Saturday, September 19, 2026
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पंजाब

Latest Punjab News September 2026

September 19, 2026 09:15 AM

*पंजाब सरकार द्वारा 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा; भगवंत मान सरकार ने महंगाई भत्ता बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया*

*अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए हमने महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, यह बढ़ोतरी सितंबर महीने के वेतन से लागू होगी:  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*सरकारी कर्मचारी राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ हैं :  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ मासिक बैठकें जायज मुद्दों के समाधान में सहायक साबित होंगी :  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में की जाएगी:  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*युवाओं को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गईं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

चंडीगढ़, 18 सितंबर:

राज्यभर के लगभग आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहारी सीजन का तोहफा देते हुए भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और यह बढ़ोतरी सितंबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी। इस संबंध में घोषणा करते हुए  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों की भलाई और स�मान के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कर्मचारियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ बताया।  मुख्यमंत्री ने जायज मुद्दों के समाधान के लिए कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ नियमित मासिक बैठकें करने और महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में करने की घोषणा भी की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी चिंताओं को सुना और आपसी टकराव के बजाय बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

बैठक के बाद  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ अकाउंट पर कहा:

"आज कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई। कर्मचारी हमारे परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए हमने तुरंत महंगाई भत्ते (डी.ए.) में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी अक्टूबर महीने के वेतन के साथ लागू होगी।

हमने पिछली सरकारों के समय से लंबित चले आ रहे मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें पुरानी पेंशन योजना (ओ.पी.एस.), परखकाल के दौरान वेतन तथा आशा और मिड-डे-मील वर्करों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। इन लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए हम अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक करेंगे।

हमारी सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई दूरी नहीं है। हम आपसी बातचीत के माध्यम से हर मुद्दे का समाधान करेंगे। हम पंजाब की प्रगति और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। इंकलाब जिंदाबाद।"

सरकारी कर्मचारियों की भलाई, स�मान और उनके जायज मामलों के समाधान को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "फैसले के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनरों को 4-4 प्रतिशत की दो किस्तें जारी की जाएंगी, जिनका लाभ 1 अक्टूबर से उनके वेतन के साथ मिलेगा। त्योहारी सीजन से पहले लिए गए इस फैसले से हजारों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार अपने कर्मचारियों द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों और उनके व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में उत्पन्न होने वाले दबावों से भली-भांति परिचित है।"

उन्होंने कहा, "एक खुश कर्मचारी ही बेहतर तरीके से काम कर सकता है और मेरा मानना है कि जब कोई कर्मचारी संतुष्टि, स�मान और मानसिक शांति के साथ काम करता है, तो पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलती हैं। सरकारी कर्मचारी केवल प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा ही नहीं, बल्कि इसकी रीढ़ हैं। आवश्यक सेवाएं प्रदान करने से लेकर कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को चलाने तक, कर्मचारी हर स्तर पर काम करते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं और सेवाएं आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचें।"

 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से कर्मचारियों की चिंताओं को समझता हूं क्योंकि मैं स्वयं एक सरकारी कर्मचारी का बेटा रहा हूं और एक कर्मचारी के दर्द को अच्छी तरह समझता हूं। सरकार अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को अपने परिवार का हिस्सा मानती है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य के खजाने का एक-एक पैसा पूरी समझदारी से और पंजाब के लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है। वित्तीय योजना और जनकल्याण को साथ-साथ चलना होगा और सरकार इन दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है।"

राज्य सरकार द्वारा रोजगार के संबंध में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 70,000 सरकारी नौकरियां दी गई हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी प्राप्त करने का अवसर मिला है।

 मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के बल पर रोजगार प्राप्त कर सकें।"

उन्होंने कहा, "सरकार महिला कर्मचारियों के सामने आने वाली चुनौतियों से भी भली-भांति परिचित है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं कि महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में की जाए। ऐसे उपायों का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर जि�मेदारियों और पारिवारिक जि�मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद करना है।"

मु�यमंत्री ने कहा, "महिला कर्मचारियों को अपने करियर और पारिवारिक जि�मेदारियों में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकार उनकी जायज जरूरतों के प्रति ईमानदार और संवेदनशील रहे।"

