Wednesday, September 16, 2026
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पंजाब

Latest Punjab News September 2026

September 16, 2026 11:23 AM
अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक पहुंच रहा है नहरी पानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हमारी सरकार से पहले केवल 22 फीसदी खेतों तक ही नहरी पानी की पहुंच थी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हम पंजाब के 100 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा-अकाली दल से दूर रहने की जरूरत: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को किया संबोधित

श्री आनंदपुर साहिब, 15 सितंबर:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की प्राथमिकता पंजाब और इसके लोग हैं, जबकि कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं। गांव जिंदवड़ी में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि आप सरकार से पहले केवल 22 फीसदी के मुकाबले अब पंजाब के 80 फीसदी खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और इसे 100 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पंजाब को अपने पानी, चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय की रक्षा के लिए भाजपा और अकाली दल से दूर रहने की जरूरत है। उन्होंने सरकार के 14,000 किलोमीटर नहरी पानी की पाइपलाइन नेटवर्क, मुफ्त बिजली, मैरिट आधारित नौकरियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार एक खुशहाल और रंगला पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है।

इस लोक मिलनी के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “श्री आनंदपुर साहिब के गांव जिंदवड़ी में लोगों के साथ दिल की बातें साझा कीं। पारंपरिक पार्टियों ने हमेशा कुर्सी और परिवारवाद की राजनीति की है, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है। हमने युवाओं को मैरिट पर नौकरियां, बेहतरीन शिक्षा, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और मुफ्त बिजली दी है। गांवों के विकास को तेज करने के लिए हमने छह पंचायतों को 20-20 लाख रुपये के चेक भी सौंपे। हमारा एकमात्र उद्देश्य खुशहाल और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ बनाना है। इंकलाब जिंदाबाद।”

लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारी सरकार के पिछले साढ़े चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान हमने राज्य के लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की के लिए पूरी लगन से काम किया है। दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने हमेशा राज्य को बेरहमी से लूटा है और लोगों के संसाधनों की लूट कर उनका शोषण किया है। ये लोग किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उन्हें उनके पापों का सबक सिखाया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले तक अकाली नेता सुखबीर बादल भाजपा के खिलाफ झंडा उठाए घूम रहे थे, लेकिन अब वह राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए पबों के बल आ गए हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य बिना किसी वैचारिक समानता के सत्ता हासिल करके राज्य को तबाह करना है, जो पंजाब के लिए बेहद घातक होगा। ये लोग अवसरवादी हैं, जिनका राज्य से कोई सरोकार नहीं है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पार्टियों के गुमराह करने वाले हथकंडों में कभी न आएं, जिन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "इन पार्टियों का राज्य और इसके लोगों के खिलाफ काम करने का रिकॉर्ड दागी रहा है और इन्हें कभी माफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है और इसने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है, चाहे वह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.), सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियां, ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) या सीमावर्ती क्षेत्र के फंडों का मुद्दा हो।"

उन्होंने आगे कहा, "काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों की हत्या से भाजपा के हाथ रंगे हुए हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "आप अपनी जनहितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण देशभर में अपने पंख फैला रही है। राजस्थान में स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी की जीत इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पारंपरिक पार्टियों ने अपने बेबुनियाद और विभाजनकारी हथकंडों से हमेशा आम आदमी को मूर्ख बनाया है। वह दिन गए, जब ये पार्टियां ‘उतर काटो मैं चढ़ूं’ का खेल खेलती थीं और सत्ता के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वास्तव में इन पार्टियों ने अपने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिसके कारण इनके कुकर्म कभी सामने नहीं आए। आज लोग ‘आप’ को चुन रहे हैं और इस पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ राज्य और देश की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। इसलिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।"

अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे कुशासन के दौरान अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का पाप किया, इस घिनौने अपराध के दोषियों को संरक्षण दिया और निर्दोष लोगों पर गोलीबारी की अनुमति दी। अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक ठेस पहुंचाने और राज्य में कई तरह के माफिया को संरक्षण देने के अलावा राज्य को बेरहमी से लूटा। अकालियों को दिया गया हर वोट बेअदबी के पक्ष में होगा।"

उन्होंने कहा, "अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की नस्लकुशी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण दिया गया और यह फलता-फूलता रहा। लोग इन पार्टियों के गुमराह करने वाले प्रचार में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें उचित सबक सिखाएंगे।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "उन्होंने अपने सत्ता के दिनों के दौरान राज्य की दौलत को बेरहमी से लूटा और पंजाब के युवाओं को नशे की राह पर धकेला है।"

