मिड-डे-मील योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: विजय दत्त, कार्यकारी चेयरमैन , पंजाब राज्य खाद्य आयोग
पीएसएफसी ने रसोईघरों की साफ-सफाई, भोजन तैयार करने वाले रसोइयों की स्वच्छता और राशन के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 13 अक्टूबर:
राज्य के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मिड-डे-मील योजना को सुचारू रूप से संचालित करने पर जोर देते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने रसोईघरों की साफ-सफाई, स्वच्छता संबंधी उचित सुविधाओं और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया है।
आज यहां आयोजित एक बैठक के दौरान आयोग के कार्यकारी चेयरमैन विजय दत्त ने कहा कि मिड-डे-मील योजना के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाली किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मिड-डे-मील योजना के जनरल मैनेजर विरेंद्र सिंह बराड़ ने चेयरमैन को अवगत करवाया कि ३१ अगस्त, २०२६ तक योजना की पुरानी बकाया देनदारियों का भुगतान करने के लिए ४० करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है।
चेयरमैन ने कहा कि मिड-डे-मील तैयार करने में लगे रसोइयों को साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में जहां भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो, वहां किचन गार्डन स्थापित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
आंगनवाड़ी केंद्रों को राज्य के मजबूत सामाजिक सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए चेयरमैन ने कहा कि इन केंद्रों में राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के माध्यम से राशन का वितरण पारदर्शी और सुचारू ढंग से किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), २०१३ के तहत कोई भी पात्र एवं वास्तविक लाभार्थी राशन प्राप्त करने से वंचित न रहे।
बैठक के दौरान चेयरमैन ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को लाभार्थियों से संबंधित आंकड़े आयोग को भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए, ताकि केंद्रीय वार रूम स्थापित करने के कार्य को गति दी जा सके। इस केंद्रीय वार रूम का उद्देश्य लाभार्थियों से उन्हें मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त करना है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों और चेतन प्रकाश धालीवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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भाजपा यह स्पष्ट करे कि उसके शासन के दौरान गुजरात के बंदरगाहों के रास्ते नशे की सप्लाई कैसे जारी रही: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क नशे के मुद्दे पर पंजाब की ओर उंगली उठाने वालों को अपनी नाकामियों का जवाब देना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क नशे की समस्या के मुद्दे पर पंजाब अपनी छवि खराब करने की इजाजत नहीं देगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
कपूरथला, १३ अक्टूबर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को सख्त जवाब देते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती दी कि वह केंद्र और गुजरात दोनों जगह सत्ता में होने के बावजूद नशा तस्करी से प्रभावी ढंग से निपटने में अपनी असफलता के बारे में स्पष्ट करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग अपने राज्यों में इस समस्या को हल करने में नाकाम रहे, उन्हें पंजाब की ओर उंगली उठाने से पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।
एक बयान में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इस समस्या से निपटने में अपनी नाकामी का जवाब देना चाहिए। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों के बंदरगाहों के रास्ते नशे की सप्लाई कैसे जारी रही।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "नशा तस्करी की समस्या राष्ट्रीय है और इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रचार के जरिए पंजाब की छवि खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो लोग अपने राज्यों में इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने में असफल रहे, उन्हें पंजाब की ओर उंगली उठाने से पहले अपने अंदर झांकना चाहिए।"
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
भगवंत मान सरकार मुलाजिमों की भलाई के लिए वचनबद्ध, लंबित मांगों के समाधान के लिए अड़चनें की जा रही हैं दूर: हरपाल सिंह चीमा
शिक्षा यूनियनों की प्रमुख मांगें पहले ही अंतिम चरण में: हरपाल सिंह चीमा
'आप' सरकार मुलाजिमों के अधिकारों और पंजाब के शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित: हरपाल सिंह चीमा
भगवंत मान सरकार शिक्षा यूनियनों की नियमितीकरण, भर्ती और वेतन संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए कर रही है काम: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़; १३ अक्टूबर, २०२६:
राज्य के मुलाजिमों की चिंताओं को दूर करने के लिए भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो मुलाजिमों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने आज यहां शिक्षा विभाग की विभिन्न मुलाजिम यूनियनों के साथ अहम बैठकें कीं।
इन बैठकों के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिनिधिमंडलों की बातें बड़े ध्यान से सुनीं और उनके मांग पत्रों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया, "भगवंत मान सरकार आपकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह सहानुभूति रखती है और उन पर सक्रियता से काम कर रही है।"
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा, "यूनियनों द्वारा उठाई गई अधिकांश प्रमुख मांगें पहले ही पूरी होने के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इनका सकारात्मक समाधान होगा।"
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया, "भगवंत मान सरकार अपने मुलाजिमों की भलाई और शिक्षा क्षेत्र के निरंतर सुधार के लिए गहराई से प्रयासरत है।" उन्होंने प्रतिनिधिमंडलों को भरोसा दिलाया, "आपकी लंबित मांगों पर अंतिम फैसले जल्द जारी करने के लिए सभी प्रशासनिक अड़चनों को दूर किया जा रहा है।"
शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न कैडरों और मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने वाली कई प्रमुख यूनियनों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भाग लेने वाली यूनियनों में १८० ईटीटी टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला), बहाल किए गए कच्चे अध्यापक यूनियन, १० साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन, सर्व (समग्र) शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारी यूनियन, ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल फ्रंट शामिल थे।
प्रतिनिधियों ने सेवाओं को नियमित करने, खाली पदों पर भर्ती, वेतन ढांचे और अनएडेड स्टाफ के लिए सुरक्षा नीतियों जैसे मुद्दों से संबंधित विस्तृत मांग पत्र सौंपे।
बैठकों के दौरान मुड़ बहाल गए कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से विकास साहनी, लखविंदर कौर, अमनदीप धालीवाल, वरुण खेड़ा और गुरप्रीत सिंह; १८० ईटीटी टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला) की ओर से कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरमुख सिंह, गौरव कांत, गुरप्रीत सिद्धू और परशोत्तम कुमार; १० साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से जसपाल सिंह, ममता और मंजू देवी; सर्व (समग्र) शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारी यूनियन की ओर से कुलदीप सिंह, अमन थापर जवीर; ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन की ओर से सुनील फाजिल्का, रणजीत सिंह और किरणपाल कौर; और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल फ्रंट की ओर से निर्भय सिंह, यादविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह और करनदीप सिंह ने अपने मुद्दे और मांगें प्रस्तुत कीं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का २६६वां दिन: पंजाब पुलिस ने ५२१ स्थानों पर की छापेमारी; १८८ काबू
— पुलिस टीमों ने १६१ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की
— लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में दे सकते हैं जानकारी
— युद्ध नशों विरुद्ध के ५९१वें दिन ४.६ किलोग्राम हेरोइन सहित १०२ नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, १३ अक्टूबर:
पंजाब में चलाए जा रहे अभियान च्गैंगस्टरां ते वारज् के २६६वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित और सूचीबद्ध किए गए ५२१ ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि च्गैंगस्टरां ते वारज् पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई है। इस अभियान की शुरुआत २० जनवरी, २०२६ को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने की थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें पूरे राज्य में विशेष अभियान चला रही हैं।
अभियान के २६६वें दिन पुलिस टीमों ने दो हथियारों सहित १८८ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर ७८,१८१ हो गई है।
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने १६१ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पांच भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा, वे अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी पुलिस के साथ साझा कर सकते हैं।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम च्युद्ध नशों विरुद्धज् के ५९१वें दिन भी अभियान जारी रखा। इस दौरान १०२ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से ४.६ किलोग्राम हेरोइन, ५०० ग्राम अफीम, नशीली गोलियों की ३०२ इकाइयां और १२.९ लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
इसके साथ ही, इस अभियान के तहत पिछले ५९१ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढ़कर ८४,९७१ हो गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज ७६ व्यक्तियों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास संबंधी उपचार करवाने के लिए भी प्रेरित किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
भगवंत मान सरकार की बी.के.यू. (एकता उगराहां) के साथ लंबी बैठक; किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान का दिया भरोसा
भगवंत मान सरकार ने फसलों के नुकसान के मुआवजे के लिए ७५० करोड़ रुपये रखे, किसानों को वितरित करने की प्रक्रिया जारी: हरपाल सिंह चीमा
सरकार कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किसानों पर दर्ज कुछ बकाया एफ.आई.आर. रद्द करवाने के लिए जोर लगाएगी: हरपाल सिंह चीमा
'आप' सरकार किसानों के बकाया मसले विधान सभा में जोरदार ढंग से उठाएगी: हरपाल सिंह चीमा
फसलों के मुआवजे से लेकर मुजारा किसानों के अधिकारों तक, भगवंत मान सरकार किसानों की रोजी-रोटी की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़; १३ अक्टूबर, २०२६:
किसान समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब सरकार के मंत्रियों के समूह और जोगिंदर सिंह उगराहां के नेतृत्व वाली भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के बीच आज यहां उच्च स्तरीय बैठक हुई।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर कैबिनेट मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और गुरमीत सिंह खुड्डियां पर आधारित मंत्रियों के समूह ने किसान प्रतिनिधियों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। मंत्रियों के इस प्रतिनिधिमंडल के साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
यूनियन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर आधारित लंबी चर्चा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "बातचीत बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और इसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मसलों पर मजबूत सहमति बनी है।"
किसानों को पंजाब की कृषि और समग्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए वित्त मंत्री ने भगवंत मान सरकार की उनके कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, "यूनियन की मांगों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श के दौरान, स्वीकृत स्थानीय मसलों के योजनाबद्ध और समयबद्ध समाधान को सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहमति से एक से दो महीने का समय तय किया गया है।"
पिछले आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज बकाया एफ.आई.आर. से संबंधित विशेष मांग पर बोलते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "इनमें से बड़ी संख्या में केस पहले ही राज्य सरकार द्वारा रद्द किए जा चुके हैं। विभिन्न अदालतों में बकाया पड़े लगभग १३ से १६ मामलों के लिए, सरकार ने इन्हें जल्दी वापस लेने के लिए एक रणनीतिक, चरणबद्ध कानूनी ढांचा तैयार किया है।"
फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष बजट की मांग के जवाब में, वित्त मंत्री ने प्रतिनिधियों को बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही मुआवजे के लिए ७५० करोड़ रुपये रखे हैं और प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरित करने की प्रक्रिया जारी है।
बैठक के दौरान मुजारा किसानों के मुआवजे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, उन काश्तकारों के लंबे समय से लटके हुए मसले पर बहुत हमदर्दी वाला रुख अपनाया गया, जो कई दशकों से औपचारिक मालिकाना हकों के बिना जमीन जोत रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ राज्य सरकार के दृढ़ रुख की पुष्टि करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के पास बकाया पड़े कृषि के सभी बड़े मसलों पर पंजाब विधान सभा के आगामी सत्र में जोरदार ढंग से बहस की जाएगी।
उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार ने कॉरपोरेट एकाधिकार के खिलाफ राज्य के कृषि क्षेत्र का लगातार बचाव किया है।"
यूनियन के साथ प्रस्तावों की प्रतियां साझा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "पिछले विधान सभा सत्रों में, राज्य सरकार पहले ही नुकसानदेह अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार समझौतों और विवादित बिजली बिल का विरोध करते हुए केंद्र सरकार को मजबूत प्रस्ताव पास करके भेज चुकी है।"
मंत्रियों के समूह ने सभी विधायी और प्रशासनिक मोर्चों पर किसानों के अधिकारों और रोजी-रोटी की रक्षा करते रहने के राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया।
इस बैठक में अन्य लोगों के अलावा भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के झंडा सिंह जेठूके, शिंगारा सिंह मान, जगतार सिंह कालाझाड़, जनक सिंह भुटाल, रूप सिंह छन्नां, हरविंदर कौर बिंदू, कमलजीत कौर और कुलदीप कौर विशेष रूप से उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अमृतसर में ६ पिस्तौल, ४.४ किलो हेरोइन, ५०० ग्राम अफीम, १२.९ लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन सहित १० आरोपी काबू
— गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों की आपूर्ति और नशा तस्करी में शामिल: डीजीपी गौरव यादव
— पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज; नेटवर्क के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी: पुलिस आयुक्त अमृतसर हरमनबीर गिल
चंडीगढ़/अमृतसर, १३ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने १० आरोपियों को गिरफ्तार कर नशा तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले पांच मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीमों ने आरोपियों के कब्जे से छह पिस्तौल, ४.४०९ किलोग्राम हेरोइन, ५०० ग्राम अफीम, १२.९० लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजबीर सिंह (२३), गगनप्रीत सिंह उर्फ गगन (३१) और सौरव सिंह उर्फ बहादर (२३), तीनों निवासी अमृतसर; विशाल सिंह उर्फ टिबरू (२२) और रशपाल सिंह उर्फ बब्बा (४४), दोनों निवासी गांव नूरपुर, लोपोके; वीरपाल सिंह उर्फ बिल्ला (१९), निवासी गांव माड़ी मेघा, तरनतारन; जगविंदर सिंह उर्फ काला (१९), निवासी गांव अमी शाह, तरनतारन; सुखचैन सिंह उर्फ सुख (२०), निवासी गांव ख्याला; जसकरण सिंह उर्फ जस्सी (२२), निवासी गांव कोलोवाल; तथा युवराज सिंह उर्फ जग्गू (२०), निवासी गांव गोसनाबाद, अमृतसर ग्रामीण के रूप में हुई है।
बरामद किए गए छह पिस्तौलों में एक ग्लॉक ९ एमएम और पांच .३० बोर के पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा १२ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस टीमों ने अपराधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जा रही दो कारों को भी जब्त कर लिया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों की आपूर्ति और नशा तस्करी में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और इसके आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए सभी कडिय़ों को जोड़ा जा सके।
इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि आपसी समन्वय से चलाए गए इन अभियानों को डीसीपी इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह विर्क, एडीसीपी डिटेक्टिव जयंत पुरी, एडीसीपी सिटी-३ मनमोहन सिंह औलख, एसीपी ईस्ट रविंदर सिंह और एसीपी डिटेक्टिव कपिल कौशल की निगरानी में अंजाम दिया गया।
सीपी हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पहले अभियान के दौरान थाना मकबूलपुरा की पुलिस टीमों ने राजबीर सिंह, गगनप्रीत सिंह उर्फ गगन और सौरव सिंह उर्फ बहादर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से १६९ ग्राम हेरोइन, ५०० ग्राम अफीम और १०.९० लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की।
दूसरे अभियान के दौरान थाना छेहरटा की पुलिस टीमों ने विशाल सिंह उर्फ टिबरू और रशपाल सिंह उर्फ बब्बा को एक कार सहित रोका और उनके कब्जे से ४.१३० किलोग्राम हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की।
तीसरे अभियान के दौरान छावनी थाने की पुलिस टीमों ने तरनतारन के दो युवकों—वीरपाल सिंह उर्फ बिल्ला और जगविंदर सिंह उर्फ काला—को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से एक .३० बोर का पिस्तौल बरामद किया।
चौथे अभियान के दौरान थाना छेहरटा की पुलिस टीमों ने सुखचैन सिंह उर्फ सुख और जसकरण सिंह उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से ११० ग्राम हेरोइन, एक .३० बोर का पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, दो लाख रुपये की ड्रग मनी, एक कार और तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक ड्रोन बरामद किया गया।
पांचवें अभियान के संबंध में पुलिस आयुक्त ने बताया कि थाना छेहरटा की टीमों ने युवराज सिंह उर्फ जग्गू को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चार पिस्तौल बरामद किए गए, जिनमें तीन .३० बोर के पिस्तौल और एक ग्लॉक ९ एमएम पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा १० जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
इस संबंध में पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पहला मामला ५ अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर ३२५ के तहत थाना मकबूलपुरा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं २१-बी, २७-ए और १८ के अंतर्गत दर्ज किया गया। दूसरा मामला ८ अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर २४० के तहत थाना छेहरटा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं २१-सी और २९ के अंतर्गत दर्ज किया गया।
