अनुमानित लागत लगभग 5,714 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये विश्व बैंक सहायता तथा 1,714 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा शामिल है। कार्यक्रम का उद्देश्य भूजल पुनर्भरण, सिंचाई एवं जल उपयोग दक्षता में सुधार, जल निकायों एवं जलधाराओं का पुनरुद्धार, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने तथा उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग के माध्यम से जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलता को मजबूत करना है। राज्य सरकार के महत्वपूर्ण वित्तीय हिस्से को देखते हुए पात्रता एवं लागू दिशा-निर्देशों के अधीन आरआईएएस के तहत राज्य के हिस्से के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड से सहायता की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने आरआईएएस/एनआईडीए के तहत संभावित वित्तपोषण के लिए 2,068.33 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली चार परियोजनाओं की भी पहचान की है।

बैठक में चल रही आरआईडीएफ और एमआईएफ परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं वित्तीय वितरण में तेजी लाने के साथ-साथ राज्य की उभरती जरूरतों के लिए नाबार्ड की व्यापक वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ उठाने पर विशेष जोर दिया गया। इनमें जल सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, टिकाऊ बुनियादी ढांचा तथा अन्य पात्र हरित एवं जलवायु-अनुकूल परियोजनाएं शामिल हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया तथा राज्य सरकार और नाबार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्रमांक -2026

                                                         

 

 

 

 

सैनिकों के बलिदान से सुरक्षित है देश - राव इंद्रजीत सिंह

’शहीद सूबेदार नरेश कुमार की प्रतिमा का अनावरण कर केंद्रीय मंत्री ने दी श्रद्धांजलि

 

चण्डीगढ़, 21 सितंबर - केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आज गुरुग्राम के गांव डाबोधा में शहीद  सूबेदार नरेश कुमार की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश  के बहादुर सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, जिससे नागरिक सुरक्षित माहौल में जीवन व्यतीत कर पाते हैं।

राव इंद्रजीत सिंह ने इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और खुशहाली में सैनिकों तथा उनके परिवारों का योगदान सर्वोपरि है। उन्होंने शहीद के परिवार, गांव के बुजुर्गों, पूर्व तथा मौजूदा सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों और नागरिकों का भी धन्यवाद किया, जो अलग-अलग स्थानों से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से पूरी तरह दूर रहें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर देश सेवा के लिए स्वयं को तैयार करें। उन्होंने कहा कि आज के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगानी चाहिए। युवाओं को सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए।

क्रमांक – 2026

 

 

 

 

 

 

युवाओं को अच्छी शिक्षा, बेहतर कौशल, रोजगार के अवसर व आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है हरियाणा सरकार - मंत्री श्याम सिंह राणा

 

आईटीआई कैथल में आयोजित रोजगार मेले में कृषि मंत्री ने बांटे नियुक्ति पत्र

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से मिल रही है हमें प्रेरणा

 चण्डीगढ़, 21 सितंबर - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण व मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा के युवाओं को अच्छी शिक्षा, बेहतर कौशल, रोजगार के अवसर और आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं मिलें। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा गंभीरता से काम किया जा रहा है। युवा के हाथ में जब हुनर होगा तो उसे रोजगार मिलेगा। इसके लिए सभी क्षेत्रों में कौशल के विकास पर जोर दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में भी तकनीक का प्रयोग करते हुए रोजगार परक बनाया जाएगा, ताकि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सके।

श्री श्याम सिंह राणा सोमवार को कैथल के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित रोजगार मेले में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन हमारे लिए प्रेरणादायक है। देश आज उनकी अगुवाई में विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है।

मंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान मेहनत, हिम्मत और प्रतिभा से है। हमारे प्रदेश के युवाओं ने शिक्षा, खेल, सेना, खेती, उद्योग और हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन सकता है। आज शिक्षा का मतलब केवल डिग्री लेना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे हमारे बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ कौशल, आत्मविश्वास और नई सोच पैदा हो। आज का समय तकनीक का समय है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, विज्ञान, स्टार्टअप और नए-नए रोजगार के क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए हमारी सरकार की कोशिश है कि हरियाणा का युवा बदलते समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। हरियाणा कौशल रोजगार मिशन के माध्यम से युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।

 

 कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल से किसानों को जोड़ा गया, ताकि खेती के लिए सब्सिडी पर दी जाने वाली खाद का गैर कृषि कार्यों में प्रयोग न हो सके। आज प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। हम चाहते हैं कि हमारे युवा खेती को केवल परंपरागत काम के रूप में न देखें, बल्कि इसे आधुनिक व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर के रूप में भी देखें। खेती में तकनीक आएगी, तो किसान की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।

 कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें कई तरह के आयोजन किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने ब्रिक्स सम्मेलन में साझा घोषणा पत्र जारी करवा कर 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ाया है।

क्रमांक - 2026

 

 

 

हरियाणा में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं मे तेजी, पीएमजेवीके के 99.97 प्रतिशत कार्य पूरे

एनएमडीएफसी के लिए सरकारी गारंटी 25 से बढ़ाकर 35 करोड़ रुपये की

12,900 से अधिक वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद’ पोर्टल पर मंजूरी

चंडीगढ़, 21 सितंबर-हरियाणा में अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत स्वीकृत 2,902 इकाइयों में से 2,901 इकाइयों का कार्य पूरा हो चुका है, जो 99.97 प्रतिशत भौतिक प्रगति को दर्शाता है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक समुदायों के लिए संचालित ऋण एवं आजीविका योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में हजारों लाभार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

यह जानकारी आज यहां केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण और हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की संयुक्त अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, ऋण एवं आजीविका कार्यक्रमों, वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण, छात्रवृत्ति तथा अन्य कल्याणकारी पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि पीएमजेवीके के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत 156.21 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 109.24 करोड़ रुपये है। केंद्र से जारी राशि के विरुद्ध 94.84 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुके हैं।

बैठक में हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम (एचबीसीकेएन) के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों को सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। निगम द्वारा अब तक 11,879 लाभार्थियों को कुल 84.31 करोड़ रुपये की सावधि ऋण सहायता प्रदान की गई है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) को ऋण की वापसी की दर 99.97 प्रतिशत रही है, जबकि लाभार्थी स्तर पर वसूली 96 प्रतिशत दर्ज की गई है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सावधि ऋण योजना के तहत लगभग 439 लाभार्थियों के लिए 7.19 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 10 जागरूकता-सह-ऋण शिविर तथा विपणन सहायता कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई है। हरियाणा सरकार ने एनएमडीएफसी के लिए सरकारी गारंटी 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 35 करोड़ रुपये कर दी है, जिससे भविष्य में अधिक ऋण वितरण की संभावनाएं बढ़ी हैं।

नूंह में मेवात विकास एजेंसी (एमडीए) द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के 3,779 लाभार्थियों को 11.96 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें 3,365 लाभार्थियों को 9.77 करोड़ रुपये की सूक्ष्म वित्त सहायता तथा 414 लाभार्थियों को 2.18 करोड़ रुपये के सावधि एवं शिक्षा ऋण शामिल हैं।

वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। गत 16 सितंबर तक 12,919 वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद’ पोर्टल पर मंजूरी दी जा चुकी है। वहीं, मेकर स्तर पर लंबित मामलों की संख्या 19 अगस्त के 408 से घटकर 33 रह गई है।

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 13 जिलों में सत्यापन का कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। जांचे गए सभी 64 संस्थानों का सत्यापन सही पाया गया।

बैठक में ’लोक संवर्धन पर्व’ की तैयारियों, ‘उम्मीद’ पोर्टल को अपडेट करने से संबंधित विषयों, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा अल्पसंख्यक समुदायों के कौशल विकास एवं आजीविका से जुड़ी पहलों की भी समीक्षा की गई।

श्री रस्तोगी ने शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी तथा अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, सेवा विभाग के निदेशक श्री अजय कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

उद्योग आधारित प्रशिक्षण के लिए हरियाणा में अपग्रेड होंगी 60 सरकारी आईटीआई

पीएम-सेतु के तहत 12 क्लस्टरों में होगा आईटीआई का आधुनिकीकरण

एआई, ड्रोन और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम

प्रति लाख अप्रेंटिस की संख्या में हरियाणा देश में प्रथम, अब तक 4.73 लाख से अधिक अप्रेंटिस जुड़े

