*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में कैबिनेट की ओर से ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को हरी झंडी; 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000-1500 रुपए सम्मान राशि मिलेगी*
*योजना के तहत 9300 करोड़ रुपए का प्रबंध*
*देश की सबसे बड़ी महिला-हितैषी डी.बी.टी. स्कीमों में शामिल यह योजना वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान में वृद्धि करेगी*
*मंत्रिमंडल ने एन.एच.ए.आई. के सडक़ प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी दी*
चंडीगढ़, 29 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।"
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार ने पहले ही सामाजिक कल्याण और मानव विकास के क्षेत्र में बेमिसाल प्रगति की है, हालांकि राज्य भर में बड़ी संख्या में महिलाएं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित महिलाएं, वित्तीय सुरक्षा की कमी का सामना करती हैं। पारिवारिक कल्याण में सुधार करने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करना अत्यंत जरूरी है।"
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, "इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।"
यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी।
हर महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए भगवंत मान सरकार व्यापक पहुंच और रजिस्ट्रेशन संबंधी हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें महिलाओं खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करना, बैंक खाते सक्रिय करना और निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता शामिल है।
इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है।
*योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी*
कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है।
*पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन*
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है।
*पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी*
कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है।
*लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन*
कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी।
*पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026*
कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सडक़ें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी।
सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा।
*एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी*
कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने की शर्तों में ढील देने को भी मंजूरी दे दी है। यह जल संसाधन विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों का हिस्सा है, जिसमें नदियों के प्रबंधन और बाढ़ के खतरे को कम करने के प्रयासों के रूप में राज्य भर की प्रमुख नदियों में लंबे चैनलों की खुदाई शामिल है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
कुछ "मौकापरस्त" केवल वही दोहरा रहे हैं जो मैंने हलवारा हवाई अड्डे के बारे में सार्वजनिक किया: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा
- संजीव अरोड़ा के लगातार प्रयासों के कारण लगभग 30 वर्षों की देरी के बाद हलवारा हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू हुईं
चंडीगढ़ /लुधियाना, 29 मार्च -
हलवारा हवाई अड्डे के विकास और प्रगति को लेकर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा दिया गया हालिया बयान भ्रामक और जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।
यह उल्लेखनीय है कि 26 मार्च को लुधियाना में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि हलवारा के लिए उड़ानों की बुकिंग अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि "यही बात आज कैबिनेट मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तीन दिन बाद दोहराई है। कुछ ‘मौकापरस्त’ केवल वही दोहरा रहे हैं जो मैं पहले ही सार्वजनिक कर चुका हूं।"
यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूर्व राज्यसभा सांसद और वर्तमान पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के निरंतर, समर्पित और बहु-स्तरीय प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने वर्षों तक इस मुद्दे को लगातार आगे बढ़ाया।
यह परियोजना कैबिनेट मंत्री अरोड़ा की क्षेत्रीय प्रतिबद्धता और पंजाब के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास, विशेषकर लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों को मजबूत करने के प्रति उनकी दृढ़ निष्ठा को दर्शाती है।
मुख्य हस्तक्षेप और उपलब्धियों का कालक्रम
22 नवंबर 2022: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रुकी हुई प्रगति को पुनर्जीवित करने के लिए हस्तक्षेप किया।
11 दिसंबर 2022: निर्माण कार्य फिर से शुरू करने हेतु 50 करोड़ रुपये जारी किए गए।
17 जनवरी 2023: सांसद संजीव अरोड़ा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से दिल्ली-लुधियाना उड़ानें पुन: शुरू करने की अपील की।
14 अप्रैल 2023: अरोड़ा ने विभिन्न एयरलाइनों को हलवारा से उड़ानें शुरू करने हेतु पत्र लिखा।
7 मई 2023: हवाई अड्डे के शीघ्र पूर्ण होने की मांग की गई।
22 अगस्त 2023: नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल से एयरलाइनों को हलवारा से दिल्ली व मुंबई उड़ानें शुरू करने के लिए दबाव बनाने की स्वीकृति प्राप्त हुई।
26 अगस्त 2023: संजीव अरोड़ा ने प्रगति की समीक्षा के लिए हलवारा हवाई अड्डे का दौरा किया।
9 जनवरी 2024: मंत्रालय ने निर्माण प्रगति पर अद्यतन जानकारी दी।
31 जनवरी 2024: अंतरिम टर्मिनल भवन के उद्घाटन का अनुरोध किया गया।
19 जुलाई 2024: संजीव अरोड़ा ने एएआई, पीडब्ल्यूडी और भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के साथ निर्माण की समीक्षा की गई।
13 अगस्त 2024: अरोड़ा जी की टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के साथ उड़ानों को लेकर चर्चा हुई।
29 अगस्त 2024: अरोड़ा जी एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात, जल्द उड़ान शुरू होने का आश्वासन मिला।
3 सितंबर 2024:सांसद श्री अरोड़ा ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर कार्य तेज करने की मांग की गई।
21 दिसंबर 2024: एएआई चेयरमैन विपिन कुमार से एयरपोर्ट कोड और संचालन तिथि पर चर्चा हुई।
8 जनवरी 2025: एयर इंडिया ने कमीशनिंग के बाद उड़ान संचालन शुरू करने की बात कही।
10 जनवरी 2025: एयर इंडिया ने हलवारा से उड़ानें संचालित करने पर सहमति दी।
4 फरवरी 2025: हलवारा को एच डबलयू आर एयरपोर्ट कोड प्राप्त हुआ।
19 फरवरी 2025: सांसद अरोड़ा जी द्वारा अंतिम चरण के कार्यों की समीक्षा की गई।
