हर मां और बहन ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ की ब्रांड एंबेसडर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि के रूप में 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मावां-धियां सत्कार योजना महिलाओं के सम्मान के लिए सामाजिक क्रांति : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
75 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत, एक करोड़ महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
कोई भी पात्र लाभार्थी महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
गुरमेल कौर उर्फ मेलो ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को दिया आशीर्वाद; मुख्यमंत्री ने भेंट किए उपहार
चंडीगढ़, 4 अक्टूबर :
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की प्रत्येक मां और बहन को ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ की ब्रांड एंबेसडर बताते हुए इस पहल को अपनी तरह की पहली सामाजिक क्रांति करार दिया, जो महिलाओं के सम्मान और वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि 75 लाख से अधिक महिलाओं के पहले ही पंजीकृत होने और सम्मान राशि के रूप में 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए जाने के साथ यह योजना पूरे पंजाब में महिलाओं के सम्मान और वित्तीय सशक्तीकरण के नए युग की शुरुआत कर रही है।
यह अवसर उस समय भावुक हो गया, जब इस योजना की लाभार्थी गुरमेल कौर उर्फ मेलो मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को देखते ही उन्होंने उन्हें गले लगा लिया और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्यार और सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बीबी गुरमेल कौर से मिलकर उनकी आत्मा को सुकून मिला है और उन्होंने प्रार्थना की कि वाहेगुरु बीबी गुरमेल कौर के चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनाए रखें।
इस भावुक वीडियो को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पूजनीय माता जी, आज आपको मिलकर मेरी आत्मा को सच्चा सुकून मिला है। वाहेगुरु आपके चेहरे पर यह मुस्कान हमेशा बनाए रखें। आपका बेटा हमेशा पंजाब की सेवा में डटा रहेगा। पंजाब की उन सभी माताओं और बहनों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने सत्कार योजना को सफल बनाया।"
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब की हर मां और बहन ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ की ब्रांड एंबेसडर है। यह योजना एक सामाजिक क्रांति है, जो हमारी माताओं और बेटियों का आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाएगी।"
मुख्यमंत्री ने गांव आदमपुरा की बीबी गुरमेल कौर (मेलो) का सम्मान किया, जो इस योजना के शुभारंभ के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थीं।
उनसे बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बीबी गुरमेल कौर से मिलकर उनकी आत्मा को सुकून मिला है। उन्होंने कहा, "आपसे मिलकर मेरी आत्मा को सुकून मिला है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वाहेगुरु आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान बनाए रखें। आपका पुत्र पंजाब की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगा।"
इस योजना को बड़ी सफलता दिलाने के लिए पंजाब की माताओं और बहनों का दिल से धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैं पंजाब की उन सभी माताओं और बहनों का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ को बहुत बड़ी सफलता दिलाई है। अब तक सम्मान राशि के रूप में 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं। यह महिलाओं के वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। हमारा लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं तक सम्मान राशि का लाभ पहुंचाना है।"
उन्होंने कहा, "देश में यह अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत सभी पात्र लाभार्थी महिलाओं को सम्मान राशि दी जा रही है। महिलाओं के सम्मान को केंद्र में रखते हुए पंजाब सरकार ने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ शुरू की है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अब तक 75 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत हो चुकी हैं और उनकी निर्धारित वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में जमा करवाई जा चुकी है। मैं बाकी सभी पात्र महिलाओं से अपील करता हूं कि वे अपना पंजीकरण करवाएं और इस योजना का लाभ उठाएं। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को अब 1,000 रुपये तथा एससी वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के संबंध में उनके मोबाइल फोन पर संदेश प्राप्त हो रहे हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, "यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें आत्मसम्मान जरूर देगी। महिलाएं सम्मान की हकदार हैं, क्योंकि वे स्वयं जीवन का स्रोत हैं। हमारी माताओं और बहनों का आशीर्वाद हमें दुनिया की हर चुनौती पार करने में मदद कर सकता है।"