चंडीगढ़, 21 सितंबर-हरियाणा में औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) के तहत प्रदेश के 12 क्लस्टरों में 60 सरकारी आईटीआई को अगले पांच वर्षों में अपग्रेड किया जाएगा। इन संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई पीएम-सेतु और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने, उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नए पाठ्यक्रम विकसित करने तथा अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसरों से प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।

युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि पीएम-सेतु के तहत हरियाणा में 12 क्लस्टरों की पहचान की गई है, जिनमें 60 हब-एंड-स्पोक आईटीआई शामिल हैं। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत देशभर में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 आईटीआई का उन्नयन किया जाना है, जिनमें 200 हब और 800 स्पोक शामिल हैं। इसके अलावा, पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है।

पीएम-सेतु की एक प्रमुख विशेषता इसका उद्योग आधारित संचालन माॅडल है। हर क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर को संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर स्थानीय श्रम बाजार की मांग और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं के आधार पर पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के तहत प्रशिक्षण की रोजगारपरकता, प्लेसमेंट की गुणवत्ता और वेतन स्तर से जुड़े स्पष्ट परिणाम निर्धारित किए जाएंगे।

उद्योग भागीदारों द्वारा उभरती रोजगार भूमिकाओं की पहचान, मौजूदा पाठ्यक्रमों का पुनर्गठन, नए पाठ्यक्रमों का विकास, उद्योग विशेषज्ञों एवं मास्टर ट्रेनरों की सेवाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यशालाओं, प्रयोगशालाओं और डिजिटल कक्षाओं के आधुनिकीकरण में सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही अप्रेंटिसशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और रोजगार के लिए मजबूत पाइप लाइन विकसित की जाएगी।

योजना के तहत प्रत्येक हब आईटीआई के लिए अधिकतम 81 करोड़ रुपये तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। योजना के 60,000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय परिव्यय में 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई के उन्नयन के लिए 56,900 करोड़ रुपये, पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सहायता के लिए 1,600 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

राज्य मंे कुरुक्षेत्र, कलायत, सोनीपत, झज्जर और पलवल सहित पांच क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। कुरुक्षेत्र और कलायत क्लस्टरों के लिए प्राप्त निविदाओं का मूल्यांकन कर राज्य संचालन समिति के समक्ष रखा गया। समिति ने संबंधित प्रस्तावों और रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा कुरुक्षेत्र क्लस्टर के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके तहत इसमें आईटीआई कैथल (महिला) को शामिल किया जाना है। वहीं, कलायत क्लस्टर को तीन से छह माह के लिए स्थगित किया गया है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर से संबंधित संशोधित प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है।

बैठक में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल के आंकड़ों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में वर्ष 2016-17 से अब तक कुल 4,73,354 अप्रेंटिस जुड़े हैं। अप्रेंटिस की वार्षिक संख्या 2016-17 में 5,225 से बढ़कर 2025-26 में 86,565 हो गई। वित्त वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर तक 51,550 अप्रेंटिस जोड़े जा चुके हैं, जिनमें 9,106 निर्धारित ट्रेड और 42,444 वैकल्पिक ट्रेड में हैं।

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि प्रति लाख आबादी अप्रेंटिस की संख्या के मामले में हरियाणा देश में प्रथम स्थान पर है। यह संख्या वर्ष 2017 में प्रति लाख 76 से बढ़कर वर्ष 2026 में प्रति लाख 1,814 हो गई है। अप्रेंटिस की अधिकतम संख्या को जोड़ने के लिए हरियाणा को वर्ष 2017 में ‘चैंपियन ऑफ चेंज’ पुरस्कार भी मिला था।

उन्होंने बताया कि युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए हर महीने आठ जिलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान अब तक 255 अप्रेंटिसशिप मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें चालू वित्त वर्ष में अब तक आयोजित 39 मेले भी शामिल हैं।

अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला अप्रेंटिसशिप समितियों का गठन किया गया है तथा सरकारी आईटीआई में समर्पित अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट सेल कार्यरत हैं। जिला समितियों को उद्योगों की भागीदारी, अप्रेंटिस की संख्या बढ़ाने तथा क्रियान्वयन से संबंधित बाधाओं के समाधान सहित कार्यक्रम की प्रगति की हर तिमाही समीक्षा करने का दायित्व सौंपा गया है।    

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