23 मई 2025: मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से टर्मिनल चालू करने का अनुरोध किया।
जून 2025: बुनियादी ढांचा कार्य पूरा हुआ; टर्मिनल की फिनिशिंग भी पूरी हुई।
27 जुलाई 2025: तकनीकी कारणों से उद्घाटन स्थगित हुआ।
2 दिसंबर 2025: राज्यसभा में संचालन तेज करने की मांग उठी।
29 दिसंबर 2025: एयर इंडिया ने सप्ताह में पांच दिन संचालन की मंजूरी दी।
15 जनवरी 2026: अंतिम सुरक्षा ऑडिट पूरा हुआ; बीसीएएस से अनुमति मिली।
28 जनवरी 2026: अंतिम साइट निरीक्षण किया गया।
29 जनवरी 2026: 1 फरवरी को उद्घाटन की पुष्टि; एयर इंडिया ने सात दिन संचालन का अनुरोध किया।
1 फरवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टर्मिनल भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया।
श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे के शुरू होने से क्षेत्रीय हवाई संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, यात्रा समय कम होगा और उद्योग, निर्यात तथा निवेश को बड़ा बढ़ावा मिलेगा—विशेष रूप से लुधियाना जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र को।
उन्होंने कहा कि उनके निरंतर प्रयास, नीतिगत पहल और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एयरलाइंस तथा पंजाब सरकार के साथ बेहतर समन्वय के कारण यह लंबे समय से लंबित परियोजना अंतत: सफल हो पाई।
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विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 15,000 रुपये रिश्वत लेते एएसआई रंगे हाथों गिरफ्तार
चंडीगढ़, 29 मार्च 2026:
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान पुलिस चौकी किचलू नगर, थाना पीएयू लुधियाना के इंचार्ज के रूप में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) लखविंदर सिंह को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को बैंक कॉलोनी, नूरवाला रोड, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के विरुद्ध एक मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच एएसआई लखविंदर सिंह को सौंपी गई थी। इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी एएसआई ने उसकी बहन और मां को इस मामले में न फंसाने के बदले 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत को रिकॉर्ड भी कर लिया था।
शिकायतकर्ता ने अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो, रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी एएसआई को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरों ते वार का 68वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 508 स्थानों पर छापेमारी; 188 गिरफ्तार
— पुलिस टीमों ने 95 व्यक्तियों के विरुद्ध की एहतियाती कार्रवाई, 99 को पूछताछ के बाद रिहा किया
— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं
— ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 393वें दिन 112 नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, 29 मार्च:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक ‘गैंगस्टरों ते वार’ मुहिम के 68वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के साथियों के चिन्हित एवं मैप किए गए 508 ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि "गैंगस्टरों ते वार" पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक अभियान है, जिसे 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू किया गया था। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें पूरे राज्य में विशेष अभियान चला रही हैं।
68वें दिन पुलिस टीमों ने 188 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 17,674 हो गई है।
इसके अलावा 95 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की गई, जबकि 99 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने 3 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।
लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं तथा अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी साझा कर सकते हैं।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम "युद्ध नशों विरुद्ध" को 393वें दिन भी जारी रखते हुए आज 112 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 463 ग्राम हेरोइन, 1.2 किलोग्राम अफीम, 471 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 62,400 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इसके साथ ही केवल 393 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 56,071 हो गई है। नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज 26 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित भी किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अमृतसर में गोल्डी ढिल्लों मॉड्यूल से संबंधित दो आधुनिक सब-मशीन गन बरामद
— इन हथियारों का उपयोग राज्यभर में देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाना था: डीजीपी गौरव यादव
— गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों समेत चार नामजद; फरार मोटरसाइकिल सवारों को पकडऩे के लिए छापेमारी जारी: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर
चंडीगढ़/अमृतसर, 29 मार्च:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो 9 एमएम सब-मशीन गन और एक खाली मैगजीन बरामद कर अवैध हथियार तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
बरामद किए गए हथियारों पर "गफार सिक्योरिटी" लिखा हुआ था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद खेप कुख्यात गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों से संबंधित है। उन्होंने बताया कि ये हथियार उसके नेटवर्क द्वारा राज्य में देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सप्लाई किए जा रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि फरार आरोपियों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए कमिश्नर ऑफ पुलिस (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने गुरु की वडाली, छेहरटा क्षेत्र में नाका लगाया और मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर संदिग्ध युवक घबरा गए और भागने लगे। उन्होंने बताया कि भागते समय उनका एक किट बैग गिर गया।
सीपी ने बताया कि बरामद किट बैग की तलाशी लेने पर दो अवैध 9 एमएम सब-मशीन गन और एक खाली मैगजीन बरामद हुई।
उन्होंने बताया कि गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों हत्या, डकैती, हत्या के प्रयास, अपहरण, दंगा, जबरन वसूली और अवैध हथियारों की सप्लाई सहित कई गंभीर अपराधों में शामिल है। पुलिस टीमों ने गुरप्रीत उर्फ गोल्डी ढिल्लों और उसके तीन साथियों को नामजद कर लिया है तथा फरार मोटरसाइकिल सवारों को पकडऩे के लिए छापेमारी जारी है।
इस संबंध में एफआईआर नंबर 66 दिनांक 29-03-2026 को अमृतसर के थाना छेहरटा में आम्र्स एक्ट की धारा 25 (आई-ए) के तहत दर्ज की गई है।