अकाली नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पूरी जिंदगी सुख-सुविधाओं और आलीशान माहौल में बिताई है। सुखबीर बादल कॉन्वेंट के पढ़े हुए हैं, जिन्हें राज्य की बुनियादी भौगोलिक स्थिति का भी ज्ञान नहीं है, लेकिन वह पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़िए, पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की बुनियादी फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों के बारे में बहुत कम ज्ञान है।"

मुख्यमंत्री ने दावा किया, "मैं राज्य का बेमिसाल विकास सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहा रहा हूं और हर गुजरते दिन के साथ हम लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई नई जनहितैषी पहल कर रहे हैं। पुराने नेताओं के विपरीत मैंने सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं मांगा, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि करदाताओं का एक-एक रुपया जनकल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जाए।"

उन्होंने कहा, "लोगों का बेटा और भाई होने के नाते मैंने पुराने नेताओं की तरह आलीशान जिंदगी जीने के बजाय लोगों के दुख-दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है। पहले किसी भी शासक ने लोगों की मुश्किलों के बारे में विस्तारपूर्वक बातचीत करने और मिशनरी भावना से उन्हें हल करने के लिए इस तरह लोगों के बीच आकर काम नहीं किया।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "उन अहंकारी राजनेताओं ने लोगों से मिलने की बजाय हमेशा खुद को अपनी बड़ी कोठियों की ऊंची दीवारों तक सीमित रखा और अब वे राज्य सरकार के हर कदम से घबराए हुए हैं। इसके विपरीत मैं विकासोन्मुखी और नागरिक-केंद्रित नीतियां बनाने के लिए लोगों से फीडबैक लेने हेतु हमेशा फील्ड में रहा हूं, जिससे राज्य के विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "आप सरकार राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का इस्तेमाल राज्य के लोगों की भलाई के लिए कर रही है। राज्य के 90 फीसदी से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को भी आज दिन के समय बिजली मिल रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ था।"

उन्होंने कहा, "लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे लोगों की भलाई पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार लोगों के लिए काम कर रही है और इसने घरों को मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के अलावा कई अन्य प्रमुख पहल की हैं, जिन्हें पुराने नेताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था।"

उन्होंने कहा, "युवाओं को नशे की बीमारी से दूर करने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। हमने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "कोई भी मुफ्त की चीजें या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा ही एक ऐसी चाबी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इस कारण हमारी सरकार आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।"

उन्होंने कहा, "राज्यवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन की जा रही है।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरे पद संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र बढ़कर 80 फीसदी हो गया है, जिससे किसानों को बहुत लाभ हुआ है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए आम जनता पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1,000 रुपये और एस.सी. महिलाओं के मामले में 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता के बारे में उनके मोबाइल पर नोटिफिकेशन मिल रहे हैं। ये फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इसकी पात्र होंगी। पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।"

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग और अन्य उपस्थित थे।
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रोपड़ पावर प्लांट के 2 यूनिट बंद होने के बावजूद पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आई: तरुनप्रीत सिंह सौंद

पंजाब ने बिना किसी कट के 17,281 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग पूरी की: तरुनप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़, 15 सितंबर: 
पंजाब के बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने मंगलवार को बताया कि गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट, रोपड़ के कुल 150 मेगावाट क्षमता वाले दो यूनिट बंद होने के बावजूद “पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आई और कहीं भी बिजली की कमी के कारण कोई कट नहीं लगाया गया।”

एक बयान में बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद  ने कहा, “रोपड़ पावर प्लांट के दो यूनिट, जिनकी कुल क्षमता 150 मेगावाट है, इस समय बंद हैं। इनमें से एक यूनिट कल सुबह तक चालू हो जाएगा, जबकि दूसरा यूनिट कुछ दिनों में चालू हो जाएगा। इसके बावजूद पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं हुई है और लोगों को बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट का सामना नहीं करना पड़ा।”

राज्य की रिकॉर्ड बिजली मांग को पूरा करने की क्षमता पर प्रकाश डालते हुए बिजली मंत्री ने कहा, “पंजाब ने 12 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे 16,268 मेगावाट, 13 सितंबर को सुबह 11:45 बजे 16,455 मेगावाट और 14 सितंबर को दोपहर 3:00 बजे 17,281 मेगावाट की बिजली मांग पूरी की। 14 सितंबर को पूरी की गई 17,281 मेगावाट की मांग पंजाब द्वारा अब तक पूरी की गई सबसे अधिक बिजली मांग है। दो यूनिट बंद होने के बावजूद राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं आई।”

