*विकास को मिली रफ्तार, अम्बाला छावनी के कई वार्डों में विकास कार्यों हेतु पांच करोड़ की राशि जारी : ऊर्जा मंत्री अनिल विज*
*मुख्यमंत्री शहरी समग्र विकास योजना के तहत वार्डों में गलियां, नालियां व अन्य निर्माण कार्य होंगे : मंत्री अनिल विज*
*चंडीगढ़, 28 अक्टूबर -* हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी नगर परिषद के अलग-अलग वार्डों में पांच करोड़ रुपए की राशि से विभिन्न विकास कार्य होंगे जिनसे जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस राशि से वार्डों में गलियां, नालियां, स्ट्रॉम वॉटर लाइन, शौचालयों की चार दीवारी, ओपन जिम एवं अन्य जनहित के कार्य होंगे।
श्री विज ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी समग्र विकास योजना के तहत वार्डों में कार्य होंगे जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा राशि जारी कर दी गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस राशि से होने वाले विकास कार्यों को जल्द प्रारंभ कराया जाए ताकि जनता को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता पूर्वक किए जाए तथा नगर पार्षद इन कार्यों पर निगरानी भी रखें।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नगर परिषद के सभी वार्डों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के प्रयासों से एक-एक करोड़ रुपए की राशि से विकास कार्यों को मंजूर किया जा चुका है।
*पांच करोड़ की राशि से इन वार्डों में होंगे विकास कार्य*
वार्ड नंबर 4 में 13.70 लाख रुपए की लागत से सिंचाई विभाग के नाले से पासी करियाना स्टोर तक व दलीपगढ़ में नालियां व गली का निर्माण। वार्ड चार में ही 12 लाख की लागत से गुरू नानक जनरल स्टोर से पापड़ वाली गली तक नाली का निर्माण।
वार्ड नंबर 12 में 14.40 लाख की लागत से योगड़ा आश्रम से शनि देव मंदिर तक गली का निर्माण, इसी वार्ड में सुंदर नगर में गली का निर्माण किया जाएगा।
वार्ड नंबर 9 में 25 लाख की लागत से महेशनगर में टेंडर हार्ट स्कूल के पानी नाली का निर्माण किया जाएगा।
वार्ड नंबर 10 में 20.50 लाख की लागत से अजीत नगर, अशोक नगर, गोल्डन पार्क, न्यू लक्की नगर में नालियों का निर्माण किया जाएगा।
वार्ड नंबर 19 में 24 लाख रुपए की लागत से बीडी फ्लोर मील के निकट नालियों व गली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 7 में 20.50 लाख रुपए की लागत से वशिष्ठ नगर में नालियों का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 3 में 11.70 लाख की लागत से सूर्य नगर में गली का निर्माण, इसी प्रकार 11 लाख रुपए की लागत से सूर्य नगर में ही नालियों का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 8 में 23.50 लाख रुपए की लागत से सैनी हलवाई के निकट मुख्य नाला और गली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 30 में 8.50 की लागत से क्रॉस रोड नंबर दस व ग्यारह में सत नारायण मंदिर गली का निर्माण, इसी प्रकार इस वार्ड में 13.49 रुपए की लागत से जमना दास अहाता मच्छी मोहल्ले में निर्माण कार्य।
वार्ड नंबर 18 में 9.34 लाख की लागत से निर्मल विहार में गली व नाली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 28 में 22.20 लाख की लागत से मोखा सिंह अहाता में सीसी रोड, वहीं चैन की मंडी पार्क में रोड का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 21 में 5.73 लाख की लागत से शिव मंदिर के निकट गली निर्माण।
वार्ड नंबर 22 में 12.71 की लागत से सुंदर नगर क्षेत्र में गली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 20 में घसीटपुर व हरिपुर क्षेत्र में 10.50 लाख की लागत से ड्रेन व गली का निर्माण होगा। वहीं नन्हेड़ा में 4 लाख की लागत से गली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 24 में 16 लाख की लागत से अलग-अलग एरिया में गली का निर्माण किया जाएगा, एफसीआई गोदाम के निकट सड़क बनेगी।
वार्ड नंबर 23 में 50 लाख रुपए की लागत से मिलाप नगर में स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन डाली जाएगी।
वार्ड नंबर 32 में 10 लाख रुपए की लागत से बीसी बाजार में सार्वजनिक शौचालय के निकट चार दिवारी और ओपन जिम का निर्माण होगा। इसके अलावा इसी वार्ड में 10 लाख की लागत से ट्यूबवेल के निकट चार दिवारी, ओपन जिम का निर्माण किया जाएगा।
वार्ड नंबर 31 में करीब 20 लाख की लागत से गुलाटी डेंटल क्लीनिक से पीरबाबा तक सड़क निर्माण और बिहारीलाल बिल्डिंग के निकट गली का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 27 में 16.50 लाख की लागत से पन्ना कॉटेज में स्ट्रॉम वॉटर पाइप लाइन का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 24 में 12.32 लाख रुपए की लागत से हाउसिंग बोर्ड में सड़क का निर्माण होगा।
वार्ड नंबर 26 में 15.13 लाख की लागत से सुभाष कालोनी में लाल बाबा मंदिर पार्क के पास गली बनेगी।
क्रमांक : 2026
*14 हजार पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा की तैयारियां तेज, 8,000 नई भर्तियों का विज्ञापन भी जल्द होगा जारी : हिम्मत सिंह*
*हिम्मत सिंह के निर्देश पर CET स्टेज-2 परीक्षा की तैयारियों का निरीक्षण शुरू*
*पंचकूला जिले में परीक्षा केंद्रों का लिया जायजा*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर- हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि करीब 14 हजार पदों पर भर्ती के लिए CET स्टेज-2 परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवाने के लिए करीब 8,000 पदों पर नई भर्तियों का विज्ञापन भी जल्द जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ा रहा है।
