Thursday, April 02, 2026
BREAKING
Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

पंजाब

Punjab Latest News 2026

April 01, 2026 05:37 AM

नंगल झील पर उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के उद्घाटन के साथ नंगल के विकास में तेजी लाई

23 करोड़ रुपए की लागत से कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

इस सेंटर में 540 युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाएगा, रोबोटिक्स, ईवी, सोलर और 3डी प्रिंटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अब सरकारी आई.टी.आई. में सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी के कोर्स उपलब्ध होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

18 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ एमिनेंस में ऑडिटोरियम और नया अकादमिक ब्लॉक बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हमने अपने किसानों के लिए भाखड़ा नहर के बराबर 11,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी सुनिश्चित किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लड़कियों के लिए 34 आई.टी.आई., अन्य आई.टी.आई. में 30 प्रतिशत आरक्षण देकर ‘आप’ सरकार तकनीकी शिक्षा तक महिलाओं को बेहतर पहुंच प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नंगल, 31 मार्च:

नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 75 करोड़ रुपए के विकास प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसमें उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज, कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर 23 करोड़ रुपए का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और शिक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इन पहलों को विकास में वर्षों से आई खामियों को दूर करने की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए एक ऐसे प्रशासनिक मॉडल की रूपरेखा दी, जिसमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और ड्रोन प्रशिक्षण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए तकनीकी शिक्षा तक पहुंच और पंजाब की खेतीबाड़ी की रीढ़ को मजबूत करने के लिए भाखड़ा नहर के बराबर बड़े स्तर पर पानी प्रदान करना शामिल है।

