Wednesday, October 14, 2026
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हरियाणा

Latest News from Haryana October 2026

October 14, 2026 06:24 AM

*स्वैच्छिक रूप से पढ़ाने के इच्छुक स्वयंसेवियों को मिलेगा स्कूलों में पढ़ाने का अवसर, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया पोर्टल*

 

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में शिक्षा विभाग के ‘स्वयंसेवक शिक्षक पंजीकरण पोर्टल’ की लॉन्चिंग की जिसके माध्यम से स्कूलों में स्वैच्छिक रूप से पढ़ाने के इच्छुक स्वयंसेवी अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाज में अनेक सेवानिवृत्त शिक्षक, एक्स-सर्विसमैन तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति अपने खाली समय का समाजहित में सदुपयोग करने के लिए सरकार के विभिन्न कार्यों से जुड़ने के लिए इच्छुक रहते हैं। ऐसे समाजसेवी व स्वैच्छिक रूप से सेवा देने के इच्छुक व्यक्तियों को शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्यों से जोड़ने के लिए लॉन्च किया गया यह पोर्टल प्रदेश में शिक्षकों की कमी को भी दूर करने में मददगार साबित होगा।

 

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षकों, पढ़ाने के इच्छुक एक्स-सर्विसमैन, बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों तथा सेवाभाव से शिक्षण कार्य करने वाले व्यक्ति इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकृत स्वयंसेवियों में से उपयुक्त व योग्य व्यक्तियों के चयन के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी जिसमें पुलिस विभाग से डीएसपी स्तर के अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। कमेटी की अनुशंसा के आधार पर इच्छुक व्यक्ति को शिक्षा विभाग से जोड़कर शैक्षणिक कार्यों का अवसर प्रदान किया जाएगा।

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

*प्रदेश के 700 स्कूलों की नई बिल्डिंग एक साल में बनवाई जाएं: मुख्यमंत्री*

 

*मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर दिया जोर*

 

*719 उत्कृष्ट विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, आईसीटी लैब और आधुनिक भवनों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की*

 

*कंडम स्कूलों के स्थान पर नए भवन बनवाने, सभी नए भवनों की छतों पर सोलर सिस्टम लगवाने, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने पर विशेष ध्यान*

 

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में कंडम हो चुके लगभग 700 स्कूलों में नए भवन बनाने का कार्य टेंडर करके जल्द से जल्द करवाया जाए। भवन निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि बच्चों को पढ़ाई का बेहतर वातावरण मिल सके। स्कूलों के नए भवनों में प्राकृतिक रूप से हवा के आवागमन वाले व नई स्पेशिफिकेशन के डिजाईन को अपनाया जाए। प्रत्येक स्कूल पर सोलर सिस्टम लगवाया जाए ताकि बच्चों को गर्मी में असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इन सभी स्कूलों के भवनों का निर्माण अगले एक साल में अवश्य पूरा कर लिया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा सहित विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था, कंडम भवनों के पुनर्निर्माण, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों के रिक्त पदों, डिजिटल शिक्षा तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों के आधुनिकीकरण और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

 

*हरियाणा में चल रहे हैं 14297 सरकारी स्कूल:*

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कुल 14297 स्कूल चलाए जा रहे हैं। इनमें से हर 5 किलोमीटर पर सीएम ईईई (मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं प्रारंभिक शिक्षा) तथा हर 10 किलोमीटर पर पीएम श्री व राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों सहित कुल 719 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में आवश्यकता अनुसार नए भवनों के निर्माण, मरम्मत, आईसीटी लैब की स्थापना, प्रत्येक स्कूल में कम से कम एक टू-वे कम्यूनिकेशन सिस्टम, शिक्षकों की रिक्तियों को भरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

 

*सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनेगी:*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में कम से कम 10 कंप्यूटर की एक आईसीटी लैब इसी वर्ष स्थापित करवाई जाए। इसके लिए उन्होंने हारट्रोन को कंप्यूटर खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी स्कूलों में जलभराव की समस्या है वहां समस्या का स्थाई समाधान करवाया जाए। इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली भी अपनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा विभाग को समय-समय पर जो निर्देश दिए जाते हैं उन पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।