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, नशों के विरुद्ध निर्णायक कदम उठाने के निर्देश दिए

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अपने अंतिम चरण में है; पुलिस जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करे- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नशा बेचने वालों, सप्लायरों और तस्करों के विरुद्ध तुरंत और कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस को लोगों के सहयोग से काम करना चाहिए- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

राज्य में नशों के विरुद्ध शुरू किया गया अभियान ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अब केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहा; यह जन आंदोलन बन चुका है- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

विलेज डिफेंस कमेटियों से प्राप्त फीडबैक में 41 प्रतिशत वृद्धि लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़; 15 सितंबर 2026:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब का ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है। उन्होंने राज्य से इस बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा। इस संबंध में उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह लोगों के साथ मिलकर नशा बेचने वालों, सप्लायरों और तस्करों के विरुद्ध जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब केवल पुलिस तक सीमित नहीं रही, बल्कि ‘जन आंदोलन’ बन गई है। इसका प्रमाण ‘विलेज डिफेंस कमेटियों’ से प्राप्त फीडबैक में हुई 41 प्रतिशत वृद्धि से मिलता है, जो इस अभियान में लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य भर के उपायुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एस.एस.पी.), पुलिस आयुक्तों और आई.जी.पी./डी.आई.जी. से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। उन्होंने नशा-विरोधी अभियान की प्रगति, विलेज डिफेंस कमेटियों (वी.डी.सी.) की भूमिका, तस्करों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई और जमीनी स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की व्यवस्था की समीक्षा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अब अपने अंतिम चरण में है और पुलिस को जमीनी स्तर पर कार्रवाई और तेज करनी चाहिए। अब अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है और बेहतर परिणामों के लिए जमीनी स्तर पर नशों से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) को निशाना बनाने की आवश्यकता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे पंजाब का निर्माण करना बेहद जरूरी है, जहां युवा पीढ़ी नशों की बुराई से मुक्त होकर जीवन जी सके।” उन्होंने कहा, “जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समय पंजाब में 74,230 सक्रिय सदस्यों वाली 14,846 विलेज डिफेंस कमेटियां कार्यरत हैं। ये कमेटियां नशों के विरुद्ध लोगों की इस सामूहिक लड़ाई का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई हैं। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 36,814 सदस्यों वाली 3,808 विलेज डिफेंस कमेटियां कार्यरत हैं। इन क्षेत्रों में नशा तस्करी के नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें तोड़ने के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्यवासियों की बढ़ती भागीदारी जमीनी स्तर पर सरकार की खुफिया और फीडबैक प्रणाली को मजबूत कर रही है।” उन्होंने कहा कि लोगों की बढ़ती भागीदारी राज्य भर में नशों के विरुद्ध लड़ाई को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में नशों से संबंधित वी.डी.सी. से प्राप्त फीडबैक में 41 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जो अभियान में बढ़ती जनभागीदारी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वी.डी.सी. के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “इस वर्ष जनवरी से अब तक वी.डी.सी. से प्राप्त शिकायतों के आधार पर 4,129 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं और 5,589 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘सेफ पंजाब ऐप’ नशों से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय के दौरान इस ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगभग 19,310 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं और 25,138 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के विरुद्ध लड़ाई अब केवल थानों या सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जो हर गांव और मोहल्ले में लड़ी जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही नशों की सप्लाई के नेटवर्क की कमर तोड़ने में सफल हो चुकी है और बड़ी संख्या में तस्करों तथा सप्लायरों को जेलों में भेजा जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस लड़ाई को तब तक समाप्त नहीं माना जा सकता, जब तक सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ नहीं दिया जाता और हर गांव को नशा-मुक्त नहीं बनाया जाता।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने नशों की सप्लाई को पूरी तरह तोड़ दिया है, लेकिन यह सतर्कता कम करने का समय नहीं है।”

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “नशा बेचने वालों, सप्लाई करने वालों और तस्करों को समझ लेना चाहिए कि पंजाब में उनके लिए कोई जगह नहीं है और पंजाब सरकार उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी।” मुख्यमंत्री ने सिविल और पुलिस प्रशासन को गांव सुरक्षा समितियों (वी.डी.सी.) की फीडबैक प्रणाली को और मजबूत करने तथा निचले स्तर से प्राप्त जानकारी पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों से संबंधित गतिविधियों की रिपोर्टिंग की पूरी प्रणाली को और सरल तथा सुगम बनाया जाना चाहिए, ताकि बिना किसी झिझक के वास्तविक शिकायतें दर्ज की जा सकें और नशा तस्करों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने वी.डी.सी. के जिम्मेदाराना कामकाज की आवश्यकता पर जोर देते हुए सदस्यों को अपनी जिम्मेदारी निभाते समय उचित रवैया अपनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट रूप से कहा, “नशों के विरुद्ध जंग में अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के दौरान अपनाए गए बेहतर तरीकों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें साझा करना चाहिए, ताकि ऐसे सफल मॉडलों को पूरे पंजाब में लागू किया जा सके।”

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वी.डी.सी. सदस्यों और इससे जुड़े जमीनी स्तर के अन्य लोगों के साथ तालमेल बनाए रखने तथा फीडबैक प्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि वह एस.एच.ओ. के साथ व्यक्तिगत रूप से बैठकें करेंगे, ताकि थाना स्तर पर नशा-विरोधी अभियान की समीक्षा करने के साथ-साथ नशों के विरुद्ध चल रही जंग को और तेज किया जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एस.एच.ओ. पुलिस प्रशासन और जमीनी स्तर पर लोगों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए थाना स्तर पर जवाबदेही और कार्यक्षमता को मजबूत किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों के विरुद्ध जंग हमारे गांवों, गलियों और मोहल्लों में जमीनी स्तर पर जीती जाएगी।” उन्होंने कहा, “राज्य में नशों की बुराई को रोकने के लिए हर एस.एच.ओ., हर पुलिस अधिकारी और हर सिविल अधिकारी को सतर्क रहना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को सिविल प्रशासन, पुलिस, वी.डी.सी. और नागरिकों के बीच निरंतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि नशा-विरोधी अभियान निरंतर जन आंदोलन बना रहे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., गुरमीत सिंह खुड्डियां, हरदीप सिंह मुंडियां और बरिंदर गोयल के अलावा मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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*17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पंजाब भर में चलाया जाएगा ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान: हरदीप सिंह मुंडियां*

*जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन मंत्री ने तैयारियों का लिया जायज़ा*

*चंडीगढ़, 15 सितंबर:*


पंजाब के जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज राज्य में ‘स्वच्छता ही सेवा (एस.एच.एस.)-2026’ अभियान के लिए की जा रही तैयारियों का जायज़ा लिया। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक पंजाब भर में “स्वच्छता में भागीदारी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम के तहत मनाया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन मंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिरकत की। बैठक के दौरान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एस.एच.एस.-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयारियों, योजना और प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।

पंजाब में अभियान संबंधी प्रबंधों का जायज़ा लेते हुए स. हरदीप सिंह मुंडियां ने केंद्र सरकार को राज्य की तैयारियों और अभियान को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और सैनिटेशन गतिविधियों में ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और विभिन्न भागीदारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह अभियान गांवों को और अधिक साफ-सुथरा, स्वस्थ और टिकाऊ बनाने के लिए चल रहे राज्य सरकार के प्रयासों को और गति देगा। उन्होंने कहा कि सैनिटेशन को केवल सरकारी हस्तक्षेप के माध्यम से कायम नहीं रखा जा सकता बल्कि इसके लिए नागरिकों, पंचायतों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है।

बैठक के दौरान ग्राम पंचायतों के लिए “स्वच्छ सेवा असेसमेंट” भी शुरू किया गया। इस पहल का उद्देश्य गांव स्तर पर सैनिटेशन से संबंधित गतिविधियों के मूल्यांकन को मज़बूत करना और सफाई एवं स्वच्छता के प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को और प्रोत्साहित करना है।

स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि पंजाब ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के उद्देश्यों को ज़मीनी स्तर पर अमली रूप देने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अभियान की अवधि के बाद भी इसका स्थायी प्रभाव कायम रहे। उन्होंने कहा कि सफाई, सैनिटेशन और कचरा प्रबंधन दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।

कैबिनेट मंत्री ने पंजाब के लोगों से ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने और अपने गांवों एवं समुदायों में चलाई जाने वाली सफाई मुहिमों में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग सफाई को केवल एक अभियान न समझें बल्कि इसे सामूहिक ज़िम्मेदारी और निरंतर जन आंदोलन के रूप में अपनाएं।

उन्होंने कहा, “आइए पंजाब को साफ-सुथरा और स्वस्थ बनाने के लिए हाथ मिलाएं और स्वच्छ भारत एवं विकसित भारत के बड़े संकल्प में अपना योगदान दें।”

बैठक के दौरान श्री रामवीर, प्रमुख सचिव, जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन विभाग; श्रीमती सईद शहरिश असगर, विभाग प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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