Tuesday, May 05, 2026
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पंजाब

Punjab Latest News 2026

March 06, 2026 05:15 AM

जब तक पंजाब में ‘आप’ सरकार है, मुफ्त बिजली जारी रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाब को बर्बाद कर दिया, हम पंजाब को फिर से पटरी पर ला रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अकाली दल ने पंजाब में ‘चिट्टा’ लाया, कांग्रेस ने इसे फैलाया; ‘आप’ सरकार पंजाबियों के सहयोग से ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ लड़ रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पारंपरिक पार्टियों का रेत, शराब और नशा माफिया में हिस्सा था, मेरा हिस्सा पंजाब के लोगों के सुख-दुख में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कांग्रेस पंजाब में मुख्यमंत्री की कुर्सी 500 करोड़ रुपये में बेचती है, जनता का मजाक बनाया गया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अकाली दल पंजाब को बचाने के खोखले दावे करता है, कांग्रेस बाहरी लोगों को लाने की बात करती है और भाजपा लोगों को आपस में लड़ाने की राजनीति करती है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सुखबीर बादल को दिन में सपने देखना बंद कर देना चाहिए, पंजाब के लोग अकालियों को फिर कभी सत्ता में नहीं लाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों और विदेशों में पढ़ाई करने वाले सुखबीर बादल जमीनी हकीकत से अनजान हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लोगों ने परिवारवादी पार्टियों को नकार दिया है, अब एक आम आदमी का बेटा ईमानदारी से पंजाब की सेवा कर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

युवाओं को नौकरी देने का वादा करने के बजाय गांवों में ताश टूर्नामेंट की बात कर रहे हैं सुखबीर बादल: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

संगरूर, 5 मार्च 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार के आगामी बजट में आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ लोगों के कल्याण के उद्देश्य से कई नई जन-पक्षीय पहलें की जाएंगी। जिला संगरूर में "लोक मिलनी" कार्यक्रम के दौरान एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान जनता के पैसे का जिम्मेदारी से उपयोग किया है। राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है, 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं और बिना रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व का पंजाब की जमीनी हकीकत से नाता टूट चुका है और उन्हें सत्ता में वापस आने के सपने देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसरों की जरूरत है, वहीं सुखबीर सिंह बादल गांवों में ताश के टूर्नामेंट करवाने की बात कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने पंजाब पर कर्ज का भारी बोझ डाला और अपने हितों के लिए काम किया, जबकि मौजूदा पंजाब सरकार सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग जनता के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की भी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के फंड रोकने के साथ-साथ ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है।

लोक मिलनी कार्यक्रम के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब सरकार के आगामी बजट में राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ कई जन-पक्षीय पहलें पेश की जाएंगी। पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने करदाताओं के पैसे को समझदारी से खर्च करते हुए राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। आने वाला बजट लोगों को राहत देने वाली कई योजनाओं पर केंद्रित होगा। पंजाब के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा और यह राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करेगा।"

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार जनता के हित में सार्वजनिक धन का अत्यंत सावधानीपूर्वक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मुफ्त बिजली और दिन के समय बिजली आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण पहल ने घरों और किसान समुदाय को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा, "आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।"
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश की संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी मित्रों को सस्ते दामों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को काफी मजबूत किया है और चिकित्सा सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाता है। इस प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।"