 

*सभी स्कूलों में पीने के पानी की जांच के निर्देश:*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 14297 स्कूलों में पीने के पानी की जांच करवाई जाए। जिन स्कूलों में पानी की गुणवत्ता मानकों से कम है उन स्कूलों की सूची उपलब्ध करवाई जाए ताकि उन सभी स्कूलों को पेयजल आपूर्ति करने वाले विभाग के माध्यम से पानी की गुणवत्ता ठीक करवाई जा सके। जहां जरूरत होगी वहां आरओ सिस्टम भी लगवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के स्कूलों में अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से जरूरी कार्यों करवाए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने वित्त विभाग को सभी जिलों में एक-एक करोड़ रुपये की राशि भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिला में करवाए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक पोर्टल बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त व शिक्षा विभाग प्रति माह स्कूलों में सुधार कार्यों की समीक्षा करें तथा वे स्वयं प्रत्येक 3 माह में विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

 

*पौधारोपण अभियान में लगाए 10 लाख पौधे:*

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशव्यापी पौधारोपण अभियान में स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी से प्रदेश के 13,126 विद्यालयों के 11,77,766 विद्यार्थियों और 74,419 शिक्षकों के माध्यम से कुल 10,47,122 पौधे लगाए गए। यह पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यालयों में हरित वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा व पालन-पोषण भी सुनिश्चित किया जाए।

 

*इन मामलों की भी की समीक्षा:*

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तारें गुजर रही हैं उन्हें हटवाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में खेलों का सामान भी प्राथमिकता के आधार पर टेंडर करके भिजवाया जाए ताकि स्कूली स्तर से ही बच्चों में खेल की भावना पैदा हो सके। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, पार्टटाईम स्वच्छता कर्मियों के अनुबंध, गैर-शिक्षक कार्यों के लिए अलग से कैडर बनाने, शिक्षकों के मेडिकल व एलटीसी बिलों की स्थिति की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, हारट्रोन के प्रबंध निदेशक श्री यश गर्ग, शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री जितेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव कैप्टन मनोज कुमार, प्राथमिक शिक्षा की निदेशक श्रीमती मनीता मलिक तथा शिक्षा परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्वप्निल पाटिल, सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

क्रमांक 2026

 

 

 

 

*लोक संस्कृति और लोक वाद्य कला के प्रोत्साहन हेतु कुरूक्षेत्र में राज्य स्तरीय नगाड़ा(बंचारी) प्रतियोगिता*  

 

*प्रथम विजेता को मिलेगा 75 हजार रुपये का पुरस्कार*

 

चण्डीगढ,  13 अक्टूबर -कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत एवं लोक वाद्य कला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 16 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय नगाड़ा (बंचारी) प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। मल्टी आर्ट सेंटर में आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश की पारंपरिक नगाड़ा वादन कला को संरक्षण प्रदान करने के साथ साथ लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

 

सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में हरियाणा के मूल निवासी कलाकार ही भाग ले सकेंगे तथा प्रतिभागियों को अपने साथ आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक दल में 10 कलाकारों का होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सभी दलों की प्रस्तुति हरियाणवी लोक परिधान एवं वेशभूषा में होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

 

प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रत्येक दल को प्रस्तुति के लिए तीन से पांच मिनट का समय दिया जाएगा। प्रस्तुति पारंपरिक रसिया गायन अथवा हरियाणा के पारंपरिक लोक संगीत पर आधारित होनी अनिवार्य है। फिल्मी धुनों का प्रयोग वर्जित रहेगा। इसके साथ ही प्रस्तुति में प्राचीन परंपरा के अनुरूप पारंपरिक लोक वाद्य यन्त्रों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इन नियमों का उद्देश्य लोक संगीत की मौलिकता और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना है।

 

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को तीन आकर्षक एवं पांच सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 75,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 65,000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 55,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पांच सांत्वना पुरस्कार में प्रत्येक विजेता दल को 10,000 रुपये की राशि मिलेगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए दलों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रत्येक कलाकार केवल एक ही दल के साथ प्रस्तुति दे सकता है। यदि कोई कलाकार दूसरे दल में भी पाया जाता है, तो संबंधित दल को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकारों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