इस कदम को राजनीतिक विरोध से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के कारोबार की सरपरस्ती और पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वालों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग नौकरियों, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित ईमानदार शासन के मॉडल की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों को 75 करोड़ रुपए के विकास कार्य समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकालियों पर पीढिय़ों की नरसंहार का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को सरपरस्ती दी थी और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार फैला था। इन नेताओं के हाथ अपने सरकारी वाहनों में राज्य में सप्लाई किए गए नशे का शिकार हुए लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं। यह पाप माफ नहीं किए जा सकते और इन नेताओं को लोगों द्वारा उनके गुनाहों के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता।"
अकाली लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और पक्ष बदलते हैं। उन्होंने लंबे समय से खुद को किसान बताकर लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन क्या वे बता सकते हैं कि कोई अनाज उत्पादक बसों का बड़ा बेड़ा और गुडग़ांव में एक आलीशान होटल कैसे बना सकता है? यह सब अपने निजी राजनीतिक लाभ के लिए राज्य और इसके लोगों के हितों को बेचकर बनाया गया है।"
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "सुखबीर सिंह बादल ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है और रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर बुलाए गए कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर अकाली रैली में वही भीड़ दिखाई देती है। राज्य सरकार द्वारा किए गए बेमिसाल कामों के कारण वे अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, जिस कारण वे बेबुनियाद और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। ऐसे बयानों के आधार पर ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, जो कभी संभव नहीं होगा।"
पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कला और अन्य जगहों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और बेकसूरों को मारा गया, उनके बारे में चुप क्यों हैं? ये सारी घटनाएं उनके शासन के दौरान हुईं। वे इन बेअदबी की घटनाओं को भूल गए हैं और मानते हैं कि लोग भी इन्हें भूल जाएंगे, लेकिन लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे। उनका परिवार इसमें शामिल था। उनकी ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद उन्हें यह बताना चाहिए कि वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अकालियों ने सूबे को बुरी तरह लूटा है, पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला है और माफिया को सरपरस्ती दी है।"
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "लोग अकालियों और बादल परिवार के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए लोग अब उनके झांसे में नहीं आएंगे। जिन नेताओं के घरों तक पहले नहरें जाती थीं, उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। सुखबीर सिंह बादल एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे नेता हैं जो पंजाब की मूल भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह अनजान हैं, फिर भी वे सूबे पर राज करना चाहते हैं।"
व्यापक राजनीतिक दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जिन्होंने पानी के रखवाले होने का दावा किया था, उन्होंने ही इसे बुरी तरह तबाह कर दिया और जिन्होंने खुद को ‘बाणी’ के सेवादार के रूप में पेश किया, वे ही बेअदबी को रोकने में असफल रहे। इसी तरह देश चलाने वाले जुमलेबाज नेता ने अपने कार्यकाल में लोगों को गुमराह किया है। देश के हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए भेजने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ और लोग, खासकर महिलाएं, गैर-योजनाबद्ध नीतियों के कारण दुखी हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। इसी कारण उनके शीर्ष नेता को हाल ही में एक रैली के दौरान जनता ने सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। कांग्रेस एक बंटा हुआ घर है जो अंदरूनी झगड़ों के कारण ढह जाएगा, फिर भी इसके नेता सत्ता में वापस आने के सपने देखते रहते हैं।"
लीडरशिप संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "यह बदकिस्मती की बात है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता जो झगड़ते हुए अपने प्रांतीय नेताओं को एकजुट करने आते हैं, उन्हें उनका नाम भी सही से उच्चारित नहीं आता। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की दौलत लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। पहले ये पारंपरिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं, लेकिन अब झाड़ू ने इनका पूरी तरह सफाया कर दिया है।"
जन-हितैषी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 2 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।"
बिजली और सिंचाई क्षेत्र में किए गए सुधारों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, "राज्य के इतिहास में पहली बार धान के मौसम के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली दी जा रही है। सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को बहाल किया गया है ताकि नहरी पानी राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके और इससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है। पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है।"
वित्तीय जिम्मेदारी और महिलाओं की भलाई के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मां-बेटी सम्मान योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति महीना 1000 रुपए और अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएंगे। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भलाई, लिंग समानता को बढ़ावा देने और फैसला लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है। यह महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के लिए वास्तविक वित्तीय स्वतंत्रता के सरकार के विजन को दर्शाता है।
रोजगार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करते हुए पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। यह कदम युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बना रहा है।
उन्होंने कहा कि नंगल एक पवित्र धरती है और मैं इसके लोगों की सेवा करने के लिए भाग्यशाली महसूस करता हूं। यह हैरानी की बात है कि पिछली सरकारों की असफलताओं के कारण सतलुज नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी खेतीबाड़ी और पीने योग्य पानी से वंचित रखा गया था। पहली बार सूबे में जल संसाधनों का सही ढंग से उपयोग किया गया है। भाखड़ा नहर की क्षमता 9,500 क्यूसेक है, लेकिन हमारे प्रयासों से इसकी सप्लाई को 11,000 क्यूसेक तक बढ़ा दिया गया है। एक तरह से हमने एक इंच भी जमीन हासिल किए बिना एक नई भाखड़ा नहर बना दी है। पंजाब के इतिहास में पहली बार पानी की हर बूंद का हिसाब रखा गया है।
अन्य प्रयासों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा, "पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए नहरी प्रणाली को फिर से सुधारने के लिए 6,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और पहली बार 1,444 गांव नहरी पानी प्राप्त कर रहे हैं। हम पंजाब के पानी की हर बूंद को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोई भी अन्य राज्य इसे जबरदस्ती नहीं ले सकता। पिछले साल हरियाणा ने ऐसी चाल चलने की कोशिश की लेकिन उसे सबक सिखाया गया और अब वह अपने हिस्से की समझदारी से उपयोग कर रहा है।"
नंगल में प्रोजेक्ट्स की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि कई बड़े विकास प्रोजेक्ट समर्पित किए जा रहे हैं। 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव रखी गई है। शहीद ने कारगिल युद्ध के दौरान 25 साल की उम्र में अपनी जान दे दी थी और पूरा देश नंगल के इस बहादुर बेटे पर गर्व करता है। इस संस्थान पर 23 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जो 540 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देगा। कोर्स उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए हैं, जिनमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग शामिल हैं। इसमें सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।"
अपने विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्र का सबसे बेहतर कौशल विकास केंद्र बनेगा और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा। वर्ष 2025-26 में सभी आई.टी.आई. में सीटों की क्षमता 32,000 से बढ़ाकर 52,308 कर दी गई है, जिसमें 814 नए उद्योग-आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं। 34 आई.टी.आई. विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं और अन्य आई.टी.आई. में उनके लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।
तकनीकी शिक्षा और पर्यटन के बारे में उन्होंने कहा, "निजी आई.टी.आई. में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं और नंगल समेत 11 सरकारी आई.टी.आई. को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया गया है, जिसमें 22 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे और मशीनरी पर खर्च किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क में झील पर ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। इस ग्लास ब्रिज पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जो उत्तरी भारत में अपनी तरह का पहला ब्रिज होगा। इसके साथ ही झील की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस ब्रिज के छह महीनों के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में 10 करोड़ रुपए की लागत से 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा।"
शिक्षा के बुनियादी ढांचे के बारे में उन्होंने कहा कि चार प्रयोगशालाओं और 12 क्लासरूम वाला एक चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक 8 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है और इस विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं लोगों का उनके भारी समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं, जो ‘रंगला पंजाब’ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
इस दौरान सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य वासियों का भारी प्रतिक्रिया ‘आप’, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के प्रति लोगों के प्यार को दर्शाता है। ‘आप’ का गठन सिर्फ सरकारें बदलने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए किया गया था, जिस कारण पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है। इस विकास से घबराए विपक्षी दलों ने हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, लेकिन अदालत से बरी होकर हमने अपनी ईमानदारी साबित कर दी है। अगर कांग्रेस, अकाली या भाजपा सत्ता में वापस आए तो वे इन जनकल्याण योजनाओं को खत्म कर देंगे।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "इस विधानसभा क्षेत्र के हर क्षेत्र में पूर्ण विकास हुआ है, जिससे निवासियों को बहुत लाभ हो रहा है। ये ऐतिहासिक पहल इस क्षेत्र में विकास की गति को और तेज करेंगी।"
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
------------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब हर परिवार को 10 लाख रुपये वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने वाला देश का पहला राज्य बना: डॉ. बलबीर सिंह*
*30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत; 65 लाख परिवारों तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का लक्ष्य: डॉ. बलबीर सिंह*
*पंजाब बजट 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को सरकार की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है: डॉ. बलबीर सिंह*
चंडीगढ़, 31 मार्च 2026

सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार देश की पहली सरकार बन गई है जो मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान कर रही है। यह योजना पीएम-जेएवाई के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये कवर को दोगुना करती है और पात्रता को सभी निवासियों तक विस्तारित करती है।

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, राज्य में अब तक 30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिससे पंजाब की लगभग आधी आबादी को सुनिश्चित स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। यह व्यापक पंजीकरण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में योजना की मज़बूत स्वीकृति को दर्शाता है, जहां परिवार सक्रिय रूप से इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

इस प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हुए, भगवंत मान सरकार ने पंजाब बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो स्वास्थ्य सेवा को शासन की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन को रेखांकित करते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह जी ने कहा, "30 लाख से अधिक सेहत कार्ड पंजीकृत होने के साथ, पंजाब सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में एक नया मानदंड स्थापित कर रहा है। पंजाब देश का पहला राज्य हैं जो हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का सार्वभौमिक, कैशलेस इलाज प्रदान कर रहा है। इससे न केवल आर्थिक बाधाएं कम हो रही हैं, बल्कि हर नागरिक को गरिमा, पहुंच और समय पर इलाज की सुनिश्चितता भी मिल रही है।"

इस तेज़ विस्तार के पीछे गांवों, मंडियों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, फैक्ट्रियों और सामुदायिक स्थलों पर आयोजित सेहत शिविरों के माध्यम से व्यापक ज़मीनी स्तर पर अभियान चलाया गया है। सेवा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों पर निरंतर पंजीकरण के साथ-साथ घर-घर पहुंच बनाकर विभिन्न आय वर्गों और क्षेत्रों तक योजना की पहुंच सुनिश्चित की गई है।