नशों के खिलाफ अभियान के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने "युद्ध नशों विरुद्ध " अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा गया है और इस घृणित अपराध में शामिल लोगों को जेल में डाला गया है। लोगों के सक्रिय सहयोग से नशे के इस कलंक को जमीनी स्तर पर खत्म करने की कोशिश की जा रही है और यह अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की मौजूदा वित्तीय स्थिति पिछली सरकारों की नीतियों का परिणाम है, जिन्होंने राज्य पर भारी कर्ज का बोझ डाल दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने आम आदमी की चिंता नहीं की और राज्य पर कर्ज बढ़ाते रहे। पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने राज्य के कर्ज में 35 प्रतिशत से अधिक की कमी लाई है। उन्होंने कहा कि हर सरकार कर्ज लेती है, लेकिन वह कर्ज उत्पादक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।राज्य के खजाने का हर एक पैसा लोगों के भले और पंजाब के विकास के लिए है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि असली मुद्दों को हल करने के बजाय लोगों को बांटने वाली राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश की है। पंजाब में धार्मिक परिवर्तन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री का बयान भी लोगों को बांटने की कोशिश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी की लड़ाई, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता और देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास कोष और अन्य फंड रोक दिए हैं, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सस्ती राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार को तुरंत पंजाब के फंड जारी करने चाहिए ताकि राज्य का विकास तेजी से हो सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चल रही जंग के मद्देनजऱ खाड़ी क्षेत्र में फंसे पंजाबियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 370 पंजाबियों की पहचान की है जो जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। हमने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया है और उन्हें वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार मध्य-पूर्वी देशों में फंसे पंजाबियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने "लोक मिलनी" कार्यक्रम के दौरान लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम सीधे तौर पर लोगों से जुडऩे के लिए गांवों की सांझी जगहों पर आयोजित किए जाते हैं। इन स्थानों का ग्रामीण जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि यहां विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं और गांववासियों के विवाद आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए गांवों में ताश (सीप) प्रतियोगिताएं करवाने के उनके सुझाव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल कहते हैं कि वे गांवों में ताश (सीप) प्रतियोगिताएं करवाएंगे और विजेता गांव को 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी। ऐसे बयान देने के बजाय उन्हें यह बताना चाहिए कि वे उन युवाओं को नौकरियां क्यों नहीं दे सकते जो ये ताश प्रतियोगिताएं खेलते हैं। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल जमीनी हकीकत से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पहाड़ी या विदेशों में स्थित कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने जन-विरोधी नीतियों वाली पारंपरिक पार्टियों को नकार दिया है। उन्होंने कहा, "सुखबीर सिंह बादल को दिन में सपने देखना बंद कर देना चाहिए क्योंकि पंजाब के लोग उन्हें कभी भी सत्ता में वापस नहीं लाएंगे। पंजाब सरकार 16 मार्च को जनता की सेवा के चार वर्ष पूरे करेगी और इस दौरान कई जन-पक्षीय कदम उठाए गए हैं। आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।"
बिजली उत्पादन से जुड़े मामलों और पिछली सरकारों के फैसलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड की पचवाड़ा कोल खान से कोयले की आपूर्ति इसलिए रोक दी गई थी क्योंकि सुखबीर सिंह बादल अपनी एक करीबी कंपनी को लाभ पहुंचाना चाहते थे। अकाली नेतृत्व ने अपनी ही कंपनियों के साथ समझौते करके पंजाब को बहुत महंगी दरों पर सौर ऊर्जा उपलब्ध करवाई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले किसानों को बिजली की प्रतीक्षा में रातें खेतों में गुजारनी पड़ती थीं, लेकिन आज उन्हें दिन के समय बिजली मिल रही है।"
मुख्यमंत्री ने सिंचाई और जल प्रबंधन में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "जब पंजाब सरकार ने कार्यभार संभाला था, उस समय केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आज पंजाब में 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। पानी को खेतों के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर खालों और 18,349 जल मार्गों (माइनरों/डिस्ट्रिब्यूटरी चैनलों) को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिला है।"
रोजगार और शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के दी गई हैं, जिससे समाज के हर वर्ग में संतोष है।"
उन्होंने कहा, "शिक्षा के क्षेत्र में पूरे पंजाब में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, वैज्ञानिक तरीके से पढ़ाई के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं और शारीरिक फिटनेस के लिए खेल मैदान उपलब्ध हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। "विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनके तहत शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है, ताकि वे आधुनिक शिक्षण तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकें।"
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (नेशनल अचीवमेंट सर्वे ) में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की तैयारी तथा नीट , जे ई ई , सी एल ए टी और निफ्ट एंट्रेंस एग्जाम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व ने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, जिसे पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को प्रभावी ढंग से चला रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पारंपरिक पार्टियों को इसलिए नकार दिया क्योंकि उन्होंने जनहित के बजाय पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों का पारंपरिक राजनीतिक दलों से मोहभंग हो गया है क्योंकि उनकी नीतियां जन-विरोधी और पंजाब-विरोधी रही हैं। पिछले शासक पंजाब और पंजाबियों की जगह अपने परिवारों की ज्यादा चिंता करते थे, इसलिए लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। सत्ता संभालने के बाद पंजाब सरकार ने राज्य और उसके लोगों की प्रगति तथा समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया है।"
अकाली नेतृत्व की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जो नेता अपनी ही पार्टी में समिति बनाने के लिए 11 सदस्य भी नहीं ढूंढ पा रहे, वे पंजाब की 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं। इन नेताओं ने पंजाब में गैंगस्टरों को बढ़ावा दिया और नशा तस्करों को संरक्षण देकर युवाओं की नसों में नशा भर दिया।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली नेतृत्व को उसके पिछले कार्यों के कारण आगे भी नकारते रहेंगे।
उन्होंने कहा, "अकाली दल अब राजनीतिक रूप से सूखे पेड़ों की पार्टी बन चुका है, जिन्हें बार-बार पानी देने पर भी हरा होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। वे धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अब पंजाब के लोग गुमराह नहीं होंगे। अकाली नेतृत्व लोगों को भ्रमित करने के लिए हवाई किले बना रहा है, परंतु पंजाब के लोग उन्हें फिर करारा जवाब देंगे।"
पिछले विवादों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल यह दावा करते हैं कि पंजाब में सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कलां जैसी बेअदबी की घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग करके लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई गई और अकाली नेतृत्व उन ताकतों के साथ मिला हुआ है जो पंथ और पंजाब के खिलाफ हैं।
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*पंजाब ने भोजन पदार्थों की जांच के लिए व्यापक राज्यव्यापी मुहिम शुरू की; स्वास्थ्य मंत्री ने मानक भोजन पदार्थों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई*

- 1 से 15 अप्रैल तक ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ के माध्यम से भोजन पदार्थों में मिलावट की व्यापक जांच होगी: डॉ. बलबीर सिंह

- सब्जियों और न्यूट्रास्यूटिकल्स में कीटनाशकों, भारी धातुओं की जांच के लिए विशेष अध्ययन के आदेश

- स्वास्थ्य मंत्री ने फूड चेन की मजबूत वैज्ञानिक निगरानी के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया

चंडीगढ़, 5 मार्च: राज्य के लोगों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए भोजन पदार्थों की जांच के लिए एक व्यापक और लक्षित मुहिम शुरू करने की घोषणा की। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों के लिए शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक भोजन सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