उन्होंने कहा, "लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सामाजिक और आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करना बेहद जरूरी है। पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी महिला इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, "जब तक मैं पद की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं, कोई भी पात्र लाभार्थी महिला ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।
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विकास और तरक्की का नया अध्याय लिख रहा पंजाब-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब इस साल फिर से देश के लिए 180 लाख मीट्रिक टन चावल का रिकॉर्ड योगदान देने के लिए तैयार-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चावल पंजाबियों का मुख्य भोजन नहीं है, फिर भी हम सबसे ज्यादा धान पैदा करते हैं-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आजादी की लड़ाई में पंजाबियों ने लगभग 90 प्रतिशत कुर्बानियां दीं-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं जिसका इतिहास लिखना बड़ी जिम्मेदारी थी-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब कला भवन में 'पंजाब का इतिहास' पुस्तक रिलीज की
चंडीगढ़; 4 अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब का इतिहास हमेशा चढ़ती कला में रहने, कुर्बानियां देने और योगदान देने का रहा है और आज भी इस महान विरासत के माध्यम से पंजाब, देश के प्रति निरंतर योगदान दे रहा है।
पंजाब कला भवन में आज तीन जिल्दों और 1,980 पृष्ठों की किताब 'पंजाब का इतिहास' को जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी धरती को दस्तावेजों के रूप में पेश करना, जिसने सदियों की जीत, उथल-पुथल और बदलाव देखे हैं, एक बड़ी जिम्मेदारी थी। भगवंत सिंह मान ने आजादी की लड़ाई में पंजाब की अनुकरणीय भूमिका और देश की खाद्य सुरक्षा में इसके निरंतर योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चावल पंजाबियों का मुख्य भोजन न होने के बावजूद, यह प्रांत इस साल फिर से राष्ट्रीय अनाज भंडार में रिकॉर्ड 180 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान देने के लिए तैयार है।
किताब जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब हमेशा कला, संस्कृति और साहित्य का अनमोल खजाना रहा है। अनादि काल से ही यह धरती सभ्यता और संस्कृति की अनूठी मिसाल रही है और मेहनती तथा बहादुर पंजाबी यहां इतिहास के अनगिनत पन्नों के गवाह रहे हैं। इस महान विरासत को संभालना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "सिर्फ वही कौमें जिंदा रहती हैं, जो अपनी संस्कृति को संभालती हैं, जबकि अपने महान अतीत को अनदेखा करने वाली कौमें धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देती हैं। इसीलिए प्रांत सरकार पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संभालने और नई पीढिय़ों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।"
उन्होंने कहा, "पंजाबियों को महान सिख गुरु साहिबान से कुर्बानी और बहादुरी की महान विरासत मिली है। उन्होंने हमें जुल्म, दमन और अन्याय के खिलाफ लडऩा सिखाया। यह जज्बा पंजाबी स्वभाव का अटूट अंग रहा है।"
भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान पंजाबियों द्वारा दी गई अनुकरणीय कुर्बानियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राष्ट्रीय आजादी आंदोलन में पंजाब और इसके लोगों का योगदान असाधारण था। उन्होंने कहा, "देश की आबादी का महज 2 प्रतिशत होने के बावजूद भारत के आजादी संग्राम में 90 प्रतिशत से अधिक कुर्बानियां पंजाबियों द्वारा दी गई थीं। आजादी की लड़ाई से जुड़े बड़े आंदोलनों का नेतृत्व बहादुर पंजाबियों ने किया था।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "आजादी के बाद भी पंजाबी देश के विकास के केंद्र में रहे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करने से लेकर इसके आर्थिक विकास में योगदान देने तक, पंजाबियों ने हमेशा समर्पण और दिलेरी के साथ अपनी भूमिका निभाई है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब न सिर्फ देश का अन्नदाता है, बल्कि इसने कई नामवर उद्यमी और उद्योगपति भी पैदा किए हैं, जिन्होंने भारत और पंजाब की आधुनिक अर्थव्यवस्था को गढऩे में शानदार सेवाएं दी हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ जज्बे वाले किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "भारत को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के किसानों ने बड़ा योगदान दिया है। इस साल भी पंजाब, राष्ट्रीय अनाज भंडार में 180 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का योगदान देगा।"