जैसे-जैसे योजना का दायरा बढ़ रहा है, इसके उपयोग के आंकड़े वास्तविक प्रभाव को दर्शा रहे हैं। जिन उपचारों का सबसे अधिक लाभ लिया जा रहा है उनमें डायलिसिस, एंजियोप्लास्टी जैसे हृदय संबंधी उपचार, घुटना प्रत्यारोपण जैसी अस्थि सर्जरी, कैंसर उपचार तथा दुर्घटनाओं और पशु काटने जैसी आपात स्थितियों वाली चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।

इस योजना का लाभ सभी आयु वर्गों और गंभीर परिस्थितियों में भी देखने को मिला है। श्री मुक्तसर साहिब में एक 1 वर्षीय बच्ची को समय पर निमोनिया का इलाज मिला, वहीं मोगा में 98 वर्षीय महिला को कीमोथेरेपी से संबंधित उपचार उपलब्ध कराया गया। इसी तरह, मानिकपुर की सुखविंदर कौर को गंभीर हृदय रोग के लिए तत्काल स्टेंट डालने की आवश्यकता पड़ी, जिसकी अनुमानित लागत 3-4 लाख रुपये थी, जिसे पूरी तरह योजना के तहत कवर किया गया।

इन सभी मामलों में बिना किसी देरी के इलाज शुरू हुआ, जो दर्शाता है कि सेहत कार्ड विभिन्न आयु वर्गों और चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए तुरंत कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रहा है।

900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों तथा 2,300 से अधिक उपचार पैकेजों के माध्यम से लाभार्थियों को अपने घर के नज़दीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। अब तक योजना के तहत लगभग 2 लाख उपचार, जिनकी कुल लागत 300 करोड़ रुपये से अधिक है, प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें 43,000 से अधिक सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं।

जैसे-जैसे पंजीकरण 65 लाख परिवारों के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक मज़बूत स्तंभ बनकर उभर रही है और सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज के स्तर और दायरे दोनों में राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रही है।
--------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरों ते वार का 70वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 521 स्थानों पर छापेमारी; 214 गिरफ्तार
— पुलिस टीमों ने 70 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की, 126 को पूछताछ के बाद रिहा किया
— लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं
—  युद्ध नशों विरूद्ध के 395वें दिन 3.2 किलोग्राम हेरोइन सहित 85 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 31 मार्च:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक "गैंगस्टरों ते वार" मुहिम के 70वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के पहचाने गए और मैप किए गए 521 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि "गैंगस्टरों ते वार" पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक अभियान है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं।

70वें दिन पुलिस टीमों ने 214 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 18,056 हो गई है।

इसके अलावा 70 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई, जबकि 126 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने 3 फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।

लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं तथा अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी साझा कर सकते हैं।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम "युद्ध नशों विरुद्ध" को 395वें दिन भी जारी रखते हुए आज 85 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 3.2 किलोग्राम हेरोइन, 586 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 21,780 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही केवल 395 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 56,330 हो गई है।
नशा मुक्ति अभियान के तहत, पंजाब पुलिस ने आज 20 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए तैयार किया।
---------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*पंजाब सरकार द्वारा महत्वपूर्ण औद्योगिक सुधारों की घोषणा**

*मंत्रिमंडल ने फ्रीहोल्ड और औद्योगिक आधारभूत ढांचे के प्रबंधन के लिए लीजहोल्ड संबंधी महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी: संजीव अरोड़ा*
चंडीगढ़, 31 मार्च, 2026:

उद्योग और वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय  संबंधी कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दे दी गई है। साथ ही फ्रीहोल्ड प्लॉट धारकों के लिए आवंटन के बाद की सेवाओं को व्यापक रूप से तर्कसंगत बनाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

औद्योगिक क्षेत्र के भागीदारों के साथ व्यापक परामर्श और समूह मंत्रियों की सिफारिशों के बाद किए गए ये सुधार व्यापार करने की आसानी को और मजबूत करने तथा एक पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

*मुख्य सुधार: लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला*

मुख्य फैसलों पर प्रकाश डालते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा:

