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हरियाणा

Latest News from Haryana November 2026

November 04, 2026 06:10 AM

अमित कुमार अग्रवाल को एचएसआईआईडीसी और ईईसी के चेयरमैन का अतिरिक्त कार्यभार

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर-हरियाणा सरकार ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ.अमित कुमार अग्रवाल को हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम  (एचएसआईआईडीसी) तथा एम्पावर्ड एग्जीक्यूटिव कमेटी (ईईसी) के चेयरमैन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह व्यवस्था मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की नियुक्ति होने तक प्रभावी रहेगी।

 

*ग्रेटर फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को रफ्तार देने पर सीएम नायब सिंह सैनी का आभार : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर* 

 

*753 करोड़ रुपये के एलिवेटेड फ्लाईओवर का 17 दिसंबर को होगा टेंडर* 

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर - हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने ग्रेटर फरीदाबाद को एनआईटी फरीदाबाद से जोड़ने वाले लगभग 753 करोड़ रुपये की लागत के महत्वाकांक्षी एलिवेटेड फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हृदय से आभार व्यक्त किया है। 

 

श्री नागर ने कहा कि यह परियोजना फरीदाबाद के विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी। इससे ग्रेटर फरीदाबाद की कनेक्टिविटी न केवल एनआईटी क्षेत्र से मजबूत होगी, बल्कि गुरुग्राम की ओर आवागमन भी पहले से अधिक सुगम और सुविधाजनक हो सकेगा। इस परियोजना का टेंडर 17 दिसंबर को प्रस्तावित है, जिससे इसके धरातल पर उतरने का रास्ता साफ होगा। 

 

मंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की मांग उन्होंने विधायक रहते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के समक्ष उठाई थी। उनका उद्देश्य था कि तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर फरीदाबाद को शहर के पुराने हिस्सों और प्रमुख मार्गों से सीधे जोड़ा जाए, ताकि लोगों को जाम और लंबी दूरी की परेशानी से राहत मिल सके। आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और सकारात्मक सोच से यह प्रयास साकार होने जा रहा है। 

 

उन्होंने कहा कि सैनिक कॉलोनी मोड़ से ग्रेटर फरीदाबाद और अमृता अस्पताल तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर से बड़खल, अनखीर, मस्जिद चौक, प्याली-हार्डवेयर और बाटा चौक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा। परियोजना के तहत विभिन्न स्थानों पर फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाएंगे। 

 

श्री राजेश नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा के संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। यह परियोजना आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ औद्योगिक, व्यावसायिक और शहरी विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार का पुनः धन्यवाद किया।

 

क्रमांक – 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

*अगले पांच वर्षों में राज्य के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी*

 

*हरियाणा के 20.57 अरब डॉलर के निर्यात कारोबार की वैश्विक बाजार में बड़े विस्तार की तैयारी*

 

*200 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हरियाणा के उत्पाद*

 

*फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के अवसरों का लाभ उठाए उद्योगपति – मुख्यमंत्री*

 

*गुणवत्ता, तकनीक और सतत विनिर्माण पर दे जोर- राव नरबीर सिंह*

 

*गुरुग्राम में आयोजित हुई राज्य स्तरीय एफटीए आउटरीच कार्यशाला*

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर 2026- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वैश्विक बाजारों के साथ भारत का बढ़ता जुड़ाव हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आया है। कार्यक्रम को विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कारोबारियों से देश के व्यापार समझौतों का पूरा लाभ उठाने, नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने का आह्वान किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को अपने मजबूत विनिर्माण आधार और कुशल कार्यबल की क्षमता का लाभ उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति और बढ़ानी होगी। उन्होंने अगले पांच वर्षों में राज्य के निर्यात को दोगुना करने के लक्ष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दिशा में केंद्रित नीतिगत ढांचे, मजबूत संस्थागत सहयोग और उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

 

 हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में “लेवरेजिंग एफटीए – आउटरीच प्रोग्राम” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार के वरिष्ठ गणमान्य अधिकारीगण, जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, व्यापार विशेषज्ञों और प्रमुख निर्यात संवर्धन परिषदों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का आयोजन हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग तथा विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के क्षेत्रीय कार्यालयों के सहयोग से किया गया। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) इस कार्यक्रम का नॉलेज पार्टनर रहा इस राज्य स्तरीय आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य हरियाणा के उद्योगों और कारोबारियों को भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के तहत उपलब्ध बाजार अवसरों की जानकारी देना, टैरिफ रियायतों एवं रूल्स ऑफ ओरिजिन को समझने में सहायता करना, गैर-टैरिफ बाधाओं से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए उनकी तैयारी को मजबूत करना था।

 

*हरियाणा के उत्पाद आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में पहुंच रहे*

 

वित्त वर्ष 2025-26 में 20.57 अरब अमेरिकी डॉलर के वस्तु निर्यात, 7.66 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि और देश के कुल वस्तु निर्यात में 4.66 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ हरियाणा भारत के प्रमुख निर्यातक राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। देश के राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में छठे स्थान पर रहने वाले हरियाणा के उत्पाद आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। राज्य अब भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स-एफटीए) के माध्यम से उपलब्ध अवसरों को अपने उद्योगों और निर्यातकों के लिए वास्तविक कारोबारी संभावनाओं में बदलने की दिशा में प्रयास तेज कर रहा है।

 

*गुणवत्ता, तकनीक और सतत विनिर्माण पर दे जोर- राव नरबीर सिंह*

 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता केवल कीमतों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, तकनीक, उत्पाद कता और सतत विनिर्माण प्रक्रियाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उद्योगों से बदलते वैश्विक मानकों, पर्यावरणीय आवश्यकताओं, जिम्मेदार सोर्सिंग और संसाधनों के कुशल उपयोग के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक बाजार अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।

 

उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल एवं परिधान, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फुटवियर और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में हरियाणा की मजबूत औद्योगिक क्षमताएं राज्य को वैश्विक वैल्यू चेन में अपनी भागीदारी और बढ़ाने का अवसर प्रदान करती हैं।

 

*गुरुग्राम से ही लगभग 8.33 अरब अमेरिकी डॉलर की वस्तुओं का होता है निर्यात- डॉ. अमित अग्रवाल*

 

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने हरियाणा के बढ़ते निर्यात इकोसिस्टम और राज्य की औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम से ही लगभग 8.33 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्तु निर्यात होता है, जो राज्य के कुल वस्तु निर्यात का करीब 40 प्रतिशत है। गुरुग्राम का मजबूत विनिर्माण, इंजीनियरिंग, आईटी/आईटीईएस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का इकोसिस्टम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एमएसएमई निदेशालय में समर्पित मार्केट डेवलपमेंट एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन सेल के माध्यम से निर्यातकों को संस्थागत सहयोग प्रदान कर रही है। इसके साथ ही हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2026 और रैंप कार्यक्रम के तहत संचालित जीआईएफटी सेल जैसी पहलें भी राज्य के निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत कर रही हैं।

 

एमएसएमई निदेशालय  के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग ने निर्यात प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार के नीतिगत दृष्टिकोण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्यातकों को वित्तीय सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन, माल ढुलाई सहायता, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी, डिजिटल बाजार संपर्क और निर्यात संबंधी सुविधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जिला एवं औद्योगिक क्लस्टर स्तर तक बाजार संबंधी जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया।

 

*हरियाणा के उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की पहल*

 

