१ नवंबर को महिलाओं के मोबाइल पर फिर बजेगी च्टूं-टूंज्: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार की नीयत साफ़ है, हम लोगों का पैसा लोगों को ही लौटा रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों ने जनता के पैसे से अपने खज़ाने भरे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भाजपा, अकाली और कांग्रेस जनहितैषी मुफ्त सुविधाएं बंद करने की धमकियां दे रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
साढ़े चार साल में मेरिट के आधार पर ७०,००० से अधिक सरकारी नौकरियां दीं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पहले केवल अमीरों के बच्चे डॉक्टर-इंजीनियर बनते थे, अब गरीब परिवारों के बच्चे भी बन रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
२५ साल राज करने का दावा करने वाले अकालियों को आज ५ समर्थक भी नहीं मिल रहे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
नकोदर, २८ अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि १ नवंबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर च्टूं-टूंज् के संदेश गूंजेंगे, क्योंकि उनकी सरकार पहली नवंबर को च्मावां-धियां सत्कार योजनाज् की अगली किस्त जारी करने जा रही है। उन्होंने लोगों का पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के अंतर्गत आने वाले गांव सरींह में च्लोक मिलनीज् कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने जनता के पैसे से अपने खज़ाने भरे और अब भाजपा, अकाली तथा कांग्रेसी हमारी शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रहे हैं।
अपनी सरकार का रिकॉर्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साढ़े चार वर्षों के दौरान पूरी तरह मेरिट के आधार पर ७०,००० से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अब गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास ही सरकार की असली ताकत है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के माध्यम से पंजाब को फिर से च्रंगला पंजाबज् बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने च्एक्सज् हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा: "जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के गांव सरींह में च्लोक मिलनीज् कार्यक्रम के दौरान बड़ी सभा को संबोधित किया। लोगों का हम पर विश्वास और प्यार ही हमारी असली ताकत है। विरोधियों की पिछली सरकारों ने केवल लोगों को लूटा, लेकिन हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना और लोगों को भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन देना है। हम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, ताकि आम परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और बड़े अधिकारी बन सकें। पंजाबवासियों से किए वादे के अनुसार हम च्रंगला पंजाबज् बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।"
भारी जनसमूह वाली च्लोक मिलनीज् को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं-बेटियों के कल्याण, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, "हमारी नीयत बिल्कुल साफ़ है और हमारी नीतियां कल्याण तथा विकासोन्मुखी पहलों के माध्यम से लोगों का पैसा लोगों को लौटाने की दिशा में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने वाली पिछली सरकारों के विपरीत हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी सुविधाओं का लाभ आम घरों तक पहुंचे।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, "हमारा मानना है कि लोगों का पैसा लोगों का ही है और इसे उनकी भलाई के लिए ही खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि १ नवंबर को राज्य की माताओं-बहनों के मोबाइल फोन पर फिर से सम्मान राशि के संदेश प्राप्त होंगे, क्योंकि उनका सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता हमारी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी पर कोई एहसान नहीं कर रहे, बल्कि पंजाब के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।"
भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये पार्टियां आम परिवारों को राहत देने वाली इन पहलों की सराहना करने के बजाय कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें मिल रहे इन लाभों से वंचित करने के प्रयासों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा मुझे कुर्सी से हटाने के एकमात्र उद्देश्य से फ्रेंडली मैच खेल रही हैं।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "इन दोनों पार्टियों द्वारा एक-दूसरे की आलोचना न करना उनकी अंदरूनी राजनीतिक मिलीभगत को उजागर करता है और आम लोगों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी बेचैनी को दर्शाता है, क्योंकि उनकी समस्या केवल भगवंत सिंह मान नहीं हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "इन पार्टियों की असली परेशानी आम आदमी का उभार है, क्योंकि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर समाज के हर वर्ग के लिए दिन-रात काम कर रहा है। वे मुझे इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि हमारी सरकार ने उस पुराने सिस्टम को चुनौती दी है, जहां राजनीतिक ताकत केवल कुछ प्रभावशाली परिवारों के हाथों में सिमटी हुई थी।"