श्री हिम्मत सिंह के निर्देश पर CET स्टेज-2 परीक्षा के आयोजन की तैयारियों के तहत परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज आयोग के सदस्य श्री सुभाष चंद्र ने अपनी टीम के साथ पंचकूला जिले के कालका-पिंजौर क्षेत्र में परीक्षा केंद्रों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करना और परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना है, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया शीघ्र ही पंचकूला जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद संबंधित कमेटी द्वारा रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाते हुए परीक्षा आयोजन की आगामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि परीक्षा से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।
श्री हिम्मत सिंह ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे आगामी परीक्षा के लिए पूरी गंभीरता और लगन के साथ तैयारी करें। साथ ही, भर्ती एवं परीक्षा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। आयोग की ओर से आगामी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से साझा की जाएगी।
क्रमांक : 2026
सुमित चावला
*आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक का उद्घाटन 5 नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह करेंगे - ऊर्जा मंत्री अनिल विज*
*ऊर्जा मंत्री ने उद्घाटन अवसर पर गांधी ग्राउंड में आयोजित होने वाली रैली में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को पहुंचने का किया आह्वान्*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आगामी 5 नवंबर को अम्बाला छावनी में निर्मित शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद में गांधी ग्राउंड में कार्यकर्ताओं की बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा इस रैली एवं शहीदी स्मारक कार्यक्रम में पहुंचना लोगों के लिए बड़ी बात है। सरकार के आदेशानुसार हरियाणा के स्कूलों व शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यह शहीद स्मारक अवश्य दिखाया जाएगा ताकि युवाओं को यह पता चल सके कि सन 1857 में मेरठ से पहले अम्बाला में स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था। उन्होंने लोगों का आह्वान् किया कि आयोजित रैली में भारी संख्या में पहुंचे। श्री विज बुधवार को अम्बाला शहर के क्लब में शहीद स्मारक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक निर्माण को लेकर वह पिछले 25-30 वर्षों से प्रयास करते आ रहे हैं। अब तक किताबों में यही पढ़ाया गया कि आजादी की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी, मगर कांग्रेस के जन्म से भी पहले 1857 में एक आजादी की लड़ाई सशस्त्र पूरे हिंदुस्तान में लड़ी गई जिसकी शुरूआत अम्बाला से हुई। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों से पता चलता है कि 1857 में मेरठ से दस घंटे पहले नौ बजे अम्बाला छावनी में 60वीं और 5वीं नेटिव इंफेंटरी ने आजादी की लड़ाई का बिगुल बजा दिया था। मगर, इतिहास में कभी भी उन वीरों को याद नहीं किया गया, जिनको पेड़ों से बांध-बांध कर गोलियां मारी गई, जिनके ऊपर कोहलू चलाए गए। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए यदि एक कदम भी किसी ने घर से बाहर निकाला, उसे भी नमन करते हैं।
*शहीद स्मारक निर्माण के लिए कई बार विधानसभा में उठाई मांग, हमारी सरकार आई तो मिली मंजूरी -अनिल विज*
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 में सारे देश में आजादी की पहली लड़ाई हुई जिसे कभी किसी ने याद नहीं किया और कहीं कोई स्मारक नहीं बनाया, जहां इस लड़ाई को प्रदर्शित किया जा सके। स्मारक निर्माण के लिए विधानसभा में कई बार कांग्रेस सरकार को मजबूर किया, मगर स्मारक नहीं बनाया। सन् 2014 में भाजपा सरकार आई तो राष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाने की मंजूरी मिली।
*800 करोड़ की लागत से तैयार हुआ स्मारक, आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिखाया जाएगा इतिहास - विज*
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक का पूरा इतिहास यहां प्रदर्शित होगा। हरियाणा, बिहार, पंजाब और अन्य स्थानों पर जहां-जहां लड़ाई लड़ी गई, वह आधुनिक तकनीक के माध्यम से युद्ध के इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीद स्मारक लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से बना है और उन्हें यकीन है कि सारा हिंदुस्तान इसे देखने के लिए आएगा। जब ताजमहल देखने विदेशी आएंगे तो शहीद स्मारक को भी अवश्य देखने आएंगे। इसीलिए यहां हेलीपैड की सुविधा भी रखी है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विशाल शहीद स्मारक को देखने के लिए आने वालों को इतिहास की पूरी जानकारी दी जाएगी। लगभग ढाई हजार लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थियेटर होगा जहां शाम को लाइट, लेजर एंड साउंड शो बड़े कमल के फूल पर प्रदर्शित होगा।
*स्मारक में कमल के फूल आकार का मेमोरियल टॉवर आकर्षण का केंद्र होगा - विज*
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 की लड़ाई में देशभर में एक रेजीमेंट से दूसरी रेजीमेंट तक कमल का फूल और रोटी सांकेतिक तौर पर भेजी जाती थी। यह स्वीकार होते ही माना जाता था कि वह रेजीमेंट भी लड़ाई के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक में 68 मीटर ऊंचा कमल के फूल आकार का मेमोरियल टॉवर बनाया है जिसमें दो हाई स्पीड लिफ्ट लगी है। कमल के फूल के अंदर भी संग्राहलय बनाया गया है जोकि आकर्षण का केंद्र होगा। स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक गैलरी भी बनाई गई है जिसमें जाने वाले का पूरा रिकार्ड डिजिटल होगा।
क्रमांक 2026
पराली प्रबंधन को लेकर सरकार गंभीर, किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही मशीनें: श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने करनाल में कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आधुनिक कृषि मशीनों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए किसानों को एक लाख 882 मशीनें उपलब्ध करवाई गई है। जिसके कारण पराली जलाने की घटनाएं इस बार ना मात्र की हुई है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के उचित निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को खेतों में न जलाएं और उपलब्ध कृषि यंत्रों तथा वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। पराली का उचित प्रबंधन मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और वायु प्रदूषण कम करने में सहायक है।
उन्होंने मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों की फसल खरीदी जा रही है। यूपी से आने वाली धान के बेचने पर भी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
क्रमांक 2026
*गुजरात दौरे से हरियाणा को मिले 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव*
*डिफेंस, रियल एस्टेट और ऑयल एवं गैस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का होगा निवेश*
*एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग में 1,400 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी 2,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव*
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उद्योगपतियों से संवाद के सकारात्मक परिणाम, प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान प्रदेश को निवेश के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों के सकारात्मक परिणामस्वरूप हरियाणा में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में बिज़नेस लीडर्स और निवेशकों के साथ वन टू वन बैठक कर रहे थे। इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
बुधवार को हुए एमओयू में मुख्य रूप से डिफेंस, रियल एस्टेट और ऑयल एंड गैस क्षेत्र में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, एग्रीकल्चर एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में 1,400 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2,900 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। कंप्रेस्ड बायोगैस और सिविल एविएशन क्षेत्रों में भी निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं। दौरे के पहले दिन भी लगभग 12,000 करोड़ रुपये से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात प्रवास के दौरान विभिन्न उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और उन्हें हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों को राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और अनुकूल कारोबारी वातावरण की जानकारी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योगों की स्थापना और निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं तथा नियमानुसार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को साकार करने में हरियाणा एक महत्वपूर्ण भागीदार बनेगा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ‘विकसित भारत–विकसित हरियाणा’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को निवेश, उद्योग और विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और गुजरात, दोनों ही राज्य उद्यमशीलता, विनिर्माण और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। दोनों राज्यों के उद्योगपतियों के बीच सहयोग बढ़ने से निवेश, तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता और रोजगार सृजन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। हरियाणा सरकार का लक्ष्य निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर प्रदेश को औद्योगिक विकास और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में प्रस्तावित ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं का लाभ उठाने और हरियाणा में अपनी व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों की स्थापना और विस्तार की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया है। राज्य में निवेश करने वाले उद्यमियों को सभी आवश्यक अनुमतियां, स्वीकृतियां और अन्य संबंधित सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी प्रक्रियाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा सुनिश्चित की गई है, जिससे निवेशकों को अनावश्यक देरी और प्रक्रियागत जटिलताओं का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य निवेशकों को एक ऐसा अनुकूल औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने कारोबार की स्थापना और विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में तेजी आए और प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योग जगत की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और निवेश की पूरी प्रक्रिया में उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ये निवेश प्रस्ताव हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियों और प्रदेश में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ाकर धरातल पर उतारा जाए, ताकि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक श्री अनिरुद्ध यादव, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मानव मालिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक - 2026
*गुजरात की उद्यमशीलता और हरियाणा के औद्योगिक नेटवर्क से बनेंगे निवेश के नए अवसर - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*हरियाणा केवल निवेश का गंतव्य नहीं, उद्योगों के विकास में विश्वसनीय साझेदार’ — मुख्यमंत्री*