यहां अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रमुख नियामक एवं वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफ.डी.ए.) को ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (एफ.एस.डब्ल्यू.) वैनों के माध्यम से भोजन में मिलावट की व्यापक जांच के लिए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक 15 दिनों की राज्यव्यापी मुहिम चलाने के निर्देश दिए।

इस बात पर जोर देते हुए कि ये मोबाइल वैनें भोजन में मिलावट के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण साधन हैं, स्वास्थ्य मंत्री ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों (एफ.बी.ओज़.) और आम लोगों से इस विशेष मुहिम के दौरान अपने सैंपलों की जांच करवाने की अपील की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके भोजन पदार्थों में कोई मिलावट नहीं है और वे सुरक्षा मानकों के अनुसार सही हैं। उन्होंने कहा कि यह मुहिम एफ.बी.ओ. को शिक्षित करने और मौके पर जांच के लिए एफ.एस.डब्ल्यू. के उपयोग पर केंद्रित होगी।

उल्लेखनीय है कि ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल फूड टेस्टिंग वैनें हैं, जो दूध, घी, पनीर, पानी, मसाले, फूड सप्लीमेंट, मिठाइयां, फल, सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं सहित प्रमुख भोजन श्रेणियों में मिलावट की जांच के लिए उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य भर में रासायनिक अवशेषों और प्रदूषक तत्वों के व्यवस्थित तरीके से नमूने एकत्र करने और जांच के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना को भी मंजूरी दी है। इन प्रमुख अध्ययनों में औद्योगिक क्षेत्रों और नालों के आसपास उगाई जाने वाली सब्जियों में भारी धातुओं और कीटनाशकों के प्रदूषण की जांच शामिल है। साथ ही न्यूट्रास्यूटिकल्स की व्यापक जांच की जाएगी और पोल्ट्री, अंडों तथा मांस में एंटीबायोटिक अवशेषों का पता लगाने के लिए एक अलग अध्ययन किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इन अध्ययनों से प्राप्त डेटा भविष्य में नियामक निर्णय लेने और नीति निर्माण में सहायक होगा।

कैबिनेट मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निकट समन्वय से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि भोजन में मिलावट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एफ.बी.ओज़., जिनमें स्ट्रीट फूड विक्रेता भी शामिल हैं, से एफ.डी.ए. के साथ खुद को रजिस्टर कराने और ‘सही खाओ, स्वास्थ्य रहो’ दृष्टिकोण अपनाने की अपील की ताकि पंजाब को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित राज्य बनाने में उचित योगदान दिया जा सके।

इस बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रमुख सचिव कृषि अरशदीप सिंह थिंद, आयुक्त एफ.डी.ए. कंवल प्रीत बराड़, सदस्य पंजाब विकास आयोग अनुराग कुंडू, गडवासू के वाइस चांसलर डॉ. जे.एस. गिल, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. हितिंदर कौर, निदेशक अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. अवनीश कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एम्स मोहाली, सीईओ पीबीटीआई, पीपीसीबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, निदेशक कृषि, बागवानी, पीएयू, गडवासू एवं एम्स के प्रतिनिधि प्रोफेसर, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी शामिल हुए।
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*बागवानी फसलों को प्रफुल्लित करने के लिए हर कदम उठा रही है सरकार, कोई भी किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे: मोहिंदर भगत द्वारा अधिकारियों को निर्देश*

- बागवानी मंत्री द्वारा किसान-केंद्रित योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों से किसानों के हित में किए गए कार्यों की ली पूरी जानकारी

चंडीगढ़, 5 मार्च: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के किसानों को बागवानी फसलों की ओर प्रेरित करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने गुरुवार को बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ पंजाब सिविल सचिवालय में किसान-केंद्रित योजनाओं के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर बागवानी सचिव अरशदीप सिंह थिंद और बागवानी निदेशक डॉ. मनीष कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मंत्री श्री भगत ने अधिकारियों के साथ फसली विविधता और किसानों को दी जा रही सुविधाओं तथा सब्सिडियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मंत्री को किसानों को दी जा रही वित्तीय सहायता, फलों और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बागवानी विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही मौजूदा तकनीकी सहायता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि सरकार फसली विविधता को प्रोत्साहित करते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा फलों, सब्जियों, फूलों और अन्य उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की ओर प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की भलाई और उनकी आय बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य का कोई भी किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर दौरा करके किसानों से सीधी बातचीत करें और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।
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गैंगस्टरां ते वार का 44वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 511 ठिकानों पर छापेमारी; 207 गिरफ्तार

- पुलिस टीमों ने 100 व्यक्तियों के खिलाफ की एहतियातन कार्रवाई, 138 को पूछताछ के बाद रिहा किया

- लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के द्वारा गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में दे सकते हैं जानकारी

- युद्ध नशेयां विरुद्ध के 369वें दिन 73 नशा तस्कर गिरफ्तार

चंडीगढ़, 5 मार्च: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चल रही निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 44वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े पहचाने गए और मैप किए गए 511 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने की थी। इस मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के पूर्ण समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाइयां कर रही हैं।

मुहिम के 44वें दिन, पुलिस टीमों ने 207 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और मुलजिमों के कब्जे से 2 हथियार बरामद किए, जिससे मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 12,919 हो गई है।

इसके अलावा 100 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई है, जबकि 138 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान 5 भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से जानकारी दे सकते हैं और इस पर अपराध तथा अपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा की जा सकती है।

पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को 369वें दिन भी जारी रखते हुए आज 73 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 545 ग्राम हेरोइन, 10 किलो भुक्की, 1515 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 3220 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इससे, मात्र 369 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 52,280 हो गई है। नशा छुड़ाऊ मुहिम के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने आज 15 व्यक्तियों को नशा छुड़ाऊ और पुनर्वास के इलाज के लिए राजी किया।
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सात नए मेडिकल कॉलेजों के साथ उन्नत स्वास्थ्य देखभाल ढांचे का साक्षी बनेगा पंजाब

- होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का निर्माण 20 मार्च से होगा शुरू: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह

- इन संस्थानों के साथ एमबीबीएस सीटों में 600 अतिरिक्त सीटों की वृद्धि होगी, पंजाब के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए अन्य देशों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी: डॉ. बलबीर सिंह

- 274.75 करोड़ रुपये की लागत से 24 महीनों के अंदर होशियारपुर मेडिकल कॉलेज किया जाएगा पूरा

चंडीगढ़, 5 मार्च: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुसार राज्य में स्वास्थ्य देखभाल और मेडिकल शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए मिसाली कदम उठाते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज राज्य भर में सात नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की।

इस प्रोजेक्ट के तहत दो सरकारी मेडिकल कॉलेज, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत दो कॉलेज तथा निजी और अल्पसंख्यक संगठनों के द्वारा विकसित तीन कॉलेज शामिल हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि होशियारपुर में शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का निर्माण कार्य 20 मार्च, 2026 से शुरू हो जाएगा। कुल 24 महीनों की अवधि में विकसित होने जा रहा यह संस्थान मार्च 2028 में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को 274.75 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत 300 बेड वाले अस्पताल के साथ-साथ एक मेडिकल कॉलेज भी होगा, जिसमें वार्षिक एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी।

स्वास्थ्य मंत्री के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, विशेष सचिव-कम-एमडी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पाेरेशन (पीएचएससी) अमित तलवार और निदेशक अनुसंधान एवं मेडिकल शिक्षा डॉ. अवनीश कुमार भी मौजूद थे।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले अनुमानों की बारीकी से समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत जो पहले 550 करोड़ थी, को 274 करोड़ तक घटाने में सफलता हासिल की, जिससे लगभग 250 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन की बचत हुई है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि होशियारपुर के अलावा कपूरथला में भी एक अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह संगरूर और एसबीएस नगर में भी पीपीपी मोड के माध्यम से कॉलेज खोले जाएंगे, जिनकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

इसके अलावा लहरागागा में भी जैन समाज द्वारा कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने समझौता ज्ञापन कर जमीन लीज़ पर ले ली है। जबकि मालेरकोटला में मुस्लिम समाज द्वारा बनाए जा रहे कॉलेज के लिए डीपीआर केंद्र सरकार को जमा करवा दिया गया है। इसी तरह लुधियाना के निकट भी एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज बन रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में सात मेडिकल कॉलेजों के बनने से राज्य की मेडिकल शिक्षा क्षमता में काफी वृद्धि होगी और स्थानीय छात्रों को अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन, चीन या नेपाल जैसे देशों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में वर्तमान में 1900 एमबीबीएस सीटों वाले 13 मेडिकल कॉलेज हैं और इन नए कॉलेजों से लगभग 600 सीटों की वृद्धि होगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी घोषणा की कि पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में मौजूदा मेडिकल कॉलेजों को सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं प्रदान करने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट स्तर तक अपग्रेड किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि होशियारपुर में बनने जा रहे इस संस्थान में एक पांच मंजिला अस्पताल और एक तीन मंजिला मेडिकल कॉलेज की इमारत शामिल है, जो आधुनिक लेबोरेटरीज, लाइब्रेरी और 500 सीटों वाले ऑडिटोरियम से लैस होगी। क्लिनिकल बुनियादी ढांचा आईसीयू, जनरल सर्जरी, ऑर्थाेपेडिक्स और मनोविज्ञान सहित एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे उन्नत डायग्नोस्टिक्स की भी सुविधा होगी।
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*पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच दुबई से लौटे लोगों ने पंजाब सरकार का जताया आभार, कहा परिवार के सदस्यों जैसा महसूस कराया*

*डॉ. सनी सिंह अहलूवालिया और एन आर आई मामलों की विशेष सचिव अमनदीप कौर ने मोहाली एयरपोर्ट पर बठिंडा की प्रिंसिपल नीरू गर्ग, उनके परिवार और अन्य लोगों का किया स्वागत*

*पश्चिम एशिया से लौटने वालों के लिए पंजाब सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एस.ए.एस. नगर में हेल्पडेस्क स्थापित*

चंडीगढ़, 5 मार्च: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच दुबई से लौटे लोगों ने पंजाब सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने संकट के समय संपर्क कर उन्हें परिवार के सदस्यों जैसा महसूस कराया।

पंजाब सरकार की ओर से शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में पश्चिम एशिया से लौटने वाले लोगों की सहायता के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है।

आज यहां चेयरमैन पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड डॉ. सनी सिंह अहलूवालिया और राज्य की एन आर आई मामलों की विशेष सचिव अमनदीप कौर ने बठिंडा की प्रिंसिपल नीरू गर्ग, उनके परिवार तथा अन्य लौटे यात्रियों का स्वागत किया।