 

उन्होंने बताया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की यह पहल प्रदेश की पारंपरिक लोक कलाओं को नई पहचान देने, लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य स्तरीय नगाड़ा-(बंचारी)  प्रतियोगिता के माध्यम से हरियाणा की लोक परंपराओं, संगीत और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।  

क्रमांक 2026

 

 

 

 

*संत महापुरुषों ने सदैव समाज को सही दिशा देने और सामाजिक समरसता का संदेश देने का कार्य किया है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*नामदेव जयंती समारोह का निमंत्रण देने मुख्यमंत्री से मिले नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने तैयारियों की जानकारी दी*

 

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर। संत महापुरुषों ने अपने विचारों, शिक्षाओं और आदर्शों के माध्यम से सदैव समाज को सही दिशा देने तथा आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।

 

18 अक्तूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में आयोजित होने वाले गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण देने के लिए नामदेव सभा के प्रतिनिधिमंडल ने संत कबीर कुटीर, चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान सभा के पूर्व चेयरमैन एवं सभा के हरियाणा अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा, सचिव श्री नरेश मरजारा, चरणजीत सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा के बेटे एवं बीजेपी नेता श्री संजीव गंगवा, श्री मांगीलाल सहित सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

 

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को समारोह की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। सभा के अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा ने बताया कि गुरु संत नामदेव प्रकाश दिवस जयंती समारोह को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। समारोह में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभा के सदस्य लगातार संपर्क कर रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाब के अलग-अलग जिलों में जाकर भी लोगों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री वर्मा ने कहा कि समारोह का उद्देश्य संत गुरु नामदेव जी की शिक्षाओं और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में भाईचारे, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए आयोजन की तैयारियों से अवगत कराया।

क्रमांक 2026

 

 

 

*पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं : श्याम सिंह राणा*

 

*हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्र सरकार ने की सराहना*

 

*फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक" आयोजित*

 

चंडीगढ़ , 13 अक्टूबर - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को धान की पराली जलाने से रोकने के लिए ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और सभी जिलों में "पराली सुरक्षा बल" का भी गठन किया गया है।

 

हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने भी सराहना की है।

 

श्री राणा ने यह जानकारी आज केंद्र सरकार द्वारा आयोजित "फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के मुद्दे पर मंत्री-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक" में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंडीगढ़ से हरियाणा का पक्ष रखते हुए दी। इस अवसर पर विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री , अतिरिक्त निदेशक श्री प्रदीप मील भी उपस्थित थे।

 

दिल्ली में हुई इस बैठक में उक्त दोनों केंद्रीय मंत्रियों के अलावा हरियाणा , पंजाब , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , राजस्थान तथा दिल्ली के कृषि मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने राज्य से जुड़े हुए थे। 

 

श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के खेतों में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कुल 66,050 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, राज्य के 37 लाख एकड़ धान क्षेत्र के प्रबंधन हेतु कुल 440 करोड़ रुपये की अनुमानित प्रोत्साहन राशि तय की गई है, जिसके तहत किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

 

उन्होंने आगे बताया कि पर्यावरण संरक्षण और जल बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धान की सीधी बिजाई (DSR) अपनाने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ तथा धान की फसल के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बिजाई (फसल विविधीकरण) करने वाले किसानों को 8,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

 

क्षेत्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि खेतों में निगरानी के लिए वर्तमान में 20 ड्रोन तैनात किए जा चुके हैं और शीघ्र ही 30 अतिरिक्त ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे। राज्य में कड़े नियमों और जागरूकता अभियानों के कारण अब तक केवल 7 फसल अवशेष जलाने (AFL) की घटनाएं ही रिपोर्ट हुई हैं। इसमें भी हांसी जिले में दर्ज की गई 1 घटना दुर्घटनावश हुई थी, जिसके संबंध में नियमानुसार 5,000 रुपये का चालान जारी किया गया। बाकी की घटनाएं गैर -कृषि क्षेत्र में हुई हैं।

 