उन्होंने कहा कि पंजाब का समृद्ध इतिहास, संस्कृति, कुर्बानियां और उपलब्धियां हर पंजाबी के लिए बहुत गर्व के क्षण हैं और आने वाली पीढिय़ों के लिए इन्हें संभालने की जरूरत है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का 257वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 628 स्थानों पर छापेमारी; 289 व्यक्ति काबू
पुलिस टीमों ने 232 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की
लोग ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946’ के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों की रिपोर्ट कर सकते हैं
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 582वें दिन 180 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 4 अक्टूबर:
राज्य में चलाए जा रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के 257वें दिन पंजाब पुलिस ने आज गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित और मैप किए गए 628 ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने की निर्णायक लड़ाई है, जिसकी शुरुआत पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने 20 जनवरी, 2026 को की थी। सभी जिलों की पुलिस टीमें एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (्रत्रञ्जस्न) पंजाब के समन्वय से पूरे राज्य में विशेष अभियान चला रही हैं।
257वें दिन पुलिस टीमों ने 289 व्यक्तियों को आठ हथियारों सहित गिरफ्तार किया, जिससे अभियान शुरू होने के बाद से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 76,099 हो गई है।
इसके अलावा, 232 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने अभियान के दौरान आठ भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
लोग ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946’ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से सूचना दे सकते हैं तथा अपराध और आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी साझा कर सकते हैं।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को 582वें दिन भी जारी रखते हुए आज 180 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 921 ग्राम हेरोइन, 405 किलोग्राम भुक्की, 1,303 नशीली गोलियां और 5,100 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
इसके साथ ही, केवल 582 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 81,798 तक पहुंच गई है।
नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज 13 व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए राजी किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
सीमा पार से हथियार और विस्फोटक तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश; एक ्र्य-47 राइफल और दो हैंड ग्रेनेड सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार
विदेशी तस्करों के इशारे पर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर रहा था गिरफ्तार आरोपी: डीजीपी गौरव यादव
आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी: आईजीपी गुरप्रीत भुल्लर
चंडीगढ़/अमृतसर, 4 अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक व्यक्ति को एक ्र्य-47 असॉल्ट राइफल (मैगजीन और नौ जिंदा कारतूस सहित) तथा दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार कर अवैध हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नवजोत सिंह (28) के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है और तरनतारन के गांव चीमा का रहने वाला है। हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी के अलावा पुलिस टीमों ने आरोपी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वह खेपों की सप्लाई के लिए करता था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेशी तस्करों से जुड़ा हुआ था और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल था। उन्होंने बताया कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और इसके आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
ऑपरेशन के संबंध में जानकारी साझा करते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी), बॉर्डर रेंज, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस की विशेष टीमों ने विशेष अभियान चलाया और मोटरसाइकिल पर जा रहे आरोपी को रोककर हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस टीमों ने मैगजीन और जिंदा कारतूसों सहित एक ्र्य-47 असॉल्ट राइफल तथा दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए।
अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (एसएसपी) कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि यह कार्रवाई एसपी (जांच) रमनदीप सिंह, डीएसपी गुरिंदरपाल सिंह नागरा और डीएसपी अटारी यादविंदर सिंह की निगरानी में अंजाम दी गई।
इस संबंध में एफआईआर नंबर 425, दिनांक 30-09-2026 को आम्र्स एक्ट की धारा 25(8) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत अमृतसर ग्रामीण के थाना घरिंडा में मामला दर्ज किया गया है।
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