*लक्ष्य हासिल करने के लिए मैदान में उतरना जरूरी, जीत-हार से निराश न हों खिलाड़ी : राव नरबीर सिंह*
*राव महाबीर सिंह मेमोरियल राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन*
*विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका अहम, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण और तकनीक में आगे बढ़ना जरूरी*
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जीवन में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मैदान में उतरना जरूरी है, चाहे वह खेल का मैदान हो या संघर्ष का। सफलता की राह पर चलने के लिए प्रयास करना और चुनौतियों का सामना करना पहली शर्त है। जीतने वालों को बधाई मिलती है, लेकिन किसी कारणवश लक्ष्य हासिल न कर पाने वालों को भी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर प्रयास आगे बढ़ने का नया अवसर देता है।
कैबिनेट मंत्री शुक्रवार को गुरुग्राम में स्मॉल साइड हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से आयोजित राव महाबीर सिंह मेमोरियल स्मॉल साइड इनविटेशनल नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में बतौर मुख्यातिथि खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। यह प्रतियोगिता प्राइम स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है, जिसमें अंडर-14 और अंडर-17 आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की आबादी देश की कुल आबादी का लगभग दो प्रतिशत है, लेकिन खेलों की बात करें तो प्रदेश के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेलों, पैरालंपिक और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण के कारण हरियाणा ने खेलों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में भारत को किस दिशा और दशा में आगे ले जाना है, यह आज की युवा पीढ़ी तय करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक, यानी देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक विकास या अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ना नहीं है, बल्कि खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक व्यवहार, विज्ञान और तकनीक सहित हर क्षेत्र में प्रगति करना है।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना होगा। हमारे पूर्वजों ने भारत के विश्वगुरु होने की गौरवशाली परंपरा के बारे में बताया है। देश को फिर से इस स्थान तक पहुंचाने के लिए शिक्षा, नवाचार, तकनीकी विकास और प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी क्षेत्र में भी आगे बढ़ें तथा देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
क्रमांक— 2026
*जालंधर की विशाल तीर्थयात्रा में शामिल होंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*18 अक्टूबर को जालंधर से श्री रामतीर्थ, अमृतसर के लिए रवाना होगा श्रद्धालुओं का विशाल काफिला*
चंडीगढ़, 16 अक्तूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 18 अक्टूबर, 2026 को भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में जालंधर से श्री रामतीर्थ, अमृतसर के लिए आयोजित विशाल तीर्थयात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं की बसों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री केवल सिंह ढिल्लों करेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 18 अक्टूबर को दोपहर एक बजे शांति नगर स्थित भगवान वाल्मीकि आश्रम पहुंचकर माथा टेकेंगे। इसके पश्चात वे पैदल मार्च में शामिल होंगे, संगत को संबोधित करेंगे और तीर्थयात्रा के काफिले को रवाना करेंगे।
यात्रा में पंजाब के विभिन्न हिस्सों से लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यह तीर्थयात्रा भगवान वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ उनकी शिक्षाओं, समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर बनेगी। श्री रामतीर्थ पहुंचकर श्रद्धालु भगवान वाल्मीकि के पावन स्थल पर नमन करेंगे।
*सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर*
यह आयोजन पंजाब और हरियाणा के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने का अवसर बनेगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं का प्रसार करते हुए समाज में भाईचारे, समानता और समरसता की भावना को मजबूत करना है।
क्रमांक-2026
*स्वीडिश सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया हाउस में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से की भेंट*
*मुख्यमंत्री के स्वीडन आगमन पर किया गया भव्य स्वागत, निवेश, रोजगार और युवा सशक्तिकरण पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा*
चंडीगढ़,16 अक्टूबर-स्वीडन में बसे सिख समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया हाउस में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री के स्वीडन आगमन पर उनका हार्दिक स्वागत किया।इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मुख्यमंत्री से मिलकर बेहद खुश नजर आए। दोनों पक्षों के बीच कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा में हरियाणा में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब के युवाओं को सशक्त बनाने पर विशेष फोकस रहा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि हरियाणा निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पंजाब के युवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों पर भी चर्चा की। प्रतिनिधियों ने जोर देते हुए कहा कि पंजाब से नशे की समस्या को जड़ से खत्म करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने विकास और रोजगार की दिशा में मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के इस दौरे को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री का स्वीडन आना तथा निवेश और रोजगार के क्षेत्र में कार्य करना देश और समाज के लिए एक सकारात्मक पहल है। यह प्रयास न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए लाभकारी साबित होगा।मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की। दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग बढ़ाने और आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