दुबई और अन्य मध्य-पूर्व/पश्चिम एशियाई देशों में फंसे लोगों की सहायता के लिए पंजाब सरकार के एनआरआई विंग ने 24म7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2260042, 0172-2260043 तथा व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर +91 94787 79112 जारी किए गए हैं। दुबई से लौटे लोगों ने कहा कि इन नंबरों के जरिए उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे इस माहौल में सरकार उनके साथ परिवार की तरह खड़ी है।

डॉ. सनी सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पश्चिम एशिया संकट के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों और पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

एनआरआई मामलों की विशेष सचिव अमनदीप कौर ने बताया कि राज्य सरकार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि वहां फंसे भारतीयों और पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

बठिंडा के परिवार की सदस्य नीरू गर्ग, जिन्होंने सुरक्षित वापसी के लिए सहायता की अपील की थी, ने विशेष रूप से पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर संकट संदेश मिलने के बाद मंत्री ने स्वयं फोन कर परिवार से संपर्क किया और सुरक्षित वापसी के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पश्चिम एशिया संकट में फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए और उनकी देखभाल सुनिश्चित की।

मुंबई से कनेक्टिंग फ्लाइट के माध्यम से दुबई से एस.ए.एस. नगर पहुंचे सभी यात्रियों ने कहा कि वे अब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पंजाब सरकार के प्रयासों के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।

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मध्य पूर्व में फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी के लिए भगवंत सिंह मान सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की, 24&7 हेल्पलाइन स्थापित

संकट की घड़ी में खाड़ी देशों में फंसे पंजाबियों की हर संभव मदद के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

आर.के. जैसवाल हेल्पलाइन के ओवरऑल इंचार्ज और विमल सेतिया को गृह मामलों का नोडल अधिकारी नियुक्त

चंडीगढ़, 5 मार्च: मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच वहां फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पूरी प्रक्रिया के समन्वय और निगरानी के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार तुरंत प्रभाव से 24म7 हेल्पलाइन पहले ही स्थापित कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के. जैसवाल को हेल्पलाइन का ओवरऑल इंचार्ज नियुक्त किया गया है, जबकि गृह विभाग के सचिव विमल सेतिया को समन्वय और निगरानी के उद्देश्य से नोडल अधिकारी बनाया गया है।

 नोडल अधिकारी को भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ एक्सटर्नल ऑफेयर्स के साथ निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

नोडल अधिकारी मध्य पूर्व एशिया और अन्य देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर लगातार नजर रखेंगे। इसी प्रकार हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली सभी कॉलों का सही रिकॉर्ड रखा जाएगा और उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। जहां भी किसी मामले को विदेश मंत्रालय या किसी अन्य विभाग अथवा प्राधिकरण के समक्ष उठाने की आवश्यकता होगी, नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम मध्य पूर्व और अन्य देशों में फंसे पंजाब के निवासियों से जुड़ी आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य इस गंभीर और अप्रत्याशित संकट के समय प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे पंजाबियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता एवं सहयोग प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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लोक निर्माण विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों में 1464 करोड़ रुपये की बचत: हरभजन सिंह ई.टी.ओ.

30 जून तक 45,000 किलोमीटर सडक़ों का होगा निर्माण: लोक निर्माण मंत्री

"भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बेहतर सडक़ नेटवर्क देने के लिए प्रतिबद्ध"

चंडीगढ़, 5 मार्च: पंजाब सरकार के लोक निर्माण विभाग द्वारा पारदर्शी टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 1464 करोड़ रुपये की बचत की गई है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने दी।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने से पहले की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और तर्कसंगत बनाए जाने के कारण यह बचत संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 30 जून, 2026 तक राज्य की 45,000 किलोमीटर सडक़ों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें 4700 किलोमीटर नई सडक़ों के निर्माण के साथ-साथ पुरानी सडक़ों के रखरखाव और चौड़ीकरण का कार्य भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस कार्य पर 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने आगे बताया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सी.एम. फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा लगातार जांच की जा रही है। इसके अलावा सडक़ों के निर्माण और मरम्मत कार्य की समीक्षा के लिए रोजाना जिला-वार और सर्कल-वार समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं।

हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बताया कि पंजाब राज्य में सडक़ घनत्व 154 किलोमीटर प्रति 100 वर्ग किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र सरकार द्वारा पंजाब का आर.डी.एफ. का 8800 करोड़ रुपये लंबे समय से जारी नहीं किया गया है, फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सडक़ नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में सडक़ मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप अब जिस भी सडक़ का निर्माण होगा, उसकी अगले पांच वर्षों तक रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की ही होगी। इससे जहां सरकार पर रखरखाव का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, वहीं लोगों को टूटी-फूटी सडक़ों की समस्या से भी राहत मिलेगी।
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उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा द्वारा प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 से पहले टाटा संस के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखरन और सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप शंघवी सहित अन्य उद्योगपतियों के साथ राज्य में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श
चंडीगढ़, 5 मार्च 2026: पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज मुंबई में बड़े औद्योगिक घरानों के साथ लगातार उच्च-स्तरीय बैठकें कीं और पंजाब में निवेश के संभावित अवसरों पर चर्चा की तथा उन्हें 13-15 मार्च 2026 तक मोहाली की प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में होने वाले ’’प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

अपनी इस यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री ने टाटा संस के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखरन; सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दिलीप शंघवी; टाटा पावर के एमडी एवं सीईओ डॉ. प्रवीर सिन्हा तथा एस्सार ग्रुप के अंशुमन रुइया से मुलाकात की।