तकनीकी सत्रों में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी साझा की। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में कार्यरत अतिरिक्त सचिव श्री नितिन कुमार यादव, आईएएस, ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के तहत उभरते अवसरों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जानकारी देते हुए सत्र की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) की ट्रेड एडवाइजर डॉ. तमन्ना चतुर्वेदी ने हरियाणा के निर्यातकों के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्रवार उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।

 

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के उप महानिदेशक श्री कम्बले प्रकाश सत्यवान ने गैर-टैरिफ उपायों और उनसे निपटने के तरीकों पर जानकारी दी। वहीं, ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म पर आयोजित विशेष सत्र में निर्यातकों को उपलब्ध डिजिटल टूल्स और संसाधनों से अवगत कराया गया।

डीजीएफटी के संयुक्त महानिदेशक श्री आनंद मोहन मिश्रा ने निर्यात प्रक्रियाओं और भारत सरकार की प्रमुख पहलों, जिनमें एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम), डिस्ट्रिक्ट्स ऐज़ एक्सपोर्ट हब्स (डीईएच) और विदेश व्यापार नीति शामिल हैं, के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

 

*प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सत्र और निर्यातकों के साथ सीधा संवाद*

 

कार्यशाला में तीन प्रमुख क्षेत्रीय समूहों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें टेक्सटाइल एवं परिधान, जिसमें लेदर एवं फुटवियर शामिल हैं; कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण; तथा इंजीनियरिंग गुड्स, जिसमें ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स शामिल हैं ।

 

इन सत्रों में संबंधित निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग संगठनों ने भाग लिया। इनमें एईपीसी, टेक्सप्रोसिल, आईआईएफटी, एसीएमए और अन्य शामिल रहे।

 

कार्यक्रम का समापन ओपन हाउस सत्र के साथ हुआ, जिसमें निर्यातकों और उद्योग संगठनों को सरकारी अधिकारियों एवं क्षेत्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने, अपनी व्यावहारिक समस्याएं रखने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

 

हरियाणा के निर्यात विकास को नई गति देने का साझा प्रयास मजबूत औद्योगिक क्लस्टर्स, स्थापित विनिर्माण इकोसिस्टम और तेजी से विकसित हो रही सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था के साथ हरियाणा भारत की बढ़ती वैश्विक व्यापार साझेदारियों का लाभ उठाने की मजबूत स्थिति में है। राज्य का ध्यान अब इन अवसरों को बेहतर बाजार पहुंच, वैश्विक वैल्यू चेन में मजबूत भागीदारी और प्रदेश के अधिक से अधिक उद्यमों की निर्यात गतिविधियों में भागीदारी में बदलने पर केंद्रित है।

 

अपनी नीतिगत पहलों, संस्थागत तंत्र और केंद्र सरकार, निर्यात संवर्धन परिषदों तथा उद्योग जगत के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से हरियाणा सरकार प्रदेश के कारोबारियों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच को अधिक सुगम बनाने और भारत की निर्यात वृद्धि में राज्य की भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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*केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 5 नवंबर को अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में विशाल जनसभा को करेंगें संबोधित, आजादी की पहली लडाई (1857) का शहीद स्मारक का करेंगें लोकार्पण - ऊर्जा मंत्री अनिल विज*

 

*अमित शाह के आगमन को लेकर अंबाला छावनी में उत्साह, हजारों लोग पहुंचेंगे गांधी ग्राउंड - अनिल विज*

 

*1857 के शहीदों को समर्पित स्मारक के लोकार्पण की तैयारियां पूरी, 5 नवंबर को अंबाला छावनी में उमड़ेगा जनसैलाब – विज*

 

चण्डीगढ़, 3 नवंबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई (1857) के शहीदों की स्मृति में निर्मित शहीद स्मारक के लोकार्पण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह इस ऐतिहासिक स्मारक का लोकार्पण करेंगे और अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग अंबाला छावनी पहुंचेंगे, क्योंकि केन्द्रीय गृह मंत्री के विचार सुनने के लिए लोगों में भारी उत्साह है। 

 

श्री विज आज मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इसके उपरांत, श्री विज ने अंबाला छावनी के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की और संबंधित अधिकारियों को आगामी 5 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।

 

श्री विज ने कहा कि 5 नवंबर का दिन हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति देश की आजादी की पहली लड़ाई थी, जो कांग्रेस पार्टी के गठन से भी 28 वर्ष पहले लड़ी गई थी। दुर्भाग्यवश, इस ऐतिहासिक संग्राम और इसमें अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अनेक वीरों के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार थे।

 

उन्होंने कहा कि अंबाला में निर्मित शहीद स्मारक देश का ऐसा पहला स्मारक है, जो विशेष रूप से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित है। इस स्मारक में 22 भव्य गैलरियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उस दौर की लड़ाइयों, घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के उस इतिहास को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जो अब तक व्यापक रूप से उजागर नहीं हो पाया था।

 

श्री विज ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग युद्धों और घटनाओं से जुड़े स्मारक हो सकते हैं, लेकिन 1857 की पहली आजादी की लड़ाई को समर्पित यह स्मारक अपने आप में विशेष और ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित लोग पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।

 

*नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाएगा स्मारक*

 

श्री विज ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस संग्राम में देश के अनेक वीरों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। अंबाला में स्थापित यह स्मारक उन वीर शहीदों के योगदान और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास से परिचित करवाने का काम करेगा।

 

उन्होंने कहा कि स्मारक में आधुनिक तकनीक के माध्यम से इतिहास को जिस प्रकार प्रस्तुत किया गया है, उससे युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को समझने का एक नया अनुभव मिलेगा। यह स्मारक देश के इतिहास, शौर्य, संघर्ष और बलिदान की अमूल्य विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

 

ऊर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि 5 नवंबर को होने वाली रैली और शहीदी स्मारक का महत्व अंबाला ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में गांधी ग्राउंड, अंबाला छावनी पहुंचकर इस ऐतिहासिक रैली में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

 

 

क्रमांक – 2026

 

 

 

 

 

 

 

हरियाणा लोक सेवा आयोग (राज्य सेवा समूह-ग) विनियम, 2002 में संशोधन को मंत्रिमंडल की स्वीकृति

नव-सृजित ग्रुप-सी पदों को शामिल करने; सेवा प्रावधानों को नवीनतम नियमों के अनुरूप बनाने के लिए संशोधन

चंडीगढ़, 3 नवंबर- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग (राज्य सेवा समूह-ग) विनियम, 2002 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। इन संशोधनों का उद्देश्य आयोग में नवसृजित ग्रुप-सी पदों को शामिल करना तथा मौजूदा प्रावधानों को नवीनतम सरकारी नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप बनाना है।

इन संशोधनों के माध्यम से हरियाणा लोक सेवा आयोग में ग्रुप-सी के विभिन्न पदों की स्वीकृत संख्या को अद्यतन किया जाएगा। आयोग में परीक्षाओं की बढ़ती संख्या तथा अन्य संबंधित कार्यों के कारण कार्यभार में हुई वृद्धि को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक हो गया था।

संशोधित विनियमों के अनुसार, आयोग में ग्रुप-सी के कुल 85 स्वीकृत पद होंगे, जिनमें 15 नव-सृजित पद शामिल हैं। इनमें एक अनुभाग अधिकारी, तीन उप-अधीक्षक, एक निजी सहायक, 25 सहायक, दो सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर, दो जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, छह स्टेनो टाइपिस्ट, 13 चालक, 29 लिपिक, एक रेस्टोरर तथा दो गेस्टेटनर ऑपरेटर के पद शामिल हैं।

मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित संशोधनों में इन पदों पर नियुक्ति के लिए पात्रता शर्तों में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत तिब्बती शरणार्थियों तथा पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका और कुछ पूर्वी अफ्रीकी देशों से भारत में प्रवास करने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों से संबंधित मौजूदा प्रावधानों को हटाने का प्रस्ताव है। अब पात्रता भारत के नागरिकों तथा नेपाल और भूटान के नागरिकों तक सीमित होगी। हालांकि, नेपाल और भूटान के नागरिकों की नियुक्ति इस शर्त पर होगी कि उन्हें सरकार द्वारा पात्रता प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो।

इसके अतिरिक्त, विनियम 13 के अंतर्गत अनुशासनात्मक मामलों, अपील तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों के प्रावधानों को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अनुरूप किया जाएगा। इस सम्बन्ध में वर्ष 1987 के पूर्ववर्ती नियमों के संदर्भ को प्रतिस्थापित किया जाएगा। संशोधनों में लागू नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारियों का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन के तहत विनियमों के परिशिष्ट-ख में मैट्रिक स्तर तक हिंदी विषय की अनिवार्यता में भी संशोधन किया जाएगा। अब इसके स्थान पर मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत में से किसी एक विषय अथवा उच्च शिक्षा स्तर पर हिंदी विषय पढ़ा होना मान्य होगा।

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हरियाणा मंत्रिमंडल ने कॉलेज कैडर ग्रुप-सी सेवा नियमों में संशोधन को दी मंजूरी

जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति के लिए शैक्षणिक योग्यता में किया संशोधन

चण्डीगढ़, 3 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा शैक्षणिक कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1986 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत जूनियर लेक्चर असिस्टेंट के पद पर नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता में संशोधन करने के साथ-साथ सेवा संबंधी अन्य प्रावधानों को भी अद्यतन किया गया है।

संशोधित नियम हरियाणा शैक्षणिक कॉलेज कैडर (ग्रुप-सी) सेवा (संशोधन) नियम, 2026 कहलाएंगे। ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट के पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी का विज्ञान संकाय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित (पीसीएम) अथवा भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान (पीसीबी) विषयों के साथ 10$2 उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में लेबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। अभ्यर्थी के पास मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत विषय अथवा उच्च शिक्षा में हिंदी विषय का होना भी आवश्यक है।

पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति के लिए निर्धारित योग्यता 10$2 या इसके समकक्ष होगी और पद पर नियमित नियुक्ति के बाद लेबोरेटरी अटेंडेंट के तौर पर पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा।

संशोधित नियमों के तहत सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है, जो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि के आधार पर निर्धारित की जाएगी। ऊपरी आयु सीमा में छूट हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के अनुसार दी जाएगी।

नए नियमों के अनुसार, आयोग वंचित अनुसूचित जातियों, अन्य अनुसूचित जातियों, पिछड़ा वर्ग, भूतपूर्व सैनिकों तथा दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रिक्तियों  के लिए निर्धारित अनुभव वाले पर्याप्त उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर अनुभव की आवश्यकता में 50 प्रतिशत तक की छूट दे सकता है। इस प्रकार की छूट देने के कारणों को लिखित रूप में दर्ज करना होगा।

संशोधित नियमों में राष्ट्रीयता, आरक्षण तथा परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद पुष्टि से संबंधित प्रावधानों को भी अद्यतन किया गया है। भारतीय नागरिक और नेपाल या भूटान के नागरिक नियुक्ति के पात्र होंगे, लेकिन नेपाल या भूटान के नागरिकों के पास सरकार द्वारा जारी पात्रता प्रमाण-पत्र होना जरूरी है।

आरक्षण तथा अन्य रियायतें राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार लागू रहेंगी। इन संशोधनों में सरकार को पदों की संख्या बढ़ाने या घटाने या अलग-अलग पदनाम और वेतनमान के साथ नए नियमित पद सृजित करने का अधिकार भी दिया गया है।

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हरियाणा कैबिनेट ने टीडीआर पॉलिसी में संशोधनों को दी मंजूरी

टीडीआर प्रमाणपत्रों के घटते मूल्य से जुड़ी चिंताओं का होगा समाधान; बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि जुटाना होगा आसान

चंडीगढ़, 3 नवंबर-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) प्रदान करने और उसके उपयोग से संबंधित 16 नवंबर, 2021 की नीति में संशोधनों को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य टीडीआर प्रमाण-पत्रों के मूल्यांकन, हस्तांतरण और उपयोग से जुड़े मुद्दों का समाधान करना तथा प्रदेशभर में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुगम बनाना है।

मौजूदा टीडीआर पाॅलिसी के तहत उन भू-स्वामियों को टीडीआर प्रमाण-पत्र दिए जाने का प्रावधान है, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक अपनी भूमि सरकार को देते हैं। भू-स्वामी ऐसे प्रमाणपत्रों को उसी विकास योजना के भीतर डेवलपर्स या अन्य उपयोगकर्ताओं को बेचकर अपने विकास अधिकारों का मुद्रीकरण (मोनीटाइज) करके धनराशि प्राप्त कर सकते हैं।

संशोधित नीति के तहत, उस काल्पनिक भूमि (नोशनल लैंड) की गणना के फार्मूला को संशोधित किया जाएगा, जिसके लिए टीडीआर प्रमाण पत्र जारी किया गया है। यह गणना आवेदन के कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को लागू दर से जुड़े मौजूदा प्रावधान के बजाय, आवेदन जमा करने की तिथि को दी गई भूमि पर लागू भारित औसत कलेक्टर रेट पर आधारित होगी।

मंत्रिमंडल ने प्राप्ति स्थल (रिसीविंग साइट) की नोशनल भूमि की गणना के फार्मूले में भी बदलाव को मंजूरी दी है। संशोधित गणना में आवेदन जमा करने की तिथि पर प्राप्ति स्थल पर लागू भारित औसत कलेक्टर दर को ध्यान में रखा जाएगा, जिसके आधार पर टीडीआर प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया था।

इसके अलावा, टीडीआर प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए संबंधित उपायुक्त द्वारा अधिसूचित कलेक्टर दर और आवेदन जमा करने की तिथि पर लागू कलेक्टर दर को मान्य माना जाएगा, चाहे उसे अंततः किसी भी तिथि को उपयोग में लाया जाए।

संशोधनों में यह भी प्रावधान है कि संशोधित फार्मूला उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए लंबित उन सभी आवेदनों पर लागू होगा, जहाँ टीडीआर प्रमाण-पत्र के उपयोग के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति सहित कोई भी अनुमति नहीं दी गई है।

एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में, नीति के तहत जारी किए गए टीडीआर प्रमाण-पत्र अब केवल उसी विकास योजना तक सीमित नहीं रहेंगे, जिसके लिए वे मूल रूप से जारी किए गए थे। अब ये राज्य की उसी विकास योजना में या किसी भी कम-क्षमता वाली विकास योजना में उपयोग के लिए वैध होंगे। इस प्रावधान का उद्देश्य टीडीआर प्रमाण-पत्रों के पारस्परिक उपयोग (क्रॉस-यूटिलाइजेशन) को सुगम बनाना और पूरे हरियाणा में परियोजना प्रस्तावकों को नीति का लाभ उठाने में सक्षम बनाना है।

इन संशोधनों का उद्देश्य समय के साथ टीडीआर प्रमाण-पत्रों के घटते मूल्य के संबंध में चिंताओं को दूर करना, उनकी उपयोगिता में सुधार करना और सेक्टर सड़कों, ग्रीन बेल्ट एवं अन्य नियोजित विकास कार्यों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि एकत्रीकरण को आसान बनाना है।

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हरियाणा में ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण अनिवार्य, धोखाधड़ी और अवैध तरीके से विदेश भेजने वालों पर कसेगा शिकंजा 

मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026 को दी मंजूरी; प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए अलग पंजीकरण जरूरी

नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके जांच सकेंगे संबंधित एजेंट के पंजीकरण की प्रामाणिकता

चंडीगढ़, 3 नवंबर-हरियाणा सरकार प्रदेश के युवाओं को विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने वाले तथा अवैध तरीके से विदेश भेजने वाले लोगों से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के तहत हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण एवं विनियमन नियम, 2026 को मंजूरी प्रदान की गई।

इन नियमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को धोखाधड़ी करने वाले ट्रैवल एजेंटों, अवैध विदेश भर्ती, मानव तस्करी और डंकी रूट जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से बचाना तथा ट्रैवल एजेंटों के व्यवसाय में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

नए नियमों के तहत प्रदेश में ट्रैवल एजेंट का व्यवसाय करने वाले सभी नए और पहले से कार्यरत एजेंटों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। प्रत्येक नए कार्यालय या शाखा के लिए अलग पंजीकरण कराना होगा। इसी प्रकार, प्रत्येक सेवा श्रेणी के लिए भी अलग-अलग पंजीकरण आवश्यक होगा। इनमें पासपोर्ट सेवाएं, टूर एवं ट्रैवल एजेंसी सेवाएं, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी और टिकटिंग सेवाएं शामिल हैं।

वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सेवा श्रेणी के पंजीकरण हेतु 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीकरण से पहले प्रत्येक आवेदक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र तीन वर्ष तक वैध रहेगा। आम नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए एजेंटों को क्यूआर कोड युक्त डिजिटल पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके संबंधित एजेंट के पंजीकरण की प्रामाणिकता और वैधता की जांच कर सकेंगे।

इसके अलावा, पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की जिला वार सूची और उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र अंत्योदय सरल पोर्टल के साथ-साथ गृह विभाग एवं पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति एजेंट की वैधता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सके।

नियमों के अनुसार, प्रत्येक पंजीकृत एजेंट को अपने कार्यालय के अंदर और बाहर पंजीकरण संख्या तथा प्रमाणपत्र जारी होने और समाप्त होने की तिथि प्रदर्शित करनी होगी। इसके अतिरिक्त, अपने विज्ञापनों, वेबसाइट और अन्य ऑनलाइन पोर्टल पर भी पंजीकरण संख्या अंकित करना अनिवार्य होगा।

इन नियमों से ट्रैवल एजेंटों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और युवाओं को अवैध विदेश भर्ती तथा मानव तस्करी जैसी गतिविधियों से बचाने में मदद मिलेगी।

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नई एकीकृत लाइसेंसिंग पॉलिसी-2022 के तहत संशोधित लाइसेंस नवीनीकरण प्रावधानों को मिली मंजूरी

एनआईएलपी कॉलोनियों पर लागू होंगे हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 के तहत लागू लाइसेंस नवीनीकरण प्रावधान

अंतिम अधिसूचना की तिथि से मौजूदा लाइसेंसों पर भी लागू होगा संशोधन

चंडीगढ़, 3 नवंबर-मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहाँ हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति (एनआईएलपी)-2022 के खंड 9.2 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत परियोजनाओं के पूरा होने और लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया है।

संशोधित प्रावधान के अनुसार, परियोजनाओं को पाँच वर्षों के भीतर पूरा करना होगा। यदि कोई परियोजना इस अवधि के भीतर पूरी नहीं होती है, तो उसके लाइसेंस का नवीनीकरण, लागू लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क के भुगतान पर हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 के नियम 13 के अनुसार किया जाएगा।

यह संशोधन एनआईएलपी कॉलोनियों के लाइसेंस नवीनीकरण को ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों के समान बनाता है। इसके तहत उस मौजूदा प्रावधान को प्रतिस्थापित किया गया है, जिसके तहत परियोजनाओं को सात वर्षों में पूरा करने का प्रावधान था। इसमें पाँच वर्ष की प्रारंभिक लाइसेंस वैधता और दो वर्ष का नवीनीकरण शामिल था, जिसके बाद नवीनीकरण के लिए लाइसेंस शुल्क के 100 प्रतिशत का भुगतान अपेक्षित था।

यह संशोधित प्रावधान अंतिम अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होगा और सभी मौजूदा लाइसेंसों पर भी लागू होगा।

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भू-मालिकों को मिलेगा विकसित क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा; चार वर्षों तक मिलेगी प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 1 लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता

बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चार वर्ष की समय-सीमा निर्धारित; समय पर कार्य पूरा न होने पर भू-मालिकों को वापस मिलेगी भूमि

चंडीगढ़, 3 नवंबर-मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में लैंड पूलिंग पाॅलिसी-2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति मौजूदा लैंड पूलिंग पाॅलिसी-2022 का स्थान लेगी। नई नीति का उद्देश्य विकास परियोजनाओं में भू-मालिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

नई नीति के तहत, भू-मालिकों को स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत हिस्सा विकास एजेंसी के पास रहेगा। भू-मालिकों के हिस्से का निर्धारण बाजार मूल्य से जोड़ने संबंधी पहले के प्रावधानों को हटा दिया गया है।

भू-मालिकों को मिलने वाले 50 प्रतिशत हिस्से में निर्धारित पात्रता के अनुसार वाणिज्यिक स्थल भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। शेष क्षेत्र परियोजना के उद्देश्य के अनुसार आवासीय, औद्योगिक अथवा संस्थागत भूखंडों के रूप में आवंटित किया जाएगा।

नीति के तहत भू-मालिकों को उनके द्वारा दी गई भूमि के अनुपात में, विक्रय विलेख (सेल डीड) के पंजीकरण की तारीख से चार वर्षों तक प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 1 लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता दी जाएगी। यदि सेल डीड के 15 दिनों के भीतर यह राशि हस्तांतरित नहीं की जाती है, तो भू-मालिक विलंब की अवधि के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज पाने के हकदार होंगे।

परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा पांच वर्ष से घटाकर चार वर्ष कर दी गई है। विकास एजेंसी को परियोजना की अंतिम स्वीकृति की तारीख से चार वर्ष के भीतर सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा न होने की स्थिति में भू-मालिकों को भूमि वापस कर दी जाएगी।

भू-मालिकों को आवंटित किए जाने वाले विकसित भूखंडों का न्यूनतम आकार भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत आवासीय भूखंड 100 वर्ग मीटर, औद्योगिक भूखंड 250 वर्ग मीटर तथा संस्थागत भूखंड 500 वर्ग मीटर के होंगे। वास्तविक आवंटित क्षेत्र भूमि के योगदान के अनुपात में निर्धारित किया जाएगा। जिन भू-मालिकों का भूमि योगदान 2,000 वर्ग मीटर से अधिक होगा, उन्हें पात्रता के अनुसार कियोस्क अथवा बूथ के रूप में वाणिज्यिक भूखंड आवंटित किए जाएंगे।

999 वर्ग मीटर से कम भूमि का योगदान करने वाले भू-मालिकों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत अथवा भूखंड के आरक्षित मूल्य के अनुसार मुआवजा राशि दी जाएगी। इनमें से जो भी राशि अधिक होगी, वह भू-मालिक को प्रदान की जाएगी।

भूमि पात्रता प्रमाणपत्र (लैंड एंटाइटलमेंट सर्टिफिकेट) धारक अपने प्रमाणपत्रों को एक साथ जोड़कर बड़े आकार के विकसित भूखंडों के लिए संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विकास एजेंसी द्वारा आवंटित भूखंडों को वापस खरीदने की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है।

नीति में लैंड एग्रीगेटर का पारिश्रमिक संबंधित राजस्व संपदा में कृषि भूमि के कलेक्टर रेट का 0.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यह राशि विकास एजेंसी द्वारा वहन की जाएगी तथा परियोजना की सेल डीड प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान किया जाएगा। नई नीति में ‘ई-भूमि’ के माध्यम से लैंड पूलिंग को शामिल नहीं किया गया है।

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*26 नवंबर को संविधान दिवस पर हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र होगा आयोजित, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा*

 

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला,*

 

*भगवंत मान  ने बनाई धुरी से दूरी , पंजाब के लोगों ने दीवारों पर लिखी भाजपा की जीत की इबारत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित  मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि आज मंत्रिमंडल की बैठक में सात एजेंडे रखे गए थे, जिन्हें मंजूरी प्रदान कर दी गई है। उन्होंने पत्रकार बंधुओं को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण और विकास के कार्यों को निरंतर गति दे रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि संविधान पखवाड़े के तहत 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें संविधान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

 

इस अवसर पर  सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया एवं अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान भी उपस्थित थे।

 

*मोदी सरकार के नेतृत्व में गरीब, युवा, महिला और किसान को मिल रही है मजबूती*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास कार्य तीन गुना गति से आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले केवल घोषणाएं और बातें होती थीं, जबकि भ्रष्टाचार के कारण विकास के लिए आने वाला पैसा सही लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाता था। वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाकर यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे। आज योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा रही है और आमजन को इसका लाभ मिल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं को बिना खर्ची-बिना पर्ची के पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी हैं। पहले युवाओं को नौकरी पाने के लिए पैसे और सिफारिशों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को बदलकर योग्यता को प्राथमिकता दी है। सरकार ने खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया है, जिसके परिणामस्वरूप हरियाणा के खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। आयुष्मान योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है और प्रदेश में करीब 1 लाख 60 हजार मकान बनाकर जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध करवाए गए हैं। सरकार का उद्देश्य महिला, किसान, युवा और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाना है।

 

 *629 गौशालाओं को 86 करोड़ 95 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार गौशालाओं के विकास और गौवंश संरक्षण की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। प्रदेश में गौशालाओं को चारे की व्यवस्था तथा शेड निर्माण के लिए अनुदान राशि प्रदान की जाती है, ताकि गौवंश के रखरखाव और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इसी कड़ी में गत दिवस प्रदेश की 629 गौशालाओं को 86 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। इस राशि का उपयोग गौशालाओं के रखरखाव, चारे की व्यवस्था, शेड निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है और गौशालाओं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

 

 *पंजाब में भाजपा की सरकार बनने का दावा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को घेरा*

 

पंजाब की राजनीति से जुड़े सवालों पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब में अब भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने का समय आ गया है। पंजाब की जनता ने दीवारों पर भाजपा की जीत की इबारत लिख दी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा करने में दोनों ही विफल रही हैं। कांग्रेस ने हर घर में रोजगार देने का वादा किया था, वहीं आम आदमी पार्टी ने 25 लाख लोगों को नौकरी देने की बात कही थी। अब पांच साल का समय बीत चुका है, इसलिए आम आदमी पार्टी को पंजाब के युवाओं को बताना चाहिए कि उसने कितने लोगों को वास्तव में रोजगार दिया है।

 

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता आज पंजाब में कार्यक्रमों के दौरान रिबन काटने और लोगों को इकट्ठा करने में लगे हैं, लेकिन जनता अब उनके वादों और कामकाज का हिसाब मांग रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व में पंजाब में सरकार बनेगी।

 

मुख्यमंत्री ने पंजाब में किसानों और महिलाओं से किए गए वादों को लेकर भी आम आदमी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने किसानों का शोषण किया है और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा करके उन्हें भी निराश किया है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाने से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने के बाद किसानों और महिलाओं के लिए वास्तव में क्या किया है।

 

पंजाब में राजनीतिक कार्यक्रमों में जाने से रोकने और आयोजकों को धमकाने संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को पंजाब में आने से रोका जा रहा है और कार्यक्रम आयोजित करने वालों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार की कार्यप्रणाली का एक चिंताजनक चेहरा सामने आ रहा है।

 

 *पराली प्रबंधन में हरियाणा की बेहतर स्थिति, किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन और आधुनिक उपकरणों का लाभ*

 

पराली जलाने की घटनाओं से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की अनेक घटनाएं सामने आई हैं, जबकि हरियाणा में ऐसी घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके अलावा डेढ़ लाख से अधिक किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं, जिनकी सहायता से किसान पराली का उचित प्रबंधन कर रहे हैं और उसे आय का साधन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पंजाब से उठने वाले धुएं को लेकर सवाल उठाते थे, लेकिन अब पंजाब में उनकी सरकार है तो उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने पराली प्रबंधन के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। हरियाणा सरकार किसानों को पराली जलाने से रोकने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और आर्थिक सहायता के माध्यम से फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान  के विधानसभा क्षेत्र धुरी से चुनाव लड़ने संबंधी सवाल पर भी चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  कहा कि उन्होंने तो 5 साल तक धुरी से तो दूरी  बना रखी है।

 

*प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल के आह्वान को अपनाएं, स्वदेशी उत्पादों को दें प्राथमिकता*

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के आह्वान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपनी दिनचर्या और विशेषकर त्योहारों के अवसर पर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाएं और स्थानीय कारीगरों एवं दुकानदारों से सामान खरीदें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा और स्थानीय लोगों, छोटे व्यापारियों तथा कारीगरों को रोजगार एवं आर्थिक मजबूती मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी माध्यम है।

 

क्रमांक 2026

सुमित चावला

 

 

 

 

 

 

 

कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने ‘जल संजीवनी’ के द्वितीय संस्करण का किया विमोचन

 

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों और जनहित के कार्यों को पुस्तिका में किया गया है संकलित

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने मंगलवार को सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा की पुस्तिका ‘जल संजीवनी’ के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तिका के प्रकाशन के लिए विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इसमें विभाग की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और जनहित में किए जा रहे कार्यों को बेहतर ढंग से संकलित किया गया है।

 

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हर घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना आमजन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है और विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस जिम्मेदारी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि ‘जल संजीवनी’ पुस्तिका विभाग के इन्हीं प्रयासों, योजनाओं और उपलब्धियों को एक स्थान पर प्रस्तुत करने का सार्थक प्रयास है। इस प्रकार के दस्तावेज विभाग के कार्यों और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को सामने लाने के साथ-साथ उपलब्धियों को संजोने का भी माध्यम बनते हैं।

 

इस अवसर पर विभाग की अतिरिक्त सचिव श्रीमती रेणु सोगन, इंजीनियर-इन-चीफ श्री देवेंद्र दहिया, जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन के निदेशक श्री राजीव बातिश, पूर्व आईजी श्री दलबीर भारती तथा पूर्व चेयरमैन श्री सतबीर वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

 

 

*मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश से निर्यातकों को दिया वैश्विक बाजार में विस्तार का संदेश, हरियाणा का निर्यात पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य*

 

*उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में राज्य स्तरीय एफटीए कार्यशाला का किया शुभारंभ*

 

*मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा, हरियाणा के उत्पादों को दुनिया के हर बाजार तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य*

 

 

*निर्यात को बढ़ावा देकर विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में उद्योग जगत निभाए अहम भूमिका : राव नरबीर सिंह*

 

 

*राव ने कहा, उद्योगपतियों के 70 प्रतिशत से अधिक सुझावों को शामिल कर तैयार की गई नई औद्योगिक एवं एमएसएमई नीति*

 

 

*यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बड़े बाजारों में निर्यात के नए अवसरों पर हुआ मंथन*

 

 

*विशेषज्ञों ने निर्यात प्रोत्साहन एवं एफटीए के अवसरों की दी जानकारी*

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर- हरियाणा के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और प्रदेश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यशाला को संबोधित करते हुए अगले पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा। वहीं हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने होटल ग्रैंड हयात में ‘लेवरेजिंग एफटीए – आउटरीच प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया।

 

कार्यशाला में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों तथा निर्यात विस्तार की रणनीतियों पर चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन हरियाणा सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) तथा इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

 

कार्यक्रम में सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा के कमिश्नर एवं सचिव डॉ. अमित के. अग्रवाल, गुरुग्राम के डिविजनल कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता, हरियाणा एमएसएमई एवं उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग, भारत सरकार के वाणिज्य विभाग में निदेशक डॉ. गरिमा मित्तल तथा एचएसआईआईडीसी के एमडी विनय प्रताप सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, व्यापार विशेषज्ञ और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

*हरियाणा के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी*

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यशाला से जुड़े सभी निर्यातकों, उद्यमियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा हरियाणा ने 1 नवंबर को अपनी स्थापना के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे किए हैं। इन छह दशकों में प्रदेश के किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों ने अपनी मेहनत से हरियाणा को कृषि एवं उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। अब सरकार का लक्ष्य प्रदेश के उत्पादों को दुनिया के हर बाजार तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से 36 विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच के नए अवसर खुले हैं। हरियाणा सरकार इन अवसरों को प्रदेश के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों और युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का मर्चेंडाइज निर्यात 20 बिलियन डॉलर से अधिक रहा और देश के कुल निर्यात में हरियाणा देश में छठे स्थान पर है।

 

*हरियाणा की नई निर्यात नीति से पांच वर्षों में निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल एवं आईटी क्षेत्र, फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उत्पाद, पानीपत के होम टेक्सटाइल, करनाल के बासमती चावल, झज्जर के फुटवियर और अंबाला के वैज्ञानिक उपकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पहचान हैं। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से प्रदेश के टेक्सटाइल, गारमेंट, फुटवियर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुले हैं। इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, टैरिफ रियायतों, रूल्स ऑफ ओरिजिन और गुणवत्ता मानकों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 अधिसूचित की है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में छोटे उद्यमियों, पहली बार निर्यात करने वालों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने तथा उनके जोखिम कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 के तहत बड़े उद्योगों को निर्यात प्रोत्साहन आधारित विशेष लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने उद्योगों से एमएसएमई को अपनी सप्लाई चेन से जोड़ने और गुणवत्ता एवं तकनीक पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

 

*निर्यात को बढ़ावा देकर विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में उद्योग जगत निभाए अहम भूमिका : राव नरबीर सिंह*

 

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं, जो भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोल रहे हैं। विकसित भारत-2047 का संकल्प केवल कृषि क्षेत्र के दम पर पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए उद्योगों का विस्तार और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि बेहद जरूरी है। उन्होंने उद्यमियों से बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने तथा अनुभवी निर्यातकों से नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक उद्योग निर्यात से जुड़ें और भारत वैश्विक व्यापार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।

 

*राव ने कहा, उद्योगपतियों एवं उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की हरियाणा की नई औद्योगिक एवं एमएसएमई नीति*

 

राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योग जगत की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नई औद्योगिक नीति तथा एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी तैयार की हैं। इन नीतियों को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न उद्योगपतियों, उद्यमियों और संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया तथा उनके द्वारा दिए गए 70 प्रतिशत से अधिक सुझावों को नीतियों में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की ये नीतियां देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर और उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाली हैं। सरकार का उद्देश्य इन नीतियों और योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाना, नए निर्यातकों को तैयार करना और प्रदेश के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने उद्योग जगत से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनने का आह्वान किया।

 

*हरियाणा के निर्यातकों के लिए एफटीए से खुलेंगे विकसित देशों के बड़े बाजारों के द्वार : नितिन कुमार यादव*

 

भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने कहा कि नए मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बड़े बाजारों में हरियाणा के निर्यातकों के लिए व्यापक संभावनाएं खुली हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के उद्योगों को गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय मानकों और उत्पादों की विविधता पर विशेष ध्यान देते हुए इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने निर्यातकों से कार्यशाला के तकनीकी एवं सेक्टर आधारित सत्रों में सक्रिय भागीदारी कर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने का आह्वान किया, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी समाधान तैयार कर सकें।

 

*एफटीए से हरियाणा के निर्यातकों को मिलेंगे नए अवसर : डॉ. अमित अग्रवाल*

 

डॉ. अमित के. अग्रवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एफटीए से हरियाणा के उद्योगों और निर्यातकों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में आयोजित यह कार्यशाला एक व्यापक पहल की शुरुआत है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में उत्पाद एवं सेक्टर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि निर्यातकों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर उन्हें मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। साथ ही प्रत्येक जिले की निर्यात विकास योजना भी तैयार की जाएगी।

 

 

*विशेषज्ञों ने निर्यात प्रोत्साहन एवं एफटीए के अवसरों की दी जानकारी*

 

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में आईटीपीओ की ट्रेड एडवाइजर डॉ. तमन्ना चतुर्वेदी ने एफटीए के अवसरों, डीजीएफटी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल कम्बले प्रकाश सत्यवान ने गैर-टैरिफ उपायों तथा ट्रेड कनेक्ट पोर्टल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरधारी लाल ने पोर्टल की उपयोगिता पर जानकारी दी। वहीं डीजीएफटी के ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल आनंद मोहन मिश्रा ने निर्यात प्रक्रियाओं एवं प्रोत्साहन योजनाओं और डॉ. यश गर्ग, आईएएस ने हरियाणा की एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 की प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराया।

 

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

*हरियाणा ने 2.60 लाख पेंशनभोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए 'नेशनल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैंपेन 5.0' शुरू किया

 

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आसानी से जमा करने के लिए 1 से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर – हरियाणा सरकार ने भारत सरकार की पहल के अनुरूप, राज्य भर में 1 से 30 नवंबर, 2026 तक चलाए जा रहे 'नेशनल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैंपेन 5.0' में शामिल होने का निर्णय लिया है। इस अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल माध्यमों से 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' (DLC) जमा करना आसान बनाना है, ताकि पेंशन का भुगतान समय पर और बिना किसी रुकावट के होता रहे।

 

हरियाणा के वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने बताया कि इस अभियान से हरियाणा सरकार के लगभग 2.60 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इनमें वे पेंशनभोगी शामिल हैं जो ट्रेजरी, सब-ट्रेजरी और 'पेंशन डिस्बर्समेंट सेल' (PDC) के माध्यम से 'ई-पेंशन सिस्टम' से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया (BOI), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) और केनरा बैंक जैसे पेंशन बांटने वाले बैंकों के माध्यम से पेंशन पाने वाले लोग भी इसमें शामिल हैं।

 

उन्होंने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार ने हरियाणा के ट्रेजरी और लेखा विभाग के संयुक्त निदेशक (PDC), राकेश कुमार राठी को 'राज्य नोडल अधिकारी' नियुक्त किया है। चंडीगढ़ सहित पूरे हरियाणा के सभी ट्रेजरी अधिकारियों को उनके संबंधित जिलों के लिए 'उप-नोडल अधिकारी' नामित किया गया है।

 

श्री सुधीर राजपाल ने आगे कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं, ताकि पेंशनभोगी बिना किसी परेशानी के अपने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकें।

 

*डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए कई विकल्प उपलब्ध*

 

ट्रेजरी और लेखा विभाग के महानिदेशक श्री हितेश कुमार मीणा ने बताया कि पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी कई सुविधाजनक तरीकों से अपने लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। इनमें बायोमेट्रिक डिवाइस, स्मार्टफोन पर फेस ऑथेंटिकेशन एप्लिकेशन, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) द्वारा दी जाने वाली डोरस्टेप (घर पर सेवा) सुविधा, और नजदीकी ट्रेजरी या सब-ट्रेजरी कार्यालय में जाकर काम पूरा करना शामिल है।

 

उन्होंने सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों से आग्रह किया कि वे इस अभियान का पूरा लाभ उठाएं और अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तरीके से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) जमा करें। उन्होंने बताया कि DLC जमा करने की विस्तृत प्रक्रिया ई-पेंशन पोर्टल पर "डाउनलोड मैनुअल" विकल्प के तहत उपलब्ध है।

 

*बुजुर्ग, बिस्तर पर रहने वाले और बीमार पेंशनभोगियों के लिए विशेष सुविधा*

 

श्री हितेश कुमार मीणा ने आगे बताया कि बहुत बुजुर्ग, बिस्तर पर रहने वाले या बीमार पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए विशेष व्यवस्था की जा सकती है, जो उपलब्ध तरीकों में से किसी के भी जरिए अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में असमर्थ हैं।

 

ऐसे पेंशनभोगी संबंधित ट्रेजरी अधिकारी या सहायक ट्रेजरी अधिकारी को पूरा कारण बताते हुए एक अनुरोध भेज सकते हैं, ताकि वे अपने घर, अस्पताल या किसी अन्य उपयुक्त स्थान से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकें।

 

इस अभियान और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बारे में अधिक जानकारी या सहायता के लिए, पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी अपने नजदीकी ट्रेजरी या सब-ट्रेजरी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

 

क्रमांक -2026

जंगबीर सिंह

 

 

 

 

 

 

 

हरियाणा में निगरानी एवं समन्वय के सचिव, विशेष सचिव, अतिरिक्त सचिव के लिए लिंक अधिकारी नामित

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर-हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगरानी एवं समन्वय के सचिव, विशेष सचिव अथवा अतिरिक्त सचिव के लिए सचिवालय स्थापना का कार्य देख रहे सचिव, विशेष सचिव अथवा अतिरिक्त सचिव को लिंक अधिकारी नामित किया है।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारी के अवकाश, प्रशिक्षण, सरकारी दौरे, चुनाव ड्यूटी अथवा किसी अन्य कारण से अनुपस्थित रहने अथवा सम्बन्धित अधिकारी के स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति के कारण पद रिक्त होने पर लिंक अधिकारी संबंधित कार्यों का दायित्व संभालेंगे।

 

संबंधित अधिकारियों को अवकाश, प्रशिक्षण, सरकारी दौरे या चुनाव ड्यूटी पर जाने से पहले अपने नामित लिंक अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी, ताकि सरकारी कामकाज में किसी प्रकार की बाधा न आए और प्रशासनिक कार्य निरंतर सुचारू रूप से चलते रहें।

 

क्रमांक -2026

 

 

 

 

 

 

 

वाईएमसीए  विश्वविद्यालय में विकसित भारत युवा संवाद का आयोजन, 250 से अधिक युवाओं ने ली लोकतांत्रिक शपथ

 

युवाओं की लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी ही विकसित भारत@2047 के संकल्प को करेगी साकार

 

चण्डीगढ़, 3 नवंबर - युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधीन मेरा युवा भारत (MY Bharat), द्वारा मंगलवार को जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  विश्वविद्यालय , वाईएमसीए, फरीदाबाद में विकसित भारत युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक जागरूकता को बढ़ावा देना, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में 250 से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोकतांत्रिक शपथ लेकर जिम्मेदार नागरिकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन 26 अक्तूबर से 5 नवंबर, 2026 तक देशभर के 500 विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित की जा रही राष्ट्रव्यापी विकसित भारत युवा संवाद पहल का हिस्सा है। उन्हांेने बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और युवा नागरिक, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले युवा, देश के लोकतांत्रिक भविष्य की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने बताया कि एक सशक्त एवं जागरूक लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। प्रत्येक युवा को अपने मताधिकार और नागरिक दायित्वों के महत्व को समझते हुए उनका जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।

 

उन्होंने बताया कि युवा संवाद जैसे कार्यक्रम युवाओं को उनके मत की शक्ति, चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने का प्रभावी माध्यम हैं। साथ ही, युवाओं को विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

 

कार्यक्रम के दौरान शासन व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी, नागरिक उत्तरदायित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। संवाद के माध्यम से युवाओं को अपने मताधिकार का महत्व समझने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जागरूक नागरिक के रूप में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

 

उन्होंने बताया कि विकसित भारत युवा संवाद का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ना और उनमें जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना है। यह पहल युवाओं को केवल देश की प्रगति से अवगत कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने विचारों, आकांक्षाओं और सामर्थ्य के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मक सोच और सकारात्मक भागीदारी विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।

 

क्रमांक - 2026

 

 

 

 

 

 

 

*हरियाणा के विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 बड़े प्रस्तावों को दी मंजूरी, 11.96 करोड़ रुपये की बचत*

 

*हरियाणा रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 500 नई बसें और 24 ट्रक, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होगी मजबूत*

 

*गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास से घटेगा ट्रैफिक का दबाव, लाखों लोगों को मिलेगी राहत*

 

*मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर - हरियाणा में सड़क, परिवहन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा। बोलीदाताओं के साथ विस्तृत बातचीत के बाद सरकार ने लगभग 11.96 करोड़ रुपये की बचत भी की। 

 

*500 नई बसों से मजबूत होगा हरियाणा रोडवेज का बेड़ा, यात्रियों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा*

 

मुख्यमंत्री ने हरियाणा रोडवेज के लिए 500 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाली नॉन-एसी बसों की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। ये बसें नवीनतम BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होंगी। इसके अतिरिक्त 24 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाले ट्रकों की खरीद और रोडवेज के डिपो एवं सब-डिपो के लिए आगामी एक वर्ष की आवश्यकता के अनुसार डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) की खरीद को भी स्वीकृति दी गई। इन 500 नई बसों के शामिल होने से हरियाणा रोडवेज की परिवहन क्षमता बढ़ेगी, यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और विभिन्न रूटों पर बस सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

 

*गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास से यातायात को मिलेगी रफ्तार, जाम से मिलेगी राहत*

 

गुरुग्राम में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें सेक्टर-45-46 और 51-52 के चौराहे पर फ्लाईओवर, सेक्टर-85-86 और 89-90 के चौराहे पर फ्लाईओवर तथा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव कम करने के लिए सेक्टर-27-29 और 43-44 के चौराहे पर अंडरपास का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से गुरुग्राम के प्रमुख व्यस्त चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा। वाहन चालकों को बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और शहर के विभिन्न सेक्टरों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। 

 