*गांधीनगर में आयोजित इन्वेस्टर रोड-शो में मुख्यमंत्री ने की शिरकत*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के उद्योगपतियों और उद्यमियों से हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुजरात की उद्यमशीलता और हरियाणा का मजबूत औद्योगिक आधार मिलकर दोनों राज्यों के लिए विकास और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। हरियाणा सरकार का उद्देश्य निवेशकों को केवल निवेश का आमंत्रण देना नहीं, बल्कि उनके कारोबार के अगले विकास चरण में एक विश्वसनीय साझेदार बनना है।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुजरात दौरे के दूसरे दिन गांधीनगर में आयोजित इन्वेस्टर रोड-शो में उपस्थित बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में नई विनिर्माण इकाइयां, कार्यालय, गोदाम और तकनीकी केंद्र स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। गुजरात के उद्यमी अपने कारोबारी विस्तार की योजनाओं में हरियाणा को शामिल करें और प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का अध्ययन कर अपनी जरूरतों के अनुरूप निवेश की संभावनाएं तलाशें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि और कर्मभूमि गुजरात है और इस भूमि ने व्यापार, उद्योग और उद्यमशीलता के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सूरत का हीरा एवं टेक्सटाइल उद्योग, अहमदाबाद का औद्योगिक विकास तथा गुजरात के रसायन, फार्मा और विनिर्माण क्षेत्र इसकी सफलता के उल्लेखनीय उदाहरण हैं। वहीं , हरियाणा भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कर्मभूमि है।गुजरात के उद्यमियों का अनुभव और हरियाणा का औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क परस्पर सहयोग की नई संभावनाएं खोल सकता है।
*भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी हरियाणा की बड़ी ताकत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति है। राज्य का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर हरियाणा को बड़े व्यापारिक एवं उपभोक्ता बाजारों से जोड़ते हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और नोएडा के हवाई अड्डों तक पहुंच भी निवेशकों, कर्मचारियों और कारोबारी साझेदारों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के लिए बाजार तक पहुंच, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और समय पर उत्पादों की डिलीवरी महत्वपूर्ण होती है। हरियाणा की कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजधानी के निकटता इन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि राज्य विनिर्माण के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, तकनीकी सेवाओं और कॉर्पोरेट संचालन के लिए भी आकर्षक विकल्प बन रहा है।
*औद्योगिक नेटवर्क से जुड़कर एमएसएमई और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगा विस्तार*
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा सहित अनेक क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। राज्य में 56 औद्योगिक एस्टेट हैं और 143 ब्लॉकों में एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की पहल की जा रही है।
उन्होंने गुजरात के उद्यमियों से इस औद्योगिक नेटवर्क का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के निवेश से केवल प्रत्यक्ष रोजगार ही पैदा नहीं होते, बल्कि स्थानीय सप्लायरों, छोटे उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं के लिए भी नए अवसर बनते हैं। हरियाणा सरकार चाहती है कि निवेश का लाभ प्रदेश के युवाओं, कामगारों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे तथा स्थानीय उद्योगों को बड़ी औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिले।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ आईटी, डिजिटल सेवाओं और कॉर्पोरेट संचालन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। गुरुग्राम में 250 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के कार्यालय, लगभग 270 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और 19 यूनिकॉर्न कंपनियां कार्यरत हैं। यह उपस्थिति राज्य में तकनीकी कारोबार, डिजिटल सेवाओं और वैश्विक कंपनियों के संचालन से जुड़े निवेश की संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल और मशीनरी क्षेत्र की कंपनियां हरियाणा के स्थापित औद्योगिक नेटवर्क से जुड़ सकती हैं। वहीं, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सोलर क्षेत्र की कंपनियां नई इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं तलाश सकती हैं। इसके अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में भी निवेश के अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में लगभग 3.8 प्रतिशत योगदान है, जबकि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र में राज्य की हिस्सेदारी लगभग 1.34 प्रतिशत है। यह राज्य की आर्थिक क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।
*निवेशकों को समयबद्ध प्रोत्साहन और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध कराने पर जोर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने और स्पष्ट जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में राज्य ने आवंटित प्रोत्साहन बजट का 96 प्रतिशत उपयोग किया, जबकि पिछले छह वर्षों में इसका औसत उपयोग 83 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के दौरान गति, सहयोग और भरोसा मिले। निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
*सांझा सांस्कृतिक विरासत से कारोबारी सहयोग तक का सफर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और गुजरात के संबंध केवल व्यापार और उद्योग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्य साझा सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े हैं। कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग का संदेश दिया, जबकि गुजरात की द्वारका करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की सांस्कृतिक निकटता और उद्यमशीलता की परंपरा आर्थिक सहयोग को भी नई दिशा दे सकती है। गुजरात की व्यापारिक विरासत और हरियाणा की औद्योगिक क्षमता का समन्वय दोनों राज्यों में उद्योग, रोजगार और कारोबारी गतिविधियों के विस्तार का आधार बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्यमियों को हरियाणा आने और अपने कारोबार के अगले विस्तार पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि दोनों राज्यों के उद्योगपति आपसी सहयोग से नए उद्योग स्थापित करें, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाएं और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें।
*हरियाणा की नई औद्योगिक नीति देश की बेहतरीन नीतियों में से एक, उद्योगपतियों को मिलेंगे व्यापक इंसेंटिव और सब्सिडी — राव नरबीर सिंह*
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हरियाणा सरकार द्वारा तैयार की गई नई औद्योगिक नीति देश की बेहतरीन नीतियों में से एक है। इस नीति में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक इंसेंटिव और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा की उद्योग-अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति तैयार करने का प्रयास किया है, जिसमें निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिल सकें। इस नीति की विशेषता यह है कि इसे तैयार करते समय उद्योगपतियों से भी सुझाव लिए गए, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके।
राव नरबीर सिंह ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के नाते वे विश्वास दिलाते हैं कि जिस उम्मीद और भरोसे के साथ निवेशक हरियाणा आएंगे, सरकार उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने उद्योगपतियों से हरियाणा में निवेश करने और प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया।
*ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में हरियाणा में निवेश की अपार संभावनाएं - अमित अग्रवाल*
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि गुजरात ने पूरी दुनिया के सामने यह साबित किया है कि जब उद्यमशीलता, मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस और इनोवेशन एक साथ आते हैं, तो कितनी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में गुजरात के उद्यमियों ने न केवल देश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। गुजरात की असली ताकत यहां के उद्यमियों की दूरदर्शिता, नए अवसरों को पहचानने की क्षमता और उन्हें सफल व्यावसायिक उपक्रमों में बदलने के कौशल में निहित है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा ने भी ऑटोमोबाइल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं जैसे क्षेत्रों में एक मजबूत औद्योगिक आधार विकसित किया है। दोनों राज्यों की औद्योगिक विकास यात्रा भले ही अलग-अलग रही हो, लेकिन हमारा उद्देश्य एक ही है—व्यवसायों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देना।
डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई उद्यमी नई फैक्ट्री स्थापित करने, किसी नए बिजनेस वर्टिकल में प्रवेश करने, अपने उत्पादों का विस्तार करने या नए बाजारों तक पहुंच बनाने की योजना बना रहा है, तो हरियाणा उसके लिए एक मजबूत संभावित साझेदार बन सकता है। नए बाजारों में पहुंच बनाने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने के लिए हरियाणा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। दिल्ली-एनसीआर के निकट होने के कारण हरियाणा में बड़े उपभोक्ता बाजारों, औद्योगिक खरीदारों और कॉर्पोरेट उद्यमों तक पहुंच के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उद्यमी अपने मौजूदा व्यवसाय को जारी रखते हुए भी हरियाणा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा सकते हैं, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार कर सकते हैं तथा वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ऐसे निवेश का स्वागत करती है, जो नई तकनीक लेकर आए, सप्लाई चेन को मजबूत करे, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा करे और उद्योगों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दे। डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि गुरुग्राम आज वैश्विक कारोबार और टेक्नोलॉजी सेवाओं के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। यहां 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) कार्यरत हैं, जो पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इन केंद्रों की मौजूदगी का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा हैं। हरियाणा में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और शहरी विकास के क्षेत्रों में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने गुजरात के उद्योगपतियों और कंपनियों को इन अवसरों का लाभ उठाने तथा हरियाणा में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक श्री अनिरुद्ध यादव, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मानव मालिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक – 2026
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से की मुलाकात*
*दोनों राज्यों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हरियाणा और गुजरात के मध्य आपसी तालमेल एवं सहयोग को और अधिक मजबूत करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे।
क्रमांक – 2026
रोड को 6 लेन करने की परियोजना को मिली मंजूरी, 43.35 करोड़ रुपये होंगे खर्च
चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से शहर में आवागमन होगा सुगम, यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर।हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश सरकार सडक़ आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और आमजन को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में हिसार शहर में पुराने दिल्ली रोड पर चुंगी चौक से सिरसा चुंगी तक सडक़ को 6 लेन करने के लिए 43 करोड़ 35 लाख 48 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत पुराने दिल्ली रोड पर मौजूदा 4 लेन सडक़ का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सडक़ को 6 लेन करने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। यह सडक़ हिसार शहर के लिए महत्वपूर्ण है और इसके उन्नयन से शहर की सडक़ कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सडक़ों के निर्माण, चौड़ीकरण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल नई सडक़ें बनाना ही नहीं, बल्कि मौजूदा सडक़ों को भी बेहतर और टिकाऊ बनाना है, ताकि लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की प्रक्रिया में नियमों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने और परियोजनाओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
क्रमांक – 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को मिलेंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार
पुरस्कारों के लिए 5 नवंबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
चण्डीगढ़, 28 अक्तूबर - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के लिए पात्र महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट https://onlinemis.wcdhry.gov.in/gaurav/के माध्यम से 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों को मान्यता देना तथा समाज में महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि श्रीमती सुषमा स्वराज पुरस्कार, इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार, कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार, बहन शन्नो देवी पंचायती राज पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवर्स अवॉर्ड, सरकारी कर्मचारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता और महिला उद्यमी पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इच्छुक पात्र महिलाएं 5 नवंबर, 2026 तक विभाग के पोर्टल "https://wcdhry.gov.in" (https://wcdhry.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। पुरस्कारों से संबंधित दिशा-निर्देश और विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
क्रमांक - 2026
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात बनेगी हरियाणा की विकास गाथा की सारथी*
*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे में निवेश के साथ-साथ पारस्परिक सहयोग एवं समावेश पर बल*
*प्रवासी हरियाणवासियों के शिकायत निवारण के लिए पोर्टल बनाएगी हरियाणा सरकार, सूरत में मुख्यमंत्री ने की घोषणा*
*महाराष्ट्र के साथ साथ अब गुजरात में हरियाणा भवन बनाने की दिशा में बढ़े कदम*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात अब हरियाणा की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण सारथी बनेगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान न केवल निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई, बल्कि दोनों राज्यों के बीच पारस्परिक समावेश और सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरत और अहमदाबाद दोनों शहरों में प्रवासी हरियाणवासियों से मुलाकात की। इन बैठकों में प्रवासियों ने अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय की भावनाओं को समझते हुए कहा कि हरियाणा सरकार उनके हितों की रक्षा और सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
सूरत में मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रवासी हरियाणवासियों की शिकायतों के शीघ्र और प्रभावी निवारण के लिए एक समर्पित पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से प्रवासी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम प्रवासी समुदाय को सरकार से और अधिक जोड़ने वाला साबित होगा।
इसके साथ ही, महाराष्ट्र में हरियाणा भवन की तर्ज पर अब गुजरात में भी हरियाणा भवन बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए गए हैं। यह भवन प्रवासी हरियाणवासियों के लिए सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा तथा दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जोर दिया कि गुजरात और हरियाणा के बीच सहयोग केवल आर्थिक निवेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय आयामों को भी मजबूत किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि से शुरू हुई यह साझेदारी हरियाणा की विकास गाथा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली साबित होगी।
क्रमांक-2026
जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में रोजगार के अवसर*
जर्मन कंपनी कोटिंग कॉन्सेप्टस के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का किया दौरा_
कंपनी को ऑटोमोटिव एवं औद्योगिक कोटिंग क्षेत्र में प्रोसेस मैकेनिक एवं विशेषज्ञों की आवश्यकता_
कंपनी का विश्वविद्यालय से 180 कुशल तकनीशियनों की भर्ती का लक्ष्य_
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर- जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के विद्यार्थियों के लिए जर्मनी में रोजगार के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। जर्मनी की कंपनी कोटिंग कॉन्सेप्ट ने विश्वविद्यालय से लगभग 180 कुशल तकनीशियनों एवं औद्योगिक कोटिंग विशेषज्ञों की भर्ती करने की इच्छा व्यक्त की है। इस संबंध में जर्मनी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और कौशल प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2027 में शुरू होगी तथा चयनित अभ्यर्थियों को जर्मनी जाने से पहले ए2 स्तर का जर्मन भाषा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में कोटिंग कॉन्सेप्टस की प्रबंध निदेशक जनीना राडो विक, लॉजिस्टिक्स एवं वर्क प्रिपरेशन विभाग के प्रमुख एंड्रियास फालर, प्रोडक्शन मैनेजर डेविड फ्रैंक तथा प्रोडक्शन मैनेजर सर्जियस स्टीनमार्क शामिल रहे। इस दौरे का समन्वय इंटरनेशनल टैलेंट सॉल्यूशंस के सीईओ अल्बर्ट बाकर, और इंडो यूरो सिंक्रोनाइजेशन ग्रुप के अध्यक्ष राज वंगापांडु तथा निदेशक राजीव गुलाटी ने किया।
विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक का समन्वय डीन, इंस्टीट्यूशंस प्रो. मुनीष वशिष्ठ तथा प्रिंसिपल, कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट प्रो. संजीव गोयल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. नरेश चौहान ने की।
बोर्ड रूम में आयोजित औपचारिक सत्र का शुभारंभ फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. राजेश आहूजा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत और जर्मनी के संस्थानों के साथ इसके ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की विकास यात्रा और प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गयी।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमताओं एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी देते हुए डॉ. रश्मि पोपली ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में उभरती प्रौद्योगिकियों एवं सतत विकास से जुड़े सात क्षेत्रों में 23 स्टार्टअप कार्यरत हैं। डॉ. विमलेश ओझा ने कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकार के कौशल मिशन तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर तकनीकी कुशल कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
बैठक के दौरान राज वंगापांडु और राजीव गुलाटी ने जर्मनी में कुशल तकनीकी कर्मियों की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। श्री वंगापांडु ने बताया कि कोटिंग कॉन्सेप्टस के लिए ऑटोमोटिव एवं औद्योगिक कोटिंग क्षेत्र में प्रोसेस मैकेनिक के पदों पर योग्य तकनीकी कर्मियों की भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2027 में आयोजित होगी तथा चयनित अभ्यर्थियों को जर्मनी में कार्यभार संभालने से पहले आवश्यक ए2 स्तर का जर्मन भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कोटिंग कॉन्सेप्टस की प्रबंध निदेशक जनीना राडोविक और एंड्रियास फालर ने जर्मनी के ऑटोमोटिव एवं औद्योगिक कोटिंग क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, कार्यस्थल के मानकों और आवश्यक तकनीकी दक्षताओं की जानकारी दी। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को भाषा प्रमाणन तथा जर्मनी में कार्य शुरू करने की प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने अंतरराष्ट्रीय सहभागिता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि कोटिंग कॉन्सेप्ट और जर्मनी के औद्योगिक भागीदारों के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर करियर के अवसर उपलब्ध कराने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से कौशल आधारित कम्युनिटी कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय का व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और यह साझेदारी युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के नए मार्ग खोलेगी।
कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए जर्मन प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करना गर्व का विषय है। विद्यार्थियों को वैश्विक नियोक्ताओं से सीधे जोड़ना तथा उन्हें तकनीकी और भाषाई रूप से तैयार करना विश्वविद्यालय की व्यापक कौशल सशक्तिकरण एवं विद्यार्थी प्लेसमेंट संबंधी प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक एवं ऑटोमोटिव कोटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कम्युनिटी कॉलेज के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल, कार्यस्थल के अनुभव तथा जर्मनी में रोजगार के लिए उनकी तैयारी का आकलन किया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया तथा केंद्रीय कार्यशाला और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर तकनीकी प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया।
कार्यक्रम के अंत में डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. नरेश चौहान ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण विभागों के अध्यक्ष एवं संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
बेरोजगार युवाओं के लिए 1 नवंबर से शुरू होंगे बेरोजगारी भत्ते के आवेदन
30 तक करें ऑनलाइन आवेदन, मिलेगा 2,000 रुपये तक मासिक भत्ता
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर- हरियाणा सरकार प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल देने के लिए सामान्य बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के आवेदन 1 नवंबर से लेने जा रही है। पात्र युवा 30 नवंबर 2026 तक इंटरनेट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत बारहवीं उत्तीर्ण, दो वर्ष का प्रमाण पत्र अथवा डिप्लोमा धारक युवाओं को 1,200 रुपये प्रतिमाह तथा स्नातक या उससे उच्च शिक्षा प्राप्त अथवा तीन वर्ष का डिप्लोमा धारक युवाओं को 2,000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
पात्रता की शर्तों के बारे में उन्होंने बताया कि आवेदक का हरियाणा का मूल निवासी होना और 1 नवंबर 2026 तक राज्य के किसी भी रोजगार कार्यालय में कम से कम लगातार तीन वर्ष से पंजीकृत होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वह किसी संस्थान में विद्यार्थी या प्रशिक्षु नहीं होना चाहिए, न ही स्वयं नियोजित हो और न ही सक्षम युवा योजना का लाभार्थी हो। इसके अलावा आवेदक के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। परिवार के पास 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की रिहायशी या वाणिज्यिक संपत्ति अथवा 2 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि भी नहीं होनी चाहिए।
इच्छुक युवा विभागीय वेबसाइट hrex.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, आधार से जुड़ी बैंक पासबुक, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व अधिकारी द्वारा सत्यापित संपत्ति संबंधी शपथ पत्र तथा स्व-घोषणा पत्र संलग्न करना आवश्यक है। विवाहित महिला आवेदकों को ससुराल पक्ष का राशन कार्ड भी प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि विभागीय नियमों और शर्तों को पूरा करने वाले युवा अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते वेबसाइट पर पंजीकरण एवं आवेदन सुनिश्चित करें, ताकि वे योजना के लाभ से वंचित न रहें।
क्रमांक-2026
*राहुल हुड्डा नागरिक उड्डयन मंत्रालय में उप सचिव नियुक्त*
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव, आईएएस अधिकारी श्री राहुल हुड्डा की सेवाएं केंद्र सरकार को सौंप दी हैं। उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, दिल्ली में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
क्रमांक -2026
*नवंबर माह में होगा बागवानी के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन*
*- प्रशिक्षण लेकर किसान वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे*
चंडीगढ़ , 28 अक्टूबर - हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग के अंतर्गत उद्यान प्रशिक्षण संस्थान, उचानी (करनाल) द्वारा नवंबर माह में विभिन्न विषयों पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अपनी आय बढ़ा सकें। राज्य के सभी जिलों के इच्छुक प्रशिक्षार्थी उद्यान विभाग की वेबसाइट http://kaushal.hortharyana.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उद्यान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी अनिवार्य है तथा प्रशिक्षियों का चयन 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंजीकृत प्रशिक्षार्थियों को अपने साथ आधार कार्ड, बैंक पास बुक और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज लेकर आने होंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों के ठहरने व खाने की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क रहेगी तथा उन्हें बस किराया डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो प्रशिक्षार्थी पूर्व में इन विषयों पर प्रशिक्षण ले चुके हैं, वे पुनः उन्हीं विषयों पर अपना पंजीकरण न करवाएं।
प्रवक्ता ने नवंबर माह में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आगे जानकारी देते हुए कहा कि 2 से 6 नवंबर 2026 तक 'फल व सब्जियों में प्रसंस्करण परिरक्षण एवं मूल्यवर्धन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम' (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) और 'नर्सरी मैनेजमेंट एज पर एचएचएन रूल्स -2026' (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 20) का आयोजन होगा, जिसके लिए पंजीकरण 27 अक्टूबर 2026 सुबह 10:00 बजे से 1 नवंबर 2026 सांय 5:00 बजे तक किया जा सकता है।
इसके पश्चात, 23 से 27 नवंबर 2026 तक 'सब्जियों व फूलों की संरक्षित खेती व पोली हाउस के रख-रखाव पर प्रशिक्षण कार्यक्रम' (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) आयोजित होगा, जिसके लिए 27 अक्टूबर 2026 सुबह 10:00 बजे से 22 नवंबर 2026 सांय 5:00 बजे तक पंजीकरण कराया जा सकता है।
इसी प्रकार, 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026 तक 'फल उत्पादन तकनीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम' (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 40) के लिए 27 अक्टूबर 2026 से 22 नवंबर 2026 तक तथा 'नर्सरी मैनेजमेंट एज पर एचएचएन रूल्स -2026' (अवधि 5 दिन, सीटों की संख्या 20) के लिए 16 नवंबर 2026 सुबह 10:00 बजे से 29 नवंबर 2026 सांय 5:00 बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है।
प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि प्रशिक्षार्थी अपने संबंधित जिला उद्यान अधिकारी, उद्यान विकास अधिकारी तथा उद्यान प्रशिक्षण संस्थान उचानी, करनाल में कार्य दिवस में प्रातः 9:00 बजे से सांय 5:00 बजे तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। किसी भी प्रकार की सहायता या संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 8570077877 तथा टोल फ्री नंबर 18001802021 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
हरियाणा में गन्ना किसानों को दिया जा रहा है मशीनीकरण और आधुनिक उपकरणों का लाभ
31 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
चंडीगढ़ ,28 अक्टूबर - हरियाणा में गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना (गन्ना पर प्रौद्योगिकी मिशन) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के दौरान गन्ना किसानों को मशीनीकरण और आधुनिक उपकरणों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए किसान 31 अक्टूबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हरियाणा के कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत किसान पावर ऑपरेटेड गन्ना सेट उपचार उपकरण (30-120 लीटर क्षमता), पावर वीडर (इंजन चालित 5 से 7.5 बीएचपी तक), गन्ना रटून प्रबंधक, चौड़ी पंक्ति वाला रिजुर/रिजुर, रोटावेटर (4 फीट), ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सॉइलर/चिसलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इन कृषि यंत्रों का लाभ उठाने के इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर जाकर 31 अक्टूबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रवक्ता ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।