इन बैठकों में औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने तथा नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की पड़ताल पर ध्यान केंद्रित किया गया।

- टाटा ग्रुप के साथ मुलाकात

टाटा संस के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखरन के साथ विचार-विमर्श के दौरान कैबिनेट मंत्री ने पंजाब के मजबूत औद्योगिक माहौल तथा निवेश एवं औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला।

दोनों पक्षों ने लुधियाना में टाटा स्टील की मौजूदगी के आधार पर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तथा स्टील इकोसिस्टम को और मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की। इस दौरान नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में संभावित सहयोग की भी पड़ताल की गई।

श्री चंद्रशेखरन ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार की सक्रिय पहल की प्रशंसा की तथा लुधियाना में टाटा स्टील सुविधा की प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की।

- सन फार्मा के साथ मुलाकात

सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दिलीप शंघवी तथा होल-टाइम डायरेक्टर एवं सीओओ आलोक शंघवी के साथ अपनी मुलाकात में कैबिनेट मंत्री ने फार्मास्यूटिकल, हेल्थकेयर इनोवेशन तथा लाइफ साइंसेज के हब के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत बनाने के अवसरों पर चर्चा की।

विचार-विमर्श के दौरान फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा फॉर्मूलेशन सुविधाओं के विस्तार, एपीआई तथा बल्क ड्रग उत्पादन में निवेश, फार्मास्यूटिकल विश्लेषण एवं रेगुलेटरी सेवाओं के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना तथा पंजाब के मजबूत कृषि माहौल का लाभ उठाते हुए न्यूट्रास्यूटिकल तथा वेलनेस सेगमेंट्स के विकास पर चर्चा की गई।

सन फार्मा लीडरशिप ने राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों की प्रशंसा की तथा पंजाब में भविष्य की साझेदारियों तथा निवेश की पड़ताल में रुचि व्यक्त की।

- टाटा पावर के साथ बैठक

मंत्री ने टाटा पावर के एमडी एवं सीईओ डॉ. प्रवीर सिन्हा से भी मुलाकात की, जिसमें कंपनी की वरिष्ठ लीडरशिप ने स्वच्छ ऊर्जा तथा बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।

इस बैठक के दौरान यूटिलिटी-स्केल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास, छत पर सोलर प्लांट लगाना, टिकाऊ कृषि को समर्थन देना तथा किसानों के लिए बिजली की लागतों को कम करने के लिए एग्री-सोलराइजेशन पहल तथा राज्य भर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल था।

टाटा पावर ने पंजाब में अपनी मौजूदा स्थिति को उजागर किया, जिसमें लगभग 100 मेगावाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा सुविधा शामिल है, जो राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

- एस्सार ग्रुप के साथ मुलाकात

एस्सार ग्रुप के डायरेक्टर अंशुमन रुइया के साथ एक अन्य बैठक में एस्सार ग्रुप द्वारा पंजाब के उभरते औद्योगिक वातावरण को और मजबूत करने तथा उभरते क्षेत्रों में अवसरों की पड़ताल पर विचार-विमर्श किया गया।

सहयोग के संभावित क्षेत्रों में ग्रीन ऊर्जा तथा औद्योगिक डीकार्बाेनाइजेशन पहल, मोहाली-चंडीगढ़ कॉरिडोर में डेटा सेंटर्स तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा एस्सार के ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन लॉजिस्टिक्स का विस्तार शामिल था। बैठक में एस्सार ग्रुप की टेक्नोलॉजी शाखा ब्लैक बॉक्स लिमिटेड के माध्यम से प्रबंधित आईटी तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं के लिए संभावनाओं की भी पड़ताल की गई।

- निवेश को और मजबूत करना

इन बैठकों के बाद मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि आगामी ’’प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’’ पंजाब की निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित करने तथा वैश्विक कंपनियों को राज्य में उभरते अवसरों से जोडऩे के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल तथा माननीय मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार एक समृद्ध तथा उद्योग-अनुकूल माहौल सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो नवाचार, विनिर्माण तथा टिकाऊ विकास को प्रोत्साहित करता है।

नए उद्योग दिग्गजों ने हाल ही में पंजाब में निवेश के लिए सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं की प्रशंसा की तथा राज्य में भविष्य की साझेदारियों तथा निवेश के अवसरों की पड़ताल करते हुए ’’प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026’’ में भाग लेने में गहरी रुचि व्यक्त की।
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*मान सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के 4,817 लाभार्थियों के लिए ₹24.57 करोड़ जारी : डॉ. बलजीत कौर*

*आशीर्वाद योजना के तहत 15 जिलों में लाभार्थियों को मिली वित्तीय सहायता*

*कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की सीधी मदद ष्ठक्चञ्ज के माध्यम से*

चंडीगढ़, 05 मार्च: सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साकार करते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के हाशिये पर खड़े और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए योजनाबद्ध कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य कर रही है।