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के प्रति उदार दृष्टिकोण रखती है और इन मुद्दों को पूरी ईमानदारी के साथ लागू नियमों, वित्तीय प्रभावों और कानूनी स्थिति के अनुसार विचार किया जाएगा।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सरकार लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों की समीक्षा करेगी, जिनमें 2.59 के पेंशन गुणक (मल्टीप्लीकेशन फैक्टर) की मांग, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, विभिन्न भत्तों की बहाली, ‘एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन’ (एसीपी) को लागू करना, प्रोबेशन पीरियड (परख काल) से संबंधित वर्ष 2015 और 2020 के पत्रों से जुड़े मुद्दे, अदालती फैसलों को लागू करना और अन्य मामले शामिल हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "कर्मचारियों से संबंधित किसी भी जायज मुद्दे की अनदेखी नहीं की जा रही है और सरकार प्रत्येक मामले की खुले मन तथा सहानुभूतिपूर्वक जांच करेगी। कर्मचारियों के कल्याण को केवल एक बार की जाने वाली कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके लिए सरकार और कर्मचारियों के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता है।"

कर्मचारियों के साथ बातचीत को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की, "कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हर महीने अनिवार्य रूप से बैठक की जाएगी। नियमित बातचीत से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई समस्या बड़ा मुद्दा बनने से पहले ही उसका समाधान किया जाए और कर्मचारियों के पास सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए एक सीधा मंच हो।"

मु�यमंत्री ने कहा, "बातचीत ही समस्याओं के समाधान का सबसे उचित तरीका है। इसलिए हम एक साथ बैठेंगे, एक-दूसरे की बात सुनेंगे और जायज मुद्दों के समाधान तलाशेंगे। दशकों से कर्मचारियों को अक्सर यह महसूस होता रहा है कि उनकी समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। पहले किसी ने भी कर्मचारियों की परवाह नहीं की, लेकिन हम उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं।"

कर्मचारियों के साथ संपर्क का सिलसिला बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सरकार अपने कर्मचारियों के साथ केवल फाइलों या कार्यालयी कामकाज तक ही जुड़ी नहीं है, बल्कि हम उनके साथ विश्वास, बातचीत, आपसी स�मान और जि�मेदारी पर आधारित संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

मु�यमंत्री ने कहा, "सरकारी कर्मचारी और पंजाब के लोग एक प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने के बड़े मिशन में भागीदार हैं। जब कर्मचारी अनसुलझे मुद्दों, अनिश्चितता या अपनी बात न सुने जाने की भावना के बोझ तले दबे होते हैं, तो वे अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्यक्षमता का प्रदर्शन नहीं कर सकते।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सरकार को कर्मचारियों के कल्याण और राज्य की समग्र वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है। महंगाई भत्ते (डीए) के संबंध में लिया गया ताजा फैसला वित्तीय जिम्मेदारी निभाते हुए कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कर्मचारियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आह्वान करते हुए मु�यमंत्री ने कहा, "प्रत्येक सरकारी कर्मचारी आम नागरिक के सामने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। सरकार लोगों की सेवा के लिए मौजूद है और कर्मचारी वह माध्यम हैं, जिनके जरिए यह सेवा जमीनी स्तर पर सुनिश्चित की जाती है।"

उन्होंने दोहराया, "सरकार निरंतर बातचीत, पारदर्शिता और सहानुभूतिपूर्ण रवैये के साथ कर्मचारियों की जायज समस्याओं के समाधान के लिए काम करती रहेगी और साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के संसाधनों का जि�मेदारी के साथ उपयोग किया जाए।"

मु�यमंत्री ने कहा, "त्योहारों का मौसम न केवल आम नागरिकों के घरों में, बल्कि उन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों में भी खुशियां लेकर आए, जिन्होंने अपना जीवन पंजाब की सेवा के लिए समर्पित किया है।"

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कर्मचारी पंजाब की रीढ़ हैं और उनका कल्याण हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनका मान-स�मान हमारे लिए अमूल्य है और उनकी जायज मांगों पर हमेशा विचार किया जाएगा।"

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर, मु�य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, सचिव आम राज प्रबंध के.के. यादव तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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हम किसानों के हितों की रक्षा और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• पंजाब के पास एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है और किसी को पानी की एक बूंद देने का सवाल ही पैदा नहीं होता: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई गईं, वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई जाएंगी: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• केंद्र सरकार को विभिन्न फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. सुनिश्चित करनी चाहिए: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• पी.ए.यू. में किसान मेला वैज्ञानिक खेती, नई तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों के प्रति जागरूकता पैदा करेगा: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• पंजाब सरकार बीज अनुसंधान के लिए पी.ए.यू. को फंड की कोई कमी नहीं आने देगी: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• पंजाब सरकार राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• पंजाब सरकार देश में गन्ने का सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल भाव दे रही है: मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान

• यदि केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करे तो पंजाब के किसान पराली जलाना पूरी तरह बंद कर देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

• मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘किसान मेले’ को किया संबोधित

चंडीगढ़, 18 सितंबर

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब के बहुमूल्य जल संसाधनों के संबंध में राज्य के रुख से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में किसान मेले के दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र को 88 प्रतिशत तक बढ़ाने, 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनें बिछाने (वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर का लक्ष्य) तथा इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में हुए सुधार के बारे में विस्तार से बताया।

मु�यमंत्री ने कहा कि सरकार पी.ए.यू. के बीज अनुसंधान केंद्र को मजबूत कर रही है, बागवानी में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने केंद्र से वैकल्पिक फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. तथा पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता देने की अपील भी की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी आश्वासन दिया कि खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा।

एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पी.ए.यू. में किसान मेले में शामिल हुआ और प्रगतिशील किसानों को स�मानित किया। पंजाब के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ है। खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए हमने नहरी पानी का उपयोग 88 प्रतिशत तक बढ़ाया है। 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाने से राज्य में भूजल स्तर पांच मीटर तक ऊपर आया है। किसानों की सुविधा के लिए अब खेतों में दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हमारे किसानों की मेहनत के कारण हमें इस बार भी धान की बंपर पैदावार की पूरी उ�मीद है। इंकलाब जिंदाबाद।"

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब भारत में हरित क्रांति का सृजनकर्ता रहा है, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से अधिशेष देश में बदलने में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है।"

मु�यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले किसानों ने पी.ए.यू. के कृषि वैज्ञानिकों के सक्षम मार्गदर्शन में राज्य की उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों का उचित उपयोग करके देश की तस्वीर बदल दी थी। उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है, ताकि खुशहाली प्रत्येक किसान तक पहुंच सके। किसानों तक केवल उच्च गुणवत्ता वाले बीज पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए पी.ए.यू. को अपग्रेड किया जा रहा है, जबकि पंजाब में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 1,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि पंजाब पूरे देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव दे रहा है और साथ ही पिछले वर्ष की तुलना में गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्रफल भी बढ़ा है।

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, जबकि अब यह 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा, "हमने पूरे पंजाब में किसानों को नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं। यह दूरी बाघापुराना से कनाडा तक की यात्रा के बराबर है। इस वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के कोने-कोने में किसानों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरे राज्य में पाइपलाइनें और खाल बनाए गए हैं।

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भूजल की स्थिति सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, "बड़े स्तर पर पानी रिचार्ज किया गया है और कई क्षेत्रों में पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। हमें अपने बहुमूल्य जल संसाधनों की हर बूंद की रक्षा करनी होगी।"

किसानों को केवल पी.ए.यू. द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग करने की अपील करते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर उपज सुनिश्चित करने और किसानों को अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए बुवाई से पहले बीजों की जांच भी अवश्य की जानी चाहिए।

कृषि संकट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "लागत बढऩे और आय घटने के कारण किसान दुविधा में आ खड़े हुए हैं। हम उनकी आय बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि किसान स�मानजनक और खुशहाल जीवन जी सकें।"

मु�यमंत्री ने कहा कि सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद पंजाब के किसानों ने भारत को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन इसके लिए राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का भारी दोहन हुआ। उन्होंने कहा, "पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। पानी की एक बूंद भी किसी के साथ साझा करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। पुराने शासकों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए राज्य का अतिरिक्त नदी जल देकर पंजाब के हितों को खतरे में डाला। हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब के हितों के साथ ऐसे समझौते दोबारा न दोहराए जाएं।"

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों के कल्याण के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उचित उपयोग कर रही है। मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मु�त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय भी बिजली मिल रही है, जो अभूतपूर्व है। टैक्स का पैसा लोगों का ही है और इसे उनके कल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। यह पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सडक़ों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है।"

खरीफ खरीद सीजन से पहले किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, "खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदा और उठाया जाएगा। किसानों को समय पर भुगतान के लिए निर्धारित नियमों का स�ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य को खरीद शुरू होने से पहले ही आगामी धान सीजन के लिए कैश क्रेडिट लिमिट पहले ही प्राप्त हो चुकी है।"

किसानों को पराली जलाने से गुरेज करने की अपील करते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि फसल अवशेषों के खेत में और खेत से बाहर निपटारे के लिए किसानों को नए उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही। हालांकि, केंद्र सरकार को इन फसलों के लिए लाभकारी एम.एस.पी. उपलब्ध करवानी चाहिए। इससे किसानों को विविधीकरण की ओर बढऩे के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।"

किसान मेले में स�मानित किए जा रहे प्रगतिशील और उद्यमी किसानों को बधाई देते हुए मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पी.ए.यू. को सही अर्थों में किसानों के लिए प्रकाश पुंज माना जाता है। उन्होंने कहा, "पी.ए.यू. ने लगातार पंजाब के किसानों का मार्गदर्शन किया है और राज्य में कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब के पास देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल 1.53 प्रतिशत हिस्सा है, फिर भी यह देश के अनाज उत्पादन में शानदार योगदान देता आ रहा है।"

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को कृषि आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा, "किसान मेले की मूल भावना किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जागरूक करना है, जो कृषि आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। बेहतर उत्पादन और मुनाफे के लिए किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने चाहिए।"

उन्होंने दोहराया कि पंजाब देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव दे रहा है और गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्रफल पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों ने पंजाब के किसानों और युवाओं दोनों को बर्बाद किया और कृषि क्षेत्र की ओर बहुत कम ध्यान दिया। हमारी सरकार कृषि को मजबूत करने, किसानों की आय में सुधार करने और पंजाब के लोगों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने के लिए काम कर रही है।"

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान कृषि योजनाओं में सामने आए विवादों और अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "ऐसे विवादों और अनियमितताओं ने पंजाब के किसान समुदाय के हितों और विश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया है। हमने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है तथा गलत कार्यों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ स�त कार्रवाई कर रहे हैं।"

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य हस्तियां भी उपस्थित थीं।

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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का किया शुभारंभ

2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान; स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का दिया आह्वान

चंडीगढ़/पठानकोट, 18 सितंबर:

स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने और लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज यहां ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का शुभारंभ पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक घरोटा के सभी सरपंचों और ग्राम पंचायत सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष अभियान को और बड़े स्तर पर तथा प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा।

इस अवसर पर डी.एस.ओ.-कम-कार्यकारी इंजीनियर श्री सुखजीत सिंह के नेतृत्व में ए.डी.एस.ओ. श्री धीरज डोगरा तथा जिला पठानकोट के डी.डब्ल्यू.एस.एस. के सोशल स्टाफ द्वारा उपस्थित लोगों को अभियान संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान 17 सितंबर से शुरू हुआ है और 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता एवं सैनिटेशन के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ स्वच्छता कार्यों में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल गलियों या नालियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसी संस्कृति विकसित करना है, जिसमें स्वच्छता हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने के साथ-साथ स्वच्छता सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को उचित स�मान और सुरक्षा प्रदान करना भी हमारी सामूहिक जि�मेदारी है।

‘स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ इस अभियान की थीम है।

इस अभियान के तहत स्वच्छता एवं सैनिटेशन को लेकर लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

अभियान के पांच प्रमुख स्तंभों में स्वच्छता के लक्षित स्थलों का कायाकल्प और स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों का निर्माण, ‘स्वच्छ पाठशाला—युवा फॉर स्वच्छता’, सफाई मित्रों की सुरक्षा, कल्याण और स�मान के लिए ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं स�मान शिविर’, जन भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता तथा ‘स्वच्छता से समृद्धि’ के माध्यम से स्वच्छता को खुशहाली से जोडऩा शामिल है।

इस अवसर पर श्री कटारूचक्क ने यह भी कहा कि अभियान के दौरान समाज के प्रत्येक वर्ग को स्वच्छता कार्यों से जोडऩे और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जि�मेदारी की भावना पैदा करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

पंजाब पुलिस ने किशोरियों के लिए सशक्तिकरण और जागरूकता अभियान की शुरुआत की

- उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्रवाई योग्य हस्तक्षेप की शुरुआत के रूप में लुधियाना में आयोजित की गई समन्वय बैठक

- इस बहुआयामी पहल के तहत 12-18 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: विशेष डीजीपी गुरप्रीत कौर दियो

चंडीगढ़/लुधियाना, 18 सितंबर:

पंजाब पुलिस द्वारा 12 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियों के लिए व्यापक जागरूकता एवं सशक्तिकरण अभियान शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।

इस संबंध में विशेष महानिदेशक पुलिस (विशेष डीजीपी), क�युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सीएडी) गुरप्रीत कौर दियो की अध्यक्षता में लुधियाना पुलिस लाइंस के कॉन्फ्रेंस हॉल में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्यक्रम की शुरुआत संबंधी तैयारियों के लिए एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई योग्य मॉड्यूल तैयार करने हेतु प्रमुख प्रशासनिक, चिकित्सा, शैक्षणिक और सामाजिक भागीदार विभाग एक मंच पर एकत्र हुए। बैठक में उन क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां लोग सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जहां युवा लड़कियों के विरुद्ध अपराधों का अधिक जोखिम है।

इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विशेष डीजीपी गुरप्रीत कौर दियो ने कहा कि यह अभियान सुरक्षित निर्णय लेने और समाज में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम युवा लड़कियों की एक जागरूक एवं आत्मविश्वासी पीढ़ी तैयार करने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इंटरवेंशन मॉड्यूल के दौरान शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, कानूनी एवं सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, भावनात्मक स्थिरता, नेतृत्व क्षमता का विकास, करियर संबंधी मार्गदर्शन, संचार कौशल और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों को व्यापक रूप से शामिल किया जाएगा।

यह अभियान केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें स्कूल छोड़ चुकी लड़कियों, आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रवासी परिवारों से संबंधित लड़कियों, दिव्यांग लड़कियों तथा बाल मजदूरी या कम उम्र में विवाह के जोखिम का सामना कर रही लड़कियों को भी शामिल किया जाएगा।

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच, व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र, इंटरैक्टिव फ्लायर, नुक्कड़ नाटक तथा पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में लघु वीडियो/सोशल मीडिया अभियानों जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। जिले भर में व्यापक जनभागीदारी और जमीनी स्तर पर जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, अभिभावकों, शिक्षकों, गैर-सरकारी संगठनों और सामुदायिक नेताओं को भी इस पहल में शामिल किया जाएगा।

इस समन्वय बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जांच-कम-जिला सामुदायिक पुलिसिंग अधिकारी) लुधियाना रुपिंदर भट्टी, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, डीएमसी लुधियाना के क�युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) लुधियाना रश्मि, शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल अमनदीप सिंह, ‘डू गुड फाउंडेशन’ से जैस्मीन पाहवा तथा आई.डी.आर.एफ., चंडीगढ़ के शोधकर्ता शामिल हुए।

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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

*स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने पंजाब भर के सडक़ विकास कार्यों का लिया जायजा*

*लोक निर्माण मंत्री द्वारा परियोजना संबंधी समय-सीमा तय करते समय मौसम के कारण पडऩे वाले प्रभावों को भी ध्यान में रखने के आदेश*

*पी.एम.जी.एस.वाई. और नाबार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस की परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता देने के आदेश*

चंडीगढ़, 18 सितंबर:

पंजाब के लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आज पंजाब भवन में हुई बैठक के दौरान पंजाब भर में सडक़ विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए कहा कि मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्यवासियों को बेहतर आवागमन नेटवर्क मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।

कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य में सडक़/पुल निर्माण संबंधी परियोजनाओं की टेंडरिंग प्रक्रिया के दौरान परियोजना निर्माण के लिए उपयुक्त समय दिया जाए, जिसमें बारिश/सर्दी आदि के मौसम का भी ध्यान रखा जाए ताकि तय किए गए समय में ही काम मुक�मल किए जा सकें।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत की कि राज्य में पी.एम.जी.एस.वाई. और नाबार्ड की परियोजनाओं को समय पर मुकम्मल करने के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाए और ठेकेदारों को समय पर अदायगियां भी की जाएं ताकि महकमे के वित्तीय लक्ष्य हासिल किए जा सकें। सडक़ सुरक्षा में सुधार के लिए लेन मार्किंग और अन्य उपकरण लगाने सुनिश्चित करने बारे निर्देश दिए गए।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा राज्य में 45000 किलोमीटर सडक़ों के निर्माण और नवीनीकरण के काम करवाए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले राजमार्गों और लिंक सडक़ों से संबंधित चल रहे कामों की हलका और मंडल-वार स्थिति का मूल्यांकन भी किया। उन्होंने कहा कि अब लुक के काम के लिए मौसम बिल्कुल उपयुक्त है और कामों की प्रगति में और तेजी लाई जाए।

कैबिनेट मंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिदायत की कि फंडों संबंधी बकाया मांगें तुरंत दर्ज करके अदायगियां की जाएं ताकि कामों की प्रगति में कोई देरी न हो। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वह फिर जल्द ही कामों बारे प्रगति की दोबारा समीक्षा करेंगे।

बैठक में विशेष सचिव श्रीमती हरगुणजीत कौर आई.ए.एस., संयुक्त सचिव अमरबीर सिद्धू पी.सी.एस., इंजीनियर-इन-चीफ श्री गगनदीप सिंह, मु�य इंजीनियर श्री अनिल गुप्ता, श्री अरशदीप सिंह, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और कार्यकारी इंजीनियर शामिल थे।

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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का 241वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 603 स्थानों पर छापेमारी; 291 काबू

पुलिस टीमों द्वारा 210 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई

लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में कर सकते हैं रिपोर्ट

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 566वें दिन 71 नशा तस्कर 10.3 किलोग्राम हेरोइन सहित गिर�तार

चंडीगढ़, 18 सितंबर:

‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के 241वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े और मैप किए गए 603 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग है, जिसकी शुरुआत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा 20 जनवरी, 2026 को की गई थी। सभी जिलों की पुलिस टीमों द्वारा ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से राज्यभर में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

241वें दिन पुलिस टीमों ने 291 व्यक्तियों को 22 हथियारों सहित गिर�तार किया, जिससे अभियान की शुरुआत से अब तक हुई कुल गिर�तारियों की सं�या 71,813 हो गई है।

इसके अलावा 210 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने इस अभियान के दौरान 16 भगोड़े अपराधियों को भी गिर�तार किया है।

लोग ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946’ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से रिपोर्ट कर सकते हैं तथा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना भी दे सकते हैं।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के विरुद्ध अपने अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को 566वें दिन भी जारी रखते हुए आज 71 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10.3 किलोग्राम हेरोइन, 3628 नशीली गोलियां और 1900 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही केवल 566 दिनों में गिर�तार किए गए कुल नशा तस्करों की सं�या 78,030 तक पहुंच गई है। नशा मुक्ति अभियान के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने आज 11 व्यक्तियों को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए राजी किया है।

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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

अमृतसर में 10 किलो और हेरोइन बरामद; मु�य संचालक गिर�तार

विदेशी हैंडलर के इशारे पर हेरोइन की खेप प्राप्त कर आगे सप्लाई कर रहा था गिर�तार व्यक्ति: डीजीपी गौरव यादव

आगे की जांच जारी

चंडीगढ़/अमृतसर, 18 सितंबर:

मु�यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक और सफलता दर्ज करते हुए, काउंटर इंटेलिजेंस (सी.आई.) अमृतसर ने सीमा पार से नशा तस्करी करने वाले एक गिरोह के मु�य संचालक को 10 किलो हेरोइन सहित गिर�तार करके इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।

गिर�तार किए गए आरोपी की पहचान सहजप्रीत सिंह निवासी गांव जठौल (अमृतसर) के रूप में हुई है।

यह कार्रवाई सी.आई. अमृतसर द्वारा सीमा पार से नशा तस्करी करने वाले एक अन्य गिरोह के चार व्यक्तियों की गिरफ्तारी के दो दिन बाद सामने आई है। इन आरोपियों के कब्जे से 27 किलो हेरोइन और एक विदेशी आधुनिक .30 बोर पीएक्स5 पिस्तौल सहित तीन कारतूस बरामद किए गए थे।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे एक तस्कर के संपर्क में था और उसके इशारे पर हेरोइन की खेप प्राप्त करके आगे सप्लाई कर रहा था।

ऑपरेशन से संबंधित विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सी.आई. अमृतसर की टीमों को पु�ता सूचना मिली थी कि सहजप्रीत सिंह नामक व्यक्ति ने अपने घर के निकट ड्रोन के माध्यम से हेरोइन की एक बड़ी खेप प्राप्त की है और वह इस खेप को आगे सप्लाई करने की योजना बना रहा है। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने संदिग्ध व्यक्ति के घर पर छापा मारा और तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10 किलो हेरोइन बरामद की।

डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाया जा रहा है और मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने तथा सीमा पार से नशा तस्करी करने वाले नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 59, दिनांक 17-09-2026 को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत पुलिस थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।

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