तीसरा मामला ९ अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर १९० के तहत थाना छावनी में शस्त्र अधिनियम की धारा २५ के अंतर्गत दर्ज किया गया। चौथा मामला १० अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर २४२ के तहत थाना छेहरटा में भारतीय वायुयान अधिनियम की धाराओं २५ और २९, एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं २१-बी, २३, २७-ए और २९ तथा शस्त्र अधिनियम की धारा २५ के अंतर्गत दर्ज किया गया।
पांचवां मामला ११ अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर २४५ के तहत थाना छेहरटा में शस्त्र अधिनियम की धारा २५ के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र को अगले विकास इंजन के रूप में देख रहा है; वर्ष २०२२ से अब तक १.९२ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: अमन अरोड़ा
क उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा ९वीं सीआईआई मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस प्रदर्शनी का उद्घाटन
क उद्योग के बिना कोई भी प्रांत विकास नहीं कर सकता; पंजाब की नई नीति २४ सेक्टर समितियों के माध्यम से स्वयं उद्योग जगत ने तैयार की है: अमन अरोड़ा
चंडीगढ़, १३ अक्टूबर:
पंजाब को वर्ष २०२२ से अब तक १.९२ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे ६.५ लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है। पंजाब राज्य अब समयबद्ध स्वीकृतियों के साथ १२५ प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहनों की पेशकश कर रहा है। यह कहते हुए कि "पंजाब सरकार उद्योग के साथ है", उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि किसी अन्य राज्य के पास ऐसी उद्योग-हितैषी नीति नहीं है।
श्री अमन अरोड़ा, जिनके साथ वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ (सेवानिवृत्त) मौजूद थे, ने यहां चंडीगढ़ में ९वीं सीआईआई मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। श्री अरोड़ा ने बताया कि पंजाब को मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों (१ अप्रैल से ३० सितंबर) के दौरान ही ३२,११० करोड़ रुपये के १,६२६ प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ९१,२३६ नौकरियों के सृजन की संभावना है।
श्री अरोड़ा ने कहा, "हर प्रस्ताव का अर्थ एक नई या बड़ी फैक्ट्री, नौकरियों का सृजन और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को नया कारोबार मिलना है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मैन्युफैक्चरिंग पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें ऑटो पाट्र्स, ट्रैक्टर, साइकिल, हैंड टूल्स, खेल सामान, होजऱी और स्टील उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयां भारत और विदेशों के बाजारों में अपनी पहचान बना रही हैं।
प्रदर्शनी का दौरा करने के बाद उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब की अपनी इकाइयों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों, मशीनों और समाधानों को देखना बहुत ही संतोषजनक अनुभव था। उन्होंने आगे कहा कि आज मैन्युफैक्चरिंग उत्कृष्टता का अर्थ बेहतर गुणवत्ता, कम अपशिष्ट, समय पर आपूर्ति, प्रतिस्पर्धी कीमतें और दुकान के स्तर पर नई तकनीक को अपनाना है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार नव तैयार किए गए 'फास्टट्रैक पंजाब' सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग को वैश्विक निवेशक मांगों को पूरा करने में सक्षम बना रही है। यह एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल है जहां सभी स्वीकृतियां ४५ कार्य दिवसों के भीतर समयबद्ध तरीके से दी जाती हैं। इसके साथ ही नई 'औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-२०२६' ऑटो कंपोनेंट्स, ई.वी., रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और खेल उत्पादों सहित प्राथमिकता क्षेत्रों में पूंजी निवेश पर १२५त्न तक की छूट/प्रोत्साहन प्रदान करती है।
श्री अमन अरोड़ा ने पंजाब के उद्यमियों के नवीन विचारों की सराहना करते हुए और उन्हें वेंडर मैचमेकिंग के लिए इस एक्सपो का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा, "कोई भी प्रांत या समाज उद्योग के बिना कायम नहीं रह सकता। इसीलिए हमने २४ सेक्टर समितियों के माध्यम से नीति तैयार की है — जो व्यक्ति समस्या का सामना कर रहा होता है, उसके पास ही इसका सबसे अच्छा समाधान होता है। उद्योग जगत ने स्वयं तय किया कि नीति कैसी होनी चाहिए।" उन्होंने आगे बताया कि फास्टट्रैक पोर्टल अब हर अधिकारी स्तर पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करता है, जिसमें देरी होने पर ऑटो-एस्केलेशन और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाते हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि रक्षा और एयरोस्पेस पंजाब की इंजीनियरिंग इकाइयों के लिए अगला बड़ा अवसर है, जो पहले से ही सटीक पुर्जे बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपो में इनवेस्ट पंजाब द्वारा करवाई गई वेंडर डेवलपमेंट बातचीत इन इकाइयों को इस क्षेत्र के आपूर्तिकर्ता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बड़ी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से भी अपील की कि वे राज्य के एमएसएमई से अपनी आवश्यकताओं के अनुसार खरीद बढ़ाएं।
उन्होंने कहा, "जब स्थानीय आपूर्तिकर्ता आगे बढ़ते हैं, तो पूरा उद्योग तरक्की करता है।" उन्होंने उद्योग जगत से पंजाब के आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ मिलकर काम करने की अपील की ताकि कुशल युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार और अच्छे अवसर मिल सकें। उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि पंजाब सरकार उद्योग के साथ खड़ी है। यदि आपको कोई भी समस्या आती है, तो उद्योग विभाग और इनवेस्ट पंजाब इसे तुरंत हल करने के लिए हाजिर हैं।"
समारोह में सीआईआई पंजाब के चेयरमैन हरप्रीत सिंह निब्बर और आशीष गर्ग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री अमन अरोड़ा ने सीआईआई पंजाब और सभी प्रदर्शकों को बधाई दी और अगले दो दिनों के दौरान उन्हें अच्छे कारोबार और नई साझेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
