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पंजाब

Punjab Latest News July 2026

July 23, 2026 08:06 AM

*अमन अरोड़ा द्वारा लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए सुदृढ़ डेटा सुरक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने पर जोर*

*सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा "राज्य के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना" विषय पर राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप

सरकारी डिजिटल सेवाओं में लोगों का विश्वास हर कीमत पर कायम रखना अनिवार्य: अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 22 जुलाई: 
पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज पारदर्शी एवं सुरक्षित डिजिटल शासन सुनिश्चित करने के मद्देनजर राज्य के सभी सरकारी विभागों में सुदृढ़ डेटा सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

यहाँ सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित "राज्य के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना" विषय से संबंधित राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप को संबोधित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने प्रौद्योगिकी को दोधारी तलवार करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी जहाँ अपार लाभ प्रदान करती है, वहीं इससे जुड़े गंभीर जोखिमों के मद्देनजर डेटा का समझदारी से प्रबंधन करना भी अत्यंत आवश्यक है।

श्री अमन अरोड़ा ने कहा, "डेटा अब एक नई सार्वजनिक संपत्ति है और नागरिकों के रिकॉर्ड तथा सरकारी डेटाबेस की सुरक्षा डिजिटल शासन में लोगों का विश्वास कायम रखने के लिए मूलभूत आवश्यकता है। पंजाब सामाजिक कल्याण योजनाओं, भूमि रिकॉर्ड और नागरिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना डिजिटल दायरा बढ़ा रहा है। इसलिए अपने डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित करना और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डी.पी.डी.पी.) अधिनियम, 2023 जैसे राष्ट्रीय ढाँचों का अनुपालन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब भी कोई आम नागरिक सरकारी कार्यालय जाता है या सार्वजनिक सेवा का लाभ लेने के लिए कोई फॉर्म भरता है तो वह पूरे विश्वास के साथ अपना निजी डेटा साझा करता है कि उसका डेटा सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के इस विश्वास को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को एकजुट टीम के रूप में काम करने, गहन विचार-विमर्श करने और उभरते डिजिटल खतरों से निपटने के लिए राज्य की प्रणालियों को निरंतर अपग्रेड तथा विकसित करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने के लिए आवश्यक किसी भी उपाय के लिए राज्य सरकार तथा विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

यह कार्यशाला भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी संकल्पित ढाँचों के अनुसार आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य राज्य स्तर पर साइबर सुरक्षा की तैयारी का मूल्यांकन करना, महत्वपूर्ण डेटा परिसंपत्तियों की पहचान करना और आगामी राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन के लिए सिफारिशें तैयार करना था।

इससे पहले अपने स्वागत भाषण के दौरान डी.जी.जी.आई.टी. के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. डी.के. तिवारी ने पंजाब के डिजिटल बुनियादी ढाँचे में वर्तमान में लागू स्टेट डेटा सेंटर और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क जैसे तकनीकी एवं कार्यकारी प्रबंधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एकजुट सुरक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी सरकारी विभागों से 'सिक्योर-बाय-डिज़ाइन' सिद्धांत अपनाने, नियमित रूप से कमजोरियों का आकलन करने और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करने की अपील की।

कार्यशाला के दौरान नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीज़न के प्रतिनिधियों तथा इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के वैज्ञानिक 'डी' डॉ. मार्शल आर. द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियाँ और विषय से संबंधित सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा एयरटेल द्वारा ए.आई. आधारित डेटा सुरक्षा और डिजिटल परिधि की सुरक्षा के बारे में तथा वेरोनिस द्वारा डी.पी.डी.पी. अधिनियम के कार्यान्वयन की दृष्टिकोण के बारे में उद्योग जगत के विचार भी साझा किए गए।

स्टेट ई-मिशन टीम के नेतृत्व में समानांतर ब्रेकआउट सत्रों के दौरान विभिन्न राज्य विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा जोखिम-आधारित सुरक्षा का आकलन, समर्पित स्टेट सी.एस.आई.आर.टी. द्वारा मौके पर प्रतिक्रिया, लीगेसी एप्लिकेशन आधुनिकीकरण, तथा राष्ट्रीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों और डिजिटल निजी डेटा सुरक्षा अधिनियम, 2023 के साथ एकरूपता संबंधी प्रमुख राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

वर्कशॉप के दौरान संकलित रणनीतिक उपायों और जानकारी को सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक व्यापक राज्य रिपोर्ट में तैयार किया जाएगा और नई दिल्ली में होने वाले आगामी राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन में पंजाब की सिफारिशों को प्रस्तुत करने के लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

इस वर्कशॉप में डी.जी.जी.आई.टी. के निदेशक श्री विशेष सारंगल, विशेष सचिव गृह श्री परमिंदरपाल सिंह, सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के उप सचिव श्री दीपांकर गर्ग तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
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