इसी दिशा में मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जातियों से संबंधित बेटियों के विवाह के लिए 4,817 पात्र लाभार्थियों को ₹24.57 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि श्री अमृतसर साहिब,बरनाला, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, एस.ए.एस. नगर, संगरूर,मलेरकोटला और तरनतारन — इन 15 जिलों से कुल 4,817 आवेदन आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुए थे, जिन सभी को कवर करते हुए राशि जारी कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस राशि के माध्यम से श्री अमृतसर साहिब के 739, बरनाला के 172, फरीदकोट के 190, श्री फतेहगढ़ साहिब के 124, गुरदासपुर के 437, होशियारपुर के 471 और जालंधर के 135 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसी प्रकार लुधियाना (272), मोगा (260), श्री मुक्तसर साहिब (410), पटियाला (519), एस.ए.एस. नगर (124), संगरूर (305), मलेरकोटला (98) और तरनतारन (561) के लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ दिया गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत कम आय वाले परिवारों से संबंधित बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना, गरीबी रेखा से नीचे  श्रेणी में होना तथा अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना आवश्यक है। जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹32,790 से कम है, वे अपनी दो बेटियों तक इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि यह वित्तीय सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (ष्ठक्चञ्ज) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने तथा समावेशी विकास को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सम्मान और पारदर्शिता के साथ पहुंच सके।
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पी.पी.सी.बी. द्वारा एस.जी.पी.सी. के सहयोग से सफलतापूर्वक चलाई गई ‘प्लास्टिक-मुक्त होला मोहल्ला’ मुहिम
लंगर कमेटियों को लाखों की संख्या में वितरित किए गए बायोडिग्रेडेबल (गलनशील) बर्तन
चंडीगढ़, 5 मार्च : सिख धर्म के प्रमुख और ऐतिहासिक पर्व 'होला मोहल्ला' की पवित्रता तथा पर्यावरण की स्वच्छता को बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) ने इस आयोजन को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक अभियान सफलतापूर्वक चलाया। इस अभियान के अंतर्गत बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण पर्यावरण-हितैषी पहल करते हुए श्री आनंदपुर साहिब में विभिन्न कमेटियों द्वारा संचालित लंगरों में लाखों की संख्या में बायोडिग्रेडेबल और कंपोस्टेबल डिस्पोज़ेबल वस्तुएँ नि:शुल्क उपलब्ध करवाईं गई।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस मुहिम का औपचारिक शुभारंभ 1 मार्च 2026 को पी.पी.सी.बी. की चेयरपर्सन रीना गुप्ता और सदस्य सचिव लवनीत दूबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त साहिब और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज्ज से मुलाकात कर किया। अभियान शुरू करने से पहले विभाग ने इसकी प्रारंभिक तैयारियाँ लगभग एक सप्ताह पहले ही शुरू कर दी थीं, जिनमें लंगर कमेटियों से संपर्क करना, उनकी आवश्यकताओं का आकलन करना और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल था।

प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान विशेष रूप से पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए पी.पी.सी.बी. ने 20 लाख से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले बायोडिग्रेडेबल विकल्पों की आपूर्ति सुनिश्चित की। होला मोहल्ला के दौरान 7 लाख बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कप, 6.5 लाख बायोडिग्रेडेबल चम्मच, 2.5 लाख प्लेटें, 5 लाख बायोडिग्रेडेबल कटोरियाँ तथा अन्य सामग्री, 5,000 बायोडिग्रेडेबल कचरा बैग और 30,000 बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग (कड़ा प्रसाद के लिए) विभिन्न लंगरों और गुरुद्वारों में वितरित किए गए।

प्रवक्ता के अनुसार इस बड़े अभियान को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए पी.पी.सी.बी. की 20 समर्पित टीमों और स्वयंसेवकों ने व्यापक सहयोग दिया। यह अभियान 27 फरवरी 2026 से 4 मार्च 2026 तक पूरे उत्साह के साथ चलाया गया।

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा कि गुरु साहिब का संदेश — "पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत" — हमें प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और संरक्षण करने की प्रेरणा देता है। इसलिए होला मोहल्ला के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने से बढक़र कोई और बेहतर प्रयास नहीं हो सकता।
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*भगवंत मान सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए अहम सुधार, 35.7 लाख लाभार्थियों को 23,102 करोड़ रुपये से अधिक की पेंशन वितरित: डॉ. बलजीत कौर*
*सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में 5.2 लाख से अधिक नए लाभार्थी शामिल; 1.9 लाख से अधिक मृत या अयोग्य पेंशनधारियों को रिकॉर्ड से हटाकर 350 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत*
*पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण मृत लाभार्थियों के खातों में पड़ी 450 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि को जनकल्याण योजनाओं में उपयोग किया गया*
*मिशन जीवनजोत के तहत भीख मंगवाने और शोषण से 1,027 बच्चों को बचाया गया*
*पंजाब में हर महीने 1.20 करोड़ मुफ्त बस यात्राओं से महिलाओं को सशक्त बनाया गया; मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य के लिए 7.37 करोड़ सैनिटरी पैड वितरित*
चंडीगढ़, 5 मार्च 2026: सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करते हुए तथा महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वर्ष 2022 से 2026 के बीच सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। यह जानकारी आज यहां सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।

समाज के कमजोर वर्गों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए भगवंत मान सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले 5.2 लाख से अधिक पंजाबियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में शामिल किया है। इसके साथ ही लगभग 35.7 लाख बुजुर्ग नागरिकों, बेसहारा एवं विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को 23,102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पेंशन के रूप में वितरित की गई है।

पिछली सरकारों के समय से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाहियों और निगरानी प्रणाली की कमियों को दूर करते हुए पंजाब सरकार ने पेंशन रिकॉर्ड की व्यापक जांच करवाई। इस प्रक्रिया के दौरान 1.9 लाख से अधिक ऐसे पेंशनधारियों की पहचान की गई, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जो पेंशन के पात्र नहीं थे। इन्हें सरकारी रिकॉर्ड से हटाया गया, जिससे सार्वजनिक धन की बर्बादी को रोका जा सका और राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 350 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई।