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हमारा लक्ष्य मानक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम बनाना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क हम पंजाब के नौजवानों को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बना रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा और रोजगार की अनदेखी के कारण नौजवानों को विदेशों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क जहां हम सरकारी स्कूलों में क्रांति ला रहे हैं, वहीं नौजवानों को नौकरियां भी दे रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क अब तक हम मेरिट के आधार पर नौजवानों को ७०,००० सरकारी नौकरियां दे चुके हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क चार साल की मेहनत ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में नंबर एक बना दिया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क पंजाब को बदनाम करने की बजाय भाजपा को गुजरात से नशों की सप्लाई रोकनी चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित कीं
कपूरथला, १३ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि हमारी सरकार नौजवानों को अपने पैरों पर खड़े होने के योग्य बनाने के लिए पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बदलाव कर रही है और रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमारा मुख्य लक्ष्य नौकरी खोजने वालों को नौकरियां देने वाले बनाना है। यहां आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के १४वें कन्वोकेशन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने के साथ-साथ मेरिट के आधार पर ७०,००० सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शिक्षा और रोजगार की की गई अनदेखी ने ही नौजवानों को विदेशों में अवसर खोजने के लिए मजबूर किया था।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चार साल के लगातार प्रयासों ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहले नंबर पर पहुंचा दिया है और उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे राज्य के सुनहरे भविष्य की नींव शिक्षा और खेलों को बनाएं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि वे पंजाब को बदनाम करने की बजाय गुजरात से नशों की सप्लाई को रोकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज मुझे आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कपूरथला के १४वें कन्वोकेशन समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं है, यह एक ऐसा सर्टिफिकेट है, जो नौजवानों को उनके सपनों को हकीकत में बदलने के अवसर देता है। हमारा लक्ष्य पंजाब के नौजवानों को नौकरियां खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है। शिक्षा और खेल पंजाब के सुनहरे भविष्य की कुंजियां हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को दिल से बधाई। मैं उनके सफल भविष्य की कामना करता हूं। इंकलाब जिंदाबाद।"
कन्वोकेशन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जो लोग नशे की समस्या को लेकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहले इस समस्या से निपटने में अपनी नाकामी के लिए जवाबदेह होना चाहिए। मैं भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह स्पष्ट करे कि केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद गुजरात और देश के अन्य हिस्सों की बंदरगाहों के रास्ते नशों की सप्लाई कैसे जारी रही। पंजाब किसी को यह इजाजत नहीं देगा कि नशा तस्करी की समस्या के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को अनदेखा करके निशाना बनाकर आलोचना और राजनीतिक प्रचार के माध्यम से छवि खराब की जाए। जो लोग अपने राज्यों में इस समस्या से प्रभावशाली ढंग से निपटने में असफल रहे, उन्हें पंजाब की ओर उंगली उठाने से पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए।"
डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें रंगला पंजाब बनाने के लिए अपने ज्ञान, हुनर और उद्यमी भावना का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कन्वोकेशन समारोह को विद्यार्थियों के जीवन में महत्वपूर्ण अवसर बताया और इस बात पर जोर दिया कि डिग्री कागज के टुकड़े से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने, उनकी इच्छाओं को पूरा करने और समाज में सार्थक योगदान देने का अवसर है।
देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मिसाल देते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और अपनी इच्छाओं को हकीकत में बदलने के लिए अथक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। महान पंजाबी कवि अवतार पाश की पंक्तियों का हवाला देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मुश्किलों के सामने कभी भी अपने सपने न छोड़ें। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी जीवन नौजवानों को दुनिया की कड़वी हकीकतों के लिए तैयार करता है, जहां सफलता के लिए दृढ़ता, अनुशासन, नवीनता और अलग सोचने की हिम्मत की जरूरत होती है। तुम्हारा ज्ञान और महारत केवल व्यक्तिगत तरक्की तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इन्हें समाज की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए उपयोग करो।"
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें नौजवानों के लिए उपयुक्त अवसर पैदा करने में असफल रहीं, जिस कारण बहुत से नौजवानों को बेहतर भविष्य के लिए विदेशों की ओर देखना पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि पंजाब के नौजवान अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकें और पंजाब में ही सफल करियर बना सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने गुणवत्ता, पहुंच, आधुनिक बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक हुनर पर नए सिरे से जोर देते हुए शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाए हैं। उन्होंने कहा कि सुधारों को प्रभावशाली ढंग से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए एक ही मंत्री के अधीन शिक्षा के तीनों विंगों में बेहतर तालमेल कायम किया गया है। उन्होंने कहा, "सरकारी स्कूलों को फर्नीचर, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक साइंस लैब से लैस किया जा रहा है, जबकि नए कोर्स विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों और नए जमाने के करियर के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी वही मानकीय शिक्षा और अवसर मिलें जो विशेषाधिकार प्राप्त विद्यार्थियों को मिलते हैं।"