- केवल 5 प्रतिशत तबादला शुल्क निर्धारित किया गया है।
- 30 अप्रैल, 2026 तक किए गए तबादलों के लिए स्टांप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट।
- जहां अन-अर्जित वृद्धि (अनअन्र्ड इंक्रीमेंट) की धारा लागू नहीं है, वहां खर्चों की छूट के माध्यम से महत्वपूर्ण राहत।
- विशेष मामलों में, बार-बार लगने वाले शुल्क के लिए एक ही शुल्क लागू किया गया है।
- कई सेवाओं के लिए वार्षिक नवीनीकरण खर्च बंद कर दिए गए हैं।

तुरंत तबादले को प्रोत्साहित करने और पुराने मुद्दों के निपटारे के लिए:
- लंबित तबादलों और परिवर्तन संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटारा।
- तुरंत तबादलों के लिए एकमुश्त स्टांप ड्यूटी में छूट।

*कागजी कार्रवाई को सरल बनाना:*
- मॉर्टगेज लीज डीड्स के मामले में बैंक पत्र ही पर्याप्त है।
- अनअर्जित वृद्धि की धारा पर स्पष्टता।

लंबित औद्योगिक मुद्दों का निपटारा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया:
- जहां टाइटल दस्तावेजों में धारा मौजूद नहीं है, वहां कोई अन-अर्जित वृद्धि नहीं ली जाएगी।
- पारिवारिक तबादला, विरासत, या मृत्यु के मामलों में जहां प्लॉट पहले ही नोटिफिकेशन से पहले फ्रीहोल्ड में बदल चुके हैं।
- उन्होंने आगे कहा, "इससे अधिक स्पष्टता सुनिश्चित की गई है और उद्योगपतियों को अनुचित वित्तीय देयताओं से बचाया गया है।"

*कारोबार करने में आसानी संबंधी मुख्य सुधार (क्कस्ढ्ढश्वष्ट)*

एक क्रांतिकारी कदम के रूप में:
- सेवाओं को अनिवार्य और वैकल्पिक श्रेणियों में पुनर्वर्गीकृत किया गया।
- 18 सेवाओं को अनिवार्य से वैकल्पिक में बदला गया।
- नोटरीकृत हलफनामों को स्व-घोषणा से प्रतिस्थापित किया गया।
- स्वीकृतियों में तेजी लाने के लिए एस्टेट अधिकारियों को अधिक अधिकार सौंपे गए।

श्री अरोड़ा ने कहा, "इससे अनुपालन संबंधी बोझ को महत्वपूर्ण रूप से कम किया गया है और फ्रीहोल्ड तबादले को उद्योगों के लिए बेहद फायदेमंद बनाया गया है।"

*पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) अमेंडमेंट बिल, 2026*

मंत्रिमंडल ने औद्योगिक आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संशोधन को भी मंजूरी दे दी है।

*मुख्य बिंदु:*

1. **एकीकृत और पारदर्शी आधारभूत ढांचा प्रबंधन**  
   सभी औद्योगिक क्षेत्रों के संचालन और रखरखाव के लिए एक ही विधि।  
   कवरेज: औद्योगिक फोकल पॉइंट, औद्योगिक संपत्ति, औद्योगिक क्लस्टर (नोटिफाइड पार्कों से बाहर के स्थानों सहित)।

2. *उद्योगों को बड़ी वित्तीय राहत**  
   नगर निगम क्षेत्रों में सर्विस चार्जेस को संपत्ति कर में शामिल किया गया।  
   दोहरे कर को समाप्त किया गया।  
   नियमों को सरल बनाया गया और वित्तीय बोझ कम किया गया।

3. *नवीन संग्रह विधि*  
   पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड द्वारा सर्विस चार्जेस बिजली बिलों के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे।

   *लाभ:* नियमों में संशोधन, सहज और पारदर्शी संग्रह प्रणाली।

4. *स्क्कङ्क के माध्यम से उद्योग-अनुकूल शासन*  
   विशेष उद्देश्य वाहन (स्क्कङ्क) बनाए जाएंगे:  
   - सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत।  
   - उद्योगिक हिस्सेदारों के नेतृत्व में।  
   **शासन ढांचा:** उद्योगिक आबंटियों में से 7 सदस्यीय कार्यकारी समिति चुनी जाएगी, तालमेल और निगरानी के लिए सरकारी अधिकारी।  
   स्पष्ट जवाबदेही और पेशेवर प्रबंधन।