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे राज्य में 79 "पीएम 2.5" सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर कुल 8,535 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं तथा सभी जिलों में विशेष 'पराली सुरक्षा बल' का गठन किया गया है।

 

उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी मांग कि पराली प्रबंधन के तहत हरियाणा सरकार द्वारा जो किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है , उसमें से 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए ताकि राज्य सरकार पर अधिक वित्तीय भार न पड़े और ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ सकें।

 

कृषि मंत्री ने प्रदेश के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे पराली में आग लगाने के बजाय सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहन राशि और कृषि उपकरणों का अधिकतम लाभ उठाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने और भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने में योगदान दें।

क्रमांक - 2026

जंगबीर सिंह

 

 

 

 

*लंबित बिलिंग मामलों पर सख्ती, इस माह अधिकतम निपटारे के निर्देश: विक्रम सिंह*

 

*सीएम की समीक्षा बैठक के बाद बिजली निगमों ने कसी कमर, सभी सर्कलों से मांगी कार्ययोजना; खराब मीटर बदलने और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान पर जोर*

 

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर — उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों के निपटारे, खराब बिजली मीटरों को बदलने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने अधिकारियों को चालू माह के दौरान अधिकतम प्रगति सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों के निपटारे के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में लंबित प्रोविजनल बिलिंग मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लिए जाने के बाद निगम प्रबंधन ने इन मामलों के शीघ्र समाधान को प्राथमिकता दी है।

 

निगम के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रबंध निदेशक ने सभी सर्कलों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का विस्तृत विश्लेषण कर उन्हें नियमित बिलिंग व्यवस्था में लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें खराब मीटरों को बदलने, लंबित मामलों के कारणों की पहचान करने और प्रत्येक मामले के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

 

उन्होंने बताया कि प्रबंध निदेशक के निर्देशानुसार गेट के सामने तथा सार्वजनिक आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले स्थानों पर लगे बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, ताकि आमजन को होने वाली असुविधा दूर की जा सके।

 

गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति शिकायतों का होगा विश्लेषण

 

प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में बिजली आपूर्ति बाधित होने से संबंधित बड़ी संख्या में मिल रही शिकायतों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कॉल सेंटर पर उपभोक्ताओं की टेलीफोन कॉल अटेंड नहीं होने के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सहायता मिल सके और शिकायतों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हो।

 

उन्होंने बताया कि निगम प्रबंधन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्राप्त हो रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का समय पर संज्ञान लेकर त्वरित जवाब दिया जाए तथा जहां आवश्यक हो, संबंधित समस्या का समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।

 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रवक्ता ने बताया कि प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित कार्य योजना के अनुसार ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दोनों बिजली वितरण निगमों का उद्देश्य बिलिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना, बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों का शीघ्र समाधान करना और उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है।

क्रमांक— 2026

 

 

 

 

*पंचकूला के पैट एनिमल मेडिकल सेंटर का होगा आधुनिकीकरण*

*आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद होगी, उन्नत जांच सुविधाएं होंगी उपलब्ध*

*मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की बैठक*

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंचकूला स्थित पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत सेंटर में उन्नत जांच उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक पशु एम्बुलेंस की खरीद तथा अस्पताल भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा।

ये निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पैट एनिमल हैल्थ सोसायटी की शासी परिषद की आठवीं बैठक में लिए गए। बैठक में विशेष पशु चिकित्सा उपचार को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

शासी परिषद ने इस चिकित्सा केंद्र में पशुओं के हृदय की कार्यप्रणाली की जांच के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम मशीन तथा कैनाइन डिस्टेंपर, पार्वोवायरस, लेप्टोस्पायरोसिस और रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की त्वरित जांच की सुविधाएं शुरू करने को मंजूरी दी है। त्वरित जांच किट की खरीद के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।

परिषद ने वर्ष 2009 से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे इस पैट एनिमल मेडिकल सेंटर के भवन की मरम्मत एवं नवीनीकरण को भी मंजूरी दी है। अस्पताल की विभिन्न मंजिलों तक पहुंच आसान बनाने, विशेषकर बड़े, घायल और चलने-फिरने में असमर्थ पशुओं के लिए 10 व्यक्तियों की क्षमता वाली लिफ्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहली मंजिल पर स्थित नेत्र चिकित्सा एवं जांच इकाइयों तक पहुंचने में सुविधा होगी।

आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 25 लाख रुपये की लागत से एक नई पशु एम्बुलेंस खरीदने को भी मंजूरी दी गई। इस एम्बुलेंस में वातानुकूलित केबिन, आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति, प्राथमिक उपचार की सुविधाएं, विभिन्न शारीरिक मानकों की निगरानी करने वाले उपकरण, स्ट्रेचर तथा नसों के माध्यम से तरल पदार्थ देने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।

बढ़ी हुई सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए परिषद ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इनमें दो एनिमल अटैंडेंट अथवा बहुउद्देशीय कर्मचारी, एक अकाउंटेंट-कम-स्टोरकीपर, तीन सुरक्षा कर्मी तथा एक डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन कर्मचारियों से विशेष उपचार इकाइयों के संचालन, वित्तीय एवं भंडार संबंधी रिकाॅर्ड के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।

सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए शासी परिषद ने कहा कि पंचकूला स्थित यह केंद्र हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पशु चिकित्सा रेफरल केंद्र के रूप में उभरा है।

पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बताया कि केंद्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 24,401 बाह्य रोगी मामलों का उपचार किया गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह संख्या 23,056 और वर्ष 2023-24 में 21,129 थी। प्रयोगशाला जांच की संख्या वर्ष 2023-24 में 3,267 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,407 हो गई। इसी अवधि में एक्स-रे जांच की संख्या भी 1,625 से बढ़कर 1,901 हो गई।

चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 31 अगस्त, 2026 तक के पहले पांच महीनों के दौरान केंद्र में गली कुत्तों सहित कुल 11,106 बाह्य रोगी मामले दर्ज किए गए। इस अवधि में 101 सर्जरी की गईं तथा 1,807 प्रयोगशाला जांच, 870 एक्स-रे जांच और 105 अल्ट्रासाउंड जांच की गईं।

बैठक में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, कर्मचारियों की तैनाती एवं ड्यूटी व्यवस्था को बेहतर बनाने और अस्पताल के संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के पर भी विचार-विमर्श किया गया।

आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, किफायती दवाओं, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षित सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता से पंचकूला का यह केंद्र आने वाले दिनों में क्षेत्र में सुलभ एवं गुणवत्तापरक पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

क्रमांक— 2026

                                              

             

 

 

*किसानों की फसल रखने के लिए मंडियों के अलावा खुले स्थान भी किए जाएं चिन्हित : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

*बारिश के कारण फसल की सुरक्षा और समय पर उठान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश

*मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की*

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ खरीद सीजन-2026 के दौरान किसानों की फसल रखने के लिए मंडियों के अलावा अन्य उपयुक्त खुले स्थान भी चिन्हित किए जाएं। इन स्थानों पर किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं तथा फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फेंसिंग सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण किसानों की फसल को किसी प्रकार का नुकसान न हो और मंडियों में फसल के उठान में भी कोई बाधा न आए। अधिकारी खरीद सीजन के मद्देनजर सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे करें।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ये निर्देश मंगलवार को चंडीगढ़ में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा और उनकी मेहनत से तैयार फसल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को फसल उतारने और रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि मंडियों में व्यवस्था बनी रहे और किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, विभाग के महानिदेशक एवं सचिव श्री अंशज सिंह, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

*किसानों की सुविधा और फसल की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों के अतिरिक्त चिन्हित किए जाने वाले खुले स्थानों पर फसल के सुरक्षित रखरखाव के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। विशेष रूप से बारिश की संभावना को देखते हुए फसल को भीगने से बचाने और समय पर उठान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी फसल निर्धारित स्थानों पर ही उतारें और उसे इधर-उधर रखने से बचें। इससे फसल का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ-साथ मंडियों में खरीद व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उनकी उपज की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए अधिकारी सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों को फसल बेचने से लेकर उसके उठान तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

क्रमांक 2026

सुमित चावला

 

 

 

 

 

स्वच्छ एवं सुंदर परिवेश से ही संवर रहा है नौनिहालों का भविष्य- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर-  हरियाणा के विद्यालयों में पठन-पाठन के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और साफ-सफाई को सर्वोपरि रखते हुए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों  में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग, छत की सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, खेल के मैदानों के रखरखाव और जल निकासी के पुख्ता प्रबंधों के लिए सुचारू रूप से बजट जारी कर दिया गया है।

जिन प्राथमिक विद्यालयों में अंशकालिक कार्यकर्ता कार्यरत नहीं हैं, वहां इन व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए विभाग द्वारा 8,000 रुपये प्रति विद्यालय प्रति माह की दर से 'स्वच्छ प्रांगण'  योजना के तहत बजट सीधे तौर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को बतौर आहरण एवं संवितरण अधिकारी (बीसीओ) जारी कर दिया गया है।

शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों, मुख्य अध्यापकों, मुख्य शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के प्रधानों से आह्वान किया है कि वे इस बजट का समयबद्ध और पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विद्यालयों को तुरंत राशि आवंटित कर जमीनी स्तर पर कार्य करवाना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि हमारे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे एक स्वच्छ, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह प्रयास प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं आदर्श बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

क्रमांक 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

*औद्योगिक पॉलीथिन के विकल्पों पर काम करें उद्यमी, प्रदूषण कम करने में दें योगदान : राव नरबीर सिंह*

 

*एमएसएमई उद्यमियों की समस्याओं पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने लघु उद्योग भारती हरियाणा के प्रतिनिधियों के साथ की चर्चा, कहा: सरकार उद्योगों को नहीं आने देगी परेशानी*

 

*सब्सिडी की फाइलों पर एक साथ बताएं सभी कमियां, बार-बार आपत्तियां लगाकर न करें लंबित*

 

*हर जिले में चार उद्यमी साथी लगाए गए, औद्योगिक प्लॉट और रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों के सर्वे का मुद्दा भी उठा*

 

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर- हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने उद्योग जगत से औद्योगिक प्रदूषण को कम करने और ऐसी इंडस्ट्रियल पॉलीथिन के विकल्पों पर काम करने का आह्वान किया, जो आसानी से नष्ट नहीं होती और प्रदूषण बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की दिशा में आगे बढ़ना  आज समय की मांग है।

 

श्री राव नरबीर सिंह मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने निवास पर एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े लघु भारती उद्यमियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक प्रदूषण, औद्योगिक प्लॉट से जुड़े विषयों और रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों के सर्वे सहित विभिन्न मुद्दे उठाए तथा अपनी समस्याओं से मंत्री को अवगत करवाया। मंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है और उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में रोहतक, सोनीपत, हिसार, भिवानी, यमुनानगर सहित कई जिलों से लघु उद्योग भारती संगठन से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे थे।

 

*उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर जिले में चार उद्यमी साथी*

 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा में एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा देने के लिए प्रत्येक जिले में चार-चार उद्यमी साथी लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य उद्यमियों को विभागीय प्रक्रियाओं, योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के संबंध में मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना तथा सिंगल विंडो के माध्यम से उनकी समस्याओं के समाधान में मदद करना है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यमियों को सहयोगपूर्ण माहौल उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उद्यमियों की समस्याओं को सुनकर उनका उचित समाधान करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

*सब्सिडी की फाइलों पर बार-बार आपत्तियां लगाने से बचें अधिकारी*

 

श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सब्सिडी या अन्य सरकारी सहायता के लिए आने वाली फाइलों पर अधिकारी बिना वजह आपत्तियां न लगाएं। यदि किसी फाइल में कोई कमी है, तो संबंधित अधिकारी एक ही बार में सभी कमियों और आपत्तियों की जानकारी दें, ताकि उद्यमी उनका समाधान करके फाइल को आगे बढ़ा सकें। बार-बार नई आपत्तियां लगने से अनावश्यक देरी होती है और उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से जटिल नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र उद्यमियों के मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध निपटारा हो तथा किसी भी स्तर पर बिना उचित कारण फाइल लंबित न रखी जाए।

 