इस दौरान यह भी सामने आया कि कई वर्षों से मृत या अयोग्य व्यक्तियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि ट्रांसफर होती रही थी। पिछली सरकारें ऐसे मामलों को ट्रैक करने के लिए प्रभावी प्रणाली स्थापित करने में असफल रही थीं। परिणामस्वरूप इन खातों में लगभग 450 करोड़ रुपये की राशि जमा हो गई थी, जिसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। भगवंत मान सरकार ने इन खातों की पहचान कर इस निष्क्रिय राशि को जनकल्याण योजनाओं के लिए उपयोग में लाया।

राज्यव्यापी "साडे बुजुर्ग साडा मान" अभियान के तहत भगवंत मान सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 20,110 से अधिक बुजुर्गों को पंजीकृत किया। इन शिविरों में मुफ्त नेत्र जांच, ईएनटी जांच, मोतियाबिंद की जांच, चश्मों का वितरण, ऑर्थोपेडिक परामर्श, वरिष्ठ नागरिक कार्ड जारी करना तथा मौके पर ही पेंशन सुविधा प्रदान की गई।

बुजुर्गों की देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने मानसा में 9.12 करोड़ रुपये की लागत से 72 बिस्तरों वाला सरकारी वृद्धाश्रम स्थापित किया। इसके अलावा 14 जिलों में वृद्धाश्रम चलाने वाले गैर-सरकारी संगठनों को लगभग 7 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी गई। साथ ही वरिष्ठ नागरिक डे-केयर केंद्रों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हुए जिलों में मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल को सक्रिय किया गया। मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के अंतर्गत 1,120 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि अपीलीय ट्रिब्यूनल में 669 मामलों को हल किया गया।

हेल्पएज इंडिया के सहयोग से वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन 14567 पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,956 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 2,930 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया और पेंशन, स्वास्थ्य सेवा तथा कानूनी मामलों में सहायता प्रदान की गई।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक इतिहासिक मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत हर महीने लगभग 1.20 करोड़ मुफ्त बस यात्राओं की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना पर पंजाब सरकार ने अब तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इससे छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिली है और कामकाजी महिलाओं के खर्च में भी कमी आई है।

कामकाजी महिलाओं के लिए मोहाली, जालंधर और अमृतसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। इन हॉस्टलों में क्रेच सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे महिलाएं अपने परिवारिक दायित्वों के साथ-साथ अपने करियर को भी आगे बढ़ा सकेंगी।

प्रारंभिक बाल विकास को मजबूत करने के लिए पिछले चार वर्षों में लगभग 4,400 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की गई है, जबकि 6,100 से अधिक अतिरिक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया जारी है।

भगवंत मान सरकार "नई दिशा योजना" के तहत राज्य के सभी 27,314 आंगनवाड़ी केंद्रों में योग्य महिलाओं को हर महीने नौ सैनिटरी पैड मुफ्त दिए जा रहे हैं। अब तक 13.65 लाख महिलाओं को 7.37 करोड़ सैनिटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और गरिमा सुनिश्चित हो रही है।

मातृ वंदना योजना के तहत पहले बच्चे के लिए महिलाओं को दो किस्तों में 5,000 रुपये तथा दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6,000 रुपये दिए जाते हैं। केंद्र सरकार के 2,94,288 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले पंजाब में चार वर्षों में 4,22,492 लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है।

मान सरकार "पोषण भी पढ़ाई भी" अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 8,600 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 12,000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्राइवेट प्ले वे स्कूलों सहित सभी केंद्रों में एक ढांचागत प्ले वे पाठ्यक्रम लागू किया जायेगा, जिसकी निगरानी, मानकीकरण और पारदर्शिता को यक़ीनी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया है।

राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 140 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 780 पूरे हो चुके हैं और 220 निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त 350 केंद्रों में से 337 का उन्नयन किया जा चुका है शेष 13 सम्पूर्ण होने के समीप हैं। मोगा और फिऱोज़पुर जिलों में 100सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों का विकास प्रक्रिया अधीन हैं।

प्रोजेक्ट जीवनजोत के तहत 1,027 बच्चों को भीख मंगवाने और शोषण से बचाया गया है। इनमें से अधिकांश बच्चों को उनके परिवारों से पुन: मिलाया गया, जबकि अन्य को बाल संरक्षण संस्थाओं में रखा गया है। बच्चों की तस्करी और शोषण को रोकने के लिए मिशन जीवनजोत-ढ्ढढ्ढ भी शुरू किया गया है, जिसमें डी एन ए टेस्टिंग शामिल है और इस दौरान कई बच्चे अनजान बालिगों से भीख मांगते पाए गए।
इसके अलावा भगवंत मान सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए चार वर्षों में सामने आए 165 मामलों में से 150 को मौके पर ही रुकवाया और बाकी मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई।

इस के अतिरिक्त गरीब बच्चों के समर्थन के लिए 11,000 से अधिक बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के तहत प्रति माह 4,000 रुपये दिए जा रहे हैं। साथ ही 16 नई सरकारी गोद लेने वाली एजेंसियों की स्थापना की गई है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 164 बच्चों को सफलतापूर्वक गोद दिलाया गया है।

ये सभी उपलब्धियां भगवंत मान सरकार की पारदर्शी शासन व्यवस्था, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
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