क्रमांक-2026
मत्स्य पालकों और झींगा पालकों की हुई बल्ले बल्ले
कृषि फ़ीडरों से बिजली मिलेगी मात्र 10 पसे प्रति यूनिट
कृषि उद्योग की तर्ज पर 6.60 रुपए से घटाकर 4.75 रुपए प्रति यूनिट की
मत्स्य पालकों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी : श्री श्याम सिंह राणा
मत्स्य पालन विभाग की बजट घोषणाओं की करी समीक्षा
चंडीगढ़ ,16 अक्टूबर - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उनको जहां उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करवाया जाएगा , वहीं उनकी मत्स्य तथा झींगा की बिक्री के लिए अलग से मंडी का प्रावधान किया जाएगा।
श्री राणा आज मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री-घोषणाओं तथा बजट-घोषणाओं की भी समीक्षा की और निर्धारित अवधि में उनको पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन , निदेशक श्री पवन कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की उस बजट-घोषणा को पूरा कर दिया गया है जिसमें मत्स्य पालन एवं झींगा पालन के लिए कृषि फ़ीडरों से बिजली प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली देने की बात कही थी। इसके अलावा, गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभाक्ताओं को एफपीओ /कृषि उद्योग श्रेणी के अंतर्गत 4.75 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली देनी शुरू कर दी है। इस श्रेणी में लोड सीमा को भी 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट तथा बिजली की दर 6.60 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मत्स्य पालकों की मांग के अनुसार यमुनानगर , रोहतक एवं फरीदाबाद में नई मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की स्वीकृति दे दी है जिस पर लगभग 6.04 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मार्च 2027 तक इन तीनों प्रयोगशालाओं के शुरू होने की सम्भावना है।
श्री श्याम सिंह राणा ने आगे बताया कि ज्योतिसर एवं सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है जिन पर लगभग 20.48 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, इन बीज-फार्मों के बाद अन्य फार्मों का भी चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि "प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना" के अंतर्गत हिसार एवं फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड रुपए की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित की जा रही हैं , मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इनकी मंजूरी दे दी है , जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी योजना के तहत करनाल में 50 करोड़ रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है , इसका कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा।
श्री श्याम सिंह राणा ने पिछले वित्त वर्ष की लंबित घोषणाओं की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को बकाया घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
नवोदय स्कूल में 9वीं व 11वीं में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि बढ़ी
इच्छुक विद्यार्थी अब 22 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन, 10 अप्रैल को होगी चयन परीक्षा
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर- नवोदय विद्यालय समिति, जयपुर संभाग द्वारा जिला फतेहाबाद के गांव खारा खेड़ी स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 9वीं व 11वीं में रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को 22 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। चयन परीक्षा आगामी 10 अप्रैल, 2027 को आयोजित करवाई जाएगी।
एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी बिना फीस के नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट https://navodaya.gov.in/ अथवा कक्षा 9वीं के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsix_9 और कक्षा 11वीं के लिए https://cbseitms.nic.in/2026/nvsxi_11 दिए गए लिंक पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थी जिस जिले के मूल निवासी है और शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उसी जिले में स्थित सरकारी/सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय की कक्षा 8वीं में पढ़ रहे हैं, जहां जवाहर नवोदय विद्यालय संचालित है एवं वे वहां प्रवेश लेना चाहते हैं। अभ्यर्थी का जन्म 1 मई, 2012 से 31 जुलाई, 2014 (दोनों दिवस शामिल) के बीच होनी चाहिए। यह एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणियों सहित सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों पर लागू है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में चयन परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय शामिल होंगे। 100 अंकों की यह परीक्षा ओएमआर आधारित ऑब्जेक्टिव टाइप (बहुविकल्पीय) प्रश्न पत्र होगी। परीक्षा में द्विभाषीय प्रश्न पत्र (हिंदी व अंग्रेजी) होंगे तथा पाठ्यक्रम तथा चयन मानदंड के लिए नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 11वीं में चयन परीक्षा में कुल 100 अंकों की परीक्षा में मानसिक योग्यता, अंग्रेजी, गणित व सामाजिक विज्ञान विषय शामिल होंगे। परीक्षा ओएमआर आधारित ऑब्जेक्टिव टाइप (बहुविकल्पीय) प्रश्र पत्र होगी। परीक्षा में द्विभाषीय प्रश्न पत्र (हिंदी व अंग्रेजी) होंगे तथा पाठ्यक्रम तथा चयन मानदंड के लिए नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।
क्रमांक-2026
हरियाणा सरकार ने मांगा रेगुलराइजेशन पाॅलिसी के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का ब्यौरा
संबंधित विभागों को विवरण 15 दिन में जानकारी देने के निर्देश
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीतियों तथा अन्य समान नीतियों के तहत नियमित किए गए कर्मचारियों का विवरण जुटाने के लिए सभी संबंधित विभागों, कार्यालयों और संगठनों को निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी इन निर्देशों के अनुसार, 16 जून, 18 जून और 7 जुलाई, 2014 को जारी नियमितीकरण नीतियों तथा समय-समय पर इनमें किए गए संशोधनों और अन्य समान नीतियों के अंतर्गत नियमित किए गए ग्रुप-बी, सी और डी के कर्मचारियों की संख्या से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करवानी होगी।
संबंधित विभागों, कार्यालयों और संगठनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी पत्र जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर ई-मेल के माध्यम से संबंधित कार्यालय को भेजें, ताकि मानव सूचना संसाधन विभाग द्वारा आंकड़ों का संकलन और आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भेजी जाने वाली जानकारी का उचित सत्यापन किया जाए और उसकी शुद्धता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि यह विवरण आधिकारिक कार्यों के लिए आवश्यक है। संबंधित प्रशासनिक विभागों और विभागाध्यक्षों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
क्रमांक-2026
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे में 4000 करोड़ रुपये के एलओआई साइन*
*गुरुग्राम-स्टॉकहोम सिटी-टू-सिटी सहयोग; सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के क्षेत्र में 3000 करोड़ का एलओआई*
*हरियाणा में निवेश के साथ साथ युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेंगी स्वीडिश कंपनियाँ*
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वीडन के ऐतिहासिक दौरे के दौरान राज्य सरकार और स्वीडिश कंपनियों के बीच कुल 4000 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) पर हस्ताक्षर हुए। इस महत्वपूर्ण यात्रा ने हरियाणा और स्वीडन के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोले हैं। इस मौके पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी साथ में उपस्थित रहे ।
दौरे के दौरान गुरुग्राम और स्टॉकहोम शहरों के बीच सिटी-टू-सिटी कोलैबोरेशन समझौता हुआ। दोनों शहर तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सिटी समाधान, सतत शहरी विकास, ज्ञान-आदान-प्रदान और निवेश प्रोत्साहन के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। यह सहयोग दोनों शहरों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करेगा।
सशक्त भारत-आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप हरियाणा सरकार ने 3000 करोड़ रुपये का बड़ा एलओआई साइन किया। इसके अतिरिक्त रिटेल सेक्टर और वेयरहाउसिंग सेक्टर में 1000 करोड़ रुपये के एलओआई पर भी सहमति बनी। इन समझौतों से राज्य में आधुनिक वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रिटेल श्रृंखलाओं का विस्तार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए निवेश आने की उम्मीद है।
हरियाणा और स्वीडन के बीच व्यापार बढ़ाने तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ। स्वीडिश कंपनियों ने हरियाणा के स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इससे राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार के नए रास्ते मिलेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह दौरा हरियाणा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीडन की उन्नत तकनीक, नवाचार और सतत विकास मॉडल को हरियाणा की गतिशील अर्थव्यवस्था तथा युवा शक्ति के साथ जोड़कर राज्य को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
यह समझौते हरियाणा में रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, निर्यात वृद्धि और शहरी आधुनिकीकरण को नई गति प्रदान करेंगे। राज्य सरकार इन निवेशों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर हरियाणा का बेहतरीन प्रदर्शन
समयबद्ध नागरिक सेवाओं के लिए हरसमय पोर्टल को मिले पूरे 10 में से 10 अंक
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर-हरियाणा ने नए आपराधिक कानूनों के राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर 95.28 अंकों के साथ बेहतरीन प्रदर्षन करते हुए 7 जून से अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वहीं, हरसमय पोर्टल के माध्यम से नागरिक सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में प्रदान करने के मामले में राज्य को 10 में से 10 अंक मिले हैं।
यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क तथा प्रणालियां (सीसीटीएनएस) और इंटर-आॅप्रेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन संबंधी राज्य स्तरीय शीर्ष समिति की 34वीं बैठक में दी गई।
बैठक में सीसीटीएनएस और आईसीजेएस 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही, पुलिस, न्यायालयों, अभियोजन एजेंसियों, जेलों और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित विभिन्न पहलों की प्रगति का जायजा लिया गया।
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक नितिका गहलौत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर हरियाणा को 95.28 अंक मिले हैं। असम को 94.65 और चंडीगढ़ को 92.80 अंक प्राप्त हुए हैं। प्रशासनिक सुधारों में राज्य को 20 में से 20 अंक तथा प्रणाली एकीकरण में 10 में से 10 अंक मिले हैं। परिचालन दक्षता में 45 में से 40.40 अंक और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग में 25 में से 24.88 अंक प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि नागरिक सेवाओं के लिए अधिकार-सेवा डैशबोर्ड पर भी हरियाणा लगातार 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रहा है। हरसमय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सभी प्रमुख विभागों द्वारा निर्धारित समय-सीमा में निपटान सुनिश्चित किया जा रहा है। नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पोर्टल पर पंजीकृत नागरिक यूजन आईडी के माध्यम से मोबाइल नंबर ब्लॉक करने का अनुरोध प्रस्तुत करने पर अब पावती रसीद भी जारी की जाती है, जिससे आवेदक को आवेदन जमा होने की तत्काल पुष्टि मिल जाती है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने नए आपराधिक कानूनों और अधिकार-सेवा डैशबोर्ड पर राज्य के प्रदर्शन की सराहना करते हुए संबंधित विभागों के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने समयबद्ध नागरिक सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा राज्य में तकनीक आधारित आपराधिक न्याय सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि पुलिस जांच रिकाॅर्ड को न्यायिक प्रणाली के साथ एकीकृत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दस जिलों में इलेक्ट्रॉनिक आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जा चुका है। शेष जिलों में संबंधित जिला न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श पूरा कर लिया गया है और वहां भी इस प्रणाली को शीघ्र लागू किए जाने की उम्मीद है।
समिति ने जिला न्यायालयों में न्याय श्रुति प्रणाली के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं और प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए उच्च न्यायालय से आगे के दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
बैठक में सीसीटीएनएस और आईसीजेएस 2.0 के अंतर्गत जांच संबंधी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा में पुलिस, जेलों, अभियोजन एजेंसियों और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास, नेटवर्क कनेक्टिविटी तथा उपकरणों की खरीद के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
समिति ने आईसीजेएस 2.0 के अंतर्गत 1,029 मोबाइल डेटा टर्मिनल और निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रणाली सहित 1,700 डेस्कटॉप कंप्यूटर खरीदने को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, बैठक में डिजिटल उपकरणों की आपूर्ति के तहत 2,489 सिंगल-फिंगरप्रिंट स्कैनर, 1,688 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं वेब कैमरे, 411 फोरेंसिक साक्ष्य उपकरण तथा टैबलेट आधारित उपस्थिति दर्ज करने वाले 86 उपकरणों की आपूर्ति के संबंध में भी प्रगति की जानकारी दी गई।
जांच प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी लाने के लिए विशेष डिजिटल मंचों को एकीकृत करने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके तहत शस्त्र प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों के रिकॉर्ड को सीसीटीएनएस-शस्त्र लाइसेंस पोर्टल से जोड़ने के लिए एक एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे प्रमाण-पत्रों का सत्यापन तेज होगा और संबंधित सूचनाओं का निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा।
इसके अतिरिक्त, ट्रेकिया फोरेंसिक एप्लीकेशन को सीसीटीएनएस से जोड़ने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इससे फोरेंसिक संबंधी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साझा की जा सकेगी और फोरेंसिक प्रक्रिया तथा पुलिस के अपराध रिकॉर्ड के बीच समन्वय मजबूत होगा।
समिति ने लंबित तकनीकी खरीद, वित्तीय आवंटन तथा आपराधिक न्याय प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई डिजिटल पहलों की प्रगति की भी समीक्षा की। इन सुधारों का उद्देश्य आपराधिक न्याय व्यवस्था को अधिक एकीकृत, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाना, जांच क्षमता में सुधार करना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान में तेजी लाना है।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आधुनिकीकरण एवं कल्याण शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमिताभ सिंह ढिल्लों तथा विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।