बैठक में उद्यमियों द्वारा औद्योगिक प्लॉट, रिहायशी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों के सर्वे और प्रदूषण से जुड़े विषय भी रखे गए। इन मुद्दों पर उद्यमियों ने अपनी समस्याओं और चिंताओं से मंत्री को अवगत करवाया। बैठक का उद्देश्य उद्योगों से जुड़े विषयों पर संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना रहा।

 

इस अवसर पर एमएसएमई के अतिरिक्त निदेशक भारत भूषण गोगिया ने नई एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026 के बारे विस्तार से जानकारी दी। लघु भारती उद्योग के पदाधिकारियों ने राव नरबीर सिंह को उद्योग टाइम्स पुस्तिका भी भेंट की।

क्रमांक-2026

 

 

 

 

 

 

 

 

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशा मुक्त हरियाणा के लिए दिए मुख्य 7 संकल्प, जागरूकता से लेकर इलाज, पुनर्वास और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष फोकस*

 

*मुख्यमंत्री ने ‘संकल्प’ सोसायटी की पहली बैठक की अध्यक्षता की, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगा ‘संकल्प प्राधिकरण’*

 

*नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के साथ युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री*

 

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर - हरियाणा को नशामुक्त करने और प्रदेश की युवा शक्ति को नशे के चंगुल से बचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘संकल्प’ (SANKALP) सोसायटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए एक व्यापक और समन्वित रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे और नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए सात प्रमुख संकल्पों पर विशेष रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। इनमें ड्रग मुक्त थाना क्षेत्र बनाना, तस्कर मुक्त जिला सुनिश्चित करना, नशे की गोलियों से मुक्त केमिस्ट शॉप, नशे के विरुद्ध परिवार का सहयोग, इलाज युक्त अस्पताल, सुविधा युक्त स्कूल, जहां नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, विद्यार्थियों की काउंसलिंग और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—‘नशा मुक्त हरियाणा, युवाओं के भविष्य को बचाना।’ उन्होंने निर्देश दिए कि नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते समय केवल नशा बेचने वाले व्यक्ति तक सीमित न रहा जाए, बल्कि यह भी पता लगाया जाए कि उसके पास नशीले पदार्थ कहां से पहुंचे और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। नशे की आपूर्ति के स्रोतों, तस्करी के नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखी जाए। पुलिस के सहयोग से नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी जांच और समुचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

*संकल्प सोसायटी हर माह देगा नशा मुक्ति अभियान के परिणामों की रिपोर्ट, प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी होगी तय*

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए कि संकल्प सोसायटी को हर माह अपने कार्यों के ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे। यह भी आकलन किया जाएगा कि नशे की उपलब्धता कम करने, युवाओं को उपचार से जोड़ने और नशे की ओर दोबारा लौटने की प्रवृत्ति रोकने में कितनी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मैराथन, साइक्लोथॉन और अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही है। लेकिन अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। संकल्प सोसायटी को यह भी निगरानी करनी होगी कि कितने युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाया गया, कितने युवाओं ने अपना उपचार पूरा किया और उपचार के बाद वे दोबारा नशे की गिरफ्त में न आएं। इसके लिए उपचार के साथ-साथ निरंतर निगरानी, पुनर्वास और परिवार के सहयोग पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

 

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक सहायता पहुंचे और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक अवसर, सही मार्गदर्शन तथा अनुकूल वातावरण मिले। इसी उद्देश्य के लिए सरकार ने ‘संकल्प’ सोसायटी का गठन किया है। इसके अंतर्गत गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि नशे की रोकथाम से लेकर पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास तक सभी स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवाओं में अपार क्षमता है और उन्हें सही दिशा, अवसर तथा सहयोग उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। नशे के विरुद्ध इस लड़ाई में प्रशासनिक प्रयासों के साथ परिवारों, शिक्षकों, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का युवा स्वस्थ, जागरूक, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित बने तथा प्रदेश नशामुक्त समाज की दिशा में ठोस प्रगति करे।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी अनुपमा, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डॉ आदित्य दहिया, एडीजीपी श्री संजय कुमार, संकल्प सोसायटी के सीईओ श्री ओ पी सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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