बैठक में जींद जिले के गांव हैबतपुर में निर्माणाधीन संत शिरोमणि श्री धन्ना भगत जी राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए फर्नीचर की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इससे मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने और संस्थान को सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में मदद मिलेगी। इसके अलावा रोहतक स्थित स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में टाइप-II (जी+6) के 1300 वर्ग फुट के शिक्षक आवासों के शेष निर्माण कार्य को भी स्वीकृति दी गई।

 

*पानीपत में नया रेलवे ओवरब्रिज, आवागमन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी होगी बेहतर*

 

पानीपत जिले में जीटी रोड से डाहर होते हुए एनएच-709 तक मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज के समानांतर नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और रेलवे लाइन के कारण यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। 

 

नेगोसिएशन से सरकार को 11.96 करोड़ रुपये की बचत, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया पर जोर

 

हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए, जिनकी अनुमानित लागत 351.46 करोड़ रुपये थी। इनमें से चार मामलों को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि तीन एजेंडों को अंतिम रूप दिया गया। इन तीन एजेंडों की मूल अनुमानित लागत 208.91 करोड़ रुपये थी। बोलीदाताओं के साथ बातचीत के बाद इन्हें 201.51 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 7.40 करोड़ रुपये की बचत हुई।

 

वहीं, हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए, जिनकी अनुमानित लागत 250.36 करोड़ रुपये थी। इनमें से एक मामले को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि छह एजेंडों के कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। इन छह एजेंडों की अनुमानित लागत 227.74 करोड़ रुपये थी। बोलीदाताओं के साथ नेगोसिएशन के बाद इन कार्यों को 223.18 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 4.56 करोड़ रुपये की बचत हुई।

 

*विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, तय समय सीमा में पूरे हों सभी प्रोजेक्ट : मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और इन्हें तेजी से पूरा कर जनता को इनका लाभ पहुंचाया जाए।

 

बैठक में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगम की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री पी.सी. मीणा, परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अतुल कुमार, आपूर्ति एवं निपटान विभाग के  महानिदेशक श्री राजीव रतन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव श्री अजय कुमार तथा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

क्रमांक 2026

 

सुमित चावला

 

 

 

 

 

 

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलीं वर्ल्ड चैंपियन पहलवान मनीषा भनवाला*

 

*मनीषा की उपलब्धि हरियाणा सहित पूरे देश के लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री*

 

*हरियाणा की बेटी मनीषा ने वर्ल्ड चैंपियन बन रचा इतिहास*

 

*मुख्यमंत्री ने मनीषा को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए दी शुभकामनाएं*

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मंगलवार को जींद जिले की अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं वर्ल्ड चैंपियन मनीषा भनवाला ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कज़ाकिस्तान में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने पर मनीषा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनीषा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि हरियाणा सहित पूरे देश के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने मनीषा को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया और हरसंभव सहयोग एवं समर्थन का आश्वासन दिया। इस मौके पर खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम, कोच मनदीप सिंह भी मौजूद रहे।

 

मनीषा भनवाला ने कजाकिस्तान में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 59 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने देश की पहली महिला पहलवान के रूप में यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की।

 

मनीषा इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवा चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में जॉर्डन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में 62 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा, वर्ष 2026 में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

 

मनीषा की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का सिलसिला यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने वर्ष 2022 की एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक, वर्ष 2023 में कांस्य पदक तथा वर्ष 2024 में पुनः कांस्य पदक जीतकर लगातार शानदार प्रदर्शन किया।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की बेटियां खेलों के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। मनीषा भनवाला जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

 

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

 

 

आईजीओटी कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा शीर्ष पर, गुजरात दूसरे स्थान पर

 

कर्मचारियों के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण में हरियाणा ने हासिल किया पहला स्थान

 

चंडीगढ़, 3 नवंबर-केंद्र सरकार द्वारा जारी नवीनतम आईजीओटी कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा ने गुजरात, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। हरियाणा ने एक लाख से पांच लाख सरकारी कर्मचारियों वाले राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में यह स्थान हासिल किया है।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत कर्मयोगी भारत द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार, हरियाणा ने 60.03 का समग्र स्कोर प्राप्त किया है, जबकि गुजरात 60.02 अंकों के साथ दूसरे और कर्नाटक 60.01 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। तेलंगाना और पंजाब 60-60 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चैथे स्थान पर रहे। वहीं, उत्तराखंड 51.03 अंकों के साथ छठे तथा हिमाचल प्रदेश 51 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहा।

 

सितंबर 2026 के दौरान राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई इस रैंकिंग में तीन प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्षमता निर्माण योजनाओं (सीबीपी) का निर्माण, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में योगदान तथा पंजीकृत कर्मचारियों में से पिछले महीने के दौरान कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मचारियों का अनुपात शामिल है।

 

इन तीनों मानकों को क्रमशः 30 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 40 प्रतिशत का वेटेज दिया गया है। इस प्रकार, सरकारी कर्मचारियों के प्रशिक्षण और निरंतर सीखने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को इस मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया गया है।

 

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

राज्य सरकार प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी : आरती सिंह राव

 

-हरियाणा में मिलावटखोरी पर स्वास्थ्य मंत्री की सख्त कार्रवाई

 

-दीपावली पर विशेष जांच अभियान में 50,000 किग्रा मिलावटी मिठाई व पनीर नष्ट, 170 सैंपल फेल

 

चंडीगढ़ , 3 नवंबर - त्यौहारों के इस पावन अवसर पर प्रदेश की जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ चौतरफा शिकंजा कस दिया है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।

 

 स्वास्थ्य मंत्री के दिशा -निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग द्वारा आगामी दीपावली के मद्देनज़र 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में गहन चेकिंग अभियान चलाया गया है, जो दीपावली तक निरंतर जारी रहेगा।

 

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक पूरे राज्य से मिठाई, मावा, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 1,288 सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं। इनमें से 861 सैंपल की प्रयोगशाला जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें से 170 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में 140 सैंपल सब-स्टैंडर्ड तथा 30 सैंपल मानव उपभोग के लिए असुरक्षित  पाए गए हैं। कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने विभिन्न जिलों में छापेमारी कर अब तक लगभग 50,000 किलोग्राम मिलावटी मिठाइयों और नकली पनीर को मौके पर ही नष्ट करवाया है।

 

उपभोक्ताओं की सुरक्षा और जागरूकता को सर्वोपरि बताते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि जिन भी दुकानदारों और विक्रेताओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनके नाम और पते एफडीए हरियाणा के आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से अपलोड किए जा रहे हैं ताकि आम जनता सतर्क रह सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों का परिवहन करने वाली गाड़ियों की सीमाओं व मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित रंगों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

 

राज्य में सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने एनालॉग-पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की सख्त निगरानी के आदेश दिए हैं। साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी हलवाई की दुकानों, रेस्टोरेंट और मिठाई के डिब्बों/पैकिंग बॉक्सों पर यह स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य कर दिया गया है कि संबंधित मिठाई 'देशी घी' से बनी है या 'खाद्य तेल' से।

 

जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए करनाल और चंडीगढ़ स्थित फूड एनालिसिस लेबोरेटरीज को प्राथमिकता के आधार पर 48 घंटे के भीतर सैंपल रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मौके पर तत्काल जांच की सुविधा प्रदान करने के लिए 5 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबको राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

 

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। यदि किसी उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह है, तो वे अपनी शिकायतें केंद्र सरकार के FoSCoS पोर्टल (www.foscos.gov.in) पर या सीधे ई-मेल (jcfood.fda-hry@gov.in) के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।

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