लोक मिलनी में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "लोगों का प्यार और विश्वास पंजाब की सेवा और अधिक समर्पण के साथ करने के मेरे इरादे को और मजबूत करता है। मैं विशेष रूप से उन माताओं-बहनों का स्वागत करता हूं, जो अपने रोजमर्रा के घरेलू कामकाज छोड़कर इस सभा में पहुंची हैं। मुझसे मिलने के लिए उठाया गया उनका हर कदम मुझे हौसला देता है और आपके लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। मैं लोगों का हूं और हमेशा उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।"
२०२७ के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "लोगों का यह भारी उत्साह हमारी सरकार के कामों के प्रति उनके विश्वास और पंजाब के भविष्य के लिए उनकी उम्मीदों को दर्शाता है और लोग अपना फैसला अपनी वोट की ताकत से सुनाएंगे।"
रोजगार के क्षेत्र में सरकार के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, "साढ़े चार साल से अधिक समय में हमने युवाओं को बिना किसी भेदभाव और पूरी तरह मेरिट के आधार पर ७०,८६२ सरकारी नौकरियां दी हैं। हमने सिफारिश और भ्रष्टाचार की संस्कृति को पारदर्शिता और समान अवसरों में बदलने का प्रयास किया है, जिसके चलते आम परिवारों के योग्य उम्मीदवार आज सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर दिया, "युवा झूठे वादों के नहीं, बल्कि अवसरों के हकदार हैं। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि हर भर्ती पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच के बजाय केवल योग्यता के आधार पर हो।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हर योग्य युवा में यह विश्वास होना चाहिए कि ताकतवर लोगों से नजदीकी नहीं, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत ही उनके भविष्य का फैसला करेगी। हमारे शिक्षा सुधार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के सपनों और भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। जब मैंने २०२२ में पद की शपथ ली थी, तब शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब २७वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराए गए हालिया मूल्यांकन के अनुसार राज्य ने प्राथमिक शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है, जो हमारी सरकार द्वारा किए गए बड़े शिक्षा सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षकों के पढ़ाने के कौशल को निखारने और बेहतर शैक्षिक पद्धतियों को अपनाने के लिए उन्हें फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजा जा रहा है। च्स्कूल ऑफ एमिनेंसज् विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल और अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सुव्यवस्थित अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल लाल कार्ड या नीला कार्ड किसी परिवार को गरीबी से बाहर नहीं निकाल सकता, बल्कि शिक्षा ही वह साधन है, जो पीढिय़ों की तकदीर बदल सकती है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "जब बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करते हैं, तो उनमें अपने पैरों पर खड़े होने और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की क्षमता आती है और नीट के परिणाम इस बदलाव की गवाही देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के कुल ८८२ विद्यार्थियों ने यह परीक्षा पास की है, जबकि २०२१ में यह संख्या केवल ८० थी। उन्होंने कहा कि इस संख्या में लगभग ११ गुना वृद्धि सरकारी शिक्षा प्रणाली की मजबूती को दर्शाती है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "आज रिक्शा चालकों, छोटे दुकानदारों और रेहड़ी वालों के बच्चे नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं पास कर रहे हैं। इससे पहले गरीब विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना परिवार की आर्थिक स्थिति तय करती थी।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "अब साधारण पृष्ठभूमि वाले बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल अमीरों की जागीर नहीं है। यही वह वास्तविक बदलाव है जो हम पंजाब में लाना चाहते थे। पंजाब के लगभग ९० प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सरकारी खज़ाना राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के हित पूरे करने के बजाय सीधे आम नागरिकों की भलाई के लिए खर्च हो।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब किसी परिवार को शून्य बिजली बिल मिलता है, तो बिजली पर खर्च होने वाला वह पैसा बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों या अन्य ज़रूरी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक साधारण परिवार के लिए यह राहत बहुत बड़ा बदलाव लाती है। हमारी सरकार का मानना है कि विकास का आकलन इस बात से किया जाना चाहिए कि इससे लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में कितना सुधार आया है।"
मुख्यमंत्री ने उन पात्र परिवारों से भी अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की अपील की, जो अभी तक च्मुख्यमंत्री सेहत योजनाज् के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया, "अब तक लगभग ५४ लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा, "सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी कभी भी किसी परिवार के इलाज में बाधा न बने। किसी भी माता-पिता को अपने बच्चे के इलाज के खर्च की चिंता न करनी पड़े। हमारा लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुविधाएँ और सम्मान हर घर तक पहुँचें।"
पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, "हमारी सरकार नहरों और पाइपलाइनों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए सिंचाई ढाँचे को लगातार मजबूत कर रही है। लगभग १४,००० किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक १८,००० क्यूसेक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई तक अधिकतम पहुँच से भूजल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को निर्बाध पानी की आपूर्ति मिल सकेगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के किसानों ने अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत से देश का पेट भरा है। वे ऐसी सरकार के हकदार हैं जो उनके साथ मजबूती से खड़ी हो। हमारी सरकार खेतों तक पानी पहुँचाने और राज्य के सिंचाई ढाँचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।"
मुख्यमंत्री ने पंजाब के जल हितों की रक्षा करने में विफल रहने पर पिछली सरकारों को भी आड़े हाथों लिया और कहा, "राज्य के जायज़ संसाधनों की रक्षा करना हमेशा से हमारी मुख्य प्राथमिकता रही है।"
अकाली नेतृत्व पर तीखा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जो कभी पंजाब पर २५ साल शासन करने का दावा करते थे, आज उन्हें लोगों का समर्थन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।" मुख्यमंत्री ने अकाली दल के बदलते राजनीतिक रुख की आलोचना की और भाजपा को किसान-विरोधी करार देने के बाद अब उसी के साथ फिर गठबंधन करने के प्रयासों पर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले राजनीतिक नेताओं द्वारा सार्वजनिक संसाधनों और आर्थिक अवसरों को शक्तिशाली लोगों के हाथों में सौंपने की भी कड़ी निंदा की।
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब के लोग जवाबदेह शासन, पारदर्शी प्रशासन और आम नागरिकों के लिए अवसर चाहते हैं, न कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था की ओर वापसी। पंजाब के लोगों ने ऐसी कई सरकारें देखी हैं, जिन्होंने केवल अपने हितों के लिए काम किया, जबकि आज लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को समझे, क्योंकि यह सरकार आम लोगों में से चुनकर आई है।"
कांग्रेस की आंतरिक कलह की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "विरोधी पार्टियां पंजाब के लिए एक भरोसेमंद एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ और नेतृत्व की खींचतान में ज्यादा उलझी हुई हैं।"
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, "मेरी आम पारिवारिक पृष्ठभूमि ने मुझे साधारण परिवारों, खासकर गांवों में रहने वाले और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले लोगों की चुनौतियों को समझने के योग्य बनाया है। मैंने एक आम जीवन बिताया है, खेतों में काम किया है और ग्रामीण पंजाब की वास्तविकताओं को दिल से महसूस किया है। मैं जानता हूं कि एक परिवार के लिए अपने बच्चों को पढ़ाने और रोजमर्रा के खर्चे पूरे करने के लिए संघर्ष करने का क्या मतलब होता है। शायद यही बात उन लोगों को तकलीफ देती है जो यह बर्दाश्त नहीं कर सकते कि एक आम इंसान मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंच गया है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "लोगों का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद और आम घरों में लौटती खुशियां और रौनकें ही मेरी शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत हैं। मेरी सरकार और विरोधी पक्ष के बीच लोक कल्याण के प्रति फर्क हमारे नजरिए से अलग-अलग तरीकों से झलकता है। एक ओर पंजाब के लोगों का प्यार है, जो मुझे आशीर्वाद देते हैं और मुझ पर भरोसा करते हैं। दूसरी ओर वे लोग हैं जिन्होंने बार-बार राजनीतिक ताकत और निजी हितों को प्राथमिकता दी है।" मुख्यमंत्री ने दावा किया, "मैं उन लोगों के साथ खड़ा रहूंगा जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है और मैं उनके भरोसे पर खरा उतरने के लिए हर दिन काम करूंगा।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, "हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सस्ती बिजली और सिंचाई पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। पंजाब के भविष्य को यहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार गढ़ा जाना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि लोग राजनीतिक बयानबाजी या आम नागरिकों के लिए काम करने वाली सरकार को गिराने की कोशिशों के बजाय, राजनीतिक पार्टियों के काम और पंजाब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर ही उनका फैसला करेंगे।"
------------------------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का २८१वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा ५८७ स्थानों पर छापेमारी; २३५ काबू
— पुलिस टीमों ने २०९ व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियातन कार्रवाई की
— लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में सूचना दे सकते हैं
— युद्ध नशों विरूद्ध के ६०६वें दिन २०.२ किलोग्राम हेरोइन सहित १४७ नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर:
राज्य में चलाए जा रहे अभियान च्गैंगस्टरां ते वारज् के २८१वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिह्नित और मैप किए गए ५८७ ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई के रूप में अभियान च्गैंगस्टरां ते वारज् की शुरुआत २० जनवरी, २०२६ को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं।
अभियान के २८१वें दिन पुलिस टीमों ने पांच हथियारों सहित २३५ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर ८१,३११ हो गई है।
इसके अतिरिक्त, २०९ व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियातन कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने इस कार्रवाई के दौरान नौ भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से सूचना दे सकते हैं तथा अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी साझा कर सकते हैं।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के विरुद्ध अपना अभियान च्युद्ध नशों विरुद्धज् ६०६वें दिन भी जारी रखते हुए १४७ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से २०.२ किलोग्राम हेरोइन, ५६५ नशीली गोलियां और ६,५५० रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
इसके साथ ही, च्युद्ध नशों विरुद्धज् अभियान के तहत पिछले ६०६ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढ़कर ८८,९७९ हो गई है।
----------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
भगवंत मान सरकार ने परिवहन विभाग में अनुकंपा के आधार पर ९ उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए
अनुकंपा के आधार पर की गई नियुक्तियों से मृतक कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगी आर्थिक स्थिरता: हरपाल सिंह चीमा
मृतक कर्मचारियों के परिवारों का साथ देने और उनकी आजीविका सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है भगवंत मान सरकार: हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने के अधिकारियों को दिए निर्देश
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर २०२६
पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां परिवहन विभाग, पंजाब में अनुकंपा के आधार पर ग्रुप-सी के विभिन्न पदों के लिए चयनित ९ उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कैबिनेट मंत्री ने ये नियुक्ति पत्र परिवहन विभाग के निदेशक राजीव कुमार गुप्ता और पी.आर.टी.सी., पटियाला की प्रबंध निदेशक मनीषा राणा की उपस्थिति में सौंपे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नवनियुक्त उम्मीदवारों को बधाई देते हुए उन्हें जनसेवा के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी लगन, ईमानदारी और व्यावसायिक दक्षता के साथ करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देते हुए कहा, "अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां करने की इस पहल का उद्देश्य विभाग के मृतक कर्मचारियों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है।"
नवनियुक्त उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया को सुचारू ढंग से पूरा करने तथा उन्हें सुरक्षित आजीविका उपलब्ध करवाने के लिए भगवंत मान सरकार का तहेदिल से आभार व्यक्त किया।
इस दौरान, मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन भी हैं,ने ठेका कर्मचारी संघर्ष मोर्चा, पंजाब के नेताओं बलिहार सिंह, रेशम सिंह, शेर सिंह, जरूप सिंह और गुरविंदर सिंह पन्नू सहित आउटसोस्र्ड एम्प्लॉइज फेडरेशन, पंजाब के अध्यक्ष कुलजीत सिंह लोहका के साथ बैठक भी की।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कर्मचारियों के मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए जारी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
---------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यू.के. के निवेशकों को पंजाब में निवेश का न्योता दिया; 'वेरका' और 'फाइव रिवर्स' को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाने की पेशकश
क खुड्डियां ने ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समेरीग्लो के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ जैविक खेती, डेयरी और फसल अवशेष प्रबंधन संबंधी साझेदारी के लिए विचार-विमर्श किया
क पंजाब किन्नू, गाजर और आलू बीज उत्पादन में अग्रणी; प्रतिदिन १.२८ लीटर दूध की उपलब्धता के साथ देशभर में प्रथम स्थान पर: खुड्डियां
क फूड प्रोसेसिंग मंत्री ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण सहयोग और निवेश के लिए हर संभव सुविधा का भरोसा दिया
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर:
पंजाब को देश के च्अन्न भंडारज् से वैश्विक च्फूड प्रोसेसिंग हबज् में बदलने की जोरदार वकालत करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण तथा फूड प्रोसेसिंग मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज जैविक खेती, पैक-हाउसों, कोल्ड चेन और डेयरी तकनीक के क्षेत्र में निवेश के लिए यू.के. के निवेशकों को गर्मजोशी से आमंत्रित किया। उन्होंने च्वेरकाज् और च्फाइव रिवर्सज् जैसे स्थानीय ब्रांडों को ब्रिटिश बाजार तक ले जाने की वकालत की।
कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां, जिनके साथ फूड प्रोसेसिंग विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती राखी गुप्ता भंडारी मौजूद थीं, ने यहां किसान भवन में ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समेरीग्लो, ब्रिटिश हाई कमीशन के व्यापार संबंधी फस्र्ट सेक्रेटरी डॉ. निकोलस ग्रीबिट और वरिष्ठ व्यापार सलाहकार अनूप नारायण शामिल थे। बैठक के दौरान जैविक खेती, डेयरी, फसल अवशेष प्रबंधन और मानक प्रमाणन सहित अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए स. खुड्डियां ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में पंजाब के किसानों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
गेहूं, बासमती, किन्नू, नाशपाती, लीची, दूध एवं डेयरी उत्पादों, बीज आलू और गाजर के उत्पादन के माध्यम से देश के अन्न भंडार के रूप में पंजाब की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के पास फूड प्रोसेसिंग का बेहतरीन बुनियादी ढांचा मौजूद है। उन्होंने बताया कि नेस्ले (मोगा), हिंदुस्तान यूनिलीवर, आई.टी.सी. और अमूल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ-साथ क्रेमिका, वेरका, सोहणा और फाइव रिवर्स (पैग्रेक्सको) जैसे घरेलू ब्रांडों का गढ़ होने के नाते अब पंजाब केवल कच्चे माल की आपूर्ति तक सीमित न रहकर राज्य के भीतर ही प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से वैल्यू चेन में आगे बढऩे का लक्ष्य रखता है।
उन्होंने कहा, "पंजाब के पास मजबूत कृषि आधार, स्थापित प्रोसेसिंग क्षमताएं, मान्यता प्राप्त ब्रांड और नवीन तकनीक आधारित उद्यमों का दिन-प्रतिदिन बढ़ता हुआ समूह है। पंजाब किन्नू, गाजर और रोग-मुक्त आलू बीज उत्पादन में प्रथम, नाशपाती में दूसरे तथा मटर और शहद उत्पादन में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन १.२८ लीटर दूध की उपलब्धता के साथ यह देशभर में शीर्ष स्थान पर है। हम इन क्षमताओं को यू.के. के बाजार की मांग, तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता से जोडऩे की अपार संभावनाएं देखते हैं, जिससे कारोबारों को लाभ होगा और किसानों तथा फूड प्रोसेसिंग उद्यमों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।"
राज्य की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि कृषि और सहायक व्यवसाय पंजाब के ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडिशन (जी.एस.वी.ए.) में २७ प्रतिशत योगदान देते हैं, जबकि फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र ही पंजीकृत फैक्ट्रियों का ८ प्रतिशत और राज्य के पंजीकृत मैन्युफैक्चरिंग जी.एस.वी.ए. का २६.६८ प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पंजाब केंद्रीय पूल में ४७ प्रतिशत गेहूं और ३७ प्रतिशत धान का योगदान देता है। इस ढांचे को ३,२९२ पंजीकृत फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्रियों, १५१ किसान उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.), पी.एम.एफ.एम.ई. योजना के तहत ३,७५० सूक्ष्म उद्यमों, तीन मेगा फूड पार्कों, १२ लाख मीट्रिक टन की कोल्ड स्टोरेज क्षमता और चार एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाओं का समर्थन प्राप्त है।
निवेश के अवसरों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स. खुड्डियां ने तकनीक हस्तांतरण और ब्रांड साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने राज्य सरकार के ब्रांड च्वेरकाज् और च्फाइव रिवर्सज् को साझा लाभ वाले मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया, जहां पंजाब की प्रोसेसिंग क्षमता को यू.के. की तकनीक और बाजार तक पहुंच के माध्यम से लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि च्इन्वेस्ट पंजाबज् की ओर से यू.के. के निवेशकों को शुरुआत से लेकर अंत तक हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने यू.के. को पैक-हाउसों और प्री-कूलिंग सुविधाओं, कोल्ड-चेन कनेक्टिविटी, आधुनिक प्रोसेसिंग उपकरणों के लिए तकनीक हस्तांतरण और वैल्यू-एडिशन के माध्यम से किन्नू के छिलकों तथा उप-उत्पादों की उत्पाद नवाचार आदि में साझा बुनियादी ढांचे के लिए सहयोग का न्योता दिया। यू.के. बाजार में निर्यात के लिए किन्नू जूस कंसंट्रेट, शहद, मक्खन, पनीर और एस.एम.पी. सहित डेयरी उत्पाद तथा डिब्बाबंद राजमाह जैसी रेडी-टू-ईट वस्तुओं को संभावित उत्पादों के रूप में चिन्हित किया गया है।
भारत-यू.के. व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सी.ई.टी.ए.) के बारे में बोलते हुए श्रीमती राखी गुप्ता भंडारी ने कहा कि यह समझौता पंजाब को प्रोसेस्ड फूड्स, बासमती, मसाले, शहद, अचार और किन्नू उत्पादों के लिए यू.के. की ९९ प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क पहुंच प्रदान करता है, जबकि स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए डेयरी और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "शून्य टैरिफ यू.के. के साथ व्यापार का रास्ता खोलता है और हम यू.के. के उच्च गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी मानकों पर खरा उतरकर इसमें आसानी से आगे बढ़ सकते हैं; जिससे यू.के. के साथ हमारी साझेदारी और अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।"
इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण लतीफ अहमद, संयुक्त सचिव पंजाब मंडी बोर्ड हरजीत सिंह संधू, निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण गुरजीत सिंह बराड़, निदेशक पशुपालन परमदीप सिंह वालिया, पी.ए.यू. के निदेशक (अनुसंधान) डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
---------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने मनरेगा कर्मचारी यूनियन की मांगों का समयबद्ध समाधान करने का दिया आश्वासन
मान सरकार कर्मचारी यूनियनों की सभी जायज मांगों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध: तरुनप्रीत सिंह सौंद
चंडीगढ़/खन्ना, २८ अक्टूबर:
पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज मनरेगा कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों पर विचार करके उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा, ताकि इन मांगों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
खन्ना में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान श्री सौंद ने उनकी समस्याओं और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा विश्वास दिलाया कि मान सरकार उनके लंबित मामलों का समय पर समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
कैबिनेट मंत्री ने मनरेगा, जिसे अब 'वीबी जी राम जी' के रूप में संदर्भित किया गया है, को लागू करने तथा जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं का सुचारु लाभ सुनिश्चित करने में मनरेगा कर्मचारियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने तथा प्रदेशभर के गांवों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्री सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उनके कल्याण को सुनिश्चित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार पारदर्शी, कर्मचारी हितैषी और जवाबदेह शासन व्यवस्था में विश्वास रखती है तथा अपने कर्मचारियों की जायज चिंताओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
राज्य सरकार के जनहितैषी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मान सरकार किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और ग्रामीण समुदायों सहित समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार समग्र विकास को बढ़ावा देने, ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेशभर में नागरिकों के अनुकूल सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आगे आश्वासन दिया कि बैठक के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों की गहन समीक्षा की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के समक्ष मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत निर्णयों अथवा वित्तीय प्रभाव वाले मुद्दों पर वित्त विभाग के साथ चर्चा की जाएगी।
कर्मचारियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री सौंद ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी यूनियनों के साथ सकारात्मक बातचीत जारी रखेगी और उनकी जायज मांगों का निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से समाधान करने के लिए काम करेगी।
इस बैठक में मनरेगा कर्मचारी यूनियन के प्रधान सेवक सिंह, चेयरमैन अमनदीप कुमार, वित्त सचिव रमनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, बंटी बैंस, किशोर कुमार और जगदेव सिंह उपस्थित थे।
-------
कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब
पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के दूसरे दिन जिला स्तर पर तैयारियों का जायजा लिया
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर:
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा के दूसरे दिन भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने जिला स्तर पर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस प्रतिनिधिमंडल में श्री पवन कुमार शर्मा, वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त, श्री भानु प्रकाश येतुरू, उप चुनाव आयुक्त, श्रीमती सीमा खन्ना, महानिदेशक (आईटी) और श्री आशीष गोयल, महानिदेशक (मीडिया) शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने सभी २३ जिला चुनाव अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में की गई तैयारियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
अधिकारियों ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने, चुनाव पूर्व सभी गतिविधियों को समय पर पूरा करने तथा निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब ने वरिष्ठ अधिकारियों को आश्वस्त किया कि आगामी चुनावों से संबंधित सभी कार्य पूरी लगन, निर्धारित समय-सीमा और माननीय आयोग के निर्देशों के अनुसार सख्ती से पूरे किए जाएंगे, ताकि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
----------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*कोई भी बच्चा खुद को अकेला न समझे; पंजाब सरकार ने आश्रित बच्चों की देखभाल के लिए सितंबर तक २५४.४४ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की: डॉ. बलजीत कौर*
*मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की पहल; च्रंगला पंजाबज् की सोच के तहत हर बच्चे को मिल रही सुरक्षा, सम्मान और आगे बढऩे का अवसर*
*वित्त वर्ष २०२६-२७ के लिए ४३२.७८ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान; सितंबर तक २.४३ लाख आश्रित एवं बेसहारा बच्चों को मिली वित्तीय सहायता*
*कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे बच्चों के कल्याण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध: डॉ. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर:
बच्चों का सुरक्षित बचपन, सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा सितंबर २०२६ तक २५४.४४ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। इस सहायता का लाभ पूरे पंजाब में लगभग २.४३ लाख बच्चों को मिल रहा है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि प्रत्येक बच्चा प्यार, देखभाल, सम्मान और अपने सपनों को साकार करने के लिए समान अवसरों का हकदार है। मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार मानवीय सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि यह पहल च्रंगला पंजाबज् की सोच को दर्शाती है, जहां प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, कल्याण और सर्वांगीण विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे की विपरीत परिस्थितियां उसकी शिक्षा, प्रगति और सपनों की राह में बाधा न बनें।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत २१ वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे शामिल हैं, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है, दोनों माता-पिता लापता हैं अथवा माता-पिता शारीरिक या मानसिक अक्षमता के कारण बच्चों की देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं। इस योजना का लाभ उन पात्र परिवारों को भी दिया जाता है, जिनकी वार्षिक आय ६०,००० रुपये या इससे कम है।
उन्होंने आगे बताया कि वित्त वर्ष २०२६-२७ के लिए इस योजना के तहत ४३२.७८ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से सितंबर २०२६ तक २५४.४४ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह वित्तीय सहायता बच्चों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने, उनकी शिक्षा जारी रखने और उनके बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार बच्चों के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मानजनक जीवन और अपने सपनों को साकार करने के लिए समान अवसर प्राप्त हों।
-------
विजिलेंस ब्यूरो पंजाब
विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम के इंस्पेक्टर को २५ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया
चंडीगढ़, २८ अक्टूबर २०२६:
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने नगर निगम, लुधियाना के जोन-बी में तैनात इंस्पेक्टर शुभम को २५,००० रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर को लुधियाना के अजीत नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता के पिता की मृत्यु के बाद पैतृक संपत्ति उसके और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज नगर निगम, जोन-बी, लुधियाना में जमा करवाए गए थे। ये दस्तावेज संबंधित इंस्पेक्टर शुभम को कार्रवाई के लिए भेजे गए थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पैतृक संपत्ति उसके और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित करने के बदले इंस्पेक्टर शुभम उनसे २५,००० रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो की लुधियाना रेंज से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। इस दौरान दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी इंस्पेक्टर शुभम को शिकायतकर्ता से २५,००० रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।