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियां सीखने और पंजाब के कक्षाओं में अंतरराष्ट्रीय शिक्षण प्रथाओं को लागू करने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। उन्होंने आगे कहा, "सरकार शिक्षा प्रक्रिया को अधिक रोचक, संवादात्मक और समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप बना रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियां विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से प्रतिस्पर्धी होती दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यावहारिक क्षमताओं से लैस करना है।
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग के अनुसार, पंजाब वर्ष २०२२ से पहले २७वें स्थान पर था, लेकिन अब शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षण के स्तर को मजबूत करने और आर्थिक पृष्ठभूमि से परे सभी विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को अपनी क्षमता का पूर्ण विकास करने से न रोकें। उन्होंने कहा, "शिक्षा एक समानतापूर्ण और समृद्ध समाज की नींव है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और अवसर केवल उन लोगों तक सीमित न रहें, जो महंगे संस्थानों में प्रवेश खरीद सकते हैं। हम युवाओं को आधुनिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशील सोच से लैस करना चाहते हैं, ताकि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सामान्य परिवारों के ८८२ विद्यार्थियों का नीट परीक्षा में सफल होना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा केवल विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की जागीर नहीं है। जब विद्यार्थियों को उचित अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान यह सुनिश्चित किया है कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के भुगतान में एक सेमेस्टर की भी देरी न हो। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थी बिना किसी अनावश्यक वित्तीय अनिश्चितता के अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं।
उन्होंने कहा, "प्रतिभा समाज के हर वर्ग में मौजूद है। युवाओं को केवल निष्पक्ष अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित सहयोग की आवश्यकता है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आर्थिक बाधाएं शिक्षा के मार्ग में रुकावट न बनें और योग्य विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकें।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने बिना किसी पैसे, सिफारिश या पक्षपात के, पूरी तरह योग्यता के आधार पर ७०,६८५ सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा, "पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं का आत्मविश्वास बहाल किया है और यह साबित किया है कि सरकारी नौकरी सिफारिश के बजाय कड़ी मेहनत और योग्यता के आधार पर प्राप्त की जा सकती है। हमारी प्राथमिकता ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक योग्य युवा को सफल होने का अवसर मिले।"
उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपील की कि वे प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उभर रहे अवसरों का लाभ उठाएं तथा पंजाब के आर्थिक विकास में योगदान दें।
विद्यार्थियों को सक्रिय, उद्देश्यपूर्ण और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी अवसर पैदा करना और आवश्यक सहयोग प्रदान करना है, जबकि युवाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए इन अवसरों का सदुपयोग करना होगा। उन्होंने कहा, "सरकार एक हवाई अड्डे के रनवे की तरह होती है, जो विमान को उड़ान भरने के लिए मंच प्रदान करती है। हम अवसर पैदा कर सकते हैं और सहयोग प्रदान कर सकते हैं, लेकिन ऊंचाइयों तक पहुंचना युवाओं पर निर्भर करता है। पंजाब के युवाओं में अपार प्रतिभा है और हमारी प्राथमिकता ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां राज्य के भीतर ही उनकी क्षमताओं का पूरा उपयोग किया जा सके।"
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने, पंजाब के मूल्यों को बनाए रखने और दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग उन लोगों की सहायता के लिए करें, जिन्हें अवसरों तक पहुंचने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का भविष्य शिक्षित, कुशल, आत्मविश्वास से भरपूर और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक योग्य युवा के लिए निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय हॉकी टीम के छह खिलाडिय़ों को सम्मानित किया। सम्मानित खिलाडिय़ों में टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह शामिल थे।
खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन, कड़ी मेहनत और टीम भावना का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का खेलों में गौरवशाली इतिहास रहा है और यहां के बेटे-बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारे हॉकी खिलाडिय़ों की उपलब्धियां पंजाब और पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं। उनका समर्पण और कड़ी मेहनत दर्शाती है कि अनुशासन और लगन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ क्या-क्या हासिल किया जा सकता है।"
उन्होंने एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए पंजाब की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की खेल संस्कृति, मेहमाननवाजी और संगठनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अरविंद कुमार बंसल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का पर्दाफाश; पुलिस संस्थानों को निशाना बनाने की साजिश की नाकाम और खासा कैंट आईईडी धमाके संबंधी मामले को सुलझाया*
*अमृतसर में हैंड ग्रेनेड और ९ एमएम पिस्तौल सहित छह संचालक काबू*
*जांच के दौरान इस मॉड्यूल के विदेशी तस्करों और आईएसआई गुर्गों से संबंधों का खुलासा हुआ: डीजीपी गौरव यादव*
*केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर सीमा पार हैंडलरों के इशारे पर हमलों की साजिश रचने वाले मोगा के तीन गुर्गे गिरफ्तार : आईजीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर*
चंडीगढ़/अमृतसर, १३ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर देहाती पुलिस ने पाकिस्तान आईएसआई-समर्थित गैर-कानूनी हथियार और विस्फोटक आपूर्ति नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस संस्थानों पर हमला करने की साजिश को नाकाम कर दिया है और मई २०२६ में आर्मी छावनी खासा के नजदीक हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाके संबंधी मामले को सुलझा लिया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
पुलिस टीमों ने दो आपस में जुड़े मामलों में कुल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और एक ९ एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस संस्थानों पर हमले की साजिश के संबंध में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नवदीप सिंह निवासी फतेहगढ़ कोरोटाना, धर्मकोट, मोगा; सैमुअल उर्फ सामू तथा संदीप सिंह उर्फ टिड्डी दोनों निवासी मेनेवाला, मोगा के रूप में की गई है। खासा छावनी में आईईडी धमाके को अंजाम देने के लिए गिरफ्तार किए गए तीन गुर्गों की पहचान रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अरशदीप सिंह उर्फ केकड़ा तीनों निवासी पुरानी दाना मंडी, अटारी, अमृतसर के रूप में की गई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मुख्य जांच के दौरान इस मॉड्यूल के विदेशी तस्करों और आईएसआई के गुर्गों से कथित संबंध सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के साथ-साथ आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सीमा पार हैंडलरों की चालों से पुलिस संस्थानों पर हमला करके अमन-शांति भंग करने की साजिश रचने संबंधी केंद्रीय एजेंसियों से मिली भरोसेमंद जानकारी के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस की टीमों ने एक मोटरसाइकिल को रोका और नवदीप सिंह को उसके साथियों सैमुअल उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी सहित काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड और एक ९ एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए।
इस संबंध में, थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं ३, ४ और ५ तथा शस्त्र अधिनियम की धारा २५ के तहत दिनांक ११.१०.२०२६ को एफआईआर नंबर ४४१ दर्ज की गई है।
आईजीपी ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान ५ मई २०२६ की रात करीब ११ बजे कैंट खासा स्थित ब्रिगेड सिक्योरिटी की दीवार पर हुए आईईडी धमाके के मामले की गुत्थी भी सुलझा ली है। उन्होंने बताया कि इस अनसुलझे धमाके के मामले को सुलझाने के लिए, अमृतसर देहाती के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था, जिसमें एसपी (जांच) रमनदीप सिंह, एसपी ऑपरेशंस गगनदीप सिंह, डीएसपी डिटेक्टिव गुरिंदरपाल सिंह नागरा और डीएसपी अटारी यादविंदर सिंह शामिल थे।
एसएसपी कंवलप्रीत चाहल ने बताया कि सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर मनमीत सिंह और घरिंडा थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह के नेतृत्व वाली टीमों द्वारा बारीकी से की गई जांच और तकनीकी ढंग से की गई ट्रैकिंग के कारण मुलजिम रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अरशदीप सिंह उर्फ केकड़ा को सफलतापूर्वक काबू कर लिया गया है।
इस संबंध में, थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं ३, ४ और ५ तथा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा १३ के तहत दिनांक ०६.०५.२०२६ को एफआईआर नंबर १७४ पहले ही दर्ज है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की हर जायज मांग का प्राथमिकता के आधार पर होगा समाधान: डॉ. बलजीत कौर*
*आंगनवाड़ी संगठनों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सार्थक माहौल में हुई बैठक*
*मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के कल्याण एवं सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध*
चंडीगढ़, १३ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण को विशेष प्राथमिकता देते हुए आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के संगठनों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी हर जायज मांग का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे और सुझाव को पूरी गंभीरता एवं ध्यानपूर्वक सुना। बैठक आपसी विश्वास, सौहार्दपूर्ण वातावरण और रचनात्मक विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुई। इससे सरकार और आंगनवाड़ी कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल को और मजबूती मिली।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर किया जा सकता है, उन्हें बिना किसी अनावश्यक देरी के निपटाया जाएगा। वहीं, सरकार के स्तर पर विचार किए जाने वाले मांगों से संबंधित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर माताओं, बच्चों तथा समाज के कमजोर वर्गों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी निष्ठा, मेहनत और समर्पण राज्य के सामाजिक विकास की मजबूत नींव हैं। पंजाब सरकार उनकी सेवाओं का पूरा सम्मान करती है और उनके जायज अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी।
कैबिनेट मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि संगठनों द्वारा उठाए गए जायज मामलों की तत्काल जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, संगठनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, ताकि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके।
बैठक का समापन आपसी विश्वास और सकारात्मक सहमति के माहौल में हुआ। इस अवसर पर डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार पारदर्शी प्रशासन, रचनात्मक संवाद और जनहितैषी सोच के साथ आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के जायज हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस बैठक में विधायक श्री जगदीप कंबोज गोल्डी और श्री नरिंदर पाल सिंह सवना के अलावा सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुरकीरत कृपाल सिंह, निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
जैविक खेती को बढ़ावा: गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा नकली उत्पादों की रोकथाम और रासायनिक खादों के उपयोग को कम करने के लिए मोहाली में राज्य की तीसरी बायो-फर्टिलाइजऱ टेस्टिंग लैब का उद्घाटन
- मान सरकार ने गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादों, किसानों की सुरक्षा और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए ४.५० करोड़ रुपये से तीन लैब बनाईं: खुड्डियां
- नई लैबें किसानों को प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ नकली उत्पादों से सुरक्षा और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मददगार साबित होंगी: गुरमीत सिंह खुड्डियां
चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर, १३ अक्टूबर:
राज्य में जैविक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज एस.ए.एस. नगर के कालकट भवन में एक अत्याधुनिक बायो-फर्टिलाइजऱ टेस्टिंग लैबोरेटरी का उद्घाटन किया, जिसके साथ अब किसानों को प्रमाणित और मिलावट-रहित जैविक खादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ४.५० करोड़ रुपये की लागत से पंजाब में तीन लैबों वाला नेटवर्क पूरा हो गया है। इससे पहले दो प्रयोगशालाएं गुरदासपुर और बठिंडा में स्थापित की जा चुकी हैं।
उद्घाटन के बाद संबोधित करते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, "ये प्रयोगशालाएं किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने, नकली उत्पादों से बचाने और रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।" उन्होंने आगे कहा कि ये लैबें 'फर्टिलाइजऱ कंट्रोल ऑर्डर' को सख्ती से लागू करने, निर्माताओं और डीलरों की निगरानी तथा पंजाब की कृषि-जलवायु अनुकूल जैविक खादों के सुधार के लिए महत्वपूर्ण डेटा तैयार करने में भी मददगार साबित होंगी।
स. खुड्डियां ने कहा कि पंजाब एक प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है, जो देश के कुल गेहूं और धान उत्पादन में ३० प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करते हुए टिकाऊ उत्पादन के लिए जैविक खेती एक बेहतर विकल्प है। यह गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन हासिल करने और मिट्टी की सेहत सुधारने की ओर एक व्यापक पहल है। कृषि मंत्री ने कहा कि भारत में जैविक खेती की समृद्ध विरासत रही है, लेकिन रासायनिक खादों वाली आधुनिक खेती के तेजी से बढऩे के कारण यह पीछे छूट गई थी। अब खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ जैविक खेती फिर एक कारगर प्रणाली के रूप में उभर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष २०२५-२६ तक पंजाब में लगभग ३०,००० एकड़ क्षेत्र प्रमाणित जैविक खेती के अधीन आ चुका है।
स. खुड्डियां ने बताया कि पंजाब में बायो-फर्टिलाइज़र्स (जैविक खादों) की वार्षिक खपत लगभग १५,००० से १६,००० एमटी/केएल है और यह लगातार बढ़ रही है। जैविक खेती के तेजी से विस्तार को देखते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक था। उन्होंने कहा कि बठिंडा, गुरदासपुर और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में स्थापित तीनों नई प्रयोगशालाएं किसानों तक केवल प्रमाणित उत्पाद पहुंचाने, नकली खादों पर रोक लगाने, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाने और लंबे समय तक भूमि की उपजाऊ शक्ति तथा पर्यावरणीय स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर हलका डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, अतिरिक्त सचिव कृषि लतीफ अहमद तथा निदेशक कृषि गुरजीत सिंह बराड़ और ए.डी.सी. (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी भी उपस्थित थे।
भगवंत मान सरकार मुलाजिमों की भलाई के लिए वचनबद्ध, लंबित मांगों के समाधान के लिए अड़चनें की जा रही हैं दूर: हरपाल सिंह चीमा
शिक्षा यूनियनों की प्रमुख मांगें पहले ही अंतिम चरण में: हरपाल सिंह चीमा
'आप' सरकार मुलाजिमों के अधिकारों और पंजाब के शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित: हरपाल सिंह चीमा
भगवंत मान सरकार शिक्षा यूनियनों की नियमितीकरण, भर्ती और वेतन संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए कर रही है काम: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़; 13 अक्टूबर, 2026:
राज्य के मुलाजिमों की चिंताओं को दूर करने के लिए भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो मुलाजिमों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं, ने आज यहां शिक्षा विभाग की विभिन्न मुलाजिम यूनियनों के साथ अहम बैठकें कीं।
इन बैठकों के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिनिधिमंडलों की बातें बड़े ध्यान से सुनीं और उनके मांग पत्रों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया, "भगवंत मान सरकार आपकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह सहानुभूति रखती है और उन पर सक्रियता से काम कर रही है।"
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा, "यूनियनों द्वारा उठाई गई अधिकांश प्रमुख मांगें पहले ही पूरी होने के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इनका सकारात्मक समाधान होगा।"
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया, "भगवंत मान सरकार अपने मुलाजिमों की भलाई और शिक्षा क्षेत्र के निरंतर सुधार के लिए गहराई से प्रयासरत है।" उन्होंने प्रतिनिधिमंडलों को भरोसा दिलाया, "आपकी लंबित मांगों पर अंतिम फैसले जल्द जारी करने के लिए सभी प्रशासनिक अड़चनों को दूर किया जा रहा है।"
शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न कैडरों और मुद्दों का प्रतिनिधित्व करने वाली कई प्रमुख यूनियनों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भाग लेने वाली यूनियनों में 180 ईटीटी टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला), बहाल किए गए कच्चे अध्यापक यूनियन, 10 साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन, सर्व (समग्र) शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारी यूनियन, ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल फ्रंट शामिल थे।
प्रतिनिधियों ने सेवाओं को नियमित करने, खाली पदों पर भर्ती, वेतन ढांचे और अनएडेड स्टाफ के लिए सुरक्षा नीतियों जैसे मुद्दों से संबंधित विस्तृत मांग पत्र सौंपे।
बैठकों के दौरान मुड़ बहाल गए कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से विकास साहनी, लखविंदर कौर, अमनदीप धालीवाल, वरुण खेड़ा और गुरप्रीत सिंह; 180 ईटीटी टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला) की ओर से कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरमुख सिंह, गौरव कांत, गुरप्रीत सिद्धू और परशोत्तम कुमार; 10 साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से जसपाल सिंह, ममता और मंजू देवी; सर्व (समग्र) शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारी यूनियन की ओर से कुलदीप सिंह, अमन थापर जवीर; ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन की ओर से सुनील फाजिल्का, रणजीत सिंह और किरणपाल कौर; और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल फ्रंट की ओर से निर्भय सिंह, यादविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह और करनदीप सिंह ने अपने मुद्दे और मांगें प्रस्तुत कीं।
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