5. *मजबूत वित्तीय ढांचा*  
   - 90त्न फंड → रखरखाव के लिए स्क्कङ्क को  
   - 10त्न फंड → आधारभूत ढांचे को अपग्रेड करने के लिए सक्षम प्राधिकरण को  
   - भविष्य के विकास के लिए अनिवार्य कॉर्पस फंड  
   - कुशल उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक खर्चों पर सीमा

6. *जवाबदेही और निगरानी*  
   सरकार को अधिकार:  
   - एस पी वी का ऑडिट और निगरानी  
   - यदि आवश्यक हो तो खराब प्रदर्शन करने वाले एस पी वी को रद्द करना  
   - उद्योग को सशक्त बनाना और पंजाब के विकास को मजबूत करना

संजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि ये महत्वपूर्ण सुधार हमारी सरकार के स्पष्ट विजन को दर्शाते हैं, जो उद्योगों को सशक्त बनाना, नियमों के बोझ को कम करना और एक आधुनिक, पारदर्शी तथा आत्मनिर्भर औद्योगिक माहौल सृजित करना है। पंजाब देश में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*मुख्य बिंदु*
- उद्योगपतियों के लिए बड़ी वित्तीय राहत
- लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में सरल तबादला
- कम नियम और तेज स्वीकृतियां
- उद्योग-अनुकूल आधारभूत ढांचा प्रबंधन
- कारोबार करने की सुविधा पर विशेष ध्यान।पंजाब का मतलब है कारोबार।
-------
अब, अमेरिका और यूरोप की तरह पंजाब में महज़ 6 मिनट में पुलिस सहायता मिलेगी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब पुलिस को 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन सौंपे
ये वाहन सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे; 112 डायल करने पर तुरंत सहायता सुनिश्चित करेंगे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सभी वाहन मोबाइल डेटा टर्मिनल, स्मार्टफोन, डैश कैमरे, वायरलेस सिस्टम और जीपीएस ट्रैकर से लैस हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करना मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

4 वर्षों में हमने पुलिस वाहनों पर 327.70 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि ‘कैप्टन सरकार’ ने 92.52 करोड़ और अकाली दल ने 160 करोड़ रुपये खर्च किए थे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पुलिस के आधुनिकीकरण ने न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि नशा तस्करों पर भी शिकंजा कसा है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

संगरूर, 31 मार्च—

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य भर में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज़ छह मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध कराएगी।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये वाहन डायल-112 सेवा के तहत सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे, जो आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता सुनिश्चित करेंगे। यह कदम त्वरित और तकनीक-आधारित कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान पुलिस वाहनों के लिए 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे न केवल पुलिस बल का आधुनिकीकरण हुआ है बल्कि कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। साथ ही नशा तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है, जिसका स्पष्ट उदाहरण टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपने दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना के लिए किया जा रहा निवेश है।

संगरूर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए आखिरी बार के रूप में नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना जरूरी है।" उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीढिय़ों को बर्बाद किया है, उनके साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। "ऐसे तत्वों को सबक सिखाना होगा और उनका सामाजिक बहिष्कार पंजाब को नशे की दलदल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा।"

सरकार की सख्त कार्रवाई को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो किसी भी अन्य राज्य से कहीं अधिक है।" उन्होंने कहा कि "नशों के खिलाफ युद्ध" पंजाब में नशा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो रहा है, जिसके तहत सप्लाई चेन को तोडक़र और बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर इस अवैध कारोबार की रीढ़ तोड़ दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनसमर्थन के साथ जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार ने तस्करों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, "हमारी लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए है और यह लगातार जारी रहेगी।"

‘नशा आतंकवाद’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है और दुश्मन ताकतों का डटकर सामना करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि थानों के एसएचओ स्तर तक भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कानून-व्यवस्था और आर्थिक विश्वास के संबंध पर उन्होंने कहा कि किसी राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है और टाटा स्टील का पंजाब में निवेश इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बन रहा है और इसका श्रेय पंजाब पुलिस को जाता है, जिसने जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम किया है।

सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सडक़ सुरक्षा फोर्स शुरू की है। 1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों के साथ यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात है और इसके कारण सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। इस पहल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सराहना की है।

पुलिस के आधुनिकीकरण संबंधी बात करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन पहल के तहत 508 नई बोलेरो गाडिय़ों को हरी  झंडी दिखा कर रवाना किया जा  रहा है। इससे डायल-112 फ्लीट में कुल वाहनों की संख्या बढक़र 764 हो गई है। ये सभी वाहन जीपीएस ट्रैकर, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। बेहतर कुशलता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि डायल-112 पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त होती हैं, जिनमें से करीब 1,500 कॉल पर तुरंत वाहन भेजे जाते हैं और प्रतिक्रिया समय को 30-45 मिनट से घटाकर 13-14 मिनट कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने पुलिस कल्याण के लिए बहुत कम धन आवंटित किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने चार वर्षों में 327.69 करोड़ रुपये निवेश कर 2022 से अब तक 2,904 नए वाहन खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि अब हर पुलिस स्टेशन के पास कम से कम एक नया वाहन उपलब्ध है।

विशेष इकाइयों को मजबूत करने संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि एएनटीएफ को 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन दिए गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा तथा गतिशीलता के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आगे ऐलान किया कि वर्ष 2026-27 में और वाहनों की खरीद के लिए 11.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का कठिन दौर देखा है, लेकिन पुलिस बल के बलिदानों से राज्य में शांति स्थापित हुई है और आज पंजाब अपनी शांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद पंजाब पुलिस पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा, जिससे पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, जिससे किसानों और उनकी फसलों के लिए जोखिम कम होगा।

भर्ती के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल और 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका  है।

पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना भ्रष्टाचार के, बेहतर सडक़ें और टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत—ये सब ईमानदार शासन का प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल केवल सत्ता हासिल करने पर ध्यान देते हैं, वहीं उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने अवसरवादी राजनीति को नकार कर एक ऐसी सरकार चुनी है जो उनके हित में काम कर रही है।

विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ नेता जनता को भ्रमित कर सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन लोग उनके रिकॉर्ड से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने भी कभी सुखबीर सिंह बादल को पूरी नेतृत्व जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल, डीजीपी गौरव यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-------------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*पंजाब सरकार द्वारा आशीर्वाद योजना के तहत 4572 लाभार्थियों के लिए 23.32 करोड़ रुपये जारी: डॉ. बलजीत कौर*
*18 जिलों के लाभार्थियों को मिलेगा लाभ, 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता*
*कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए पंजाब सरकार वचनबद्ध*
चंडीगढ़, 31 मार्च:

सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी के तहत आशीर्वाद योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जातियों के 4572 लाभार्थियों को 23.32 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के समय आर्थिक सहारा प्रदान करती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह के समय बड़ी राहत मिल रही है और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिल रही है।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत जिला बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर,
श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा, मोगा, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर, मालेरकोटला और तरनतारन के कुल 4572 लाभार्थियों को इस राशि का लाभ दिया गया है।

सामाजिक न्याय मंत्री ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस राशि से जिला बरनाला के 125, बठिंडा के 761, फरीदकोट के 87, फिरोजपुर के 266, श्री फतेहगढ़ साहिब के 155, गुरदासपुर के 164, होशियारपुर के 441, लुधियाना के 332 और मानसा के 441 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी गई है। इसी प्रकार जिला मोगा के 265, पटियाला के 126, पठानकोट के 221, रूपनगर के 293, एस.ए.एस. नगर के 166, एस.बी.एस. नगर के 83, संगरूर के 130, मालेरकोटला के 105 और तरनतारन के 411 लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और परिवार गरीबी रेखा से नीचे का होना आवश्यक है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि यह योजना अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित परिवारों के लिए लागू है। उन्होंने कहा कि परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए और ऐसे परिवारों की अधिकतम दो बेटियों तक इस योजना का लाभ दिया जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय सहायता का भुगतान डीबीटी  के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित होती है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए जन-केन्द्रित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss